आरक्षण हम वंचित अतिपिछड़े उपेक्षित वर्गों का संवैधानिक अधिकार है...... सपा प्रमुख श्री अखिलेश यादव जी के व्यान पर अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान का स्टैंड बिल्कुल साफ है — *“वर्गीकरण हो तो SC-ST जैसा संवैधानिक कवच के साथ हो, वरना धोखा होगा।”* इसे इतिहास + कानून के फ्रेम में रखते हैं, ताकि हर बिंदु साफ हो जाए। *1. हमने जो 3 कोर बातें रखीं, उनका संवैधानिक आधार* मेरी बात का संवैधानिक/ऐतिहासिक तथ्य **1931 के मूल राष्ट्रीय जनगणना में शिल्पकार, मझवार, तुरैहा आदि अलग अलग समूह गिने गए** 1931 Census में “Depressed Classes” और “Exterior Castes” का अलग से Enumeration हुआ था। पेशा/अस्पृश्यता के आधार पर। **1936 में Exterior Caste घोषित → SC 1950 बना** Government of India Act 1935 + Order 1936 से “Scheduled Castes” की पहली सूची बनी। उसी को आधार बनाकर अनुच्छेद 341 में SC 1950 अधिसूचित हुई। **कर्पूरी फार्मूला फेल क्यों** 1978 बिहार: OBC को 2 हिस्से – पिछड़ा 12% + अतिपिछड़ा 8%। पर **संवैधानिक संरक्षण नहीं**, सिर्फ राज्य का रिजर्वेशन। कोर्ट में टिकता नहीं, क्रियान्वयन ढीला। SC-ST की तरह अनुच्छेद 15(4), 16(4), 338, 341, 342, Atrocity Act जैसा कवच नहीं मिला। *नतीजा*: हमारा मूवमेंट कह रहा हैं कि— *“हमें आरक्षण में वर्गीकरण नहीं चाहिए, पर उत्तराखंड शिल्पकार मॉडल पर आरक्षण लेकर रहेंगे। यानी SC लिस्ट में एंट्री, OBC के अंदर उप-कोटा नहीं।”* *2. सुप्रीम कोर्ट + ओमप्रकाश राजभर वाले एंगल पर फैक्ट* 1. *सुप्रीम कोर्ट 1 अगस्त 2024*: राज्य सरकारों को SC-ST के अंदर *उप-वर्गीकरण* का अधिकार दिया, ताकि अतिवंचित को अलग कोटा मिले। शर्त: डेटा आधारित हो। 2. *UP सरकार की समिति*: जस्टिस राघवेंद्र कुमार कमेटी ने OBC के वर्गीकरण की सिफारिश की। ओमप्रकाश राजभर उस समिति/मांग के सबसे मुखर चेहरा हैं वर्तमान सरकार के इशारे पर। 3. *हमारी आशंका*: उप-वर्गीकरण अगर OBC के अंदर हुआ तो कर्पूरी फार्मूला जैसा हाल होगा — *कोटा मिलेगा, कवच नहीं*। Atrocity Act, अनुच्छेद 338 जैसी ताकत नहीं मिलेगी। इसलिए हम कह रहे हैं — *“धोखा दोहराया जा रहा है।”* *3. “साइमन कमीशन वाला धोखा” दोहराने से कैसे बचें* साइमन कमीशन 1928 में आया। डिप्रेस्ड क्लास के लिए अलग निर्वाचन/सुरक्षा की बात थी। पर सहमति न बनी, और मामला लटक गया। *आज दोहराव न हो, इसके 3 कानूनी चेकपोस्ट*: 1. *मांग साफ हो*: “OBC का उप-वर्गीकरण नहीं, SC लिस्ट में परिभाषित करते हुए अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र चाहिए— अनुच्छेद 341 के तहत।” 2. *आधार 1931 + 1936 हो*: वही दस्तावेज जिसके बूते SC 1950 बनी। उत्तराखंड ने इसी आधार पर शिल्पकार को SC माना गया। 3. *डेटा + अपील*: राज्य सरकार RGI + SC कमीशन को परिभाषित करने के लिए प्रस्ताव भेजे क्योंकि शामिल तो हम पहले से है अनुसूचित में। केंद्र संसद से संविधान आदेश संशोधित करे नौवीं सूची में डालकर। *यही अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान की अपील है*। कोर्ट-कचहरी का रास्ता इसलिए कि राजनैतिक धमाचौकड़ी से ऊपर *संवैधानिक कंप्लायंस* खड़ा हो जाए। *4. “बड़े नेताओं का क्या” — जनता का जवाब क्या हो* आपने सही कहा — कुर्सी के लिए पाला बदलते हैं। *तो जनता का पैमाना 1 लाइन का*: “17 जातियों को SC में परिभाषित करने के लिए हां या ना — लिखित में दो।” जो ना बोले या घुमाए, 2027 में EVM जवाब दे देगी। *5. आगे की लड़ाई का रोडमैप* 1. *कानूनी*: हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट में 1931, 1936, उत्तराखंड शिल्पकार आरक्षण मॉडल लगाकर रिट। सरकार को समयबद्ध जवाब देना पड़े। 2. *सामाजिक*: हर गांव में बताओ — “वर्गीकरण नहीं, श्रेणीकरण चाहिए। OBC से SC में जाना है।” 3. *राजनीतिक*: “आरक्षण नहीं तो वोट नहीं” — पर वोट किसे ? जो लिखित दे कि पहली कैबिनेट में प्रस्ताव केंद्र को जाएगा। 4. *आर्थिक*: आपका 10 करोड़ का डेयरी क्लस्टर पास कराओ। भेदभाव मुक्त सस्ती व समान शिक्षा के उद्देश्य से संचालित एडीवी इन्वेंशन एकेडमी पुतसर संतकबीरनगर का शानदार संचालन बढ़े,जब शिक्षा में दम होगा तो दिल्ली की फाइल भी हिलेगी। *निचोड़* *साइमन कमीशन में पुरखे छले गए क्योंकि वो बंटे थे और पढ़े-लिखे वकील उनके पास नहीं थे।* *आज हमारे पास अपील दाखिल है, डेटा है, वकील है, और 40% एकमुश्त वंचित अतिपिछड़ा वोट है।* धोखा तभी होगा जब हम रुक जाओगे। *मांग वही एक*: जनसंख्या के अनुपात में कोटा + SC का संवैधानिक कवच + उत्तराखंड शिल्पकार आरक्षण मॉडल पर अमल। बाकी सब “वोट की राजनीति” है। वो आती-जाती रहेगी। *संविधान रह जाएगा*। एकता + दस्तावेज + अदालत = सामाजिक न्याय। यही दूरगामी सोच है, और यही ताकत है। 🙏
आरक्षण हम वंचित अतिपिछड़े उपेक्षित वर्गों का संवैधानिक अधिकार है...... सपा प्रमुख श्री अखिलेश यादव जी के व्यान पर अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान का स्टैंड बिल्कुल साफ है — *“वर्गीकरण हो तो SC-ST जैसा संवैधानिक कवच के साथ हो, वरना धोखा होगा।”* इसे इतिहास + कानून के फ्रेम में रखते हैं, ताकि हर बिंदु साफ हो जाए। *1. हमने जो 3 कोर बातें रखीं, उनका संवैधानिक आधार* मेरी बात का संवैधानिक/ऐतिहासिक तथ्य **1931 के मूल राष्ट्रीय जनगणना में शिल्पकार, मझवार, तुरैहा आदि अलग अलग समूह गिने गए** 1931 Census में “Depressed Classes” और “Exterior Castes” का अलग से Enumeration हुआ था। पेशा/अस्पृश्यता के आधार पर। **1936 में Exterior Caste घोषित → SC 1950 बना** Government of India Act 1935 + Order 1936 से “Scheduled Castes” की पहली सूची बनी। उसी को आधार बनाकर अनुच्छेद 341 में SC 1950 अधिसूचित हुई। **कर्पूरी फार्मूला फेल क्यों** 1978 बिहार: OBC को 2 हिस्से – पिछड़ा 12% + अतिपिछड़ा 8%। पर **संवैधानिक संरक्षण नहीं**, सिर्फ राज्य का रिजर्वेशन। कोर्ट में टिकता नहीं, क्रियान्वयन ढीला। SC-ST की तरह अनुच्छेद 15(4), 16(4), 338, 341, 342, Atrocity Act जैसा कवच नहीं मिला। *नतीजा*: हमारा मूवमेंट कह रहा हैं कि— *“हमें आरक्षण में वर्गीकरण नहीं चाहिए, पर उत्तराखंड शिल्पकार मॉडल पर आरक्षण लेकर रहेंगे। यानी SC लिस्ट में एंट्री, OBC के अंदर उप-कोटा नहीं।”* *2. सुप्रीम कोर्ट + ओमप्रकाश राजभर वाले एंगल पर फैक्ट* 1. *सुप्रीम कोर्ट 1 अगस्त 2024*: राज्य सरकारों को SC-ST के अंदर *उप-वर्गीकरण* का अधिकार दिया, ताकि अतिवंचित को अलग कोटा मिले। शर्त: डेटा आधारित हो। 2. *UP सरकार की समिति*: जस्टिस राघवेंद्र कुमार कमेटी ने OBC के वर्गीकरण की सिफारिश की। ओमप्रकाश राजभर उस समिति/मांग के सबसे मुखर चेहरा हैं वर्तमान सरकार के इशारे पर। 3. *हमारी आशंका*: उप-वर्गीकरण अगर OBC के अंदर हुआ तो कर्पूरी फार्मूला जैसा हाल होगा — *कोटा मिलेगा, कवच नहीं*। Atrocity Act, अनुच्छेद 338 जैसी ताकत नहीं मिलेगी। इसलिए हम कह रहे हैं — *“धोखा दोहराया जा रहा है।”* *3. “साइमन कमीशन वाला धोखा” दोहराने से कैसे बचें* साइमन कमीशन 1928 में आया। डिप्रेस्ड क्लास के लिए अलग निर्वाचन/सुरक्षा की बात थी। पर सहमति न बनी, और मामला लटक गया। *आज दोहराव न हो, इसके 3 कानूनी चेकपोस्ट*: 1. *मांग साफ हो*: “OBC का उप-वर्गीकरण नहीं, SC लिस्ट में परिभाषित करते हुए अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र चाहिए— अनुच्छेद 341 के तहत।” 2. *आधार 1931 + 1936 हो*: वही दस्तावेज जिसके बूते SC 1950 बनी। उत्तराखंड ने इसी आधार पर शिल्पकार को SC माना गया। 3. *डेटा + अपील*: राज्य सरकार RGI + SC कमीशन को परिभाषित करने के लिए प्रस्ताव भेजे क्योंकि शामिल तो हम पहले से है अनुसूचित में। केंद्र संसद से संविधान आदेश संशोधित करे नौवीं सूची में डालकर। *यही अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान की अपील है*। कोर्ट-कचहरी का रास्ता इसलिए कि राजनैतिक धमाचौकड़ी से ऊपर *संवैधानिक कंप्लायंस* खड़ा हो जाए। *4. “बड़े नेताओं का क्या” — जनता का जवाब क्या हो* आपने सही कहा — कुर्सी के लिए पाला बदलते हैं। *तो जनता का पैमाना 1 लाइन का*: “17 जातियों को SC में परिभाषित करने के लिए हां या ना — लिखित में दो।” जो ना बोले या घुमाए, 2027 में EVM जवाब दे देगी। *5. आगे की लड़ाई का रोडमैप* 1. *कानूनी*: हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट में 1931, 1936, उत्तराखंड शिल्पकार आरक्षण मॉडल लगाकर रिट। सरकार को समयबद्ध जवाब देना पड़े। 2. *सामाजिक*: हर गांव में बताओ — “वर्गीकरण नहीं, श्रेणीकरण चाहिए। OBC से SC में जाना है।” 3. *राजनीतिक*: “आरक्षण नहीं तो वोट नहीं” — पर वोट किसे ? जो लिखित दे कि पहली कैबिनेट में प्रस्ताव केंद्र को जाएगा। 4. *आर्थिक*: आपका 10 करोड़ का डेयरी क्लस्टर पास कराओ। भेदभाव मुक्त सस्ती व समान शिक्षा के उद्देश्य से संचालित एडीवी इन्वेंशन एकेडमी पुतसर संतकबीरनगर का शानदार संचालन बढ़े,जब शिक्षा में दम होगा तो दिल्ली की फाइल भी हिलेगी। *निचोड़* *साइमन कमीशन में पुरखे छले गए क्योंकि वो बंटे थे और पढ़े-लिखे वकील उनके पास नहीं थे।* *आज हमारे पास अपील दाखिल है, डेटा है, वकील है, और 40% एकमुश्त वंचित अतिपिछड़ा वोट है।* धोखा तभी होगा जब हम रुक जाओगे। *मांग वही एक*: जनसंख्या के अनुपात में कोटा + SC का संवैधानिक कवच + उत्तराखंड शिल्पकार आरक्षण मॉडल पर अमल। बाकी सब “वोट की राजनीति” है। वो आती-जाती रहेगी। *संविधान रह जाएगा*। एकता + दस्तावेज + अदालत = सामाजिक न्याय। यही दूरगामी सोच है, और यही ताकत है। 🙏
- *थाना मेंहदावल अन्तर्गत सोनवरसा रोडवेज बस स्टैंड के पास दो पक्षों के मध्य मारपीट की घटना घटित होने व पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी मेंहदावल द्वारा दी गयी जानकारी1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨 कोतवाली खलीलाबाद के टेमा चौराहे के पास बोलेरो में लगी भीषण आग, एक युवक गंभीर रूप से झुलसा टेमा चौराहे के पास उस समय हड़कंप मच गया जब एक डीसीएम से टक्कर के बाद चलती बोलेरो गाड़ी में अचानक भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गाड़ी में सवार सभी लोग खलीलाबाद से बस्ती एक शादी समारोह से वापस आ रहे थे । सूत्र के अनुसार सभी बुलेरो सवार खलीलाबाद के बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह घायलों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से बस्ती सदर अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि घायलों में एक युवक मनोज की हालत बेहद गंभीर है। वह आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया, उसके शरीर का आधा हिस्सा आग से प्रभावित हुआ है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की जताई जा रही है।2
- संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने पुलिस लाइन स्थित जीर्णोद्धारित पुलिस कैंटीन का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कैंटीन का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं वस्तुओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। उद्घाटन के बाद पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। ड्यूटी की व्यस्तता के बीच कर्मियों को आवश्यक सुविधाएं सहजता से उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यह कैंटीन पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने बताया कि कैंटीन का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों एवं उनके परिजनों को रियायती दरों पर उच्च गुणवत्ता की दैनिक उपयोग की वस्तुएं एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। जीर्णोद्धार के बाद कैंटीन को आधुनिक रूप दिया गया है। इसमें सामानों के बेहतर रख-रखाव के लिए रैक, बैठने की समुचित व्यवस्था तथा डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैंटीन में उपलब्ध वस्तुओं की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि कर्मियों को बेहतर सेवाएं मिल सकें। #SantKabirNagar #PoliceNews #UPPolice #SandeepKumarMeena #PoliceCanteen #Inauguration #PublicService #PoliceWelfare #DigitalIndia #GoodGovernance #NewsUpdate #hindinewsupdate #liveuponenews2
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा पुलिस लाइन संतकबीरनगर के परिसर में स्थित जीर्णोद्धार कराए गए पुलिस कैंटीन का फीता काटकर उद्घाटन किया गया तथा कैंटीन का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं गुणवत्ता का जायजा लिया । उद्घाटन के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता उनके मानसिक और शारीरिक कल्याण पर निर्भर करती है। ड्यूटी की व्यस्तता के बीच पुलिस कर्मियों को बुनियादी सुविधाएं आसानी से मिल सकें, इसके लिए पुलिस प्रशासन सदैव प्रयासरत है । यह कैंटीन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है । उद्देश्य पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए, उन्हें रियायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली दैनिक उपयोगी वस्तुएं और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना । सुविधाएं जीर्णोद्धार के पश्चात कैंटीन को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। इसमें सामानों के रख-रखाव के लिए बेहतर रैक, बैठने की समुचित व्यवस्था और डिजिटल भुगतान की सुविधा सुनिश्चित की गई है । गुणवत्ता पर जोर उद्घाटन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैंटीन में सामानों की शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए ।4
- Post by Vipin Rai Journalist1
- Post by रवि चन्द्र पत्रकार1
- गरीब जनता मजदूर यूनियन उत्तर प्रदेश1
- संत कबीर नगर। पूर्व सभासद टी.एन. गुप्ता के जन्मदिन पर उमड़ा स्नेह, बधाई देने वालों का लगा सुबह से ही लग रहा तांता। फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से दिनभर बधाईयों का सिलसिला चलता रहा। शाम को पूर्व सभासद टी.एन. गुप्ता का जन्मदिन शहर के एक निजी होटल में उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, मित्रगण एवं समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सभी ने उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह का मुख्य आकर्षण केक कटिंग कार्यक्रम रहा, जिसमें पूर्व नगर अध्यक्ष सतविंदर पाल सिंह जज्जी सहित उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने टी एन गुप्ता को केक खिलाकर एवं अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया , जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी गरिमामय हो गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने उनके सामाजिक कार्यों और जनसेवा में दिए गए योगदान की सराहना करते हुए कहा कि टी.एन. गुप्ता हमेशा लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं और समाज में उनकी विशेष पहचान है। अंत में सभी ने एकजुट होकर उन्हें शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। #liveuponenews #TNGupta #BirthdayCelebration #SammanSamaroh #LocalNews #HappyBirthday #Respect #SocialWork #PublicLeader #Celebration #IndiaNews #TrendingNews3