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सुकमा जिले में नारद जयंती के अवसर पर एक पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रियंका कौशल ने कहा कि हमारे जवान ही असली हीरो हैं, न कि हिड़मा। वहीं, डीआईजी अरविंद सिंह राजपुरोहित ने नक्सलवाद की समाप्ति के लिए मीडिया की भूमिका को बेहद अहम बताया।
Rijent giri
सुकमा जिले में नारद जयंती के अवसर पर एक पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रियंका कौशल ने कहा कि हमारे जवान ही असली हीरो हैं, न कि हिड़मा। वहीं, डीआईजी अरविंद सिंह राजपुरोहित ने नक्सलवाद की समाप्ति के लिए मीडिया की भूमिका को बेहद अहम बताया।
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- यह खुलासा हुआ है कि 15 बच्चों की जान आग लगने से नहीं गई, बल्कि उनकी मौत का कारण एक बंद निकास द्वार, एक अनुपलब्ध फायर एग्जिट और उस व्यवस्था की निष्क्रियता थी, जो हर घटना के बाद केवल जाँच का आदेश देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है। यह विश्लेषण मौजूदा प्रणाली की गंभीर खामियों पर सीधा प्रहार करता है।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरंडा गांव में कथित धर्मांतरण को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। इस तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर, प्रशासन ने गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। ग्रामीणों के कड़े विरोध और लगातार बढ़ते तनाव के कारण, पूरे क्षेत्र को सुरक्षा छावनी में बदल दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासनिक अधिकारी शांति व्यवस्था बनाए रखने और इस पूरे मामले की गहन जांच करने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने संयुक्त आदिवासी समाज के बैनर तले अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर एक विशाल रैली निकाली। यह रैली चौपाटी मैदान से शुरू होकर मस्जिद चौक और बस स्टैंड होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। एसडीएम कार्यालय में, एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम अजय उरांव को राज्यपाल और शासन के नाम एक ज्ञापन सौंपा।1
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के केसकाल स्थित ग्राम पंचायत सिकागांव के राजस्व ग्राम सालेभाट में जल संसाधन विभाग की पानी टंकी से आज 2024 से लेकर 2026 तक पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस अवधि के लिए पानी सप्लाई पूरी तरह बाधित है।1
- कांकेर पुलिस ने समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा जनता के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से ग्राम पीव्ही-34 प्रेमनगर में 'पुलिस जनसंवाद एवं चौपाल' कार्यक्रम का आयोजन किया। कांकेर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में पखांजूर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार कुर्रे और पखांजूर के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस रवि कुमार कुजूर ने ग्रामीणों को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान, अधिकारियों ने परलकोट क्षेत्र में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों को समझाया कि वे आत्महत्या जैसा कदम न उठाएँ और मानसिक तनाव की स्थिति में परिजनों व समाज से संवाद बनाए रखें। साथ ही, साइबर अपराधों से सतर्क रहने, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताए गए। सड़क सुरक्षा के तहत मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की गई। युवाओं को गांजा, शराब और नशीली दवाइयों से दूर रहने का संदेश देते हुए एक नशामुक्त समाज के निर्माण पर बल दिया गया। इस जनसंवाद चौपाल में बंग समाज प्रमुख मनोज मंडल, जतन विश्वास, मिहीर राय, आलोक बिस्वास, सरपंच रमेन मंडल सहित ग्राम प्रमुख, सामाजिक कार्यकर्ता और लगभग 100 ग्रामीण उपस्थित रहे। कांकेर पुलिस ने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस हेल्पलाइन 94791 55125 पर देने की अपील की, और बताया कि सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त, मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1926 और साइबर अपराध शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क करने की सलाह भी दी गई।2
- नारायणपुर के भरण्डा गाँव में धर्मान्तरण को लेकर गहराए विवाद के बाद गाँव छावनी में तब्दील हो गया है। इस दौरान दो पक्षों के बीच जमकर झूमा झटकी भी हुई। सुरक्षा के मद्देनजर गाँव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और सुबह से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। लगभग 26 मतांतरित परिवारों ने आरोप लगाया है कि आदिवासी ग्रामीणों ने उन्हें घर से निकाल कर गाँव छोड़ने का फरमान सुनाया है। इन परिवारों से ईसाई धर्म छोड़कर आदिवासी रीति-नीति अपनाने की मांग भी की गई है। वहीं, आदिवासी समुदाय का कहना है कि ईसाई धर्म मानने वाले लोग उनकी रीति-नीति और देवी-देवताओं का अपमान करते हैं। आदिवासी समुदाय की मांग है कि या तो ये लोग आदिवासी रीति-नीति में शामिल हों या गाँव छोड़कर चले जाएं। फिलहाल, दोनों ही पक्ष एक-दूसरे की बात मानने को तैयार नहीं हैं, जिससे विवाद और भी गहरा गया है।1