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लालगढ़ जाटान में चौक निर्माण को लेकर विवाद, माकपा नेताओं द्वारा बनाया चौक प्रशासन ने हटाया — आज ग्रामीणों और प्रशासन के बीच होगी अहम बैठक दैनिक मरु प्रहार
हंसराज मारवाल
लालगढ़ जाटान में चौक निर्माण को लेकर विवाद, माकपा नेताओं द्वारा बनाया चौक प्रशासन ने हटाया — आज ग्रामीणों और प्रशासन के बीच होगी अहम बैठक दैनिक मरु प्रहार
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- Shri Ganga 24 News Rajasthan1
- Post by Vinod Rajput1
- भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्री गंगानगर जिस बाबा को अमृतसर से रेस्क्यू कर अपना घर आश्रम पठान वाली में छोड़ा था आज उसकी मौत हो चुकी है भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्री गंगानगर के संस्थापक राजेंद्र आलसिखा ने उसका अंतिम संस्कार करवा है अंतिम संस्कार सद्भावना नगर के शमशान भूमि में किया था अंतिम संस्कार पुरे हिंदू रीति रिवाज से किया था1
- देशभर के 15 चुनिंदा विशेषज्ञों में मिला स्थान, अब राष्ट्रीय स्तर पर तय करेंगे बड़ी परियोजनाओं का पर्यावरणीय भविष्य सीमांत शहर श्रीगंगानगर के लिए एक और गौरव का क्षण सामने आया है। शहर के प्रतिष्ठित वास्तु इंजीनियर इंजिनियर पवन के. गोयल को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ का सदस्य मनोनीत किया गया है। देशभर से चुने गए कुल 15 विशेषज्ञों में उनका चयन होना न केवल उनके लंबे अनुभव की पहचान है, बल्कि श्रीगंगानगर के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सोमवार को सुखाडिया सर्किल स्थित होटल प्रतीक प्लाजा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पवन गोयल ने अपनी नियुक्ति से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह कमेटी देशभर में बनने वाली बड़ी विकास परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने से पहले उनका गहन तकनीकी मूल्यांकन करती है। कमेटी हवाई अड्डों, राष्ट्रीय राजमार्गों, टाउनशिप, खनन परियोजनाओं, बिजली संयंत्रों, इंडस्ट्रियल पार्क, बहुमंजिला भवनों और सीवरेज योजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन कर सरकार को स्वीकृति या अस्वीकृति की सिफारिश देती है। पवन गोयल ने कहा कि इस जिम्मेदारी के साथ वे श्रीगंगानगर क्षेत्र से जुड़े पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने लालगढ़ एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर भी सकारात्मक पहल करने की बात कही, ताकि क्षेत्र के विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी बना रहे। वर्ष 1982 से इंजीनियरिंग और वास्तु विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय पवन गोयल अपने काम और शोध के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कई मंचों पर सम्मानित हो चुके हैं। वर्ष 2011 में उन्हें राष्ट्रपति भवन में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा ‘ब्रह्मर्षि अलंकरण’ से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा वे वास्तु और जियो विज्ञान विषय पर सात पुस्तकों के लेखक भी हैं, जो देशभर के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी मानी जाती हैं। प्रेस वार्ता के दौरान उनके पुत्र आर्किटेक्ट अंजनेश गोयल, राजकुमार जैन और सौरभ जैन भी मौजूद रहे। पवन गोयल ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित सभी गंगानगर वासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि पूरे श्रीगंगानगर का है। आने वाले समय में वे अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से देश के विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का प्रयास करेंगे।1
- हाल ही में भारत ने ईरान के युद्धपोत IRIS Lavan को Kochi Port में तकनीकी और मानवीय कारणों से रुकने की अनुमति दी।1
- हनुमानगढ़ :से है जहां CM भजनलाल शर्मा के कल हनुमानगढ़ दौरे पर कांग्रेस की प्रेस वार्ता कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के दौरे पर उठाए सवाल कहा - मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ के लिए नहीं की कोई घोषणा किसानों और बच्चियों को नहीं मिलने दिया गया मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री से मिलने आ रहे किसानों को किया नजर बंद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के दौरे को बताया खानापूर्ति महिलाओं के काले दुपट्टे उतरवाने पर कहा सम्मान नहीं महिलाओं का हुआ अपमान कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनीष मक्कासर ने सर्किट हाऊस में की प्रेस वार्ता1
- - प्रेस वार्ता में पवन गोयल हुए मीडिया से रू-ब-रू, कमेटी के बारे दी विस्तृत जानकारी - भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित की गई है ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ श्रीगंगानगर। क्षेत्र के प्रतिष्ठित वास्तु इंजीनियर पवन के. गोयल को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ का सदस्य मनोनीत किया गया है। यह श्रीगंगानगर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है कि उन्हें केन्द्र स्तरीय कमेटी में जगह दी गई है। उनकी नियुक्ति का आदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. अमनदीप गंग द्वारा जारी किया गया। इस कमेटी में राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में से कुल 15 सरकारी एवं गैर-सरकारी लोगों को शामिल किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ है। इसी संदर्भ में आज सोमवार को सुखाडिय़ा सर्किल स्थित होटल प्रतीक प्लाजा में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से रू-ब-रू होते हुए पवन के. गोयल ने बताया कि यह कमेटी विभिन्न विकास परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने से पहले उनका तकनीकी मूल्यांकन करती है। कमेटी का मुख्य कार्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों, हरित क्षेत्र के विकास, पुनर्वास योजनाओं तथा जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा कर उनकी स्वीकृति या अस्वीकृति के संबंध में अनुशंसा करना है। कमेटी हवाई अड्डे, हाईवे (एक्सप्रेस-वे), पोर्ट, टाउनशिप, जल एवं खनन परियोजनाएं, बिजली एवं ताप परियोजनाएं, इंडस्ट्रियल पार्क, बहुमंजिला भवन और सीवरेज योजनाओं जैसी विभिन्न परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन करती है। इसके तहत वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, वायु गुणवत्ता, वन एवं वन्यजीव संरक्षण, भूमि उपयोग परिवर्तन आदि विषयों पर तकनीकी विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की जाती है। प्रेस वार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता एवं यूथ आइकॉन सौरभ जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपनी नियुक्ति पर पवन के. गोयल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वे क्षेत्र से जुड़े पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण, सीवरेज और लालगढ़ एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं के संबंध में तकनीकी जानकारी राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे, ताकि इन मुद्दों का स्थायी समाधान संभव हो सके। - इंजी. पवन के. गोयल के बारे में.. पवन के. गोयल वर्ष 1982 से इंजीनियरिंग, वास्तु विज्ञान, मूल्यांकन और निर्माण से जुड़े तकनीकी परामर्श कार्य कर रहे हैं। उन्हें जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार और देश-विदेश के कई राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2011 में उन्हें नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल द्वारा ब्रह्मर्षि अलंकरण से सम्मानित किया गया था। गोयल वास्तुशास्त्र और जियो विज्ञान विषय पर सात पुस्तकों के लेखक भी हैं, जिनमें भारतीय वास्तु शास्त्र, फेंग शुई, उत्तम वास्तु परिचय, वास्तु किरण और उत्तम वास्तु एंड जियो टेक (हिंदी-अंग्रेजी) प्रमुख हैं। उन्होंने ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का भी अध्ययन किया है। गंगानगर में वे कई सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। रोटरी क्लब ईस्ट, अग्रवाल सभा, विद्यार्थी शिक्षा सदन, नरसिंहपुरा गौशाला, राष्ट्रीय कला मंदिर तथा अग्रवाल सदन सहित अनेक संस्थाओं में उनका योगदान रहा है। - पवन के. गोयल ने किया प्रधानमंत्री सहित सभी का आभार.. पवन के. गोयल ने प्रेस वार्ता के दौरान अपनी इस नियुक्ति के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव, कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, सीएम भजनलाल शर्मा सहित सभी श्रीगंगानगरवासियों एवं शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।1
- श्रीगंगानगर के लिए उपलब्धि : इंजी. पवन के. गोयल भारत सरकार की ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ के सदस्य मनोनीत - प्रेस वार्ता में पवन गोयल हुए मीडिया से रू-ब-रू, कमेटी के बारे दी विस्तृत जानकारी - भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित की गई है ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ श्रीगंगानगर। क्षेत्र के प्रतिष्ठित वास्तु इंजीनियर पवन के. गोयल को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ का सदस्य मनोनीत किया गया है। यह श्रीगंगानगर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है कि उन्हें केन्द्र स्तरीय कमेटी में जगह दी गई है। उनकी नियुक्ति का आदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. अमनदीप गंग द्वारा जारी किया गया। इस कमेटी में राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में से कुल 15 सरकारी एवं गैर-सरकारी लोगों को शामिल किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ है। इसी संदर्भ में आज सोमवार को सुखाडिय़ा सर्किल स्थित होटल प्रतीक प्लाजा में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से रू-ब-रू होते हुए पवन के. गोयल ने बताया कि यह कमेटी विभिन्न विकास परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने से पहले उनका तकनीकी मूल्यांकन करती है। कमेटी का मुख्य कार्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों, हरित क्षेत्र के विकास, पुनर्वास योजनाओं तथा जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा कर उनकी स्वीकृति या अस्वीकृति के संबंध में अनुशंसा करना है। कमेटी हवाई अड्डे, हाईवे (एक्सप्रेस-वे), पोर्ट, टाउनशिप, जल एवं खनन परियोजनाएं, बिजली एवं ताप परियोजनाएं, इंडस्ट्रियल पार्क, बहुमंजिला भवन और सीवरेज योजनाओं जैसी विभिन्न परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन करती है। इसके तहत वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, वायु गुणवत्ता, वन एवं वन्यजीव संरक्षण, भूमि उपयोग परिवर्तन आदि विषयों पर तकनीकी विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की जाती है। प्रेस वार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता एवं यूथ आइकॉन सौरभ जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपनी नियुक्ति पर पवन के. गोयल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वे क्षेत्र से जुड़े पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण, सीवरेज और लालगढ़ एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं के संबंध में तकनीकी जानकारी राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे, ताकि इन मुद्दों का स्थायी समाधान संभव हो सके। - इंजी. पवन के. गोयल के बारे में.. पवन के. गोयल वर्ष 1982 से इंजीनियरिंग, वास्तु विज्ञान, मूल्यांकन और निर्माण से जुड़े तकनीकी परामर्श कार्य कर रहे हैं। उन्हें जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार और देश-विदेश के कई राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2011 में उन्हें नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल द्वारा ब्रह्मर्षि अलंकरण से सम्मानित किया गया था। गोयल वास्तुशास्त्र और जियो विज्ञान विषय पर सात पुस्तकों के लेखक भी हैं, जिनमें भारतीय वास्तु शास्त्र, फेंग शुई, उत्तम वास्तु परिचय, वास्तु किरण और उत्तम वास्तु एंड जियो टेक (हिंदी-अंग्रेजी) प्रमुख हैं। उन्होंने ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का भी अध्ययन किया है। गंगानगर में वे कई सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। रोटरी क्लब ईस्ट, अग्रवाल सभा, विद्यार्थी शिक्षा सदन, नरसिंहपुरा गौशाला, राष्ट्रीय कला मंदिर तथा अग्रवाल सदन सहित अनेक संस्थाओं में उनका योगदान रहा है। - पवन के. गोयल ने किया प्रधानमंत्री सहित सभी का आभार.. पवन के. गोयल ने प्रेस वार्ता के दौरान अपनी इस नियुक्ति के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव, कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, सीएम भजनलाल शर्मा सहित सभी श्रीगंगानगरवासियों एवं शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।1