सिंगरौली जिले में अवैध खनिज परिवहन पर शिकंजा कसते हुए कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर खनिज विभाग ने लगातार कार्रवाई करते हुए चार वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई को विभाग की “ट्रिपल अटैक” रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें जांच, जब्ती और नियमों के तहत अग्रिम कार्रवाई की प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन की इस सख्ती से अवैध कारोबार में संलग्न माफियाओं में हड़कंप मच गया है। खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के निर्देशन में सहायक खनि अधिकारी रामसुशील चौरसिया और खनिज निरीक्षक अशोक मिश्रा की टीम ने 24 एवं 25 जून 2026 को जांच अभियान चलाया। इस दौरान वैध अभिवहन पास के बिना खनिज का परिवहन करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई। जब्त किए गए वाहनों में एक ट्रैक्टर ट्रॉली क्रमांक एमपी 66 एजे 5508, जो गिट्टी का परिवहन कर रही थी; रेत के अवैध परिवहन में संलग्न एक बिना नंबर की ट्रैक्टर ट्रॉली; गिट्टी का परिवहन करती एक और बिना नंबर की ट्रैक्टर ट्रॉली; और रेत के अवैध परिवहन में संलग्न हाइवा क्रमांक एमपी 66 जेडजे 6941 शामिल हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इन जब्त वाहनों को थाना विंध्य नगर, थाना मोरवा और थाना कोतवाली बैढ़न में खड़ा कराया गया है। खनिज विभाग द्वारा संबंधित वाहनों के विरुद्ध खनिज नियमों के प्रावधानों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि सिंगरौली जैसे खनिज संपदा से समृद्ध जिले में अवैध परिवहन पर नियंत्रण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है, क्योंकि बिना अभिवहन पास के खनिज परिवहन न केवल राजस्व हानि का कारण बनता है, बल्कि नियमानुसार खनन व्यवस्था को भी प्रभावित करता है। प्रशासन की यह लगातार कार्रवाई यह संकेत देती है कि अब केवल निरीक्षण तक सीमित न रहकर मौके पर जब्ती और कानूनी प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। इसे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ वैध खनिज कारोबार को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है, और नियमों की अनदेखी कर खनिज परिवहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सिंगरौली जिले में अवैध खनिज परिवहन पर शिकंजा कसते हुए कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर खनिज विभाग ने लगातार कार्रवाई करते हुए चार वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई को विभाग की “ट्रिपल अटैक” रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें जांच, जब्ती और नियमों के तहत अग्रिम कार्रवाई की प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन की इस सख्ती से अवैध कारोबार में संलग्न माफियाओं में हड़कंप मच गया है। खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के निर्देशन में सहायक खनि अधिकारी रामसुशील चौरसिया और खनिज निरीक्षक अशोक मिश्रा की टीम ने 24 एवं 25 जून 2026 को जांच अभियान चलाया। इस दौरान वैध अभिवहन पास के बिना खनिज का परिवहन करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई। जब्त किए गए वाहनों में एक ट्रैक्टर ट्रॉली क्रमांक एमपी 66 एजे 5508, जो गिट्टी का परिवहन कर रही थी; रेत के अवैध परिवहन में संलग्न एक बिना नंबर की ट्रैक्टर ट्रॉली; गिट्टी का परिवहन करती एक और बिना नंबर की ट्रैक्टर ट्रॉली; और रेत के अवैध परिवहन में संलग्न हाइवा क्रमांक एमपी 66 जेडजे 6941 शामिल हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इन जब्त वाहनों को थाना विंध्य नगर, थाना मोरवा और थाना कोतवाली बैढ़न में खड़ा कराया गया है। खनिज विभाग द्वारा संबंधित वाहनों के विरुद्ध खनिज नियमों के प्रावधानों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि सिंगरौली जैसे खनिज संपदा से समृद्ध जिले में अवैध परिवहन पर नियंत्रण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है, क्योंकि बिना अभिवहन पास के खनिज परिवहन न केवल राजस्व हानि का कारण बनता है, बल्कि नियमानुसार खनन व्यवस्था को भी प्रभावित करता है। प्रशासन की यह लगातार कार्रवाई यह संकेत देती है कि अब केवल निरीक्षण तक सीमित न रहकर मौके पर जब्ती और कानूनी प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। इसे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ वैध खनिज कारोबार को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है, और नियमों की अनदेखी कर खनिज परिवहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- उत्तर प्रदेश के उरई से एक अजब-गजब मामला सामने आया है, जहाँ गर्मी से राहत पाने के लिए स्विमिंग पूल में उतरे एक युवक को अप्रत्याशित “सरप्राइज गेस्ट” का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि नहाते समय एक सांप सीधे युवक के अंडरवियर में जा घुसा, जिससे युवक की घबराहट बढ़ गई। युवक को जब “अंदर कुछ हलचल” महसूस हुई तो उसकी हालत ऐसी हो गई, मानो स्विमिंग पूल नहीं, बल्कि “नागलोक का दरवाजा” खुल गया हो। घबराए युवक के दोस्तों ने हिम्मत दिखाई और सांप को बाहर से काबू में रखते हुए बड़ी सावधानी से उसे बाहर निकाला। गनीमत रही कि “नागराज ने भी समझदारी दिखाई” और युवक को डसने के बजाय सिर्फ डराने का काम किया, जिससे युवक सुरक्षित बच गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है और लोग भी इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यह वाकया एक नया सवाल खड़ा कर रहा है कि “अब गर्मी में आदमी ठंडक के लिए स्विमिंग पूल जाए या पहले वहाँ सांपों की एंट्री चेक करे?” लोगों का कहना है कि “गर्मी बड़ी आफत है जी... अब तो पानी में उतरने से पहले पानी का हाल भी पूछना पड़ेगा!”1
- सिंगरौली पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से जनता को बचाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 15 दिनों तक चलेगा, जिसका मुख्य लक्ष्य नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें इन अपराधों से सुरक्षित रखना है।1
- सिंगरौली में आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से, थाना मोरबा पुलिस ने "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के तहत शुक्रवार, 26 जून 2026 को एक साइबर जागरूकता बाइक रैली का आयोजन किया। यह रैली थाना मोरबा परिसर से शुरू होकर पूरे कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी। रैली के दौरान, पुलिस अधिकारियों और जवानों ने नागरिकों को साइबर ठगी से बचाव के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अनजान लिंक पर क्लिक न करने और किसी के साथ भी ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या पासवर्ड साझा न करने की अपील की। इस पहल से नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। थाना मोरबा पुलिस ने बताया कि "सेफ क्लिक 2.0" अभियान का मुख्य लक्ष्य लोगों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ाना और साइबर अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना है।1
- सोनभद्र के ओबरा नगर पंचायत अंतर्गत गुलाब तिराहा के गजराज वार्ड नंबर 3 में सार्वजनिक सड़क पर नागेंद्र पांडे द्वारा एक चैंबर का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। इस अवैध निर्माण के संबंध में नगर पंचायत ओबरा और आईजीआरएस को कई बार लिखित आवेदन दिए गए थे, लेकिन नगर पंचायत ओबरा ने इन शिकायतों को केवल ऊपर से मिट्टी और गिट्टी डालकर, फोटो खींचकर 'निस्तारित' कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह चैंबर नगर पंचायत ओबरा, नागेंद्र पांडे और ठेकेदार की मिलीभगत से बनाया गया है। इस कार्रवाई को 'फर्जी निस्तारीकरण' बताते हुए, शिकायतकर्ता ने नगर पंचायत ओबरा पर सार्वजनिक सड़क पर हुए इस निर्माण के मामले में सही ढंग से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।4
- सोनभद्र के चोपन में मोहर्रम का त्योहार हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शुक्रवार को बड़े एहतेराम और अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान झंडा जुलूस और ताजिया निकाली गई, जिसमें गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक खूबसूरत झलक देखने को मिली। नगर के बकरिदिया इस्लामिया स्कूल इमामबाड़ा से छोटी-बड़ी ताजिया आलम के साथ गौरव नगर से होते हुए वाराणसी-शक्तिनगर मुख्यमार्ग से बैरियर स्थित जामा मस्जिद के पूर्व सदर स्वर्गीय लल्लन कुरैशी के घर तक पहुँचीं। वहाँ से बस स्टैंड होते हुए प्रीतनगर के एस.आर. पेट्रोल पंप से वापस बकरिदिया इस्लामिया स्कूल इमामबाड़ा लौटकर सभी ताजियों को रखा गया। इमामबाड़ा में अखाड़ा कमेटी द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए गए, जहाँ चेयरमैन उस्मान अली ने उपस्थित अतिथियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। इसके बाद, देर शाम सभी ताजियों को इमामबाड़ा से उठाकर ईदगाह पर दफ्न किया गया। जुलूस के दौरान लोगों ने जगह-जगह हैरतअंगेज करतब भी प्रदर्शित किए, और छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक सभी ने हसन-हुसैन के नारे लगाकर कर्बला की दास्तान को याद किया और फूट-फूटकर रोए। इस नेक अवसर पर समाजसेवियों द्वारा नगर में जुलूस के लिए जगह-जगह पानी, शरबत और खिचड़े की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उप जिलाधिकारी विवेक सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता, और कस्बा इंचार्ज राम ज्ञान यादव भारी पुलिस बल के साथ चाक-चौबंद नज़र आए। इस मौके पर चेयरमैन उस्मान अली, जामा मस्जिद के सदर हाजी सरफराज अहमद, नाजिम खान, सेक्रेटरी महफूज आरिफ, हाजी गयासुद्दीन, शाकीब खान, शाहिद हुसैन, नागेंद्र यादव, रियाज अहमद, सभासद सलीम कुरैशी, रिजवान अहमद, ईदू भाई, बरकत अली, उमरान अहमद, नजमुद्दीन इदरीसी, सलीम खान, सोएब अहमद, इस्राइल अहमद, चिराग अली सहित सैकड़ों की संख्या में लोग और पर्दानशीन माँ-बहनें मौजूद रहीं।1
- मजहब-ए-इस्लाम के पहले महीने मोहर्रम की नौवीं तारीख की रात ओबरा नगर में अकीदत, ऐतिहासिक परंपरा और कौमी एकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला। ओबरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुल आठ निर्धारित पारंपरिक स्थलों पर रखी गईं खूबसूरत ताजिया को देर रात पूरे एहतराम के साथ नगर भ्रमण के लिए निकाला गया। ढोल-ताशे की मातमी धुनों के बीच ये सभी ताजिया मुख्य मार्गों से होते हुए सामूहिक रूप से जामा मस्जिद चौक पर एकत्रित हुईं। यहाँ इस्लामी मान्यताओं के अनुरूप करबला के शहीदों की याद में विशेष दुआख्वानी, फातिहा और मजहबी रस्में शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गईं, जिसके बाद ताजिया पुनः अपने-अपने स्थानों के लिए रवाना हो गईं। इस बड़े धार्मिक और पारंपरिक आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में स्थानीय नगर पंचायत का पूरा तंत्र पूरी शिद्दत से जुटा रहा। नगर पंचायत द्वारा जुलूस के मुख्य मार्गों, संपर्क मार्गों और सभी आठ ताजिया स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर मार्ग को सुगम बनाया गया। इसके अतिरिक्त, पूरे जुलूस मार्ग और चौक-चौराहों पर भारी मात्रा में चूने का छिड़काव कर स्वच्छता सुनिश्चित की गई, साथ ही रात के समय सुरक्षा और सुविधा के मद्देनजर पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइटों और अतिरिक्त प्रकाश की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई, जिसकी नगरवासियों ने सराहना की। वहीं, ओबरा पुलिस प्रशासन भी पूरी रात सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जमीन पर मुस्तैद नजर आया। सभी ताजिया स्थलों और संवेदनशील पॉइंट पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, और क्षेत्राधिकारी प्रभात राय, थाना प्रभारी सदानंद राय, क्राइम इंस्पेक्टर शमशेर यादव तथा ओबरा चौकी प्रभारी सहित पूरी पुलिस टीम ने लगातार क्षेत्र में पैदल गश्त करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और शांति व्यवस्था बनाए रखी। नौवीं की रात को निकलने वाले इस पारंपरिक जुलूस को देखने के लिए ओबरा नगर में भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे बड़ी तादाद में ताजिया के दीदार के लिए सड़कों के किनारे और छतों पर मौजूद रहे। नगर की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करते हुए हिंदू समाज के लोगों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर इस पारंपरिक आयोजन को देखा। जुलूस के दौरान विभिन्न ताजिया कमेटियों के युवाओं ने अखाड़े में लाठी-डंडों और पारंपरिक कलाबाजियों का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया, जो इमाम हुसैन और उनके साथियों की बहादुरी का प्रतीकात्मक सम्मान है। देर रात जामा मस्जिद पर सामूहिक मिलाप और दुआ के बाद सभी आठ ताजिया गरिमापूर्ण तरीके से अपने-अपने मूल स्थान पर वापस लौटीं, जिसके बाद अब अगले दिन (10वें रोज) अंतिम विदाई का जुलूस निकाला जाएगा।1
- सिंगरौली में एक 'अंधे कत्ल' का खुलासा मात्र 72 घंटे के भीतर कर दिया गया है, जिसमें मृतक की पत्नी समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस हत्याकांड का कारण प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है, जहाँ पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी।1
- सीधी जिले के सीधी-टिकरी मार्ग पर स्थित सिकरा गांव के पास शुक्रवार 26 जून को दोपहर करीब 11 बजे से 1 बजे के बीच एक बलकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई। यह हादसा इतना तेज़ था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि चालक समेत वाहन में सवार सभी लोग गंभीर चोट से बाल-बाल बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बलकर सीधी से टिकरी की ओर जा रही थी, तभी सिकरा के पास चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया। इसके परिणामस्वरूप, वाहन टू-लेन सड़क से उतरकर किनारे खड़े पेड़ से जा टकराया। दुर्घटना के तुरंत बाद, आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सहायता कार्य में जुट गए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर एकत्र हो गए। इस हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं है, हालांकि वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि वाहन की रफ्तार अधिक होती या सामने कोई अन्य वाहन आ जाता, तो एक बड़ा और गंभीर हादसा हो सकता था। फिलहाल, दुर्घटना के कारणों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।1