सीमांत जनपद के पंचगई क्षेत्र में स्थित बंद्राणी गांव में पारंपरिक 'फुल्यार मेले' का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ किया गया, जिससे पूरा गांव देवमयी माहौल में सराबोर हो गया। मेले का मुख्य आकर्षण आराध्य समेश्वर देवता रहे, जिनके डंगरिया (पश्वा) ने विशेष पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक 'आसड़' लगाया। जैसे ही समेश्वर देवता के डंगरिया पर देव अवतरण हुआ, ढोल-दमाऊ की थाप और देव-जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। डंगरिया ने पारंपरिक 'आसड़' लगाकर क्षेत्र की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद दिया। इस अलौकिक दृश्य के दर्शन और देवता का आशीर्वाद लेने के लिए पंचगई सहित दूर-दराज के गांवों से भारी संख्या में श्रद्धालु बंद्राणी पहुंचे थे। गंगा पुरोहित राजेश सेमवाल ने बताया कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संजोए इस मेले में कई जनप्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में प्रमुख भटवाड़ी और ज्येष्ठ प्रमुख भटवाड़ी मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोक संस्कृति और देव परंपराएं ही उत्तराखंड की असली पहचान हैं, और फुल्यार मेला आपसी भाईचारे तथा देव संस्कृति को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम है। जनप्रतिनिधियों ने देव-मूर्तियों के दर्शन कर क्षेत्र के विकास और खुशहाली की कामना भी की। मेला समिति और बंद्राणी के ग्रामीणों ने मुख्य अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मेले में स्थानीय लोक कलाकारों और ग्रामीणों ने पारंपरिक रासो और तांदी नृत्य की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे माहौल और भी खुशनुमा हो गया। देर शाम तक चले इस भव्य मेले में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया था। मेला समिति ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और भव्य रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आगंतुकों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
सीमांत जनपद के पंचगई क्षेत्र में स्थित बंद्राणी गांव में पारंपरिक 'फुल्यार मेले' का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ किया गया, जिससे पूरा गांव देवमयी माहौल में सराबोर हो गया। मेले का मुख्य आकर्षण आराध्य समेश्वर देवता रहे, जिनके डंगरिया (पश्वा) ने विशेष पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक 'आसड़' लगाया। जैसे ही समेश्वर देवता के डंगरिया पर देव अवतरण हुआ, ढोल-दमाऊ की थाप और देव-जयकारों से पूरा क्षेत्र
गूंज उठा। डंगरिया ने पारंपरिक 'आसड़' लगाकर क्षेत्र की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद दिया। इस अलौकिक दृश्य के दर्शन और देवता का आशीर्वाद लेने के लिए पंचगई सहित दूर-दराज के गांवों से भारी संख्या में श्रद्धालु बंद्राणी पहुंचे थे। गंगा पुरोहित राजेश सेमवाल ने बताया कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संजोए इस मेले में कई जनप्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में प्रमुख भटवाड़ी और ज्येष्ठ प्रमुख भटवाड़ी
मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोक संस्कृति और देव परंपराएं ही उत्तराखंड की असली पहचान हैं, और फुल्यार मेला आपसी भाईचारे तथा देव संस्कृति को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम है। जनप्रतिनिधियों ने देव-मूर्तियों के दर्शन कर क्षेत्र के विकास और खुशहाली की कामना भी की। मेला समिति और बंद्राणी के ग्रामीणों ने मुख्य अतिथियों का पारंपरिक
तरीके से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मेले में स्थानीय लोक कलाकारों और ग्रामीणों ने पारंपरिक रासो और तांदी नृत्य की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे माहौल और भी खुशनुमा हो गया। देर शाम तक चले इस भव्य मेले में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया था। मेला समिति ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और भव्य रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आगंतुकों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
- तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए नेताओं को जनता से भरपूर प्यार नहीं मिल रहा है। इसके विपरीत, उन्हें 'गद्दार' कहकर संबोधित किया जा रहा है और सुनने में आ रहा है कि जनता उनसे लगातार सवाल कर रही है कि वे 'कितने में बिके'।1
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- ऊधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में एक 13 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किशोरी की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी बेटी अपनी सहेली के साथ वाटर पार्क जाने के लिए किच्छा रोड पर खड़ी थी। इसी दौरान नमन नाम का एक युवक अपने साथी के साथ बाइक पर आया और उनकी बेटी को वाटर पार्क ले जाने का झांसा देकर अपने साथ लालपुर स्थित एक होटल में ले गया। आरोप है कि होटल में दोनों ने किशोरी को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। शिकायत में यह भी बताया गया है कि नमन ने कुछ अन्य लोगों को भी वहां बुलाया, जिन्होंने भी इस वारदात को अंजाम दिया। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद रुद्रपुर के एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने पुष्टि की है कि पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया गया है।1
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर से चंदा चोरी के प्रकरण के संबंध में अपना बयान दिया है।1
- पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, लेकिन हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बना हुआ है। इसके बावजूद, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग और हरिद्वार जिला प्रशासन मानसून को लेकर पूरी तरह सतर्क है और नदी के जलस्तर की निरंतर निगरानी कर रहा है। हरिद्वार उत्तरी गंगनहर के एसडीओ भारत भूषण ने बताया कि हरिद्वार में गंगा का खतरे का जलस्तर 294 है, जबकि 293 को चेतावनी स्तर माना जाता है। आज दोपहर तक गंगा का जलस्तर 291.30 दर्ज किया गया, जो सामान्य स्तर के आसपास है। इसी क्रम में, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का कहना है कि प्रशासन मानसून के कारण हरिद्वार जनपद के निचले हिस्सों में होने वाले जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में पर्याप्त तैयारियां की गई हैं और सिंचाई विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।1
- यमुनोत्री धाम के स्याना चट्टी पर विगत वर्ष बरसाती झील से अस्तित्व का खतरा मंडरा गया था, जिसके बाद अनेकों ब्लास्टिंग से झील का जल स्तर कम किया गया था। हालांकि, प्रशासन की 'कछुआ चाल' से चल रहे सुरक्षा कार्यों को एक वर्ष होने को है, लेकिन स्याना चट्टी में स्थिति जस की तस बनी हुई है और स्थानीय लोग अब भी डर के साये में रह रहे हैं। इसी क्रम में, बुधवार को यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने अपर जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, विधायक संजय डोभाल ने सभी आला अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि स्याना चट्टी में फिर से बरसात आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न हुई, तो संबंधित अधिकारियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा।1
- उत्तरकाशी जनपद में लगातार हो रही बारिश के चलते नालूपानी के समीप भूस्खलन होने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। सड़क पर मलबा आने की सूचना मिलते ही प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही शुरू कर दी गई। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों पर, अवरुद्ध मार्ग को सुचारू करने के लिए संबंधित विभागीय टीमों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। वर्तमान में, जेसीबी की सहायता से मलबे को हटाकर मार्ग को सुचारू करने का कार्य गतिमान है। लगातार हो रही बारिश से बाधित सड़कों के कारण अनेकों क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।2