प्रशासन ने 12 साल की मासूम का बाल विवाह रुकवाया, बैरंग लौटाई बारात डूंगरपुर। जिले के दोवड़ा तहसील क्षेत्र के पुनाली ग्राम पंचायत में प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की सजगता से एक मासूम का जीवन बर्बाद होने से बच गया। मंगलवार को विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक 12 वर्षीय बालिका का बाल विवाह रुकवाकर उसे संरक्षण प्रदान किया। जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भावेश जैन ने मंगलवार शाम 4 बजे बताया कि आज सुबह चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी | जिसमे बताया कि दोवड़ा तहसील के पुनाली ग्राम पंचायत के दर्जी मोहल्ला (वार्ड नं. 3) में एक नाबालिग बालिका का विवाह करवाया जा रहा है | सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक मेहुल शर्मा ने जिला प्रशासन और पुलिस को सूचित किया। तहसीलदार दोवड़ा, पुलिस बल और सृष्टि सेवा समिति की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुँची। जब बालिका के दस्तावेजों की जाँच की गई, तो उसकी उम्र मात्र 12 वर्ष 8 माह पाई गई। प्रशासन ने तुरंत विवाह की रस्मों को रुकवाया और बारात को बैरंग लौटा दिया गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार द्वारा बालिका के परिवार को भविष्य में बाल विवाह न करने हेतु कड़े निर्देश देते हुए पाबंद किया गया। बालिका को अग्रिम सहायता और काउंसलिंग के लिए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भावेश जैन व सदस्यों के समक्ष पेश किया गया। समिति के निर्णय के बाद बालिका को मुस्कान संस्थान के बालिका गृह में अस्थायी आश्रय दिया गया है।
प्रशासन ने 12 साल की मासूम का बाल विवाह रुकवाया, बैरंग लौटाई बारात डूंगरपुर। जिले के दोवड़ा तहसील क्षेत्र के पुनाली ग्राम पंचायत में प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की सजगता से एक मासूम का जीवन बर्बाद होने से बच गया। मंगलवार को विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक 12 वर्षीय बालिका का बाल विवाह रुकवाकर उसे संरक्षण प्रदान किया। जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भावेश जैन ने मंगलवार शाम 4 बजे बताया कि आज सुबह चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी | जिसमे बताया कि दोवड़ा तहसील के पुनाली ग्राम पंचायत के दर्जी मोहल्ला (वार्ड नं. 3) में एक नाबालिग बालिका का विवाह करवाया जा रहा है | सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक मेहुल शर्मा ने जिला प्रशासन और पुलिस को सूचित किया। तहसीलदार दोवड़ा, पुलिस बल और सृष्टि सेवा समिति की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुँची। जब बालिका के दस्तावेजों की जाँच की गई, तो उसकी उम्र मात्र 12 वर्ष 8 माह पाई गई। प्रशासन ने तुरंत विवाह की रस्मों को रुकवाया और बारात को बैरंग लौटा दिया गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार द्वारा बालिका के परिवार को भविष्य में बाल विवाह न करने हेतु कड़े निर्देश देते हुए पाबंद किया गया। बालिका को अग्रिम सहायता और काउंसलिंग के लिए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भावेश जैन व सदस्यों के समक्ष पेश किया गया। समिति के निर्णय के बाद बालिका को मुस्कान संस्थान के बालिका गृह में अस्थायी आश्रय दिया गया है।
- डूंगरपुर। खेतों me फसल काटने गई युवती की जहरीले जानवर के काटने से तबियत बिगड़ गई। वही युवती का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पाप जानकारी अनुसार जिले के निकटवर्ती खांड़ी ओबरी गांव निवासी रीना पिता प्रेमशंकर भनात मंगलवार शाम अपने घर के पास खेतों में गेहूं की फसल काटने के लिए गई थी। तभी फसल में छिपे जहरीले जानवर ने युवती के हाथ पर काट लिया। जिसके बाद युवती को चक्कर ओर उल्टी की शिकायत होने पर उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल लाया गया। युवती का उपचार चल रहा है।1
- साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित डूंगरपुर। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने पीएचईडी अधीक्षण अभियंता को गर्मियों से पूर्व जिले में पेयजल वितरण के उचित प्रबंधन हेतु समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह निर्देश जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभाग वार समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान पालनहार योजना, पेंशन योजना के तहत सत्यापन आदि की जानकारी दी तथा सीमलवाड़ा, चिखली, गलियाकोट में न्यून प्रगति पर तीव्रता से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं में मार्च पूर्व लक्ष्य के अनुसार स्वीकृतियां जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में पीएचइडी अधीक्षण अभियंता ने पेयजल वितरण, हेड पंप, ट्यूब वेल, विभागीय कार्य एवं योजनाओं की क्रियान्वित के संबंध में जानकारी दी। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी, एवीएनएल, टीएडी, पशुपालन, उद्योग, जल संसाधन, सहकारिता, आईसीडीएस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागों की समीक्षा करते हुए सभी प्रगतिरत कार्यों को तय समय अवधि में पूर्ण करने तथा न्यून प्रगति वाली योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के तत्काल निस्तारण करने तथा प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर दिनेश चंद्र धाकड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी गण मौजूद रहें।3
- उदयपुर/डूंगरपुर। लोकसभा क्षेत्र उदयपुर के जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने दिल्ली के सदन में पुरजोर आवाज उठाई है। मंगलवार को संसद में नियम 377 के तहत विशेष उल्लेख करते हुए डॉ. रावत ने जिले की पांच महत्वपूर्ण पंचायत समितियों - ओगणा, सुलाव, देवला, नाई और कल्याणपुर में नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने की मांग केंद्र सरकार के समक्ष रखी। उन्होंने तर्क दिया कि ये क्षेत्र न केवल भौगोलिक रूप से दुर्गम हैं, बल्कि शिक्षा के संसाधनों के अभाव में यहां की प्रतिभाएं पिछड़ रही हैं। सांसद डॉ. रावत ने सदन को सांख्यिकीय आंकड़ों के साथ अवगत कराया कि ये पांचों पंचायत समितियां पूर्णतः जनजाति बाहुल्य हैं और विद्यालय स्थापना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं। उन्होंने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए बताया कि देवला में 98 प्रतिशत, सुलाव में 95 प्रतिशत, कल्याणपुर में 88 प्रतिशत, नाई में 86 प्रतिशत और ओगणा में 68 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या निवास करती है। वर्तमान में इन क्षेत्रों में एक भी एकलव्य विद्यालय संचालित नहीं होने के कारण यहां के बालक-बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के लिए भटकना पड़ता है या उच्च शिक्षा के अवसरों से वंचित रहना पड़ता है। डॉ. रावत ने अपने संबोधन में क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुर्गम अरावली पहाड़ियों में बसे इन गांवों के विद्यार्थियों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार करना समय की मांग है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत विशेष बजट प्रावधान कर इन पांचों स्थानों पर एकलव्य विद्यालयों की स्वीकृति जल्द प्रदान की जाए। सांसद की इस पहल से स्थानीय नागरिकों में हर्ष की लहर है, क्योंकि इन क्षेत्रों में लंबे समय से शिक्षा के इस आधुनिक ढांचे की मांग की जा रही थी। यदि यह मांग स्वीकार होती है, तो इन सुदूर क्षेत्रों के जनजाति विद्यार्थियों को भी समग्र और वैश्विक स्तर की शिक्षा सुलभ हो सकेगी।1
- Dungarpur विधायक गणेश घोघरा जी ने जोरदार1
- Post by VAGAD news241
- *आदिवासी कोड को लेकर प्रेस कोमप्रेस करते हुऐ मध्यप्रदेश काग्रेंस प्रतिपक्ष नेता उमंग जी सिगार साहब।* धन्यवाद देते *आदिवासीयो कि जब अपनी संस्कृति अपने रिती रिवाज है तो फिर आदिवासी धर्म कोड मिलना चाहिए।*जय जौहर जय आदिवासी 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻बी ऐम अहारी👏👏1
- झाड़ोल पुलिस की कार्रवाई: अवैध देशी टोपीदार बंदूक के साथ एक आरोपी गिरफ्तार1
- -पंचायत समिति ओगणा, सुलाव, देवला, नाई एवं कल्याणपुर है इसके लिए पात्र उदयपुर/डूंगरपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने पांच पंचायत समितियों में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने की मांग की है। सांसद डॉ रावत ने मंगलवार को संसद में नियम 377 के अधीन यह मामला रखा। सांसद डॉ रावत ने संसद में बताया कि लोकसभा क्षेत्र उदयपुर के अंतर्गत जिला उदयपुर की पंचायत समितियों ओगणा, सुलाव, देवला, नाई एवं कल्याणपुर में वर्तमान में एक भी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय संचालित नहीं है, जबकि ये सभी क्षेत्र जनजाति बहुल हैं। जनगणना 2011 के अनुसार पंचायत समिति ओगणा में 68 प्रतिशत, सुलाव में 95 प्रतिशत, देवला में 98 प्रतिशत, नाई में 86 प्रतिशत तथा कल्याणपुर में 88 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति जनसंख्या निवास करती है एवं एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोले जाने हेतु सम्पूर्ण पात्रता रखती है। ये पंचायत समितियां दुर्गम एवं भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्थित हैं, जिससे जनजाति बालक-बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के समुचित अवसर उपलब्ध नहीं हो पाते। परिणामस्वरूप उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होती है। स्थानीय नागरिकों द्वारा लंबे समय से यहां एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाने की मांग की जा रही है। अतः अनुरोध है कि संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत उपर्युक्त पांचों पंचायत समितियों में नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्वीकृति प्रदान कर जनजाति विद्यार्थियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा सुनिश्चित की जाए।1