जनविश्वास अभियान में लापरवाही नहीं चलेगी, संभागायुक्त ने दिए त्वरित निराकरण के निर्देश लंबित राजस्व प्रकरण, सीएम हेल्पलाइन, स्वास्थ्य सेवाओं और पीएम आवास की समीक्षा; पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने पर जोर डिंडौरी, 25 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान की तैयारियों और आमजन से सीधे जुड़ी सेवाओं की समीक्षा को लेकर संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह भदौरिया ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने विभागवार तैयारियों की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। वीसी के दौरान राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों, सीमांकन एवं बंटवारा मामलों की समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाए। फार्मर आईडी बनाने की प्रगति की जानकारी लेते हुए पात्र किसानों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर विशेष नजर संभागायुक्त ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निराकृत करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को केवल शिकायत बंद करने के बजाय शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी दिए निर्देश स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में एम्बुलेंस सेवाओं, दस्तक अभियान, जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली गई। संभागायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने तथा जरूरतमंद मरीजों एवं हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पीएम आवास की भी हुई समीक्षा प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वीकृत, निर्माणाधीन और पूर्ण आवासों की जानकारी ली गई। संभागायुक्त ने पात्र हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ देने तथा निर्माणाधीन आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने पर जोर दिया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिले में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान की तैयारियों और विभागवार कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ ही आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संभागायुक्त श्री भदौरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान शासन और आमजन के बीच विश्वास को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए अभियान को प्रभावी और सफल बनाएं। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनविश्वास अभियान में लापरवाही नहीं चलेगी, संभागायुक्त ने दिए त्वरित निराकरण के निर्देश लंबित राजस्व प्रकरण, सीएम हेल्पलाइन, स्वास्थ्य सेवाओं और पीएम आवास की समीक्षा; पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने पर जोर डिंडौरी, 25 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान की तैयारियों और आमजन से सीधे जुड़ी सेवाओं की समीक्षा को लेकर संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह भदौरिया ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने विभागवार तैयारियों की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। वीसी के दौरान राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों, सीमांकन एवं बंटवारा मामलों की समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाए। फार्मर आईडी
बनाने की प्रगति की जानकारी लेते हुए पात्र किसानों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर विशेष नजर संभागायुक्त ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निराकृत करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को केवल शिकायत बंद करने के बजाय शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी दिए निर्देश स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में एम्बुलेंस सेवाओं, दस्तक अभियान, जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली गई। संभागायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने तथा जरूरतमंद मरीजों एवं हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पीएम आवास की भी हुई समीक्षा प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वीकृत, निर्माणाधीन और पूर्ण आवासों की
जानकारी ली गई। संभागायुक्त ने पात्र हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ देने तथा निर्माणाधीन आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने पर जोर दिया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिले में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान की तैयारियों और विभागवार कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ ही आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संभागायुक्त श्री भदौरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान शासन और आमजन के बीच विश्वास को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए अभियान को प्रभावी और सफल बनाएं। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- जनसुनवाई में जिला सीईओ ने सुनीं आमजन की समस्याएं, अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश डिंडौरी : 25 अगस्त,2026 कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में साप्ताहिक जनसुनवाई आयोजित की गई। सीईओ ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की जांच कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, एसडीएम डिण्डौरी श्री रामबाबू देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में डिण्डौरी विकासखंड के ग्राम जुनवानी के श्री दूलचंद सिंह पिता प्रेमसिंह भू-अधिकरण के भुगतान पर रोक लगाये जाने की शिकायत प्रस्तुत करते हुए समस्या का समाधन कराने की मांग की। सीईओ ने एसडीएम डिण्डौरी को प्रकरण का निरीक्षण कर नियमानुसार समाधान के निर्देश दिए। वहीं ग्राम पंचायत सिमरिया के ग्रामीणों ने 15 अगस्त के अवसर पर ग्राम सभा का आयोजन न होने की शिकायत रखी, जिस पर सीईओ जनपद पंचायत डिण्डौरी को जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। ग्राम रयपुरा के ग्रामीणों ने सिंचाई नहर की मरम्मत, बांध के गेट एवं पुल बदलने की समस्या बताई। सीईओ ने जल संसाधन विभाग डिण्डौरी को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। विकासखंड समनापुर के ग्राम पंचायत धनुवासागर के सचिव एवं सरपंच के द्वारा कबरिस्तान एवं शमशान घाट की राशि आहरण किए जाने की शिकायत की। जिला सीईओ ने जनपद पंचायत डिण्डौरी सीईओ को संबंधित दस्तावेज की जांचकर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। ग्राम बरगई के ग्रामीणों ने सडक निर्माण की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। जिला सीईओ ने जनपद पंचायत डिण्डौरी सीईओ को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। सभी अधिकारी प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर समय-सीमा में निराकरण करते हुए आवेदकों को राहत प्रदान करें। जनसुनवाई में हुआ स्वास्थ्य परीक्षण जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत डिण्डौरी सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसके उपरांत जनसुनवाई में उपस्थित आवेदकों का रक्तचाप, मधुमेह सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थय विभाग की टीम द्वारा जांच के साथ आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थय संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई।4
- बजाग जिला पंचायत देशवासियों के डिंडोरी उक्त क्षेत्र बजाग की गांवों की शाखाएं हैं उसकी 56 इंच पदों को हार्दिक शुभकामनाएं से पापड़ पढ़ो।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।मम,।मम्मममममम।।।।1
- बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733 रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी। किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है। टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733 रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी। किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है। टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस4
- लोकेशन जिला उमरिया*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप* *कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान* *भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*3
- जेन अल्फा का अनोखा विरोध,स्कूल ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, बोले सड़क चाहिए उमरिया। हाथों में किताबें, शरीर पर स्कूल की ड्रेस और मन में पढ़ाई का सपना लेकर पटपरिहाटोला के बच्चे मंगलवार को स्कूल की जगह कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यह कोई छुट्टी या शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपने गांव की सड़क की समस्या को लेकर जेन अल्फा की सीधी दस्तक थी। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय से मुलाकात कर कहा कि बारिश में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गांव से हाईस्कूल तक पक्की सड़क बनवाई जाए। किताबों से पहले सड़क की चिंता जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत पटपरिहाटोला में बारिश के दौरान कच्चा रास्ता बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। पानी और कीचड़ से रास्ता भर जाने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूल ड्रेस खराब होने और चोट लगने के डर से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। छात्रा राशि पाल ने बताया कि बरसात में रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार ड्रेस खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी स्कूल उपस्थिति और पढ़ाई पर पड़ रहा है। 'गिरते हैं, चोट भी लगती है' छात्र रविंद्र सोनी ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। 2.5 किलोमीटर सड़क के लिए आवाज ग्रामीणों के अनुसार NH-43 मसूरपानी रोड से मदन सोलंकी के घर होते हुए पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का सर्वे कराया जा चुका है। ग्रामीण वर्ष 2023 से इस सड़क की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर ने कहा, प्रस्ताव भोपाल भेजा कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि बच्चे सड़क सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट आए थे। विद्यालय से जुड़ी समस्याओं को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है। सड़क का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और निर्माण का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने तक बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए सड़क पर अस्थायी व्यवस्था कराई जाएगी। जेन अल्फा ने दिखाया अपना अंदाज पटपरिहाटोला के बच्चों का कलेक्ट्रेट पहुंचना इस बात का संकेत भी है कि नई पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हो रही है। इन बच्चों ने शिकायत सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ी, बल्कि खुद प्रशासन तक पहुंचकर अपनी बात रखी। अब बच्चों को इंतजार है कि जिस सड़क के लिए उन्होंने आवाज उठाई है, वह कब उनके स्कूल जाने का आसान रास्ता बनेगी।4
- सीएम हेल्पलाइन में सभी विभाग ए ग्रेड में आना सुनिश्चित करें- कलेक्टर === आवेदनों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें तथा गलत जवाब नहीं भरें === कलेक्टर ने की सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा पत्रों की समीक्षा ==== 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश ==== सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के दिए निर्देश शहडोल 24 अगस्त 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित बैठक में सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा के लंबित पत्रों की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 100 दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बी, सी एवं डी ग्रेड में आने वाले विभाग प्रकरणों के निराकरण करने में तेजी लाएं तथा ए गेड में आना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने वाणिज्यककर विभाग, लोक निर्माण विभाग, जनजातीय कार्य विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कहा कि जिन विभागों में 50 दिवस से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं, उनके विभाग प्रमुख स्वयं नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें तथा शिकायतों के निराकरण संबंधी जवाब एल-1 अधिकारी के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत अनअटेंडेड नहीं रहनी चाहिए तथा प्रत्येक शिकायत का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा के पत्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी आकांक्षा पोर्टल में एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब दर्ज कराएं। इसी तरह सीएम हाउस मॉनिट, सीएम मॉनिट तथा विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का जवाब समय-सीमा में प्रस्तुत किया जाए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, एसडीएम जयसिंहनगर सुश्री काजोल सिंह, एसडीएम श्रीमती अमृता गर्ग, एसडीएम ब्योहारी सुश्री अर्चना मिश्रा, एसडीएम जैतपुर श्री दीपक मंडावी, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे, श्रीमती अन्तोनिआ एक्का, श्री अंकित ऊके सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। सीएम हेल्पलाइन में सभी विभाग ए ग्रेड में आना सुनिश्चित करें- कलेक्टर === आवेदनों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें तथा गलत जवाब नहीं भरें === कलेक्टर ने की सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा पत्रों की समीक्षा ==== 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश ==== सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के दिए निर्देश शहडोल 24 अगस्त 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित बैठक में सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा के लंबित पत्रों की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 100 दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बी, सी एवं डी ग्रेड में आने वाले विभाग प्रकरणों के निराकरण करने में तेजी लाएं तथा ए गेड में आना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने वाणिज्यककर विभाग, लोक निर्माण विभाग, जनजातीय कार्य विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कहा कि जिन विभागों में 50 दिवस से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं, उनके विभाग प्रमुख स्वयं नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें तथा शिकायतों के निराकरण संबंधी जवाब एल-1 अधिकारी के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत अनअटेंडेड नहीं रहनी चाहिए तथा प्रत्येक शिकायत का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा के पत्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी आकांक्षा पोर्टल में एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब दर्ज कराएं। इसी तरह सीएम हाउस मॉनिट, सीएम मॉनिट तथा विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का जवाब समय-सीमा में प्रस्तुत किया जाए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, एसडीएम जयसिंहनगर सुश्री काजोल सिंह, एसडीएम श्रीमती अमृता गर्ग, एसडीएम ब्योहारी सुश्री अर्चना मिश्रा, एसडीएम जैतपुर श्री दीपक मंडावी, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे, श्रीमती अन्तोनिआ एक्का, श्री अंकित ऊके सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।1
- थाना अमलाई पुलिस को बड़ी सफलता: चोरी का किया खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार, 35 हजार का मशरूका बरामद शहडोल/अमलाई । पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अमलाई पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना अमलाई क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 10, टंडन दफाई स्थित एक मकान में दिनांक 23/08/2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर घर में रखे एल.ई.डी. टीवी, इन्वर्टर, बैटरी एवं घरेलू बर्तन सहित करीब 35,000 रुपये का सामान चोरी कर लिया था। मामले में फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान मुखबिर की सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पतासाजी करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को दिनांक 25/08/2026 को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी: राहुल चौधरी पिता राजेश चौधरी, उम्र 35 वर्ष सूरज दीवान पिता रामराज दीवान, उम्र 24 वर्ष रवि सिंह पिता फूल सिंह, उम्र 24 वर्ष तीनों निवासी - वार्ड क्रमांक 13, अमराडण्डी, थाना अमलाई, जिला शहडोल आरोपियों के कब्जे से चोरी गया सम्पूर्ण मशरूका बरामद कर लिया गया है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। उक्त कार्यवाही थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक जयवेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक पुषेन्द्र सिंह एवं प्रधान आरक्षक मुकेश कुमार की सराहनीय भूमिका रही।2
- *कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान* *जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप* *भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान* उमरिया- जिले के शासकीय महाविद्यालयों (स्नातक एवं स्नातकोत्तर) में व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला उमरिया द्वारा सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ महामहिम राज्यपाल महोदय एवं कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। कार्यक्रम NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर के नेतृत्व में आयोजित हुआ। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI ने बताया कि जिले के समस्त शासकीय महाविद्यालयों में पर्याप्त संख्या में विषयवार प्राध्यापक एवं शैक्षणिक स्टाफ उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई महाविद्यालयों में नियमित कक्षाओं का संचालन भी प्रभावित है। ज्ञापन में भरेवा एवं बिलासपुर महाविद्यालय में आज दिनांक तक भवन निर्माण नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। NSUI ने कहा कि भवन के अभाव के साथ-साथ इन महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ भी उपलब्ध नहीं है।वहीं शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय उमरिया की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए। NSUI ने कहा कि महाविद्यालय को वर्ष 2022-23 में PM College of Excellence के रूप में उन्नयन किया गया, लेकिन आज भी भवन की स्थिति खराब है। बारिश के दौरान कई स्थानों से पानी टपकने और महाविद्यालय के सामने जलभराव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। *आदर्श महाविद्यालय के लिए कॉलेज बस संचालन की मांग, जंगल के रास्ते से गुजरते हैं छात्र-छात्राएं* शासकीय आदर्श महाविद्यालय डबरौहा जिला मुख्यालय उमरिया से लगभग 6-7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महाविद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग एक हिस्से में जंगल एवं सुनसान क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसके कारण दूर-दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा एवं आवागमन को लेकर चिंता बनी रहती है। NSUI की मांग है कि बस संचालन तत्काल चालू कराई जाए। *बढ़े हुए बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान 50 प्रतिशत किराया माफ करने की मांग* हाल ही में बढ़ाए गए बस किराए से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से महाविद्यालय आने वाले छात्र-छात्राओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन का बढ़ा हुआ किराया उनकी पढ़ाई में भी बाधा बन रहा है। NSUI ने मांग की है कि दूर-दराज के गांवों से महाविद्यालय आने वाले सभी छात्र-छात्राओं के बस किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए, ताकि विद्यार्थियों को राहत मिल सके और आर्थिक समस्या के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही छात्रहित में रियायती बस पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। *सिर्फ नाम का उत्कृष्ट महाविद्यालय नहीं सुविधाएं भी चाहिए- मो. असलम शेर* NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा कि जिले के महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। कहीं शिक्षक नहीं हैं, कहीं भवन नहीं है और कहीं मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे हालात में विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे प्राप्त करेंगे? उन्होंने कहा कि भरेवा और बिलासपुर महाविद्यालय के विद्यार्थी आज भी भवन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जिले के लगभग सभी महाविद्यालयों में विषयवार प्राध्यापकों की कमी है। सरकार और प्रशासन को छात्र-छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय को PM College of Excellence का दर्जा दिया गया है, लेकिन यदि बारिश में छत से पानी टपक रहा है और परिसर में जलभराव हो रहा है, तो यह उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था नहीं कही जा सकती। विद्यार्थियों को सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर सुविधाएं चाहिए। NSUI ने मांग की कि जिले के सभी महाविद्यालयों का तत्काल निरीक्षण कर विषयवार प्राध्यापकों की नियुक्ति, भवन निर्माण एवं मरम्मत, कॉलेज बस, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, खेल मैदान सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। NSUI ने चेतावनी दी कि यदि छात्र-छात्राओं की समस्याओं का जल्द निराकरण नहीं किया गया तो संगठन द्वारा छात्रहित में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप NSUI जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कांत तिवारी, अम्बर शुक्ला ब्लाक अध्यक्ष, अनुज वर्मा (कॉलेज अध्यक्ष, रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय), मीनू, मीनाक्षी, मितेंद्र बैगा, मुकेश यादव, श्रेयांस सेन, अरमान गुप्ता, प्रियांशु खंडेलवाल, नगीना सेन, प्रीति सिंह, सुमित साहू, प्रतिक्षा सिंह, पूजा साहू, आयुषी सिंह, काजल रजक, अर्चना नामदेव, दिव्या सिंह, संस्कृति, प्रेमलता यादव, रोशनी, चंदा केवट, सोमवती बैगा, संध्या दहिया, लक्ष्मी, अनामिका, खुशी कुशवाहा, हेमा सिंह, चेतना, संजना रजक, अनुराधा केवट, गोमती, सूजल, शिवानी सिंह, पार्वती, खुशबू, सुमन, सुनीता, श्रुति, कशिश भट्ट, सरिता, सोनम, अरुणा, सोनाली, मोहनी, संध्या, नेहा, कविता सिंह, रोहित रावत, पुनीत सिंह, खेमचंद्र यादव, सूरज, दुर्गेश यादव, कृष्ण कुमार रजक, विकाश कोल सहित NSUI के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।4