सोमवार को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जे.के. माहेश्वरी दौसा स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मेहंदीपुर बालाजी पहुँचे, जहाँ उन्होंने बालाजी महाराज के दर्शन कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए कामना की। मंदिर पहुँचने पर पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच न्यायाधीश का पारंपरिक स्वागत किया, उन्हें बालाजी महाराज के चोले का तिलक लगाकर पुष्पमाला पहनाई गई। इसके बाद उन्होंने भैरव बाबा एवं प्रेतराज सरकार के दरबार में भी श्रद्धापूर्वक ढोक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर ट्रस्ट के सचिव ने बालाजी महाराज की मोदक प्रसादी भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर दौसा जिला एवं सत्र न्यायाधीश केशव कौशिक, जिला पुलिस अधीक्षक, सीजेएम ऋचा कौशिक, वृत्ताधिकारी धर्मराज चौधरी, बालाजी थाना प्रभारी सचिन शर्मा और सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी रवि पाठक सहित जिला एवं न्यायिक प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। माननीय न्यायाधीश के दौरे के मद्देनजर जिले में विशेष सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल व्यवस्था लागू की गई थी। दौसा जिले के मार्गों पर पड़ने वाले सभी थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए, और सुरक्षा व्यवस्था की संपूर्ण कमान जिला पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में संचालित की गई। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के आगमन को लेकर मेहंदीपुर बालाजी में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
सोमवार को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जे.के. माहेश्वरी दौसा स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मेहंदीपुर बालाजी पहुँचे, जहाँ उन्होंने बालाजी महाराज के दर्शन कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए कामना की। मंदिर पहुँचने पर पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच न्यायाधीश का पारंपरिक स्वागत किया, उन्हें बालाजी महाराज के चोले का तिलक लगाकर पुष्पमाला पहनाई गई। इसके बाद उन्होंने भैरव बाबा एवं प्रेतराज सरकार के दरबार में भी श्रद्धापूर्वक ढोक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर ट्रस्ट के सचिव ने बालाजी महाराज की मोदक प्रसादी भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर दौसा जिला एवं सत्र न्यायाधीश केशव कौशिक, जिला पुलिस अधीक्षक, सीजेएम ऋचा कौशिक, वृत्ताधिकारी धर्मराज चौधरी, बालाजी थाना प्रभारी सचिन शर्मा और सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी रवि
पाठक सहित जिला एवं न्यायिक प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। माननीय न्यायाधीश के दौरे के मद्देनजर जिले में विशेष सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल व्यवस्था लागू की गई थी। दौसा जिले के मार्गों पर पड़ने वाले सभी थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए, और सुरक्षा व्यवस्था की संपूर्ण कमान जिला पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में संचालित की गई। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के आगमन को लेकर मेहंदीपुर बालाजी में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
- उपखंड की पट्टी किशोरपुरा में अंबेडकर नगर युवा विकास सेवा संस्था के अध्यक्ष अशोक कुमार धवन के नेतृत्व में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पट्टी किशोरपुरा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ, स्थानीय ग्रामीणों और संस्था के सदस्यों ने योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। इस अवसर पर, अशोक कुमार धवन ने योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए सभी उपस्थित लोगों से नियमित रूप से योग करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक जुगल किशोर सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।3
- लालसोट में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस, नगर परिषद लालसोट के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर परिषद आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वे सामूहिक अवकाश (हड़ताल) पर चले जाएंगे। जिला अध्यक्ष मिथुन गोडीवाल ने बताया कि सफाई कर्मचारी भर्ती के संबंध में संघ द्वारा पहले भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। विभिन्न तिथियों पर हुए समझौतों में वाल्मीकि समाज और परंपरागत सफाई कार्य से जुड़े लोगों को भर्ती में प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, इन समझौतों का पालन नहीं किया गया है, जिसके कारण कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। ज्ञापन में नगर परिषद से यूनियन कार्यालय उपलब्ध कराने, वर्ष 2018 में सफाई पदों पर नियुक्त गैर-वाल्मीकि कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेजने, सफाई कर्मचारी भर्ती में परंपरागत सफाई कार्य करने वालों को प्राथमिकता देने, पूर्व न्यायालयीन प्रकरणों के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने, भर्ती प्रक्रिया को यूनियन के समझौते के अनुसार लागू करने, ठेका प्रथा समाप्त कर निकाय कोष से सीधे भुगतान की व्यवस्था करने और भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित लॉटरी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में भी निर्धारित समयावधि के ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसी स्थिति में, यदि 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो नगर परिषद के सफाई कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान जिला अध्यक्ष मिथुन गोडीवाल के साथ मोहन नकवाल, अशोक, संजय संगत, अमर संगत, संजय नकवाल, सोनू पवार, मुरारी लाल, प्रकाश, मुकेश, सीमा देवी, हेमलता देवी, माया देवी, पूजा देवी, संजय वाल्मीकि, मुन्ना नकवाल, राम खिलाड़ी नकवाल, रामचरण पवार, सोना देवी, कलर देवी सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।1
- जयपुर ग्रामीण के माधोराजपुरा थाना क्षेत्र में मजदूरी कर रहे एक व्यक्ति और उसके साथी पर स्विफ्ट कार व बाइक से आए 5-6 हमलावरों ने लाठी-सरियों से जानलेवा हमला किया। यह घटना 21 जून 2026 को शाम करीब 4 बजे हुई, जब दीपक जोगी नामक व्यक्ति, जो पहाड़िया निवासी हनुमान जोगी का पुत्र है, अपनी स्विफ्ट कार (RJ-14CR5551) से 5-6 लोगों को लेकर आया और उनके साथ दो मोटरसाइकिलों पर भी कुछ लोग थे। पीड़िता संतोष देवी पत्नी प्रहलाद जोगी निवासी रामदेवजी की ढाणी, तन भानपुरा की रिपोर्ट के अनुसार, उनके पति प्रहलाद जोगी गांव के प्रहलाद माली के साथ मजदूरी कर रहे थे। आते ही सभी हमलावरों ने प्रहलाद जोगी पर लाठी-सरियों से मारपीट शुरू कर दी और उसे जान से मारने की कोशिश करते हुए कार से कुचलने का भी प्रयास किया। बीच-बचाव करने आए प्रहलाद माली के साथ भी मारपीट की गई। इस हमले में प्रहलाद जोगी और प्रहलाद माली गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गए। शोर सुनकर आरोपी अपनी गाड़ियां लेकर मौके से फरार हो गए। परिजनों ने दोनों घायलों को माधोराजपुरा अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर रेफर कर दिया। माधोराजपुरा पुलिस ने संतोष देवी की रिपोर्ट पर 5-6 आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 189(2), 115(2), 126(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच उपनिरीक्षक महावीर सिंह को सौंपी गई है। पुलिस ने कहा है कि मामले की गहनता से जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।4
- बामनवास में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न जनहित सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित शहरी सेवा शिविर में अपेक्षित जनभागीदारी देखने को नहीं मिली। शिविर स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के काउंटरों पर अधिकांश समय कुर्सियां खाली नजर आईं और लोगों की आवाजाही भी काफी कम रही, जिससे शिविर स्थल तस्वीरों और वीडियो में भी लगभग सूना दिखाई दिया। नगर पालिका और सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कई काउंटरों पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे, लेकिन फरियादियों की संख्या बेहद कम थी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस कम उपस्थिति का प्रमुख कारण शिविर के प्रचार-प्रसार में कमी तथा पूर्व में समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों के नकारात्मक अनुभव रहे हैं। कुछ लोगों ने शिविर के समय निर्धारण और सूचना व्यवस्था को भी कम भागीदारी का एक मुख्य कारण बताया। यह भी गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, पट्टा वितरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति सहित विभिन्न जनहित सेवाओं के लिए नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद बामनवास में हुए इस शहरी सेवा शिविर में आमजन की कम भागीदारी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।2
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- कानोता इलाके के रतनपुरा में एक भव्य 61 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने और अपनी श्रद्धा अर्पित करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु यज्ञ स्थल पर पहुंचे हैं।1
- गंगापुर सिटी में खंडेलवाल युवा परिषद द्वारा 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।1
- दौसा जिले के बसवा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुढाशिकपुरा में उप जिला कलेक्टर रविकांत सिंह के दिशानिर्देशन में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करना था। शिविर के दौरान, राजस्व विभाग ने 2 नामांतरण, 1 सीमाज्ञान, फार्मर रजिस्ट्री में 2 किसानों का पंजीकरण और 2 राजस्व अभिलेखों का शुद्धिकरण किया। इसके साथ ही, विभाग ने 15 जाति, मूल निवास और हैसियत प्रमाण पत्र भी जारी किए। ग्रामीण विकास विभाग ने महात्मा गांधी मनरेगा योजना के तहत प्राप्त 3 प्रस्तावों का समाधान किया, जबकि वन विभाग का 1 मामला भी निपटाया गया। चिकित्सा विभाग ने 15 व्यक्तियों का उपचार किया, 9 एनसीडी स्क्रीनिंग की, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित 1 मामले का निपटारा किया, और टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 2 तथा पीएमजेवाई के तहत 2 प्रकरणों का निस्तारण किया। पशु पालन विभाग ने मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत 4 बीमा पॉलिसियां जारी कीं। कृषि विभाग ने 60 किसानों को लाभान्वित किया। इन प्रमुख विभागों के अलावा, अन्य विभागों से संबंधित विभिन्न प्रकरणों का भी शिविर में अधिकारियों द्वारा मौके पर ही समाधान किया गया, जिससे ग्रामीणों को त्वरित राहत मिली।3