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कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने क्षेत्रीय नागरिकों को साइबर सुरक्षा और जागरूकता के संबंध में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने अपील की है कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता, सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई है। कलेक्टर ने नागरिकों को विशेष रूप से सलाह दी है कि वे किसी भी संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर जल्दबाजी में भरोसा न करें। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए।
Amit khumar chodhary
कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने क्षेत्रीय नागरिकों को साइबर सुरक्षा और जागरूकता के संबंध में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने अपील की है कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता, सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई है। कलेक्टर ने नागरिकों को विशेष रूप से सलाह दी है कि वे किसी भी संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर जल्दबाजी में भरोसा न करें। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए।
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- हौसलों के आगे किसी भी कमी का कोई महत्व नहीं होता है, और एक पैर वाला मज़दूर इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। जहाँ एक ओर वह अपने अथक परिश्रम से जीवन यापन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर दो पैर वाले लोग अपनी किस्मत को कोसते रहते हैं। यह मज़दूर इस सत्य को प्रमाणित करता है कि विकलांगता शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती है, क्योंकि उसने हार नहीं मानी और एक पैर से भी अपना रोज़गार कमा रहा है।1
- पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई है। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर जल्दबाजी में विश्वास न करें। एसपी मंडलोई ने व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित रखने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का सामना होता है, तो तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पुलिस अधीक्षक ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि नागरिकों की सतर्कता ही उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।1
- छतरपुर के घुवारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा डालने तथा अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ करने के आरोप में सहायक सचिव सहित 35 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घुवारा पुलिस चौकी ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत यह प्रकरण दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात करीब 1 बजे मढ़ीखेरा पंचायत के सहायक सचिव थुबना अहिरवार के साथ लगभग 35 लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुवारा पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद डॉ. आनंद यादव एवं नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की गई और अस्पताल की शासकीय संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना के संबंध में पुलिस ने बुधवार दोपहर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी थुबना अहिरवार सहित अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। अब इस मामले में यह देखना होगा कि सहायक सचिव के विरुद्ध कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ के द्वारा प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई की जाती है।1
- टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र के कंचनपुरा गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ 60 वर्षीय घनसू प्रजापति की लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई। उनका शव गुरुवार सुबह खेत में बने घर के पास मिला। इस जानलेवा हमले में घनसू की पत्नी और बहू भी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका वर्तमान में अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, देर रात गांव के ही कुछ लोग घनसू प्रजापति के घर पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और कुछ दिन पहले 181 सीएम हेल्पलाइन पर एक झोलाछाप डॉक्टर व अन्य के खिलाफ की गई शिकायत को मुख्य वजह माना जा रहा है। मोहनगढ़ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और बताया है कि घायलों के बयान दर्ज होने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं।2
- टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरिशंकर खटीक ने बुधवार को जतारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई तरह की खामियां सामने आईं, जिस पर विधायक ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।1
- टीकमगढ़ के सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता के संबंध में एक जनसंदेश जारी किया है।1
- टीकमगढ़ शहर में देर रात तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ, जब एक हीरो मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में बाइक चालक राहुल रजक (35 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथ बैठा दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक राहुल रजक चकरा तिगैला के निवासी थे। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, डिवाइडर पर लगी लोहे की नुकीली संरचनाओं ने दुर्घटना को और गंभीर बना दिया। उनका कहना है कि यदि ऐसी खतरनाक संरचनाएं नहीं होतीं, तो संभवतः इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उसका उपचार जारी है। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एकत्र हो गए और उन्होंने दुर्घटना के लिए सीधे तौर पर डिवाइडर पर लगी नुकीली लोहे की पत्तियों को जिम्मेदार ठहराया। नागरिकों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से इन खतरनाक संरचनाओं को तत्काल हटाने की मांग की है, चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इन्हें नहीं हटाया गया, तो भविष्य में भी ऐसे ही हादसे होने की आशंका बनी रहेगी। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है, वहीं स्थानीय लोग सड़क सुरक्षा के मद्देनजर डिवाइडरों पर सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग पर अड़े हैं।1