उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली के राणा विजय सिंह पथिक महाविद्यालय में आयोजित जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले सूबे में एक ऐसी सरकार थी जिसके लोग दोपहर 12 बजे तक सोकर उठते थे, माफियाओं के सामने नतमस्तक रहते थे और उनके पास जनता के लिए कोई समय नहीं था। मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार ने शामली की सामाजिक डेमोग्राफी को बदलने का काम किया, जिसके दुष्परिणामस्वरूप कांधला और कैराना से लोगों को पलायन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले लोग शामली का नाम लेने से भी डरते थे, लेकिन आज शामली गन्ने की मिठास, चौतरफा विकास और एक्सप्रेसवे की त्रिवेणी के रूप में नई पहचान बना चुका है। विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज संविधान की बात करते हैं, वही 2017 से पहले जय श्रीराम बोलने पर लाठियां चलवाते थे, कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाते थे, और कृष्ण जन्माष्टमी व रामनवमी की शोभायात्राओं को रोकने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करते थे। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अब उत्तर प्रदेश में ऐसा कतई नहीं हो सकता। कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि माफियाओं की जगह अब सिर्फ जेल में है या फिर उन्हें कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने नौकरी के नाम पर चलने वाले सिंडिकेट को खत्म करने की बात कहते हुए कहा कि आज शामली का नौजवान अपनी मेहनत से रोजगार पा रहा है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार किसी भी कीमत पर कांवड़ यात्रा नहीं रुकने देगी। इस भव्य जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कैराना, शामली और थानाभवन विधानसभा क्षेत्रों के लिए 581 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। गन्ना किसानों की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद तत्कालीन कृषि मंत्री सुरेश राणा के प्रयासों से चीनी मिलों को नया जीवन मिला, जिसके चलते आज प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया जा चुका है। भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि गोरखपुर से शामली होते हुए सिलीगुड़ी तक करीब 1100 किलोमीटर का आर्थिक गलियारा विकसित किया जाएगा और शामली को अंबाला से भी जोड़ा जाएगा। दिल्ली की तर्ज पर विकास के लिए शामली में एक बड़ा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाएगा, जिससे करीब 8,000 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली के राणा विजय सिंह पथिक महाविद्यालय में आयोजित जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले सूबे में एक ऐसी सरकार थी जिसके लोग दोपहर 12 बजे तक सोकर उठते थे, माफियाओं के सामने नतमस्तक रहते थे और उनके पास जनता के लिए कोई समय नहीं था। मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार ने शामली की सामाजिक डेमोग्राफी को बदलने का काम किया, जिसके दुष्परिणामस्वरूप कांधला और कैराना से लोगों को पलायन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले लोग शामली का नाम लेने से भी डरते थे, लेकिन आज शामली गन्ने की मिठास, चौतरफा विकास और एक्सप्रेसवे की त्रिवेणी के रूप में नई पहचान बना चुका है। विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज संविधान की बात करते हैं, वही 2017 से पहले जय श्रीराम बोलने पर लाठियां चलवाते थे, कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाते थे, और कृष्ण जन्माष्टमी व रामनवमी की शोभायात्राओं को रोकने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करते थे। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अब उत्तर प्रदेश में ऐसा कतई नहीं हो सकता। कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि माफियाओं की जगह अब सिर्फ जेल में है या फिर उन्हें कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने नौकरी के नाम पर चलने वाले सिंडिकेट को खत्म करने की बात कहते हुए कहा कि आज शामली का नौजवान अपनी मेहनत से रोजगार पा रहा है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार किसी भी कीमत पर कांवड़ यात्रा नहीं रुकने देगी। इस भव्य जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कैराना, शामली और थानाभवन विधानसभा क्षेत्रों के लिए 581 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। गन्ना किसानों की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद तत्कालीन कृषि मंत्री सुरेश राणा के प्रयासों से चीनी मिलों को नया जीवन मिला, जिसके चलते आज प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया जा चुका है। भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि गोरखपुर से शामली होते हुए सिलीगुड़ी तक करीब 1100 किलोमीटर का आर्थिक गलियारा विकसित किया जाएगा और शामली को अंबाला से भी जोड़ा जाएगा। दिल्ली की तर्ज पर विकास के लिए शामली में एक बड़ा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाएगा, जिससे करीब 8,000 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
- मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे में एक मृत गौमाता के अंतिम संस्कार को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। जहां एक तरफ देश में गौमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग की जा रही है, वहीं बुढ़ाना में उनके अंतिम संस्कार को लेकर खड़े हुए सवालों ने समाज और प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आरोप है कि स्थानीय नगर पंचायत द्वारा मृत गौमाता को सम्मानजनक स्थान देने के बजाय ठोस अपशिष्ट निस्तारण स्थल (कूड़ा निस्तारण केंद्र) में दफना दिया गया। यह मामला 16 जुलाई 2026 का है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर लगभग 12:00 बजे गौमाता की मृत्यु हुई थी, लेकिन उनके मालिक को इसकी सूचना शाम लगभग 4:00 से 5:00 बजे के बीच मिली। इसके बाद गौमाता को पहले एक निजी भूमि में दफनाने की कोशिश की गई, लेकिन जमीन के मालिक की आपत्ति के कारण उन्हें वहां से हटा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद नगर पंचायत के वाहन को वापस बुला लिया गया और रात लगभग 9:30 से 10:00 बजे के बीच उन्हें कूड़ा निस्तारण केंद्र में दफनाया गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत पर सवाल उठाए हैं कि जब उनके पास बंजर और सार्वजनिक भूमि मौजूद थी, तो गौमाता के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए उसका उपयोग क्यों नहीं किया गया? कूड़ा निस्तारण केंद्र में दफनाने और वाहन वापस बुलाने के पीछे की वजहों पर भी सवाल उठाए गए हैं। एमडी न्यूज (MD NEWS) ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए नगर पंचायतों में स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग की है।2
- मुजफ्फरनगर में किसान नेता शुजाअत राणा ने सोमवार को एसएसपी कार्यालय में शिकायत पत्र देकर अंकुर दुआ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही है। उनका आरोप है कि 15 जुलाई को मीनाक्षी चौक पर हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान अंकुर दुआ ने कथित रूप से अभद्र भाषा और धार्मिक टिप्पणी की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। राणा का कहना है कि उन्होंने पहले थाना सिविल लाइन में भी तहरीर देने का प्रयास किया था, लेकिन वहां शिकायत दर्ज नहीं की गई। इस बीच घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।1
- मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से 17.07.2026 को पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन ने पुरकाजी थाना क्षेत्र में कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों और पुलिस बल के साथ मिलकर उन्होंने सुरक्षा व यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन, बैरिकेडिंग और प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी मुस्तैदी बरतने और अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर ने मार्ग पर चल रहे शिवभक्त कांवड़ियों से बातचीत कर उनकी कुशलक्षेम पूछी और उन्हें सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि किसी भी समस्या, असुविधा या आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी या पुलिस सहायता केंद्र को सूचित करें। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं से यातायात नियमों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई ताकि कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने सभी शिवभक्तों को सुरक्षित, अनुशासित और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं भी दीं।2
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और दुर्घटनामुक्त बनाने के उद्देश्य से एसपी सिटी अमृत जैन ने शुक्रवार को थाना पुरकाजी क्षेत्र स्थित कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एनएचएआई (NHAI) और पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षा व यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से बैरिकेडिंग, संवेदनशील स्थलों पर पुलिस की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। एसपी सिटी ने अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी सिटी ने कांवड़ियों से सीधे संवाद कर उनकी कुशलक्षेम पूछी और उन्हें भरोसा दिलाया कि पूरे कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे तुरंत निकटतम पुलिसकर्मी या पुलिस सहायता केंद्र से संपर्क करें तथा यातायात नियमों और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन कर सुरक्षित रहें।1
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना में योगी आदित्यनाथ का आगमन होने जा रहा है, जिसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के शेरपुर खादर में मोहन प्रजापति ने भाजपा को वोट नहीं देने की बात कही है। उनका स्पष्ट रूप से कहना है कि शेरपुर खादर में भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बुढाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत विज्ञाना रोड पर पुलिस और शातिर अंतरराष्ट्रीय वाहन चोरों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली लगने से एक शातिर वाहन चोर राजू उर्फ योगेश घायल हो गया। पुलिस ने मौके से तीन और शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्य हैं, जो यहां से गाड़ियां चोरी करके उन्हें म्यांमार (वर्मा) ले जाकर बेच दिया करते थे। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान इनके कब्जे से चोरी की 5 गाड़ियां और गाड़ी चोरी करने के उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए इन शातिर चोरों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर चोरी, लूट, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित करीब चार दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।1