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किशनगंज में आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र, 22 जून को पोठिया प्रखंड के छत्तरगाछ पुलिस कैंप परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। ओ पी प्रभारी शैलैस कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया, जहाँ मोहर्रम को शांतिपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि हर साल की तरह इस वर्ष भी दसवीं मोहर्रम के अवसर पर छत्तरगाछ करबला मैदान में आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से अखाड़ा एवं लाठी खेलने वाले लोग एकत्रित होंगे। वे हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों की शहादत की याद में पारंपरिक अखाड़ा प्रदर्शन करेंगे। उपस्थित लोगों ने अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए, तथा सभी से आपसी सौहार्द, अनुशासन और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। प्रशासन ने भी मोहर्रम के सफल आयोजन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस बैठक में भोटाथाना पंचायत के मुखिया मरग़ूब आलम, छत्तरगाछ पंचायत के मुखिया अबुल कासिम, कोलथा पंचायत के जनप्रतिनिधियों सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला परिषद प्रत्याशी मौलाना आफताब अज़हर सिद्दीक़ी ने कहा कि मोहर्रम का संदेश त्याग, बलिदान, सत्य और इंसाफ का है। उन्होंने लोगों से दसवीं मोहर्रम का जुलूस शांति एवं अनुशासन के साथ निकालने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने नौवीं और दसवीं मोहर्रम के रोज़े रखने, नेकियों और भलाई के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने तथा समाज सेवा एवं खिदमत-ए-खल्क को जीवन का हिस्सा बनाने पर भी ज़ोर दिया। बैठक के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, गरिमामय और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने का संकल्प लिया।

1 hr ago
user_Zafar Rabbani
Zafar Rabbani
पोठिया, किशनगंज, बिहार•
1 hr ago
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किशनगंज में आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र, 22 जून को पोठिया प्रखंड के छत्तरगाछ पुलिस कैंप परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। ओ पी प्रभारी शैलैस कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया, जहाँ मोहर्रम को शांतिपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि हर साल की तरह इस वर्ष भी दसवीं मोहर्रम के अवसर पर छत्तरगाछ करबला मैदान में आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से अखाड़ा एवं लाठी खेलने वाले लोग एकत्रित होंगे। वे हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों की शहादत की याद में पारंपरिक अखाड़ा प्रदर्शन करेंगे। उपस्थित लोगों ने अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए, तथा सभी से आपसी सौहार्द, अनुशासन और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। प्रशासन ने भी मोहर्रम के सफल आयोजन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस बैठक में भोटाथाना पंचायत के मुखिया मरग़ूब आलम, छत्तरगाछ पंचायत के मुखिया अबुल कासिम, कोलथा पंचायत के जनप्रतिनिधियों सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला परिषद प्रत्याशी मौलाना आफताब अज़हर सिद्दीक़ी ने कहा कि मोहर्रम का संदेश त्याग, बलिदान, सत्य और इंसाफ का है। उन्होंने लोगों से दसवीं मोहर्रम का जुलूस शांति एवं अनुशासन के साथ निकालने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने नौवीं और दसवीं मोहर्रम के रोज़े रखने, नेकियों और भलाई के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने तथा समाज सेवा एवं खिदमत-ए-खल्क को जीवन का हिस्सा बनाने पर भी ज़ोर दिया। बैठक के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, गरिमामय और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने का संकल्प लिया।

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  • देश के विभिन्न हिस्सों में मस्जिदों, मदरसों और इस्लामी पहचान के प्रतीकों को निशाना बनाए जाने तथा धार्मिक संस्थानों पर तरह-तरह के दबाव डाले जाने के मौजूदा माहौल में, कुछ मदरसों, उलेमा और दीनदार संस्थाओं का योग के नाम पर सबसे आगे खड़ा दिखाई देना 'अत्यंत दुःखद और चिंताजनक' बताया गया है। आफ़ताब अज़हर सिद्दीकी नामक लेखक ने इस व्यवहार को धार्मिक पहचान और आस्था के सिद्धांतों से समझौता माना है। लेखक के अनुसार, भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की पूर्ण स्वतंत्रता है; ठीक उसी तरह जैसे कोई मुसलमान गैर-मुस्लिम को नमाज़ पढ़ने के लिए बाध्य नहीं कर सकता, वैसे ही किसी मुसलमान को भी योग या ऐसे किसी कार्य में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिसमें अपने धार्मिक और आस्थागत पहलू मौजूद हों। ऐसे में, यदि कोई अपनी इच्छा से योग में भाग लेता है तो वह भिन्न है, लेकिन यह सवाल उठाया गया है कि आखिर कुछ धार्मिक संस्थानों के ज़िम्मेदारों को ऐसी क्या आवश्यकता पड़ गई कि वे योग के विभिन्न आसनों में अपनी तस्वीरें खिंचवाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करें। यह कार्रवाई सरकारी कृपा प्राप्त करने, भय की मनोवृत्ति का परिणाम या फिर कुछ अस्थायी लाभों के लिए धार्मिक गरिमा को दाँव पर लगाने का प्रयास हो सकती है। यह और भी दुःखद है कि वही लोग, जो मस्जिद में रुकू और सज्दे को अल्लाह की बंदगी का प्रतीक बताते हैं, वे योग की उन गतिविधियों में भाग लेते दिखाई देते हैं जिनकी पृष्ठभूमि में गैर-इस्लामी धार्मिक अवधारणाएँ मौजूद हैं। यह स्थिति आम मुसलमानों के भीतर गहरी बेचैनी पैदा करती है और सांस्कृतिक तथा वैचारिक कमज़ोरी की एक खतरनाक नींव रखती है। उलेमा, इमामों और मदरसों के ज़िम्मेदारों को स्मरण कराया गया है कि वे उम्मत की अमानत के संरक्षक हैं और उनका प्रत्येक कदम जनता के लिए एक आदर्श बनता है। चेतावनी दी गई है कि यदि धार्मिक नेतृत्व ही सांस्कृतिक और वैचारिक समझौते का मार्ग अपनाएगा, तो आने वाली पीढ़ियों के ईमान, पहचान और इस्लामी आत्मसम्मान को गंभीर क्षति पहुँच सकती है। किशनगंज, बिहार से आफ़ताब अज़हर सिद्दीकी ने मांग की है कि समुदाय के ज़िम्मेदार और निर्णयकारी लोग इस मुद्दे का गंभीरता से मूल्यांकन करें तथा धार्मिक संस्थानों को उनकी मूल जिम्मेदारियों की ओर पुनः केंद्रित करें। अन्यथा, इस तरह की लापरवाही भविष्य में ऐसे परिणाम उत्पन्न कर सकती है जिनकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।
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    देश के विभिन्न हिस्सों में मस्जिदों, मदरसों और इस्लामी पहचान के प्रतीकों को निशाना बनाए जाने तथा धार्मिक संस्थानों पर तरह-तरह के दबाव डाले जाने के मौजूदा माहौल में, कुछ मदरसों, उलेमा और दीनदार संस्थाओं का योग के नाम पर सबसे आगे खड़ा दिखाई देना 'अत्यंत दुःखद और चिंताजनक' बताया गया है। आफ़ताब अज़हर सिद्दीकी नामक लेखक ने इस व्यवहार को धार्मिक पहचान और आस्था के सिद्धांतों से समझौता माना है।

लेखक के अनुसार, भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की पूर्ण स्वतंत्रता है; ठीक उसी तरह जैसे कोई मुसलमान गैर-मुस्लिम को नमाज़ पढ़ने के लिए बाध्य नहीं कर सकता, वैसे ही किसी मुसलमान को भी योग या ऐसे किसी कार्य में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिसमें अपने धार्मिक और आस्थागत पहलू मौजूद हों। ऐसे में, यदि कोई अपनी इच्छा से योग में भाग लेता है तो वह भिन्न है, लेकिन यह सवाल उठाया गया है कि आखिर कुछ धार्मिक संस्थानों के ज़िम्मेदारों को ऐसी क्या आवश्यकता पड़ गई कि वे योग के विभिन्न आसनों में अपनी तस्वीरें खिंचवाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करें। यह कार्रवाई सरकारी कृपा प्राप्त करने, भय की मनोवृत्ति का परिणाम या फिर कुछ अस्थायी लाभों के लिए धार्मिक गरिमा को दाँव पर लगाने का प्रयास हो सकती है।

यह और भी दुःखद है कि वही लोग, जो मस्जिद में रुकू और सज्दे को अल्लाह की बंदगी का प्रतीक बताते हैं, वे योग की उन गतिविधियों में भाग लेते दिखाई देते हैं जिनकी पृष्ठभूमि में गैर-इस्लामी धार्मिक अवधारणाएँ मौजूद हैं। यह स्थिति आम मुसलमानों के भीतर गहरी बेचैनी पैदा करती है और सांस्कृतिक तथा वैचारिक कमज़ोरी की एक खतरनाक नींव रखती है। उलेमा, इमामों और मदरसों के ज़िम्मेदारों को स्मरण कराया गया है कि वे उम्मत की अमानत के संरक्षक हैं और उनका प्रत्येक कदम जनता के लिए एक आदर्श बनता है। चेतावनी दी गई है कि यदि धार्मिक नेतृत्व ही सांस्कृतिक और वैचारिक समझौते का मार्ग अपनाएगा, तो आने वाली पीढ़ियों के ईमान, पहचान और इस्लामी आत्मसम्मान को गंभीर क्षति पहुँच सकती है।

किशनगंज, बिहार से आफ़ताब अज़हर सिद्दीकी ने मांग की है कि समुदाय के ज़िम्मेदार और निर्णयकारी लोग इस मुद्दे का गंभीरता से मूल्यांकन करें तथा धार्मिक संस्थानों को उनकी मूल जिम्मेदारियों की ओर पुनः केंद्रित करें। अन्यथा, इस तरह की लापरवाही भविष्य में ऐसे परिणाम उत्पन्न कर सकती है जिनकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।
    user_Zafar Rabbani
    Zafar Rabbani
    पोठिया, किशनगंज, बिहार•
    6 hrs ago
  • आज, दिनांक 22/06/2026 को डेहटी कर्बला की जमीन की नापी शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक पूरी हुई। यह कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ, जो ग्रामीणों के आपसी सहयोग और समझदारी का परिणाम रहा। नापी कार्य के दौरान मुख्य रूप से मो. साबिर आलम, हसन बाबा, मुन्ना सर, मो. सोहराब, ममनुन अहमद, और नवाजिश आलम सहित अन्य सम्मानित ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग, आपसी भाईचारे और गहरी समझदारी ने इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाया। इस शांतिपूर्ण समापन के लिए सभी उपस्थित लोगों का हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया गया। संदेश में यह भी रेखांकित किया गया कि एकता, सहयोग और आपसी सद्भाव ही गांव की सबसे बड़ी ताकत है।
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    आज, दिनांक 22/06/2026 को डेहटी कर्बला की जमीन की नापी शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक पूरी हुई। यह कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ, जो ग्रामीणों के आपसी सहयोग और समझदारी का परिणाम रहा।

नापी कार्य के दौरान मुख्य रूप से मो. साबिर आलम, हसन बाबा, मुन्ना सर, मो. सोहराब, ममनुन अहमद, और नवाजिश आलम सहित अन्य सम्मानित ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग, आपसी भाईचारे और गहरी समझदारी ने इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाया।

इस शांतिपूर्ण समापन के लिए सभी उपस्थित लोगों का हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया गया। संदेश में यह भी रेखांकित किया गया कि एकता, सहयोग और आपसी सद्भाव ही गांव की सबसे बड़ी ताकत है।
    user_Sohrab Bihari
    Sohrab Bihari
    Photographer पलासी, अररिया, बिहार•
    1 hr ago
  • बिहार की राजधानी पटना में अररिया के गहना ज्वैलर्स को सम्मानित किया गया। इस सम्मान के ज़रिए गहना ज्वैलर्स ने अपने ज़िले अररिया का नाम रोशन किया है।
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    बिहार की राजधानी पटना में अररिया के गहना ज्वैलर्स को सम्मानित किया गया। इस सम्मान के ज़रिए गहना ज्वैलर्स ने अपने ज़िले अररिया का नाम रोशन किया है।
    user_Araria News
    Araria News
    Media company Araria, Bihar•
    11 min ago
  • जलालगढ़ थाना परिसर में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अवर निरीक्षक शिवम कुमार ने की, जहाँ मोहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था, जुलूस मार्ग और आपसी भाईचारा बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जानकारी दी गई कि जलालगढ़ थाना क्षेत्र के कुल 18 स्थानों से निशान यात्रा और मोहर्रम जुलूस निकाले जाते हैं। प्रशासन ने सभी आयोजकों और जनप्रतिनिधियों से दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। पुलिस अवर निरीक्षक शिवम कुमार ने विशेष रूप से आगाह करते हुए कहा कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। साथ ही, सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट साझा न करने की भी सलाह दी गई। इस बैठक में पूर्व प्रखंड प्रमुख मंजूर अहमद, सअनी सूरज कुमार, पीटीसी संतोष कुमार, मुखिया प्रतिनिधि मो. निजाम, दिलीप शर्मा, अशोक सिंह, समिति सदस्य प्रदीप मंडल, मो. आजाद, राजेंद्र प्रसाद दास, कुतुबुद्दीन अंसारी, मार्शल अंसारी, मो. इब्राहिम अंसारी, जाकिर अहमद सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
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    जलालगढ़ थाना परिसर में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अवर निरीक्षक शिवम कुमार ने की, जहाँ मोहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था, जुलूस मार्ग और आपसी भाईचारा बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में जानकारी दी गई कि जलालगढ़ थाना क्षेत्र के कुल 18 स्थानों से निशान यात्रा और मोहर्रम जुलूस निकाले जाते हैं। प्रशासन ने सभी आयोजकों और जनप्रतिनिधियों से दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। पुलिस अवर निरीक्षक शिवम कुमार ने विशेष रूप से आगाह करते हुए कहा कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। साथ ही, सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट साझा न करने की भी सलाह दी गई।

इस बैठक में पूर्व प्रखंड प्रमुख मंजूर अहमद, सअनी सूरज कुमार, पीटीसी संतोष कुमार, मुखिया प्रतिनिधि मो. निजाम, दिलीप शर्मा, अशोक सिंह, समिति सदस्य प्रदीप मंडल, मो. आजाद, राजेंद्र प्रसाद दास, कुतुबुद्दीन अंसारी, मार्शल अंसारी, मो. इब्राहिम अंसारी, जाकिर अहमद सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
    user_SHIPRA KUMARI
    SHIPRA KUMARI
    रिपोर्टर जलालगढ़, पूर्णिया, बिहार•
    1 hr ago
  • डोमचांच प्रखंड के ढोढाकोला गांव में तीन हाथियों का झुंड पहुँचने से ग्रामीणों में गहरा दहशत का माहौल है। सोमवार सुबह 6 बजे स्थानीय लोगों ने हाथियों की मौजूदगी की जानकारी दी, जिसके बाद आसपास के सभी निवासी सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों को अपनी फसलों और अन्य संपत्ति को संभावित नुकसान पहुँचने की चिंता सता रही है। इस मामले की सूचना मिलने पर वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के लोगों से सावधानी बरतने, रात में अकेले बाहर न निकलने और हाथियों के करीब न जाने की अपील की है। वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।
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    डोमचांच प्रखंड के ढोढाकोला गांव में तीन हाथियों का झुंड पहुँचने से ग्रामीणों में गहरा दहशत का माहौल है। सोमवार सुबह 6 बजे स्थानीय लोगों ने हाथियों की मौजूदगी की जानकारी दी, जिसके बाद आसपास के सभी निवासी सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों को अपनी फसलों और अन्य संपत्ति को संभावित नुकसान पहुँचने की चिंता सता रही है।

इस मामले की सूचना मिलने पर वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के लोगों से सावधानी बरतने, रात में अकेले बाहर न निकलने और हाथियों के करीब न जाने की अपील की है। वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।
    user_झारखंड news
    झारखंड news
    Court reporter कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    3 hrs ago
  • सुपौल में एक श्राद्ध भोज खाने के बाद बच्चों समेत करीब 150 लोग बीमार पड़ गए। दूषित भोजन के कारण हुई इस घटना के बाद सभी बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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    सुपौल में एक श्राद्ध भोज खाने के बाद बच्चों समेत करीब 150 लोग बीमार पड़ गए। दूषित भोजन के कारण हुई इस घटना के बाद सभी बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    user_Crime Darpan News
    Crime Darpan News
    Social Media Manager Araria, Bihar•
    3 hrs ago
  • बिहार की राजधानी पटना में गहना ज्वैलर्स अररिया को सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के ज़रिए उन्होंने अपने ज़िले का नाम रोशन किया है।
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    बिहार की राजधानी पटना में गहना ज्वैलर्स अररिया को सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के ज़रिए उन्होंने अपने ज़िले का नाम रोशन किया है।
    user_Razi Anwar
    Razi Anwar
    Media company Araria, Bihar•
    4 hrs ago
  • कसबा के तीन प्रतिभाशाली युवाओं ने बीपीएससी 70वीं परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर अपने परिवार और पूरे कसबा तथा पूर्णिया जिले का मान बढ़ाया है। सुश्री अंशु आनंद ने ग्रामीण विकास अधिकारी, श्री निलेश कुमार उर्फ छोटू ने उप विभागीय मजिस्ट्रेट और श्री आर्यन कुमार उर्फ राहुल ने ब्लॉक वेलफेयर ऑफिसर के पद पर चयनित होकर यह उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता से पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। इन तीनों की यह शानदार उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प ने यह सिद्ध कर दिया है कि कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। कसबा प्रखंड की जनता की ओर से सभी सफल उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई दी गई है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं व्यक्त की गई हैं। यह सफलता पूरे समुदाय के लिए गर्व का विषय है।
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    कसबा के तीन प्रतिभाशाली युवाओं ने बीपीएससी 70वीं परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर अपने परिवार और पूरे कसबा तथा पूर्णिया जिले का मान बढ़ाया है। सुश्री अंशु आनंद ने ग्रामीण विकास अधिकारी, श्री निलेश कुमार उर्फ छोटू ने उप विभागीय मजिस्ट्रेट और श्री आर्यन कुमार उर्फ राहुल ने ब्लॉक वेलफेयर ऑफिसर के पद पर चयनित होकर यह उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता से पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।

इन तीनों की यह शानदार उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प ने यह सिद्ध कर दिया है कि कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

कसबा प्रखंड की जनता की ओर से सभी सफल उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई दी गई है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं व्यक्त की गई हैं। यह सफलता पूरे समुदाय के लिए गर्व का विषय है।
    user_SHIPRA KUMARI
    SHIPRA KUMARI
    रिपोर्टर जलालगढ़, पूर्णिया, बिहार•
    2 hrs ago
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