चूक नहीं होने देंगे — मातृ एवं शिशु मृत्यु दर न्यूनतम करने के लिए सागर में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अनुठी पहल चूक नहीं होने देंगे — मातृ एवं शिशु मृत्यु दर न्यूनतम करने के लिए सागर में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अनुठी पहल लगातार दस दिनों तक मैदानी स्तर पर संभाला मोर्चा; एएनएम, आशा एवं सीएचओ के प्रशिक्षण सत्रों में स्वयं पहुंचकर दिए कड़े एवं सुधारात्मक निर्देश ➡️ सही मंशा, सटीक डेटा तथा सतत फॉलो-अप के साथ एक नई ऊर्जा के साथ कार्य करने के दिए निर्देश पिछले दस दिनों से लगातार जिले की प्रशासनिक मुखिया ने मातृ मृत्यु दर (MMR) तथा शिशु मृत्यु दर (IMR) को न्यूनतम स्तर पर लाने के संकल्प के साथ एक अनूठी और संवेदनशील प्रशासनिक पहल की है। “चूक नहीं होने देंगे” के स्पष्ट संदेश के साथ कलेक्टर के निर्देश पर जिले भर में आयोजित स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण सत्रों में स्वयं उपस्थित होकर लगातार दस दिनों तक कमान संभाली। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान कलेक्टर ने एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, आशा पर्यवेक्षकों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से सीधे संवाद किया। समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, और अब सही मंशा, सटीक डेटा तथा सतत फॉलो-अप के साथ निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में प्राप्त करना होगा। ➡️ डेटा की सत्यता और पोर्टल प्रविष्टि में पारदर्शिता के साथ एएनएम और आशा समन्वय से करेंगे कार्य अनमोल 2.0' तथा यूविन पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिए गए कि पोर्टल पर दर्ज आंकड़े शत-प्रतिशत सही होने चाहिए। कलेक्टर ने कहा है कि योग्य दम्पतियों एवं गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन हो, कोई भी लक्षित महिला छूटनी नहीं चाहिए। हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान और उनके सतत फॉलो-अप की जिम्मेदारी आशा, एएनएम सहित संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही होगी। हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं के मामलों में उनकी एक्सपेक्टेड डेट ऑफ डिलीवरी के अनुसार पूर्व में ही बर्थ मैपिंग (अर्थात किस अस्पताल में संबंधित महिला का प्रसव होगा) जिला चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज में सुनिश्चित किया जाए, ताकि गोल्डन टाइम व्यर्थ न हो। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के प्रकरण में प्रसव ऐसे स्वास्थ व्यवस्था में हो जहां हर प्रकार की आपातकालीन स्थिति के लिए उचित प्रबंधन हो। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी अप्रिय स्थिति या मृत्यु की घटना होती है, तो संबंधित मामले की बैक-ट्रैकिंग कर जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की चारों एएनसी जांचें समय पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में घर पर प्रसव न कराया जाए; शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। ई-केवाईसी और डीबीटी प्रक्रिया प्रसव से पूर्व ही अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं ताकि शासकीय योजनाओं का लाभ परिजनों को समय पर मिल सके। ➡️ नवजात शिशु देखभाल (HBNC) एवं 0-28 दिनों की गहन निगरानी शिशु मृत्यु की सर्वाधिक संभावना जन्म के 0 से 28 दिनों के भीतर होती है। अतः एचबीएनसी (गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल) के तहत प्रथम, द्वितीय, सातवें व 42वें दिन गृह भेंट सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही हाई-रिस्क नवजात शिशुओं की देखभाल 56 दिनों तक गहनता से की जाए। प्रशिक्षण में शिशु मृत्यु दर कम करने के संबंध में बताया कि सुस्त बच्चा, स्तनपान न कर पाना, शरीर ठंडा/गर्म होना, पीलिया आदि खतरे के लक्षणों पर तत्काल चिकित्सक को रेफर किया जाए। नियमित टीकाकरण की ड्यू लिस्ट और ओवरड्यू लिस्ट शून्य के स्तर पर लाई जाए। कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। हमारे पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। अब आवश्यकता है डेटा की सत्यता, स्कैनिंग की स्पष्टता और कार्य की गंभीरता की। स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरी जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतरें, जिला प्रशासन हर कदम पर सहयोग के लिए तत्पर है, किंतु कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। और संबंधित की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
चूक नहीं होने देंगे — मातृ एवं शिशु मृत्यु दर न्यूनतम करने के लिए सागर में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अनुठी पहल चूक नहीं होने देंगे — मातृ एवं शिशु मृत्यु दर न्यूनतम करने के लिए सागर में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अनुठी पहल लगातार दस दिनों तक मैदानी स्तर पर संभाला मोर्चा; एएनएम, आशा एवं सीएचओ के प्रशिक्षण सत्रों में स्वयं पहुंचकर दिए कड़े एवं सुधारात्मक निर्देश ➡️ सही मंशा, सटीक डेटा तथा सतत फॉलो-अप के साथ एक नई ऊर्जा के साथ कार्य करने के दिए निर्देश पिछले दस दिनों से लगातार जिले की प्रशासनिक मुखिया ने मातृ मृत्यु दर (MMR) तथा शिशु मृत्यु दर (IMR) को न्यूनतम स्तर पर लाने के संकल्प के साथ एक अनूठी और संवेदनशील प्रशासनिक पहल की है। “चूक नहीं होने देंगे” के स्पष्ट संदेश के साथ कलेक्टर के निर्देश पर जिले भर में आयोजित स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण सत्रों में स्वयं उपस्थित होकर लगातार दस दिनों तक कमान संभाली। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान कलेक्टर ने एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, आशा पर्यवेक्षकों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से सीधे संवाद किया। समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, और अब सही मंशा, सटीक डेटा तथा सतत फॉलो-अप के साथ निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में प्राप्त करना होगा। ➡️ डेटा की सत्यता और पोर्टल प्रविष्टि में पारदर्शिता के साथ एएनएम और आशा समन्वय से करेंगे कार्य अनमोल 2.0' तथा यूविन पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिए गए कि पोर्टल पर दर्ज आंकड़े शत-प्रतिशत सही होने चाहिए। कलेक्टर ने कहा है कि योग्य दम्पतियों एवं गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन हो, कोई भी लक्षित महिला छूटनी नहीं चाहिए। हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान और उनके सतत फॉलो-अप की जिम्मेदारी आशा, एएनएम सहित संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही होगी। हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं के मामलों में उनकी एक्सपेक्टेड डेट ऑफ डिलीवरी के अनुसार पूर्व में ही बर्थ मैपिंग (अर्थात किस अस्पताल में संबंधित महिला का प्रसव होगा) जिला चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज में सुनिश्चित किया जाए, ताकि गोल्डन टाइम व्यर्थ न हो। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के प्रकरण में प्रसव ऐसे स्वास्थ व्यवस्था में हो जहां हर प्रकार की आपातकालीन स्थिति के लिए उचित प्रबंधन हो। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी अप्रिय स्थिति या मृत्यु की घटना होती है, तो संबंधित मामले की बैक-ट्रैकिंग कर जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की चारों एएनसी जांचें समय पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में घर पर प्रसव न कराया जाए; शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। ई-केवाईसी और डीबीटी प्रक्रिया प्रसव से पूर्व ही अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं ताकि शासकीय योजनाओं का लाभ परिजनों को समय पर मिल सके। ➡️ नवजात शिशु देखभाल (HBNC) एवं 0-28 दिनों की गहन निगरानी शिशु मृत्यु की सर्वाधिक संभावना जन्म के 0 से 28 दिनों के भीतर होती है। अतः एचबीएनसी (गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल) के तहत प्रथम, द्वितीय, सातवें व 42वें दिन गृह भेंट सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही हाई-रिस्क नवजात शिशुओं की देखभाल 56 दिनों तक गहनता से की जाए। प्रशिक्षण में शिशु मृत्यु दर कम करने के संबंध में बताया कि सुस्त बच्चा, स्तनपान न कर पाना, शरीर ठंडा/गर्म होना, पीलिया आदि खतरे के लक्षणों पर तत्काल चिकित्सक को रेफर किया जाए। नियमित टीकाकरण की ड्यू लिस्ट और ओवरड्यू लिस्ट शून्य के स्तर पर लाई जाए। कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। हमारे पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। अब आवश्यकता है डेटा की सत्यता, स्कैनिंग की स्पष्टता और कार्य की गंभीरता की। स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरी जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतरें, जिला प्रशासन हर कदम पर सहयोग के लिए तत्पर है, किंतु कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। और संबंधित की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
- सागर जिले के राहतगढ़ का सिविल अस्पताल बना गंदगी का केंद्र,बद से बद्तर शौचालय1
- जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले खुरई शहर पुलिस की बड़ी सफलता: अंतरजिला ट्रैक्टर चोरी गिरोह का पर्दाफाश लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *खुरई शहर पुलिस की बड़ी सफलता: अंतरजिला ट्रैक्टर चोरी गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार, 21.20 लाख रुपये के चार चोरी के ट्रैक्टर एवं दो मोबाइल बरामद* बीना।खुरई।संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं चोरी गए वाहनों की बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना खुरई शहर पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बीना) श्री जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सागर) श्री नरेन्द्र सोलंकी तथा एसडीओपी खुरई श्री प्रवीण अष्ठाना के मार्गदर्शन में थाना खुरई शहर पुलिस ने अंतरजिला ट्रैक्टर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चार चोरी के ट्रैक्टर एवं दो मोबाइल सहित कुल 21 लाख 20 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है। *घटना का विवरण* दिनांक 25 जुलाई 2026 को फरियादी अरविन्द यादव निवासी खुरई ने थाना खुरई शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-सीए-2836) तथा पड़ोसी वीरेन्द्र यादव का स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एबी-6040), जिन्हें दोनों ने प्रतिदिन की तरह पॉलीटेक्निक कॉलेज के समीप अपने मकान के सामने खड़ा किया था, रात्रि में अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। रिपोर्ट पर थाना खुरई शहर में अपराध क्रमांक 219/2026 धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। *तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची पुलिस* थाना प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र सिंह दांगी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर घटनास्थल एवं आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश की गई। जांच के दौरान संदेही अंकुष उइके एवं संतोष उइके को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपने साथी अनुराग उर्फ अन्नू मालवीय के साथ मिलकर दोनों ट्रैक्टर चोरी करना स्वीकार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के ट्रैक्टर शिवपुरी निवासी मोहर सिंह गुर्जर को बेचने के लिए दिए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहर सिंह गुर्जर के कब्जे से चोरी गए दोनों ट्रैक्टर बरामद कर लिए। पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पूर्व में मई 2026 में गैरतगंज (जिला रायसेन) से एक स्वराज 735 ट्रैक्टर तथा जुलाई 2026 में खामखेड़ा (जिला विदिशा) से एक स्वराज 733 ट्रैक्टर भी चोरी किया था। पुलिस ने इन दोनों ट्रैक्टरों को भी बरामद कर लिया है। गिरोह के अन्य अपराधों के संबंध में पूछताछ जारी है। *गिरफ्तार आरोपी* 1. अंकुष पिता रमेश उइके (21 वर्ष), निवासी क्रेशर बस्ती, अयोध्या नगर, थाना सूखी सेवनिया, भोपाल। 2. संतोष पिता अशोक उइके (19 वर्ष), निवासी क्रेशर बस्ती, अयोध्या नगर, थाना सूखी सेवनिया, भोपाल। 3. मोहर सिंह गुर्जर पिता कल्याण उर्फ कल्लू गुर्जर (40 वर्ष), निवासी ग्राम गांगुली, थाना सुरवाया, हाल फक्कड़ कॉलोनी, थाना फिजिकल, जिला शिवपुरी। *बरामदगी* - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-सीए-2836) - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एबी-6040) - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एसी-7914) - स्वराज 733 ट्रैक्टर (एमपी-40-जेडजे-6595, लाल रंग) - दो मोबाइल फोन कुल मशरूका मूल्य: लगभग ₹21,20,000। *सराहनीय भूमिका* इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र सिंह दांगी, उप निरीक्षक अशोक उपाध्याय, उप निरीक्षक अरविन्द्र छारी (थाना कोतवाली, जिला शिवपुरी), सहायक उप निरीक्षक पदम सिंह दांगी, आरक्षक धरमदास कुशवाहा, धीरेन्द्र सिंह राजावत, साइबर सेल के सौरभ रैकवार, हेमेन्द्र सिंह, आरक्षक संजय जाट (थाना खुरई ग्रामीण), सीसीटीवी कंट्रोल रूम के आरक्षक प्रीतम शाक्य सहित समस्त पुलिस टीम की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। पुलिस का संदेश सागर पुलिस संपत्ति संबंधी अपराधों, वाहन चोरी एवं अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध लगातार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई कर रही है। आमजन से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।3
- Abuses never solve anything. Let’s guide the misguided. Let’s work together. Let’s work for Bharat. Abuses never solve anything. Let’s guide the misguided. Let’s work together. Let’s work for Bharat.1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा। लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा। लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- गढाकोटा पुलिस को बड़ी सफलता रू 4.04लाख से अधिक की शराब बरामद। खबर जिला सागर से। लोकेशन,,,,, थाना गढ़ाकोटा जिला सागर *गढ़ाकोटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध शराब का विशाल जखीरा जब्त, ₹4.04 लाख से अधिक की शराब बरामद* सागर, दिनांक 30 जुलाई 2026। पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में जिले में जुआ, सट्टा एवं अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रहली श्री प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में थाना गढ़ाकोटा पुलिस ने अवैध शराब के बड़े भंडारण का खुलासा करते हुए लाखों रुपये की शराब जब्त करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। दिनांक 29 जुलाई 2026 को थाना गढ़ाकोटा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि गढ़ाकोटा के बजरंग वार्ड स्थित एक मकान में अवैध रूप से भारी मात्रा में शराब का भंडारण कर बिक्री की जा रही है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने अब्दुल गनी पिता शुभराती खान निवासी बजरंग वार्ड के मकान पर दबिश देकर विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान मकान के एक बंद कमरे से विभिन्न ब्रांडों की देशी एवं विदेशी शराब का भारी मात्रा में अवैध भंडारण मिला। मौके से सागर गोल्ड व्हिस्की, मैक डबल नं. 1, बॉम्बे व्हिस्की, आईबी व्हिस्की, मेजिक मोमेंट्स, रॉयल स्टैग व्हिस्की तथा लीमाउंट स्ट्रॉन्ग बीयर सहित विभिन्न ब्रांडों की कुल 564.780 बल्क लीटर शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4,04,180 है। पुलिस द्वारा समस्त अवैध शराब विधिवत जब्त कर आरोपी के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लाई गई तथा इसके वितरण नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। *सराहनीय भूमिका* इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गढ़ाकोटा निरीक्षक गौरव सिंह तिवारी, सउनि प्रेमनारायण शुक्ला, प्रधान आरक्षक डाल सिंह, राजेश पाण्डेय, विमलेश भटेले, बसंत मिश्रा तथा आरक्षक रवि पटैल, राहुल राय, थिरवम, प्रवीण, राजदीप तिवारी एवं कौस्तुभ मणि पाठक की उल्लेखनीय एवं सराहनीय भूमिका रही।1
- चित्रकूट में युवक को खंभे से बांधकर की गई पिटाई, वीडियो वायरल चित्रकूट में युवक को खंभे से बांधकर की गई पिटाई, वीडियो वायरल एंकर- चित्रकूट थाना क्षेत्र में एक युवक को बिजली के खंभे से बांधकर पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना अशोक होटल के सामने बीती रात की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक महिला और उसके साथ मौजूद कुछ लोग युवक को खंभे से बांधकर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने का साहस नहीं किया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है। चित्रकूट एसडीओपी के. एन. बंजारे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित महिला क्षेत्र में चाय-पान की दुकान संचालित करती है। महिला की दुकान से एक मोबाइल फोन चोरी होने की बात कही जा रही है। इसी संदेह के आधार पर युवक को पकड़कर बिजली के खंभे से बांध दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई।एसडीओपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी पर चोरी या अन्य अपराध का संदेह हो तो इसकी सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए। प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और वायरल वीडियो की भी तकनीकी जांच कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद या संदेह की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई की जा सके।1