नवादा सदर अस्पताल में भीषण आग, सिविल सर्जन चैंबर व दवा स्टोर राख; 6 लोग घायल संजय वर्मा नवादा। नवादा सदर अस्पताल में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अस्पताल परिसर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की तेज लपटों ने सिविल सर्जन के चैंबर और पास बने दवा स्टोर को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही देर में लाखों रुपये की दवाएं, जरूरी मेडिकल सामान और अस्पताल की संपत्ति जलकर राख हो गई। आग लगते ही अस्पताल में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। सिविल सर्जन का चैंबर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। चैंबर में रखी कुर्सियां, फर्नीचर, जरूरी फाइलें और दस्तावेज आग की भेंट चढ़ गए। इसके अलावा कमरे में लगे दो एयर कंडीशनर भी पूरी तरह जल गए। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि आग बुझाने के दौरान बिजली के तारों में करंट फैल जाने से हालात और भी खतरनाक हो गए, जिससे दमकल कर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान दमकल कर्मियों समेत करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। बताया जा रहा है कि सिविल सर्जन चैंबर और सर्जिकल वार्ड के बीच हाल ही में एक दवा स्टोर बनाया गया था। आरोप है कि यह स्टोर नियमों को दरकिनार कर बनाया गया था और इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को भी नहीं दी गई थी। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
नवादा सदर अस्पताल में भीषण आग, सिविल सर्जन चैंबर व दवा स्टोर राख; 6 लोग घायल संजय वर्मा नवादा। नवादा सदर अस्पताल में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अस्पताल परिसर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की तेज लपटों ने सिविल सर्जन के चैंबर और पास बने दवा स्टोर को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही देर में लाखों रुपये की दवाएं, जरूरी मेडिकल सामान और अस्पताल की संपत्ति जलकर राख हो गई। आग लगते ही अस्पताल में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। सिविल सर्जन का चैंबर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। चैंबर में रखी कुर्सियां, फर्नीचर, जरूरी फाइलें और दस्तावेज आग की भेंट चढ़ गए। इसके अलावा कमरे में लगे दो एयर कंडीशनर भी पूरी तरह जल गए। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि आग बुझाने के दौरान बिजली के तारों में करंट फैल जाने से हालात और भी खतरनाक हो गए, जिससे दमकल कर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान दमकल कर्मियों समेत करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। बताया जा रहा है कि सिविल सर्जन चैंबर और सर्जिकल वार्ड के बीच हाल ही में एक दवा स्टोर बनाया गया था। आरोप है कि यह स्टोर नियमों को दरकिनार कर बनाया गया था और इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को भी नहीं दी गई थी। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
- User7459Nawada, Bihar😂on 8 March
- प्रख्यात चिकित्सक डॉ शत्रुघ्न प्रसाद सिंह पूरा जीवन नवादा में ही समर्पित किया #चिकित्सीय पेशा के साथ ही सामाजिक #राजनीतिक जीवन में भी लगातार सक्रिय रहे #समता पार्टी #भाजपा #NCP #निर्दलीय चुनाव लड़े #सफलता नहीं मिली #मूलतः मुजफ्फरपुर के सकरा निवासी डॉक्टर साहब शत्रुघ्न बाबू #गार्जियन #अभिभावक के रूप में पुकारे जाते थे #उनकी स्मृतियां शेष रह गई है #उनके जाने की पीड़ा हर किसी को है #उनकी अंतिम इच्छा थी नवादा की मिट्टी में ही मिलने की #पिछले कुछ दिनों से मेदांता पटना में इलाजरत थे #परिजनों को कहा अब हमें नवादा ले चलो #कल शाम को ही नवादा पहुंचे थे #सुबह 4 बजे के करीब अंतिम सांसे ली#नवादा की मिट्टी में मिलने की उनकी अंतिम इच्छा को परिजन पूरी करने जा रहे हैं #अकबरपुर के नोनाई स्थित पारा मेडिकल कॉलेज परिसर में अंतिम संस्कार होगा #जीवन के अंतिम पड़ाव में कैंसर #हर्ट जैसी बीमारियों को मात दिया #फिर भी प्रकृति की लीला को कोई कैसे टाल सकता है #करीब 81साल की आयु में ब्रह्मलीन हुए है #ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें...!4
- पति गायब हो जाता है1
- Post by Upendra kumar1
- नालंदा के मा0लोकसभा सदस्य, कौशलेन्द्र कुमार ने लोकसभा में नियम-193 के तहत चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि देश में वामपंथ उग्रवाद, जिसे शुरुआत में लाल सलाम और लाल आतंक से काफी प्रभावित था। देश में कुल 106 जिले, जिसमें आंध्र प्रदेश के 16 जिले, बिहार के 22 जिले, छत्तीसगढ़ के 16 जिले, झारखंड के 19 जिले, महाराष्ट्र के 4 जिले, उत्तर प्रदेश के 3 जिले और पश्चिम बंगाल के 4 जिले मुख्य रूप से प्रभावित था। जिसकी शुरुआत 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी में हुए विद्रोह से हुई थी। नक्सलबाड़ी उत्तरी-पश्चिम बंगाल का एक छोटा गाँव है, जहाँ स्थानीय जमींदारों द्वारा भूमि विवाद में एक आदिवासी किसान की पिटाई के कारण वहाँ के स्थानीय कम्युनिस्ट नेता चारू मजूमदार, कानू सान्याल और जंगल संथाल द्वारा भड़काने के कारण विद्रोह आदिवासी किसानों द्वारा किया गया था। यही भयानक आग और वामपंथ उग्रवाद पूरे देश के करीब 106 आदिवासी बाहुल्य जिलों में फैल गया। जिसके कारण देश में वर्ष, 2010 में करीब 1936 घटनाएं हुईं और अब तक हिंसा में 8895 लोगों की जान गई। पूर्वोत्तर राज्यों की घटनाओं को भी जोड़ दिया जाए तो कांग्रेस के शासनकाल में 8700 उग्रवाद की अप्रिय घटनाएं हुईं, जो अब घटकर मोदी सरकार में 1700 रह गई है। और वर्ष, 2025 में दिसंबर तक हिंसा की घटनाएं घटकर 222 तक रह गई है। आज देश के मात्र 6 जिलों में उग्रवाद की छुट-फुट घटनाओं के समाचार आ रहे हैं, और अब 6 जिलांे में अति प्रभावित मात्र तीन जिले हैं, जो छत्तीसगढ़ में बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर रह गया है। उन्होंने कहा कि पूरा देश मा.गृह मंत्री, श्री अमित शाह एवं मा.प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी जी पर गर्व कर रहा है, क्योंकि उनके कुशल प्रशासन और योजनाओं के कारण सरकार 31 मार्च, 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने और नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है और यह होकर रहेगा। सांसद महोदय ने कहा कि वर्ष, 2010 में वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसा की 1936 घटनाएं, वर्ष, 2025 में घटकर दिसंबर तक 222 रह गई है। 2010 में हताहतों की संख्या-1005 मौतों की तुलना में अभी इस वर्ष तक 150, जिसमें आम नागरिकों एवं सुरक्षा बलों की संख्या है। वर्ष, 2025 में अब तक 312 नक्सली मारे गए हैं। 800 से अधिक नक्सली गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 1600 से अधिक नक्सली आत्म-समर्पण कर समाज की मुख्य धारा में आने का निर्णय किया है। यह सब उल्लेखनीय कार्य मोदी सरकार की नक्सलवाद के विरुद्ध राष्ट्रीय नीति और कार्ययोजना 2015 के सफल क्रियान्वयन से संभव हुआ है। योजना के तहत आदिवासी बाहुल्य और उग्रवाद प्रभावित जिलों को आकांक्षी जिला घोषित किया गया। वहाँ सुरक्षा से संबंधित कार्य और 604 अतिरिक्त पुलिस स्टेशनों का निर्माण किया गया है। बुनियादी सुविधाएं और ढाँचों को सुदृढ़ किया गया है। उग्रवाद में फंसे निर्दोष लोगों को मदद दी जा रही है। सड़कों का निर्माण किया गया है। शिक्षा में सुधार किया गया है। आज अधिकांश आदिवासी बाहुल्य जिलों में 179 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय शुरू किया गा है और प्रत्येक बच्चे पर करीब एक लाख चार हजार रू.सालाना खर्च कर रही है। सभी जिलों में अनुसुचित जनजातियों को 1.45 करोड़ शौचालय की सुविधा दी जा चुकी है। उन्हें आयुष्मान कार्ड 42 लाख लोगों को दिया गया है। 1.28 करोड़ परिवारों को स्वच्छ जल पीने का पानी दिया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 40 लाख से अधिक घर दिए गए हैं। इन सभी योजनाओं का असर है कि देश में वामपंथ उग्रवाद पर लगाम लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर वामपंथ उग्रवाद के काल-खण्ड को याद किया जाए, तो हाल ही में छत्तीसगढ़ और असम से दो अलग-अलग घटनाओं को देखें तो छत्तीसगढ़ के काँकेर में 29 नक्सली को मार गिराया गया है। इसी प्रकार असम के तिनसुकिया जिले में पैरामिलिट्री असम रायफल्स के तीन वाहनों पर हमले हुए हैं। पुरानी घटनाओं में 6 अप्रैल, 2010 को ताड़मेटला में माओवादियों ने 76 सीआरपीसी के जवानों को मार डाला था। 2 जून, 2010 को नारायणपुर के धौरई में 26 जवान शहीद हुए। 25 मई, 2013 को दरमा घाटी में राजनीतिक लोगों के साथ जवान एवं 27 नागरिक मारे गए। ये घटनाएं देश को झकझोर कर रख दिया था। सांसद महोदय ने कहा कि राज्य बिहार के कई जिलों, अरवल, औरंगाबाद, भोजपुर, गया, पूर्वी चम्पारण, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, मुँगेर, नालंदा, नवादा, पटना, रोहतास, सीतामढ़ी, पश्चिमी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर, वैशाली, बाँका, लखीसराय, बेगूसराय और खगड़िया जिलों की बात करें, तो यहाँ नक्सलवाद और माओवाद की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि मा.मुख्यमंत्री, श्री नीतीश कुमार जी ने बिहार में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न विकासोन्मुखी एवं कल्याणकारी योजनाएं चलाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का साहसिक काम किया है। उन्होंने योजना के अंतर्गत सड़क, विद्यालय, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, सामुदायिक भवन, स्टेडियम व रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण से संबंधित योजनाओं का कार्यान्वयन किया। कभी ये इलाके नक्सली गढ़ हुआ करते थे, लेकिन अब ये इलाके लगभग नक्सल-मुक्त हो चुके हैं। श्री नीतीश कुमार जी ने नक्सलवाद को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं मानकर उसे विकास से जोड़कर हल किया। उन्होंने नक्सल प्रभावित ग्रामीण इलाकों में सड़कें, पुल-पुलिया का निर्माण तेजी से किया, जिससे कि उन इलाकों में सुरक्षा बलों की पहुंच आसान हुई और ग्रामीणों का मुख्यधारा से जुड़ाव आसान हुआ। श्री नीतीश कुमार जी ने कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासनिक मशीनरी को सीधे नक्सल प्रभावित गांवों तक ले जाने का काम किया, जिससे लोगों का विश्वास सरकार के प्रति बढ़ा। श्री नीतीश कुमार जी ने हथियार छोड़ने वाले नक्सलियों के लिए आकर्षक पुनर्वास नीति अपनाई, जिससे कई नक्सलियों को मुख्यधारा में वापसी की। उन्होंने सबसे गरीब तबके के लिए महादलित आयोग और विशेष योजनाओं का गठन किया, जिससे नक्सली विचारधारा के आदिवासी/दलित को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया। श्री कुमार ने कहा कि अब बिहार राज्य पूर्णरूपेण वामपंथ उग्रवाद से बाहर निकल चुका है। राज्य में अमन-चैन और शान्ति है। यह सब केन्द्र सरकार के सहयोग और हमारे नेता मा.मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के सफल प्रयास से संभव हुआ है। अध्यक्ष महोदय, देश उग्रवाद से मुक्ति पा लेगा, ऐसा मेरा विश्वास है।1
- नालंदा की पावन धरती पर जब Pankaj Ji Maharaj का आगमन हुआ… तो पूरा माहौल भक्तिमय हो गया 🙏🔥 फूलों की बारिश, जयकारे और हजारों श्रद्धालुओं की भीड़… ये दृश्य दिल छू लेने वाला है ❤️ 👉 क्या आपने ऐसा भव्य स्वागत पहले देखा है? 👉 क्या आप भी इस सत्संग में शामिल होना चाहते हैं? 💬 अपनी राय और “जय गुरुदेव” जरूर कमेंट करें 🙌1
- नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र में हुई छेड़खानी की घटना को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को 50 हजार रुपये की सहायता दी और प्रशासन से स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। इस दौरान उन्होंने समाज की सोच और कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए।1
- प्रख्यात चिकित्सक डॉ शत्रुघ्न प्रसाद सिंह के निधन पर नवादा में शोक की लहर #अंतिम संस्कार की हो रही तैयारियां #पैतृक गांव मुजफ्फरपुर के सकरा से परिजनों के आने का हो रहा इंतजार...!4
- पकड़ के रखना भाई1
- Post by Upendra kumar1