लूट के मामले में दोषी को 5 साल की कैद 20 हजार जुर्माना। - अर्थ दंड अदा नहीं देने पर 6 माह भुगतना होगा अतिरिक्त कारावास। उरई (जालौन) 9 जनवरी। जून 2010 में जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आमखेड़ा और इकहरा के बीच मारुति सवार दंपत्ति को रोककर उनसे गहने व मोबाइल और नगदी लूटने के मामले में दोषी पाए गए एक लुटेरे को आज अपर जिला जज/स्पेशल जज डकैती डॉ अवनीश कुमार ने दोषी करार देते हुए 5 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शासन की ओर से इस मामले में पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि गोहन थाना क्षेत्र के ग्राम चाकी निवासी बृजकिशोर मिश्रा पुत्र रमेश चंद्र ने 19 जून 2010 को जालौन कोतवाली में शिकायती पत्र देकर बताया था कि 8 जून को वह अपनी मारुति वैन से अपनी ससुराल कैथवा से होकर वापस अपने गांव आ रहे थे। मारुति वैन में उनके साथ उनकी पत्नी पूनम मिश्रा भी थी। 8 जून की शाम 5:30 बजे जब उनकी गाड़ी इकहरा और अमखेड़ा के बीच पहुंची तभी पीछे से एक मोटरसाइकिल पर नई उम्र की दो लड़के आये और साइड से गाड़ी लगाकर उनकी पत्नी के जेवरात जिनमें चार चूड़ी सोने की, चार अंगूठी, मंगलसूत्र, चैन, झुमकी व उनका मोबाइल शामिल था के अलावा 1000 रुपये झपट्टा मारकर ले गये। इसी के साथ उसकी गाड़ी की चाबी भी निकाल ले गए। इस घटना से उसकी पत्नी घबरा गई थी। इस कारण उसके उपचार के बाद रिपोर्ट लिखाने 19 जून को जालौन थाने पहुंचा था। इस शिकायत के आधार पर जालौन कोतवाली पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ लूट की धारा में मुकदमा पंजीकृत किया था। साथ ही लुटेरों का पता लगाया। लूट के इस मामले में अभियुक्त राजेश नाई पुत्र मुखराम नाई निवासी ग्राम सुढार थाना जालौन व चंद्रपाल सिंह का नाम प्रकाश में आया था। बाद में पुलिस ने मामले की विवेचना संपादित कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कराई थी। इस मामले में परीक्षण के दौरान 14 जुलाई 2015 को न्यायालय के आदेश पर अभियुक्त चंद्रपाल की पत्रावली पृथक कर दी गई थी और उसमें निर्णय भी हो चूका है। जबकि राजेश नाई के खिलाफ एडीजे/स्पेशल जज डकैती कोर्ट डॉक्टर अवनीश कुमार की अदालत में ट्रायल चल रहा था। इस मामले में घटना के लगभग साढे 15 साल बाद आज न्यायाधीश ने सबूत और गवाहों के आधार पर राजेश पुत्र मुखराम निवासी सुढ़आर को लूट में दोषी करार देते हुए 5 वर्ष कठोर कारावास और 20000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर डीजीसी महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि अर्थ दंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी को 6 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
लूट के मामले में दोषी को 5 साल की कैद 20 हजार जुर्माना। - अर्थ दंड अदा नहीं देने पर 6 माह भुगतना होगा अतिरिक्त कारावास। उरई (जालौन) 9 जनवरी। जून 2010 में जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आमखेड़ा और इकहरा के बीच मारुति सवार दंपत्ति को रोककर उनसे गहने व मोबाइल और नगदी लूटने के मामले में दोषी पाए गए एक लुटेरे को आज अपर जिला जज/स्पेशल जज डकैती डॉ अवनीश कुमार ने दोषी करार देते हुए 5 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शासन की ओर से इस मामले में पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि गोहन थाना क्षेत्र के ग्राम चाकी निवासी बृजकिशोर मिश्रा पुत्र रमेश चंद्र ने 19 जून 2010 को जालौन कोतवाली में शिकायती पत्र देकर बताया था कि 8 जून को वह अपनी मारुति वैन से अपनी ससुराल कैथवा से होकर वापस अपने गांव आ रहे थे। मारुति वैन में उनके साथ उनकी पत्नी पूनम मिश्रा भी थी। 8 जून की शाम 5:30 बजे जब उनकी गाड़ी इकहरा और अमखेड़ा के बीच पहुंची तभी पीछे से एक मोटरसाइकिल पर नई उम्र की दो लड़के आये और साइड से गाड़ी लगाकर उनकी पत्नी के जेवरात जिनमें चार चूड़ी सोने की, चार अंगूठी, मंगलसूत्र, चैन, झुमकी व उनका मोबाइल शामिल था के अलावा 1000 रुपये झपट्टा मारकर ले गये। इसी के साथ उसकी गाड़ी की चाबी भी निकाल ले गए। इस घटना से उसकी पत्नी घबरा गई थी। इस कारण उसके उपचार के बाद रिपोर्ट लिखाने 19 जून को जालौन थाने पहुंचा था। इस शिकायत के आधार पर जालौन कोतवाली पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ लूट की धारा में मुकदमा पंजीकृत किया था। साथ ही लुटेरों का पता लगाया। लूट के इस मामले में अभियुक्त राजेश नाई पुत्र मुखराम नाई निवासी ग्राम सुढार थाना जालौन व चंद्रपाल सिंह का नाम प्रकाश में आया था। बाद में पुलिस ने मामले की विवेचना संपादित कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कराई थी। इस मामले में परीक्षण के दौरान 14 जुलाई 2015 को न्यायालय के आदेश पर अभियुक्त चंद्रपाल की पत्रावली पृथक कर दी गई थी और उसमें निर्णय भी हो चूका है। जबकि राजेश नाई के खिलाफ एडीजे/स्पेशल जज डकैती कोर्ट डॉक्टर अवनीश कुमार की अदालत में ट्रायल चल रहा था। इस मामले में घटना के लगभग साढे 15 साल बाद आज न्यायाधीश ने सबूत और गवाहों के आधार पर राजेश पुत्र मुखराम निवासी सुढ़आर को लूट में दोषी करार देते हुए 5 वर्ष कठोर कारावास और 20000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर डीजीसी महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि अर्थ दंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी को 6 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
- जालौन में होगी बुंदेली फ़िल्म क़ाबिल की सूटिंग1
- *जालौन खेत में तेंदुआ देखे जाने पर वन विभाग व प्रशासन अलर्ट, डुगडुगी पिटवाकर ग्रामीणों से की अपील!! वन विभाग की टीम द्वारा तेंदुआ पकड़ने के लिए चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन, खेतों में छिपे तेंदुए को पकड़ने के लिए ड्रोन की ली जा रही मदद, खेतों में छिपा तेंदुआ ड्रोन कैमरे पर झपटता हुआ आया नजर, वन विभाग रेस्क्यू अभियान में जुटा, विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को घर के अंदर रहने की दी सलाह, गांव में खेतों में तेंदुआ देखे जाने से बच्चे बुजुर्गों समेत ग्रामीण है दहशत में, कोंच तहसील क्षेत्र के रवा गांव का मामला!!.... *वीडियो के अंत में चैनल को सब्सक्राइब, लाइक एवं शेयर करना ना भूलें..!!*1
- मोहब्बत के कारनामे बेशुमार, एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल मोहब्बत के कारनामे बेशुमार हैं। एक बार फिर ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां प्रेम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे सामाजिक मर्यादाओं से जोड़कर भी देख रहे हैं। फिलहाल वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- जालौन के जालौन कोच रोड पर डीडी मेमोरियल स्कूल के पास बाइक सवार को कारने मारी टक्कर जिससे बाइक सवार का पैर टूट गया घायल की पहचान शिवम पुत्र कट्टर पाल निवासी कुंदनपुरा के रूप में हुई है ड्राइवर कर छोड़कर भाग गया पुलिस कार कब्जे में लेकर जांच में ड्यूटी1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | जालौन नगर जालौन का मोहल्ला जोशियाना इन दिनों किसी तालाब के लिए नहीं, बल्कि खुलेआम चल रहे जुए के अड्डे के लिए चर्चा में है। जिस तालाब क्षेत्र को कभी शांति और सुकून की पहचान माना जाता था, वही इलाका अब दिनदहाड़े जुआरियों की महफिल से गुलजार रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रोजाना ताश, हार-जीत और पैसों की खनक के साथ जुए का खेल बेखौफ चलता है, मानो कानून नाम की कोई चीज़ वहां मौजूद ही न हो। सूत्रों की मानें तो इस तालाब क्षेत्र में जुआ खेलने वालों का एक पूरा नेटवर्क सक्रिय है। तय समय पर जुआरी जुटते हैं, दांव लगते हैं और हार-जीत का तमाशा देर तक चलता रहता है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बावजूद कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। यही वजह है कि जालौन कोतवाली की कार्यशैली पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जुए के इस अड्डे ने इलाके का माहौल पूरी तरह बिगाड़ दिया है। खासकर युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है, जो आसानी से पैसे कमाने के लालच में गलत रास्ते पर बढ़ता जा रहा है। जुए के साथ-साथ नशा और अन्य असामाजिक गतिविधियों के पनपने का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। लोगों का साफ कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई, तो हालात और भी बेकाबू हो सकते हैं। मोहल्ले के जिम्मेदार नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से तत्काल छापेमारी, नियमित गश्त और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जालौन पुलिस इस जुए के अड्डे पर सच में शिकंजा कसेगी, या फिर यह तालाब क्षेत्र यूं ही जुए की रंगीन महफिलों का गवाह बना रहेगा? जनता की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- जैतापुर गांव के पास आवारा गौवंशों का आतंक, खेतों में घुसकर फसलों को पहुंचा रहे भारी नुकसान, किसान परेशान उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा गौवंश संरक्षण को लेकर किए जा रहे दावों के बीच आवारा गौवंश किसानों की फसलों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। संदलपुर क्षेत्र के जैतापुर गांव के पास गुरुवार को करीब शाम 4 बजे एक दर्जन से अधिक आवारा गौवंश किसानों के खेतों में घुसकर फसल चरते नजर आए, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि जनपद में इन दिनों भीषण सर्दी पड़ रही है। ऐसे में आम लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है, लेकिन किसान अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए रात-रात भर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद आवारा गौवंश लगातार खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा गौवंशों को पकड़वाकर गोशालाओं में भेजा जाए, ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें और उन्हें इस समस्या से निजात मिल सके।1
- सभी से निवेदन इन भाई साहब की शादी कर दो ठंडी बहुत ज्यादा पड़ रही है#😄🤣🤪😂#सब्सक्राइब लाइक फॉलो कमेंट शेयर हंस कर दे मुस्कुराते रहो1
- *ब्रेकिंग न्यूज़ | जालौन* ******************शुरू ऐप्स से रिपोर्टर अखिलेश सोनी जालौन ✍️* ********************* नगर जालौन का मोहल्ला जोशियाना इन दिनों किसी तालाब के लिए नहीं, बल्कि खुलेआम चल रहे जुए के अड्डे के लिए चर्चा में है। जिस तालाब क्षेत्र को कभी शांति और सुकून की पहचान माना जाता था, वही इलाका अब दिनदहाड़े जुआरियों की महफिल से गुलजार रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रोजाना ताश, हार-जीत और पैसों की खनक के साथ जुए का खेल बेखौफ चलता है, मानो कानून नाम की कोई चीज़ वहां मौजूद ही न हो। सूत्रों की मानें तो इस तालाब क्षेत्र में जुआ खेलने वालों का एक पूरा नेटवर्क सक्रिय है। तय समय पर जुआरी जुटते हैं, दांव लगते हैं और हार-जीत का तमाशा देर तक चलता रहता है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बावजूद कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। यही वजह है कि जालौन कोतवाली की कार्यशैली पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जुए के इस अड्डे ने इलाके का माहौल पूरी तरह बिगाड़ दिया है। खासकर युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है, जो आसानी से पैसे कमाने के लालच में गलत रास्ते पर बढ़ता जा रहा है। जुए के साथ-साथ नशा और अन्य असामाजिक गतिविधियों के पनपने का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। लोगों का साफ कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई, तो हालात और भी बेकाबू हो सकते हैं। मोहल्ले के जिम्मेदार नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से तत्काल छापेमारी, नियमित गश्त और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जालौन पुलिस इस जुए के अड्डे पर सच में शिकंजा कसेगी, या फिर यह तालाब क्षेत्र यूं ही जुए की रंगीन महफिलों का गवाह बना रहेगा? जनता की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।1