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मूल पाठ में एक सड़क निर्माण परियोजना की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इसमें चिंता व्यक्त की गई है कि दस लाख रुपये से भी अधिक की लागत से बनी एक सड़क मात्र दो साल के भीतर ही कथित तौर पर 'कबाड़' बन गई है। यह स्थिति दो महत्वपूर्ण प्रश्नों को जन्म देती है: क्या यह निर्माण की गुणवत्ता में गंभीर विफलता का संकेत है, या फिर विकास के नाम पर सरकारी धन की खुलेआम लूट का मामला है?
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मूल पाठ में एक सड़क निर्माण परियोजना की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इसमें चिंता व्यक्त की गई है कि दस लाख रुपये से भी अधिक की लागत से बनी एक सड़क मात्र दो साल के भीतर ही कथित तौर पर 'कबाड़' बन गई है। यह स्थिति दो महत्वपूर्ण प्रश्नों को जन्म देती है: क्या यह निर्माण की गुणवत्ता में गंभीर विफलता का संकेत है, या फिर विकास के नाम पर सरकारी धन की खुलेआम लूट का मामला है?
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- रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने पेपर लीक मामले को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी मौजूद रहे, जो हवाई अड्डे से सीधे हाथ में संविधान की प्रति लेकर जंतर-मंतर पहुंचे, जहाँ बड़ी संख्या में युवाओं ने उनका स्वागत किया। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार ढंग से "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" के नारे लगाए और पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस प्रदर्शन की अनुमति पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने पहले ही प्राप्त कर ली थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे उनमें अत्यधिक नाराजगी है और बड़ी संख्या में लोग इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी का गठन 15 मई को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा युवाओं को लेकर दिए गए कथित "कॉकरोच" बयान के बाद हुआ था। इस बयान के जवाब में, अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर "कॉकरोच जनता पार्टी" नाम से एक अकाउंट बनाया, जिसके वर्तमान में 22.1 मिलियन फॉलोअर्स होने का दावा किया जा रहा है और यह तेजी से लोकप्रिय हुआ है। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी अभी तक एक औपचारिक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत नहीं है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह संगठन भविष्य में एक पूर्ण राजनीतिक पार्टी का रूप लेता है या फिर केवल युवाओं के मुद्दों को लेकर आंदोलन और प्रदर्शन तक ही सीमित रहता है। (नोट: इस खबर में उल्लिखित कुछ दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।)2
- अंबिकापुर जिले के मैनपाट क्षेत्र के विभिन्न गांवों, विशेषकर नर्मदापुर और कुनिया में, पिछले एक माह से पीलिया का प्रकोप फैला हुआ है, जिससे हडक़ंप मचा हुआ है। एक माह के भीतर उपसरपंच और 9वीं कक्षा के छात्र सहित कुल 4 लोगों की मौत होने की बात सामने आ रही है। इस प्रकोप से एक दर्जन से अधिक लोग अभी भी पीडि़त हैं, जिनका इलाज अंबिकापुर के निजी और स्थानीय अस्पतालों के साथ-साथ रायपुर के अस्पतालों में भी चल रहा है। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, कुनिया के पूर्व उप सरपंच जितेंद्र यादव, नर्मदापुर निवासी भाग्यवती यादव, बैगहवा गांव की एक युवती और बरिमा निवासी कक्षा 9वीं के छात्र विकास यादव की पीलिया से मौत हो गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों की पीलिया से होने की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि मुख्य कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। उदय भान यादव नामक एक पीडि़त मरीज, जो अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती है, ने बताया कि गांव में एक माह से पीलिया फैला है और मैनपाट के 5 लोगों की रायपुर में मौत हो चुकी है, जबकि गांव में कई लोग प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक कैंप नहीं लगाया गया है। पीलिया फैलने के मुख्य कारण का अब तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों में कैंप लगाए हैं, जहाँ पीडि़तों की जांच और इलाज जारी है। सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने मैनपाट क्षेत्र में पीलिया फैलने की पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। टीमों द्वारा मरीजों की जांच, उपचार और बीमारी के कारणों की पड़ताल की जा रही है, जिसमें पानी की जांच भी शामिल है। उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में बताया और लोगों को साफ-सफाई रखने, पानी उबालकर पीने तथा गर्म भोजन करने की सलाह दी है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग लगभग एक माह तक बेपरवाह रहा और उन्हें पीलिया फैलने की जानकारी एक माह बाद मिली।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक घटना सामने आई है जहाँ रिश्तेदारों को समझाने पहुंचे कुछ लोगों के ऊपर रिवाल्वर से फायरिंग की गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- कोरबा जिले में मल्हार पुलिस ने छेड़खानी के एक आरोपी मकान मालिक को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर एक नाबालिग मजदूर बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप है, जिसे वह पुणे ले जाने की जिद कर रहा था। पीड़िता ने पुलिस को दिए लिखित आवेदन में बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ रोजी-मजदूरी के लिए आरोपी के मकान पर जाती थी। शिकायत के अनुसार, दिनांक 15 मई, 2026 को आरोपी ने नाबालिग बच्ची को पुणे घूमने का झांसा दिया और उसके हाथ-बाह पकड़कर उसे किस किया। पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान आरोपी को तलब कर पूछताछ की गई, जिसने घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी लड़की को पुणे भगाने की फिराक में था। आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में रहीमस्तूरी चौकी मल्हार पुलिस के उप निरीक्षक अवधेश सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज और आरक्षक श्यामलाल सोनवानी ने विशेष योगदान दिया। पुलिस ने बताया है कि आरोपी पूर्व में भी छेड़छाड़ की ऐसी ही कार्रवाई में शामिल रह चुका है।1
- आवास योजना की राशि को लेकर हुए एक विवाद के चलते भाई की हत्या का मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध में आरोपी को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है।1
- जिलेभर में कुल 26 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है।1
- कोरबा जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष जांच अभियान चलाया गया है।1
- 6 जून 2026 को सरगुजा पुलिस और राहुल बंसल की एक संयुक्त टीम ने अंबिकापुर के चौपाटी स्थित 'सोनू डेली नीड्स' पर दोपहर में छापा मारा। यह कार्रवाई उस दुकान पर की गई जहाँ बीच शहर में गांजे का अवैध व्यापार और तस्करी चल रही थी। इस बड़ी कार्यवाही के दौरान गांजा बेचने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे अंबिकापुर सरगुजा पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता बताया जा रहा है। इस अभियान के बाद, यह सवाल उठ रहा है कि क्या चौपाटी में हुई इस रेड के बाद, सत्ती पारा और रिफान जैसे अंबिकापुर सरगुजा के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की कार्रवाई होगी, या इन जगहों पर किसी और कारण से कार्रवाई नहीं की जा रही है। गांधीनगर अंबिकापुर से आग्रह किया गया है कि वे इस मामले पर ध्यान दें और इस बात पर विचार करें कि सत्ती पारा और रिफान पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।3