ईद पर बवाल की साजिश?” आज़म खान के बयान पर बरेली के मुस्लिम धर्मगुरु का बड़ा अलर्ट ‘इबादत करो, सियासत नहीं!’ ईद से पहले सियासी बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जेल में बंद सपा नेता आजम खान के कथित संदेश पर अब मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने तीखा हमला बोला है। मौलाना ने दो टूक कहा— “ईद खुशी का दिन है, इसे ग़म या प्रदर्शन में बदलना गलत और नासमझी भरा फैसला है।” उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि किसी भी राजनीतिक उकसावे में न आएं और सिर्फ अमन-चैन के लिए दुआ करें। दरअसल, आज़म खान की ओर से ईरान के समर्थन में काले कपड़े पहनने और नमाज़ के बाद प्रदर्शन की बात सामने आई थी। इस पर मौलाना ने सख्त ऐतराज़ जताते हुए कहा कि ऐसा करने से ईद जैसे पाक दिन की गरिमा को ठेस पहुंचेगी। 👉 मौलाना की अहम अपील: ईद पर काले कपड़े और प्रदर्शन से दूर रहें सड़कों पर नमाज़ पढ़ने से बचें भीड़ ज्यादा हो तो मस्जिद में 2-3 जमात कराएं देश में अमन और कानून का पालन करें मौलाना ने कहा कि मस्जिदों में अलग-अलग जमात कर नमाज़ पढ़ना बेहतर विकल्प है, जिससे किसी भी तरह के विवाद से बचा जा सकता है। अंत में उन्होंने सभी देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा— “इबादत करें, एक-दूसरे को गले लगाएं और त्योहार की खुशी को कायम रखें।” पूरे मामले में आज बुधवार समय लगभग दोपहर के 2:00 बजे दिया बड़ा बयान
ईद पर बवाल की साजिश?” आज़म खान के बयान पर बरेली के मुस्लिम धर्मगुरु का बड़ा अलर्ट ‘इबादत करो, सियासत नहीं!’ ईद से पहले सियासी बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जेल में बंद सपा नेता आजम खान के कथित संदेश पर अब मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने तीखा हमला बोला है। मौलाना ने दो टूक कहा— “ईद खुशी का दिन है, इसे ग़म या प्रदर्शन में बदलना गलत और नासमझी भरा फैसला है।” उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि किसी भी राजनीतिक उकसावे में न आएं और सिर्फ अमन-चैन के लिए दुआ करें। दरअसल, आज़म खान की ओर से ईरान के समर्थन में काले कपड़े पहनने और नमाज़ के बाद प्रदर्शन की बात सामने आई थी। इस पर मौलाना ने सख्त ऐतराज़ जताते हुए कहा कि ऐसा करने से ईद जैसे पाक दिन की गरिमा को ठेस पहुंचेगी। 👉 मौलाना की अहम अपील: ईद पर काले कपड़े और प्रदर्शन से दूर रहें सड़कों पर नमाज़ पढ़ने से बचें भीड़ ज्यादा हो तो मस्जिद में 2-3 जमात कराएं देश में अमन और कानून का पालन करें मौलाना ने कहा कि मस्जिदों में अलग-अलग जमात कर नमाज़ पढ़ना बेहतर विकल्प है, जिससे किसी भी तरह के विवाद से बचा जा सकता है। अंत में उन्होंने सभी देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा— “इबादत करें, एक-दूसरे को गले लगाएं और त्योहार की खुशी को कायम रखें।” पूरे मामले में आज बुधवार समय लगभग दोपहर के 2:00 बजे दिया बड़ा बयान
- भमोरा थाना क्षेत्र स्थित सीएचसी बलिया में नवजात बच्ची को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। दंपति ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के बाद उन्हें बच्ची मृत बताई गई, लेकिन शव नहीं सौंपा गया। संदेह होने पर परिजनों ने जांच की तो बच्ची को बेचने का आरोप सामने आया। मामले में डिलीवरी इंचार्ज शिखा सक्सेना पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार ने जिला अधिकारी अविनाश सिंह से शिकायत की, जिसके बाद जांच कमेटी गठित कर दी गई है। अस्पताल पर उगाही और अवैध गतिविधियों के आरोप भी लगे हैं।1
- Post by भूपेंद्र शर्मा1
- जनपद बरेली में आगामी त्योहारों को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 18 मार्च 2026 को शहर के सभी थाना क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनसुरक्षा को मजबूत करना, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखना रहा।1
- badayun police ki badi kaarvayi/ jungle mein muthbhed/ 5 GauKush girftar/ sahaswan police ka action/ Aadhi Raat Ko gehra Bandi/ gokas ko sikhaya sabak/ doctor hirdesh katheriya ka bada byan/ apraadhiyon ke khilaf/ badayun police ka 0 Taalranse1
- बरेली: 300 बेड अस्पताल की बदहाल स्थिति पर उठे सवाल, मरीज परेशान बरेली। शहर के 300 बेड अस्पताल की स्थिति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल परिसर में धूल-मिट्टी और अव्यवस्थाओं के चलते मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चारों तरफ घास उग रही है एंबुलेंस खराब खड़ी है आरोप है कि डॉक्टरों की सेवाएं भी पर्याप्त नहीं हैं, जिससे इलाज प्रभावित हो रहा है। समाजवादी पार्टी पूर्व प्रवक्ता मोंटी शुक्ला ने अस्पताल की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बेहद खराब हो चुकी है। उन्होंने बताया कि न सिर्फ 300 बेड अस्पताल, बल्कि जिला अस्पताल की स्थिति भी काफी खराब है। कई घंटों मरीजों को लाइनों में खड़ा होना पड़ता है 300 बेड अस्पताल में जरूरी मशीनों की कमी बनी हुई है और सीटी स्कैन मशीन भी अक्सर खराब रहती है, जिससे मरीजों को बाहर निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। सूत्रों के अनुसार 300 बेड अस्पताल और जिला अस्पताल को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत निजी हाथों में देने की तैयारी चल रही है।अगर ऐसा होता है, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द सुधारा जाए, डॉक्टरों और संसाधनों की कमी को दूर किया जाए, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।1
- बरेली मीरगंज #bareillypolice द्वारा 01 अभियुक्त को 64.95 ग्राम अवैध स्मैक व 01 स्मार्ट मोबाइल फोन के साथ किया गिरफ्तार।1
- संजय नगर में भक्तों में अलग ही उत्साह नजर आया भक्तों ने माता के कपड़े नारियल आदि सामानों की खरीदारी की जिससे की जाम लग गया1
- Post by भूपेंद्र शर्मा1