पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल अंतर्गत गंगापुर सिटी–मथुरा सेक्शन के श्री महावीरजी–हिंडौन स्टेशन रेलखंड पर शनिवार, 20 जून 2026 को दुर्घटना राहत एवं बचाव कार्यों की तत्परता परखने के उद्देश्य से एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में रेलवे की विभिन्न आपातकालीन टीमों ने त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय तथा कार्यकुशलता का प्रभावी प्रदर्शन किया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि मॉक ड्रिल के लिए एक काल्पनिक दुर्घटना परिदृश्य तैयार किया गया था, जिसमें डाउन दिशा में चल रही एसओपी स्पेशल ट्रेन और एक मिनी बस के बीच लेवल क्रॉसिंग संख्या 200 पर टक्कर होने की स्थिति को दर्शाया गया। इस परिकल्पित घटना के अनुसार, गाड़ी संख्या एसओपी डाउन के साथ दुर्घटना किलोमीटर 1135/13 पर हुई। दुर्घटना की सूचना ट्रैफिक कंट्रोल, कोटा को सायं 4:36 बजे प्राप्त हुई, जिसके तुरंत बाद निर्धारित आपदा प्रबंधन प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई शुरू की गई। सूचना मिलते ही नियंत्रण कार्यालय ने सभी संबंधित नियंत्रण कक्षों एवं विभागों को सतर्क किया और कुछ ही मिनटों में मंडल के अधिकारियों को आवश्यक जानकारी प्रेषित कर दी। आपदा प्रबंधन योजना के तहत दुर्घटना राहत चिकित्सा यान (एआरएमई) तथा दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) को गंगापुर सिटी से क्रमशः सायं 5:00 बजे एवं 5:20 बजे घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री अजीत सिंह चौहान की देखरेख में किया गया। घटनास्थल पर रेलवे की विभिन्न टीमों ने घायलों के प्राथमिक उपचार, यात्रियों के सुरक्षित निष्कासन, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा ट्रैक एवं परिचालन बहाली संबंधी प्रक्रियाओं का सफलतापूर्वक अभ्यास किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था तथा संसाधनों की उपलब्धता का भी परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल पूर्ण होने के बाद, रेलवे अधिकारियों द्वारा अप एवं डाउन दोनों लाइनों का निरीक्षण एवं परीक्षण किया गया और उन्हें रेल यातायात के लिए सुरक्षित एवं उपयुक्त घोषित किया गया। मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे अभ्यास की सतत मॉनिटरिंग करते हुए रेलवे की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया। रेलवे अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस प्रकार के नियमित मॉक ड्रिल अभ्यास कर्मचारियों की आपदा प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पश्चिम मध्य रेलवे यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और समय-समय पर ऐसे अभ्यासों के माध्यम से अपनी आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा एवं सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी रखता है।
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल अंतर्गत गंगापुर सिटी–मथुरा सेक्शन के श्री महावीरजी–हिंडौन स्टेशन रेलखंड पर शनिवार, 20 जून 2026 को दुर्घटना राहत एवं बचाव कार्यों की तत्परता परखने के उद्देश्य से एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में रेलवे की विभिन्न आपातकालीन टीमों ने त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय तथा कार्यकुशलता का प्रभावी प्रदर्शन किया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि मॉक ड्रिल के लिए एक काल्पनिक दुर्घटना परिदृश्य तैयार किया गया था, जिसमें डाउन दिशा में चल रही एसओपी स्पेशल ट्रेन और एक मिनी बस के बीच लेवल क्रॉसिंग संख्या 200 पर टक्कर होने की स्थिति को दर्शाया गया। इस परिकल्पित घटना के अनुसार, गाड़ी संख्या एसओपी डाउन के साथ दुर्घटना किलोमीटर 1135/13 पर हुई। दुर्घटना की सूचना ट्रैफिक कंट्रोल, कोटा को सायं 4:36 बजे प्राप्त हुई, जिसके तुरंत बाद निर्धारित आपदा प्रबंधन प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई शुरू की गई। सूचना मिलते ही नियंत्रण कार्यालय ने सभी संबंधित नियंत्रण कक्षों एवं विभागों को सतर्क किया और कुछ ही मिनटों में मंडल के अधिकारियों को आवश्यक जानकारी प्रेषित कर दी। आपदा प्रबंधन योजना के तहत दुर्घटना राहत चिकित्सा यान (एआरएमई) तथा दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) को गंगापुर सिटी से क्रमशः सायं 5:00 बजे एवं 5:20 बजे घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री अजीत सिंह चौहान की देखरेख में किया गया। घटनास्थल पर रेलवे की विभिन्न टीमों ने घायलों के प्राथमिक उपचार, यात्रियों के सुरक्षित निष्कासन, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा ट्रैक एवं परिचालन बहाली संबंधी प्रक्रियाओं का सफलतापूर्वक अभ्यास किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था तथा संसाधनों की उपलब्धता का भी परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल पूर्ण होने के बाद, रेलवे अधिकारियों द्वारा अप एवं डाउन दोनों लाइनों का निरीक्षण एवं परीक्षण किया गया और उन्हें रेल यातायात के लिए सुरक्षित एवं उपयुक्त घोषित किया गया। मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे अभ्यास की सतत मॉनिटरिंग करते हुए रेलवे की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया। रेलवे अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस प्रकार के नियमित मॉक ड्रिल अभ्यास कर्मचारियों की आपदा प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पश्चिम मध्य रेलवे यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और समय-समय पर ऐसे अभ्यासों के माध्यम से अपनी आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा एवं सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी रखता है।
- यह बुढ़ापे के सहारे पर आधारित एक कहानी है, जो वृद्ध माता-पिता और उनके एकमात्र बेटे के संबंध को दर्शाती है।1
- खानपुर में विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को स्थानीय मुक्तिधाम परिसर में एक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे परिसर की गहन साफ-सफाई की। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से श्रमदान करते हुए आमजन को अपने आस-पास के वातावरण को साफ रखने और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि मुक्तिधाम को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने का यह कार्य दो चरणों में पूरा किया गया है। पिछले सप्ताह शुरू हुए पहले चरण के अभियान के दौरान परिसर के एक बड़े हिस्से की सफाई कर दी गई थी, लेकिन कुछ हिस्सों में कार्य शेष रह गया था। इसी क्रम में शनिवार को दूसरे चरण के रूप में यह विशेष अभियान आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने सुबह से ही तत्परता दिखाते हुए शेष बचे पूरे क्षेत्र की सफाई की और कचरा हटाकर परिसर को पूरी तरह व्यवस्थित बना दिया। आयोजकों ने इस सफल अभियान के लिए सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव में इसी तरह सहयोग देने की अपील की।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में छीपाबड़ौद के ब्लॉक खेल मैदान में आयोजित दो दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस कार्यक्रम के समापन के बाद, कस्बे में योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें पूरा कस्बा “करें योग, रहें निरोग” जैसे नारों से गूंज उठा। रैली में बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थियों, विद्यार्थियों, योग साधकों, विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। यह रैली कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ प्रतिभागियों ने “योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं” और “योग है जीवन का आधार” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को योग का महत्वपूर्ण संदेश दिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के योग प्रोटोकॉल के अनुसार, योग विशेषज्ञों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम, ध्यान और योग के वैज्ञानिक लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षार्थियों ने इन आसनों का अभ्यास कर मुख्य कार्यक्रम 21 जून के लिए अपनी तैयारियाँ कीं। समापन समारोह में ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. पवन मेघवाल ने जोर देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए भी एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योगाभ्यास करने और आगामी 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर सहायक ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. मधुसूदन मीणा, डॉ. पी.डी. शर्मा, योग क्रियान्वयन समिति सदस्य डॉ. गुलाब चंद मीणा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस रैली के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।3
- योग के अभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ वृद्धावस्था प्राप्त कर सकता है, जिससे शरीर और मन दोनों में पूर्ण लचीलापन आता है।1
- छीपाबड़ौद के खेल मैदान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व दो दिवसीय योग प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसका समापन भव्य जागरूकता रैली के साथ हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ाना था, जिसमें प्रशिक्षार्थियों, विद्यार्थियों, योग साधकों, विभागीय अधिकारी कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के योग विशेषज्ञों ने योगा प्रोटोकॉल का अभ्यास कराते हुए विभिन्न योगासनों, प्राणायाम, ध्यान और योग के वैज्ञानिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। समापन समारोह में, ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. पवन मेघवाल ने योग को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक विकास का भी एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योगाभ्यास करने और विशेष रूप से 21 जून 2026 को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। जागरूकता रैली के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर सहायक ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. मधुसूदन मीणा, डॉ. पी.डी. शर्मा और योग क्रियान्वयन समिति के सदस्य डॉ. गुलाब चंद मीणा भी मौजूद थे।1
- हरनावदाशाहजी के काल्पा जागीर में शुक्रवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान, बरसत मजरा मालीपुरा गांव में राजस्व विभाग ने खसरा नंबर 431 पर बने आम रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही इस रास्ते को खोलने की मांग के बाद राज्य सरकार के निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई। तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में नायब तहसीलदार राधेश्याम लववंशी, कानूनगो सुरेंद्र शर्मा, मनमोहन सिंह मीणा, कैलाश चंद नामदेव, और पटवारी कपिल मालव सहित पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया। राजस्व रिकॉर्ड और नक्शे के अनुसार मौके पर पैमाइश करके अवैध रूप से की गई बाड़बंदी, अवरोधों और अवैध कब्जों को जेसीबी की मदद से हटाया गया। इसी दौरान, एडीएम भंवरलाल जनागल ने शिविर का औचक निरीक्षण किया और कई विभागों के अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। पीएचडी के सहायक अभियंता की अनुपस्थिति और उपस्थित कार्मिक द्वारा संतोषप्रद जानकारी न दिए जाने पर उन्होंने उपखंड अधिकारी को सहायक अभियंता के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी तरह, विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता और लाइनमैन द्वारा शिविर की पूर्व तैयारी और जानकारी संतोषप्रद न मिलने पर उनके विरुद्ध भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। एडीएम ने शिविर में उपस्थित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों से आमजन को दिए गए लाभ और शिविर की प्रगति की जानकारी ली। इस मौके पर उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल और तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर भी मौजूद रहे। शिविर में एक ही खाते की जमीन का दो महिला खातेदारों के बीच शांतिपूर्ण तरीके से बंटवारा भी करवाया गया।3
- कोटा जिले की रामगंजमंडी में नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर जनता में आक्रोश है, जहाँ कुछ लोगों पर सरकार बदलने के बाद सरकारी इमारतों को अपनी निजी जागीर समझने का आरोप है। स्थानीय लोग इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं, जिसे नगर पालिका में चल रहे 'खेल' के रूप में देखा जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस पार्टी और रामगंजमंडी की जनता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे इस तरह की गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा है कि नगर पालिका जनता की संपत्ति है और इसे भारतीय जनता पार्टी का स्थायी दफ्तर नहीं बनाया जा सकता।1
- रामगंजमंडी थाना पुलिस ने एक चर्चित जानलेवा हमला और फायरिंग के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 13 अप्रैल 2026 को रामगंजमंडी की न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी ऐजाज अली के घर में हुए चोरी के प्रयास, जानलेवा हमले और फायरिंग के इस मामले में फरार चल रहे राजेंद्र कंजर और प्रेमचंद कंजर को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर दो-दो हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस घटना में फरियादी ऐजाज अली और उनके बेटों पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें शाहबाज अली घायल हो गए थे। इन दोनों ईनामी आरोपियों की गिरफ्तारी कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर द्वारा घोषित इनाम के बाद हुई। एसपी सुजीत शंकर के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने लगातार दबिश और मुखबिर तंत्र का उपयोग करते हुए दोनों आरोपियों को जुल्मी की कंजर बस्ती से हिरासत में लिया। इस पूरी कार्रवाई में रामगंजमंडी थाना और जुल्मी चौकी की पुलिस टीम की विशेष भूमिका रही। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जबकि इस मामले में एक अन्य आरोपी कालू कंजर की तलाश अभी भी जारी है।2