अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुमका में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में कई स्थानों पर विशेष योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। व्यवहार न्यायालय, केंद्रीय कारा, ऑब्जर्वेशन होम, वृद्धाश्रम और धधकिया स्थित बाल गृह में आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था। इन कार्यक्रमों में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों, पारा विधिक स्वयंसेवकों, केंद्रीय कारा के अधिकारियों एवं बंदियों के साथ-साथ ऑब्जर्वेशन होम में रह रहे बच्चों और कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान और श्वास संबंधी व्यायामों का अभ्यास कराया, साथ ही योग के नियमित अभ्यास से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका, सुधांशु कुमार शशि ने योग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक समग्र पद्धति बताया। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर तनाव, चिंता और विभिन्न बीमारियों से बचाव में सहायक होता है। उन्होंने वर्तमान जीवनशैली संबंधी समस्याओं को देखते हुए योग के महत्व पर जोर दिया और प्रत्येक व्यक्ति से इसे दैनिक जीवन में शामिल करने का आग्रह किया। केंद्रीय कारा में बंदियों को योग के माध्यम से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने के महत्व के बारे में बताया गया, वहीं ऑब्जर्वेशन होम में बच्चों को योग से अनुशासन, एकाग्रता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया; बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर नियमित योग का संकल्प लिया। व्यवहार न्यायालय परिसर में न्यायिक पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी योग को स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवन का आधार बताया और इसके नियमित अभ्यास पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योग करने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका के सचिव विवेक कुमार ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है और ऐसे कार्यक्रम स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ-साथ सकारात्मक जीवन मूल्यों को भी प्रोत्साहित करते हैं। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुमका में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में कई स्थानों पर विशेष योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। व्यवहार न्यायालय, केंद्रीय कारा, ऑब्जर्वेशन होम, वृद्धाश्रम और धधकिया स्थित बाल गृह में आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था। इन कार्यक्रमों में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों, पारा विधिक स्वयंसेवकों, केंद्रीय कारा के अधिकारियों एवं बंदियों के साथ-साथ ऑब्जर्वेशन होम में रह रहे बच्चों और कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान और श्वास संबंधी व्यायामों का अभ्यास कराया, साथ ही योग के नियमित अभ्यास से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका, सुधांशु कुमार शशि ने योग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक समग्र पद्धति बताया। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर तनाव, चिंता और विभिन्न बीमारियों से
बचाव में सहायक होता है। उन्होंने वर्तमान जीवनशैली संबंधी समस्याओं को देखते हुए योग के महत्व पर जोर दिया और प्रत्येक व्यक्ति से इसे दैनिक जीवन में शामिल करने का आग्रह किया। केंद्रीय कारा में बंदियों को योग के माध्यम से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने के महत्व के बारे में बताया गया, वहीं ऑब्जर्वेशन होम में बच्चों को योग से अनुशासन, एकाग्रता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया; बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर नियमित योग का संकल्प लिया। व्यवहार न्यायालय परिसर में न्यायिक पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी योग को स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवन का आधार बताया और इसके नियमित अभ्यास पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योग करने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका के सचिव विवेक कुमार ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है और ऐसे कार्यक्रम स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ-साथ सकारात्मक जीवन मूल्यों को भी प्रोत्साहित करते हैं। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के शुभ अवसर पर, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत उत्साह और सक्रियता के साथ मनाया गया। इस वैश्विक आयोजन के माध्यम से योग के महत्व और उसके संदेश को दुनिया भर में प्रसारित किया गया।1
- महेशपुर प्रखंड के प्रतापपुर गाँव निवासी अरुणा टुडू का शव तमिलनाडु से उनके पैतृक गाँव तक पहुँचाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जो झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी के विशेष प्रयासों के कारण संभव हो पाया। दुख की इस घड़ी में, उपासना मरांडी ने शोकाकुल परिवार के साथ खड़े होकर न सिर्फ अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं, बल्कि उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। ग्रामीणों और परिजनों ने उनके इस सराहनीय और मानवीय कार्य के लिए आभार प्रकट किया, जिसने संवेदनशीलता की एक मिसाल कायम करते हुए मानवता की जिम्मेदारी निभाई।4
- देवघर जिला के मारगोमुण्डा प्रखण्ड क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रखंड, अंचल कार्यालय, थाना सहित क्षेत्र के विभिन्न पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया, और उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया गया।1
- यह पोस्ट इस संदेश को उजागर करती है कि 'वादा नहीं, काम बोलता है'। इसमें सरकारी फंड का इंतजार किए बिना, जनता की परेशानी को दूर करने के लिए मोरंग डलवाने की चुनौती स्वीकार करने की बात कही गई है। यह कदम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से अभी-अभी मिली खबर के अनुसार, बाराबंकी में स्थित विशाल मेगा मार्ट को बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई इस सूचना के बाद की गई कि वहाँ 'सेक्स' से जुड़ी बहुत ज़्यादा गतिविधियाँ चल रही थीं, जिसके कारण इसे बंद करना ज़रूरी समझा गया।1
- NEET की पुनः परीक्षा देकर परीक्षा केंद्र से बाहर निकले छात्रों ने बताया है कि प्रश्न पत्र कैसा था।1
- बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की समय सारिणी को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि कल से खुलने वाले विद्यालयों के समय में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। गर्मी की स्थिति को देखते हुए, सभी सरकारी स्कूल 30 जून तक सुबह की पाली (मॉर्निंग शिफ्ट) में ही संचालित होंगे। विभाग के इस आदेश के अनुसार, छात्रों और अभिभावकों को अभी पुराने निर्धारित समय पर ही स्कूल पहुंचना होगा। शिक्षा विभाग के इस निर्देश के बाद, स्कूलों में सुबह की पाली में ही पढ़ाई जारी रहेगी, जो स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए एक बड़ी खबर है।1
- देवघर जिले के मारगोमुण्डा थाना परिसर में शनिवार को थाना प्रभारी शशि कपूर की अध्यक्षता में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने हेतु एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य लोग, ग्रामीण और अखाड़ा समिति के सदस्य शामिल हुए। इस दौरान उपस्थित सभी से मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण माहौल और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न कराने की अपील की गई। बैठक में अखाड़ा मेले के आयोजकों को विशेष ध्यान रखने और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजन संपन्न कराने के लिए कई दिशा-निर्देश भी दिए गए। इस शांति समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य मुहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न सुनिश्चित करना था।1