जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र के तख्त गुसाईं गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹101 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की ग्राम समाज की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। इस दौरान मुरादाबाद रोड पर स्थित अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया और जमीन का कब्जा ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि तख्त गुसाईं गांव की यह ₹101 करोड़ रुपये मूल्य की ग्राम सभा संपत्ति पूर्व में कथित तौर पर अवैध तरीके से निजी लोगों के नाम दर्ज कर ली गई थी। उप संचालक चकबंदी (डीडीसी) ने सुनवाई के बाद इन प्रविष्टियों को निरस्त कर भूमि को वापस ग्राम सभा के नाम दर्ज करने का आदेश दिया था। संबंधित पक्षों को उच्च न्यायालय से भी इस आदेश के खिलाफ कोई राहत नहीं मिली थी। ग्राम प्रधान की शिकायत पर कि आदेश के बावजूद भूमि पर अवैध कब्जा बना हुआ है, राजस्व और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जिन गाटों पर निर्माण कार्य किया गया था, उन्हें सील कर दिया गया, जबकि खाली पड़ी भूमि का कब्जा ग्राम प्रधान को दिलाकर ग्राम सभा को सौंप दिया गया। इस मामले में संभल नगर पालिका के पूर्व ईओ, डीडीसी चकबंदी सहित 31 नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने नगर पालिका परिषद के पूर्व ईओ और वर्तमान में शाहजहांपुर नगर निगम में सहायक नगर आयुक्त के पद पर तैनात राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रशासन का कहना है कि ग्राम समाज की संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकारी भूमि को मुक्त कराने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र के तख्त गुसाईं गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹101 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की ग्राम समाज की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। इस दौरान मुरादाबाद रोड पर स्थित अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया और जमीन का कब्जा ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए
बताया कि तख्त गुसाईं गांव की यह ₹101 करोड़ रुपये मूल्य की ग्राम सभा संपत्ति पूर्व में कथित तौर पर अवैध तरीके से निजी लोगों के नाम दर्ज कर ली गई थी। उप संचालक चकबंदी (डीडीसी) ने सुनवाई के बाद इन प्रविष्टियों को निरस्त कर भूमि को वापस ग्राम सभा के नाम दर्ज करने का आदेश दिया था। संबंधित पक्षों को उच्च न्यायालय से भी इस आदेश के खिलाफ कोई राहत नहीं
मिली थी। ग्राम प्रधान की शिकायत पर कि आदेश के बावजूद भूमि पर अवैध कब्जा बना हुआ है, राजस्व और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जिन गाटों पर निर्माण कार्य किया गया था, उन्हें सील कर दिया गया, जबकि खाली पड़ी भूमि का कब्जा ग्राम प्रधान को दिलाकर ग्राम सभा को सौंप दिया गया। इस मामले में संभल नगर पालिका के पूर्व ईओ, डीडीसी चकबंदी सहित 31 नामजद और
एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने नगर पालिका परिषद के पूर्व ईओ और वर्तमान में शाहजहांपुर नगर निगम में सहायक नगर आयुक्त के पद पर तैनात राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रशासन का कहना है कि ग्राम समाज की संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकारी भूमि को मुक्त कराने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
- बदायूं जनपद के बितरोई रेलवे स्टेशन पर मक्का रेल रैक सेवा का शुभारंभ किया गया है, जिससे क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को कृषि उपज के परिवहन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, किसानों और व्यापारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जो इस परियोजना के महत्व को दर्शाता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिल्सी विधायक हरीश शाक्य ने अपने बचपन की यादों को साझा किया, बताया कि वह इसी स्टेशन से रेलवे लाइन के किनारे-किनारे पैदल कछला पढ़ने जाया करते थे। उन्होंने इस विकास कार्य का साक्षी बनने को एक भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताया। विधायक शाक्य ने कहा कि मक्का रेल रैक के संचालन से अब मक्का सहित अन्य कृषि जिंसों को कम लागत, कम समय और अधिक सुविधा के साथ रेल मार्ग के ज़रिए देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाया जा सकेगा। उनका मानना है कि इससे किसानों को बेहतर बाज़ार मिलेगा, व्यापार को नई गति मिलेगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी। इस उद्घाटन समारोह में दातागंज विधायक राजीव कुमार उर्फ बब्बू भैया, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान एवं व्यापारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नई पहल का स्वागत किया।1
- मुरादाबाद कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभात कुमार के नेतृत्व में कई कोचिंग संचालकों ने संस्थानों की जबरन बंदी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। संचालकों ने बताया कि पिछले 22 दिनों से शहर के करीब 200 से 250 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी बंद पड़ी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लखनऊ में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना, जो किसी व्यावसायिक संस्थान में हुई थी न कि कोचिंग में, उसका खामियाजा मुरादाबाद के कोचिंग संस्थानों को भुगतना पड़ रहा है। इस अचानक हुई बंदी से हज़ारों छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है और पिछले 15-20 वर्षों से शिक्षा दे रहे इन संचालकों की आजीविका पर भी गहरा संकट आ गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर एसोसिएशन ने कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह से मुलाकात की और उन्हें एक प्रताना पत्र सौंपा। विधायक रामवीर सिंह ने संचालकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें पूरा आश्वासन दिया कि वे इस संकट में उनके साथ खड़े हैं तथा जल्द ही कोचिंग संस्थानों को दोबारा खुलवाने का प्रयास करेंगे।3
- ठाकुरद्वारा वन रेंज के सुरजन नगर बीट अंतर्गत एक गांव में बुधवार को एक तेंदुए ने एक घर में घुसकर बकरी पर हमला कर उसे मार डाला, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर भय और बढ़ गया है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सुरजननगर इलाके में मंडियो पानूवाला निवासी इरफान के घर में घुसकर तेंदुए ने बकरी का शिकार किया। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी से वे पहले से ही भयभीत थे, लेकिन अब उसकी आवाजाही घरों के आसपास भी बढ़ गई है, जिससे बच्चों और महिलाओं में खासा डर बना हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन दरोगा पीयूष जोशी, वन रक्षक कल्पना रानी और बीट प्रभारी मदन सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां जांच के दौरान तेंदुए के स्पष्ट पगमार्क मिले। इसके बाद, गांव में पहले से लगाए गए पिंजरे की जगह बदलकर उसे घटना स्थल के पास लगाया गया, ताकि तेंदुए को जल्द पकड़ा जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कई वर्षों से तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं और कई बार वन विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में नियमित गश्त कराने, तेंदुए को जल्द पकड़ने और उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।4
- तहसील स्वार क्षेत्र में पिछले दो दिनों से मौसम पूरी तरह बदला हुआ है। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर हो रही बारिश से लोगों को राहत महसूस हुई है। इस बदले मौसम के कारण तापमान में भी गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। इस बारिश का सबसे अधिक लाभ किसानों को मिला है, क्योंकि इन दिनों क्षेत्र में धान की रोपाई का कार्य तेजी से चल रहा है। लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त मात्रा में पानी भर गया है, जिससे किसानों को सिंचाई पर कम खर्च करना पड़ रहा है। किसानों का मानना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी और इससे अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ेगी। बदले मौसम के कारण बाजारों और सड़कों पर भी लोगों को तेज धूप और उमस से राहत मिली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद यह बारिश किसी राहत से कम नहीं है।1
- संभल के विकासखंड बहजोई में क्षेत्र पंचायत की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख डिंपल यादव ने की, जिसमें खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ओमवीर सिंह भी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करना और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करना था। इसमें ग्राम पंचायतों में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा और अन्य जनहित से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने इलाकों की समस्याओं और विकास संबंधी प्रस्तावों को अधिकारियों के समक्ष रखा। बीडीओ ओमवीर सिंह ने सभी प्रस्तुत प्रस्तावों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ब्लॉक प्रमुख डिंपल यादव ने इस अवसर पर कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ मिलकर काम करना होगा। उनका जोर इस बात पर था कि विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक समय पर पहुंचना चाहिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों, ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।3
- बदायूं जनपद के बितरोई रेलवे स्टेशन से मक्का रेल रैक का शुभारंभ किया गया है, जिसे क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों के लिए एक बड़ी सौगात और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है। इस नई पहल से कृषि उपज, खासकर मक्का, को कम लागत, कम समय और अधिक सुविधा के साथ देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंचाना संभव होगा। इस अवसर पर बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, दातागंज विधायक राजीव कुमार उर्फ बब्बू भैया, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने इस कदम को किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्र के व्यापार को नई गति देने वाला बताया। जनप्रतिनिधियों ने जोर दिया कि रेल रैक की सुविधा से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और माल का परिवहन अधिक सुगम होगा। यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी, जिससे 'किसान मजबूत – क्षेत्र समृद्ध' होगा, जो कि 'विकास की नई रफ्तार' का प्रतीक है।1
- भगतपुर के सेहल क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर लगातार जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है, जिसके कारण सड़क की स्थिति बदहाल हो गई है। स्थानीय निवासियों और अन्य लोगों द्वारा इस खराब स्थिति के लिए सीधे तौर पर जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी और लापरवाही का आरोप लगाया जा रहा है।1
- बदायूं शहर में एक नाइट क्लब इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे लेकर विभिन्न वर्गों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। जनपद का पढ़ा-लिखा और संस्कारी तबका इस नाइट क्लब को विकास की दिशा में एक मील का पत्थर मान रहा है। इन जागरूक लोगों का कहना है कि युवा पहले बरेली या दिल्ली जाकर मनोरंजन करते थे, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर मस्ती का ठिकाना मिलने से उनका समय और खर्च बचेगा। इसके साथ ही, हाईवे पर ट्रैफिक कम होने और हादसों का डर भी खत्म होने की बात कही जा रही है। सकारात्मक सोच वाले लोग यह भी बताते हैं कि नाइट क्लब से कई लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिससे तमाम परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। हालांकि, कुछेक नकारात्मक सोच रखने वाले लोग इस नाइट क्लब की निंदा और आलोचना भी कर रहे हैं। इस सबके बीच, फैज नाम के एक युवक ने मीडिया से संपर्क करके अपना दर्द बयां किया है, जिसकी कहानी मौजूदा बहस के संदर्भ में प्रासंगिक मानी जा रही है। फैज ने पहले एक रेस्टोरेंट खोला था, जिसमें एक दिन कोई पार्टी हुई और म्यूजिक के बीच डांस किया गया। इसी डांस के वीडियो के आधार पर उसके रेस्टोरेंट को 'हुक्का बार' घोषित कर दिया गया। इसके बाद, पूरा जनपद हुक्का बार के विरोध में खड़ा हो गया था, और अंत में पुलिस-प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए रेस्टोरेंट को बंद करा दिया। फैज पर कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हुए, जिसके चलते उसका जीवन अब कोर्ट-कचहरी के दायरे में ही सिमट कर रह गया है।1