कटनी जिले के रीठी रेलवे स्टेशन पर सोमवार को क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा, जिन्होंने वर्षों से लंबित रेल सुविधाओं की मांग को लेकर लगभग 4 घंटे तक रेल रोको आंदोलन किया। ग्रामीणों ने लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव, यात्री सुविधाओं के विस्तार और क्षेत्र की उपेक्षा के विरोध में यह प्रदर्शन किया। इस उग्र धरना-प्रदर्शन के दौरान रेलवे अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच तीन बार हुई वार्ता विफल रही, लेकिन अंततः जबलपुर जोन कार्यालय से आए वरिष्ठ अधिकारियों ने 45 दिन के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय लेने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पिछले 50 वर्षों से रीठी स्टेशन के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, और बढ़ती आबादी व व्यापार के बावजूद आज भी यहां केवल 3-4 पैसेंजर ट्रेनें रुकती हैं। सबसे ज्यादा आक्रोश कोरोना काल से बंद पड़ी कोटा-जबलपुर ट्रेन को लेकर है, जिसे क्षेत्र के विद्यार्थियों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों की जीवनरेखा बताया गया है। इस आंदोलन की खास बात यह रही कि इसमें कोई भी बड़ा राजनेता या जनप्रतिनिधि मौजूद नहीं था, बल्कि जनता ने खुद अपने हक की लड़ाई लड़ी। जनप्रतिनिधियों की इस बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने धरना मंच से खुलकर आक्रोश जताते हुए चुनाव बहिष्कार तक की चेतावनी दी और तंज कसते हुए कहा कि उन्हें 'डबल इंजन की सरकार' से और कुछ नहीं, बस क्षेत्र के विकास के लिए 'एक इंजन की गाड़ी' चाहिए। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक (पमरे जबलपुर) शशांक गुप्ता, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुनावर खान, एएसपी कमल मोरया, एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी और तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया सहित रेलवे और स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारी रीठी और कुठला थाना प्रभारियों के साथ मौके पर मुस्तैद रहे। रेल संघर्ष समिति को आगे की चर्चा के लिए डीआरएम जबलपुर से मिलने का न्योता दिया गया है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 45 दिनों की निर्धारित समय सीमा के भीतर सकारात्मक समाधान नहीं निकला, तो भविष्य में और भी उग्र तथा व्यापक चक्काजाम व रेल रोको आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कटनी जिले के रीठी रेलवे स्टेशन पर सोमवार को क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा, जिन्होंने वर्षों से लंबित रेल सुविधाओं की मांग को लेकर लगभग 4 घंटे तक रेल रोको आंदोलन किया। ग्रामीणों ने लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव, यात्री सुविधाओं के विस्तार और क्षेत्र की उपेक्षा के विरोध में यह प्रदर्शन किया। इस उग्र धरना-प्रदर्शन के दौरान रेलवे अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच तीन बार हुई वार्ता विफल रही, लेकिन अंततः जबलपुर जोन कार्यालय से आए वरिष्ठ अधिकारियों ने 45 दिन के भीतर मांगों
पर ठोस निर्णय लेने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पिछले 50 वर्षों से रीठी स्टेशन के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, और बढ़ती आबादी व व्यापार के बावजूद आज भी यहां केवल 3-4 पैसेंजर ट्रेनें रुकती हैं। सबसे ज्यादा आक्रोश कोरोना काल से बंद पड़ी कोटा-जबलपुर ट्रेन को लेकर है, जिसे क्षेत्र के विद्यार्थियों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों की जीवनरेखा बताया गया है। इस आंदोलन की खास बात यह रही कि इसमें कोई
भी बड़ा राजनेता या जनप्रतिनिधि मौजूद नहीं था, बल्कि जनता ने खुद अपने हक की लड़ाई लड़ी। जनप्रतिनिधियों की इस बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने धरना मंच से खुलकर आक्रोश जताते हुए चुनाव बहिष्कार तक की चेतावनी दी और तंज कसते हुए कहा कि उन्हें 'डबल इंजन की सरकार' से और कुछ नहीं, बस क्षेत्र के विकास के लिए 'एक इंजन की गाड़ी' चाहिए। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक (पमरे जबलपुर) शशांक गुप्ता, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुनावर खान, एएसपी कमल मोरया, एसडीएम
प्रमोद चतुर्वेदी और तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया सहित रेलवे और स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारी रीठी और कुठला थाना प्रभारियों के साथ मौके पर मुस्तैद रहे। रेल संघर्ष समिति को आगे की चर्चा के लिए डीआरएम जबलपुर से मिलने का न्योता दिया गया है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 45 दिनों की निर्धारित समय सीमा के भीतर सकारात्मक समाधान नहीं निकला, तो भविष्य में और भी उग्र तथा व्यापक चक्काजाम व रेल रोको आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- कटनी नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम के कामकाज पर उठ रहे इन सवालों का मुख्य कारण यह है कि लोगों द्वारा कई बार शिकायतें दर्ज कराए जाने के बावजूद भी संबंधित मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इस अनदेखी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।1
- कटनी शहर में कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस ही अब बदमाशों के निशाने पर है। शहर के आजाद चौक क्षेत्र में डायल-112 के एक आरक्षक के साथ बीच सड़क पर हुई मारपीट की घटना ने न सिर्फ पुलिस महकमे बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना बीती रात करीब 1:45 बजे हुई, जब डायल-112 की टीम एक महिला की शिकायत पर मौके की ओर जा रही थी। रास्ते में कुछ युवक गाली-गलौज करते हुए भागते दिखे, जिन्हें आरक्षक ने रोककर पूछताछ करने का प्रयास किया। कानून का सम्मान करने के बजाय, आरोपियों ने पुलिसकर्मी पर ही हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने आरक्षक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की, जिससे जवान खुद को बचाने की कोशिश करता दिखा। इस घटना ने अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और हौसलों की पोल खोल दी है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि जब रक्षक ही असुरक्षित है, तो जनता किस भरोसे पर खुद को सुरक्षित महसूस करेगी? घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। कटनी में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि असामाजिक तत्वों में कानून का भय कम हो रहा है, और पुलिस बल का मनोबल बनाए रखने के साथ-साथ अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है।1
- कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा (भा0पु0से0) के निर्देशों के तहत, संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और संपत्ति बरामद करने के अभियान में कुठला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक अखलेश दाहिया के नेतृत्व में, पुलिस ने लूट के एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना 5 जून 2026 की रात लगभग 8:00 बजे की है, जब प्रार्थी नूर अहमद खान (63 वर्ष, निवासी वार्ड नम्बर 1 चाका) कटनी से अपने घर चाका जा रहे थे। निगम भट्ठा के सामने मैन रोड पुरैनी पर अज्ञात दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने उनकी मोटरसाइकिल रोककर मारपीट की, जिससे वह सड़क किनारे गिर गए। आरोपियों ने उनकी शर्ट की जेब से 15,000 रुपये नगद और एक पोको कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया और फरार हो गए। इस घटना पर कुठला थाना में अपराध क्रमांक 470/26 धारा 309(6) BNS के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। कुठला थाना पुलिस ने पारंपरिक और तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात आरोपियों के बारे में सुराग जुटाए। गहन जांच के बाद, 21 जून 2026 को आरोपी राहुल चौहान (31 वर्ष, निवासी गली नम्बर 7 इन्द्रानगर थाना कुठला) और बबला उर्फ बबूल निषाद (40 वर्ष, निवासी आधारकाप मछरियान डेरा थाना एनकेजे जिला कटनी) को पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया, जिसके बाद लूटा गया मोबाइल और नगदी रकम जब्त कर ली गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक अखलेश दाहिया, सहायक उप निरीक्षक रवि शुक्ला, तीरथ तेकाम, प्रधान आरक्षक अजय यादव, रामेश्वर सिंह, आरक्षक विजय प्रजापति, दुर्गेश सिंह और अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ रविवार देर रात गांधी स्कूल के पास डायल 112 में तैनात आरक्षक रूपेश यादव पर तीन युवकों ने हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब आरक्षक पूनम बर्मन नामक महिला की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे; महिला ने अपने भाई के साथ मारपीट की जानकारी दी थी। आरक्षक रूपेश यादव ने विवाद शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन मुख्य आरोपी गापू बर्मन और उसके दो साथियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए आरक्षक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस मामले में आरक्षक की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा, शासकीय सेवक पर हमला तथा मारपीट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया ने बताया कि तीन नामजद एवं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि सभी आरोपी जल्द ही उनकी गिरफ्त में होंगे।1
- कटनी नगर के झंडा बाजार स्थित बूढ़ी खेरमाई माता के दरबार में श्रद्धा और भक्ति के साथ एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रसाद ग्रहण किया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण और सेवा भाव का एक सुंदर दृश्य देखने को मिला, जो आयोजन की दिव्यता को दर्शाता है।1
- Post by User11511
- Post by RAHUL YADAV1
- कटनी जिले में मुहर्रम पर्व के मद्देनजर कटनी पुलिस पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से, पुलिस अधीक्षक (एसपी) के नेतृत्व में शहर में एक फ्लैग मार्च निकाला गया।1