अयोध्या की धर्मनगरी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक अनूठा आकर्षण, रामायण वैक्स म्यूजियम, तेजी से आकार ले रहा है। काशीराम कॉलोनी के सामने लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस म्यूजियम में रामायण काल के प्रमुख प्रसंगों और पात्रों को मोम की प्रतिमाओं के माध्यम से जीवंत रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इन प्रतिमाओं में प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, लव-कुश सहित रामायण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण पात्रों और घटनाओं को दर्शाया गया है। सुनील वैक्स म्यूजियम के संस्थापक ने बताया कि म्यूजियम का ग्राउंड फ्लोर पूरा हो चुका है, जबकि ऊपरी मंजिल का निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने इसे अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान देने का एक प्रयास बताया। म्यूजियम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उत्कृष्ट कारीगरी है, जिसे केरल के कुशल कारीगरों ने तैयार किया है। मोम से बनी प्रतिमाओं में भाव-भंगिमाओं और सूक्ष्म विवरणों को बेहद आकर्षक ढंग से उकेरा गया है, जिससे रामायण के प्रसंग सजीव प्रतीत होते हैं। यह भव्य और दिव्य म्यूजियम अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बनने जा रहा है। इसका उद्देश्य रामायण की महान गाथा को आधुनिक और कलात्मक स्वरूप में प्रस्तुत करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी भारतीय संस्कृति और आदर्शों से जुड़ सकें।
अयोध्या की धर्मनगरी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक अनूठा आकर्षण, रामायण वैक्स म्यूजियम, तेजी से आकार ले रहा है। काशीराम कॉलोनी के सामने लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस म्यूजियम में रामायण काल के प्रमुख प्रसंगों और पात्रों को मोम की प्रतिमाओं के माध्यम से जीवंत
रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इन प्रतिमाओं में प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, लव-कुश सहित रामायण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण पात्रों और घटनाओं को दर्शाया गया है। सुनील वैक्स म्यूजियम के संस्थापक ने बताया कि म्यूजियम का ग्राउंड फ्लोर पूरा हो चुका है, जबकि ऊपरी मंजिल का निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने
इसे अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान देने का एक प्रयास बताया। म्यूजियम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उत्कृष्ट कारीगरी है, जिसे केरल के कुशल कारीगरों ने तैयार किया है। मोम से बनी प्रतिमाओं में भाव-भंगिमाओं और सूक्ष्म विवरणों को बेहद आकर्षक ढंग से उकेरा गया है, जिससे रामायण
के प्रसंग सजीव प्रतीत होते हैं। यह भव्य और दिव्य म्यूजियम अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बनने जा रहा है। इसका उद्देश्य रामायण की महान गाथा को आधुनिक और कलात्मक स्वरूप में प्रस्तुत करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी भारतीय संस्कृति और आदर्शों से जुड़ सकें।
- अयोध्या के कैंट थाना क्षेत्र स्थित माझा जमथरा में अवैध मिट्टी खनन का खेल खुलेआम जारी होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया दिनदहाड़े और रात-दिन जेसीबी और डंपरों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन कर रहे हैं, जिससे माझा जमथरा का सीना चीरा जा रहा है। आरोपों के अनुसार, जिम्मेदार विभाग इस पर आँखें मूंदे बैठा है और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नजूल विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खनन चल रहा है और खनन माफियाओं को किसका राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। लोगों का यह भी सवाल है कि सरकारी भूमि और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों पर कार्रवाई कब होगी, और कौन ईमानदार प्रशासनिक छवि वाले जिलाधिकारी व एसएसपी को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है? स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो माझा क्षेत्र का भूगोल ही बदल जाएगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस अवैध खनन के खेल पर कब लगाम लगती है।1
- आम आदमी पार्टी ने चंपत राय के विरोध में एक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने आम आदमी पार्टी द्वारा दिया गया ज्ञापन स्वीकार कर लिया।1
- अयोध्या के कैंट थाना क्षेत्र स्थित माझा जमथरा में बेलगाम खनन माफियाओं द्वारा अवैध मिट्टी खनन का खेल खुलेआम जारी होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिन-रात जेसीबी और मिट्टी से लदे डंपरों के ज़रिए बड़े पैमाने पर क्षेत्र का “सीना चीरने” का काम जारी है, लेकिन संबंधित विभाग इस पर “आँखें मूँदे बैठा है”, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नजूल विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस अवैध खनन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। जनता यह सवाल उठा रही है कि आखिर यह अवैध खनन किसके संरक्षण में चल रहा है और खनन माफियाओं को किसका राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। इसके साथ ही, सरकारी भूमि और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों पर कार्रवाई कब होगी और “ईमानदार प्रशासनिक छवि” वाले जिलाधिकारी और एसएसपी को बदनाम करने की कोशिश कौन कर रहा है, जैसे प्रश्न भी पूछे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो माझा क्षेत्र का भूगोल ही बदल जाएगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस “अवैध खनन के खेल” पर कब लगाम लगती है।1
- अयोध्या में स्थापित सुनील्स रामायण वैक्स म्यूजियम धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से एक महत्वपूर्ण आकर्षण के तौर पर उभर रहा है। संग्रहालय के संस्थापक और प्रसिद्ध वैक्स कलाकार सुनील कंडल्लूर ने बताया कि यह म्यूजियम उनकी एक स्वप्न परियोजना है, जिसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। सुनील्स वैक्स म्यूजियम की शुरुआत वर्ष 2005 में कन्याकुमारी में हुई थी, जहाँ स्वतंत्रता सेनानियों और विभिन्न प्रसिद्ध हस्तियों की जीवंत और वास्तविक आकार की मोम प्रतिमाएँ प्रदर्शित की गईं। इसके बाद वर्ष 2010 में लोनावाला में एक नई शाखा स्थापित की गई, जहाँ वर्तमान में लगभग 100 मोम प्रतिमाएँ मौजूद हैं। बाद में तिरुवनंतपुरम में भी एक वैक्स म्यूजियम खोला गया, जो प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के निकट स्थित है। अयोध्या में स्थित सुनील्स रामायण वैक्स म्यूजियम में फिलहाल लगभग 40 प्रतिमाएँ प्रदर्शित हैं। संग्रहालय प्रबंधन की योजना भविष्य में इस संख्या को बढ़ाकर 200 तक करने की है, जिससे रामायण काल की घटनाओं और पात्रों को और भी व्यापक रूप में प्रस्तुत किया जा सके। संग्रहालय के शिल्पकार और कलाकार सुनील कंडल्लूर वर्ष 2001 से वैक्स मॉडलिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। एक स्व-शिक्षित कलाकार के रूप में उन्होंने भारत में वैक्स मॉडलिंग को नई पहचान दिलाई और देश का पहला वैक्स म्यूजियम स्थापित करने का गौरव हासिल किया। अब तक वे 400 से अधिक मोम प्रतिमाओं का निर्माण कर चुके हैं, जो उनकी कला, मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में यह संग्रहालय अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।2
- अयोध्या में स्थापित रामायण वैक्स म्यूजियम अब भक्तों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है, जहाँ रामायण के विभिन्न पात्रों को मोम की प्रतिमाओं के माध्यम से सजीव और जीवंत रूप दिया गया है। यह पूरा कार्य शिल्पकार सुनील कंडलूर की 'स्वप्न परियोजना' का हिस्सा है, जिन्होंने इस म्यूजियम को मूर्त रूप दिया है। शिल्पकार सुनील कंडलूर का अनुभव व्यापक है, और उन्होंने इससे पहले भी 400 से अधिक वैक्स प्रतिमाएं बनाई हैं। उनकी भविष्य की योजना है कि इस म्यूजियम में कुल 200 प्रतिमाओं को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे यह और भी भव्य और प्रभावशाली अनुभव प्रदान करेगा।1
- अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील प्रांगण में शनिवार को तहसील दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत भागीपुर के ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव का 'विलेन कोड' सही न होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं और अन्य आवश्यक कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान न होने से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि भागीपुर ग्राम पंचायत में 'विलेन कोड' की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इस संबंध में ग्राम प्रधान सहित अन्य ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार मिल रहे आश्वासनों से परेशान होकर ग्रामीणों ने अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखने के लिए तहसील परिसर में धरना दिया। धरने के बाद ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें गाँव के 'विलेन कोड' की समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक स्तर पर शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो उन्हें आगे भी आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान ग्राम प्रधान के साथ सुभाष तिवारी, देवी प्रसाद, शिवा, ऋषि, योगेंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे। ग्रामीणों ने अधिकारियों से उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए त्वरित राहत प्रदान करने की गुहार लगाई, वहीं अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए गए कि बार-बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान क्यों नहीं हो सका।1
- आम आदमी पार्टी ने राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय पर 'चंदा चोर' का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने 'राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय चंदा चोर' के पोस्टर प्रदर्शित किए। पार्टी ने प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपकर राम मंदिर ट्रस्ट में हुए कथित घोटाले की जांच कराने की मांग की।2
- अयोध्या में आम आदमी पार्टी (आप) ने श्री राम मंदिर के ट्रस्टी चंपत राय के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने चंपत राय पर धावा बोला और उनके विरुद्ध अपना तीव्र रोष व्यक्त किया। इस प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को सड़क पर ही रोक दिया और उनका ज्ञापन स्वीकार किया।1