बिहार के शिवहर जिले में बाढ़ से बचाव और सुरक्षा तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बागमती नदी के दाएँ तटबंध का संयुक्त रूप से सघन निरीक्षण किया। इस संयुक्त निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य तटबंध की वर्तमान स्थिति का जायजा लेकर किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टालना था। जांच के दौरान तटबंध की सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आईं। इसमें बारिश के कारण जगह-जगह हुआ कटाव, सुरक्षा मानकों के विपरीत बांध के आस-पास लगे बिजली के पोल व पेड़, और स्थानीय स्तर पर किया गया आंशिक अतिक्रमण शामिल है जो बांध की मजबूती को प्रभावित कर सकता है। इन खामियों को बेहद गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बागमती प्रमंडल, शिवहर के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया है कि आगामी 5 दिनों के भीतर बांध की पूरी मरम्मत कर उसे दुरुस्त किया जाए और तटबंध पर मौजूद हर तरह के अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि को रोकने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने दो-टूक कहा कि प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और तटबंधों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिहार के शिवहर जिले में बाढ़ से बचाव और सुरक्षा तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बागमती नदी के दाएँ तटबंध का संयुक्त रूप से सघन निरीक्षण किया। इस संयुक्त निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य तटबंध की वर्तमान स्थिति का जायजा लेकर किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टालना था। जांच के दौरान तटबंध की सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आईं। इसमें बारिश के कारण जगह-जगह हुआ कटाव,
सुरक्षा मानकों के विपरीत बांध के आस-पास लगे बिजली के पोल व पेड़, और स्थानीय स्तर पर किया गया आंशिक अतिक्रमण शामिल है जो बांध की मजबूती को प्रभावित कर सकता है। इन खामियों को बेहद गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बागमती प्रमंडल, शिवहर के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया है कि आगामी 5 दिनों के भीतर बांध की पूरी मरम्मत कर
उसे दुरुस्त किया जाए और तटबंध पर मौजूद हर तरह के अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि को रोकने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने दो-टूक कहा कि प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और तटबंधों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- किशनगंज के पश्चिम पाली में एम बाजार के पास स्थित MGM के डॉक्टर अभय कुमार के निजी क्लिनिक में भारी गंदगी होने और वहां के कंपाउंडर द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। क्लिनिक की इस बदहाल व्यवस्था और स्टाफ के दुर्व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर अब क्लिनिक की अव्यवस्थाओं और कंपाउंडर के इस अनुचित आचरण के खिलाफ उचित जांच कराए जाने की मांग की जा रही है।1
- अररिया में नगर परिषद द्वारा कूड़ा फेंकने के खिलाफ स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए हैं और कड़ा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर फैसल जावेद यासीन के नेतृत्व में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें आक्रोशित लोगों ने प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा। 'नदी बचाओ' और 'स्वच्छ अररिया' की मांग के साथ दमहेली और बांसबारी जैसे क्षेत्रों के लोग इस गंभीर मुद्दे को लेकर नगर परिषद के खिलाफ लामबंद हैं।1
- बिहार के अररिया जिले के कुर्साकाटा प्रखंड स्थित जगदीशपुर पंचायत के नए खंधे का दृश्य सामने आया है। इस दौरान बंटी कुमार, मिथुन और छोटू सहित अन्य लोग एक साथ मिलकर इस पुराने स्थान पर मौजूद दिखे।1
- बिहार के अररिया जिले में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस मुद्दे पर अपना आक्रोश जताते हुए छात्रों ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की और मामले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।1
- बिहार के अररिया जिले में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में अपनी नाराजगी जाहिर की और सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा व्यक्त किया।1
- बिहार के किशनगंज जिला अंतर्गत टेढ़ागाछ में आयोजित जनता दरबार में 7 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया है। इसके साथ ही इस जनता दरबार में प्राप्त हुए कई अन्य आवेदनों पर भी त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पंचायतों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिन्हें गंभीरता से सुना गया। जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, स्थानीय समस्याओं और जनहित से जुड़े अन्य मामलों पर सुनवाई हुई। अधिकारियों ने कई मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया, जबकि शेष शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए आवश्यक निर्देश देते हुए जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया। इस आयोजन का उद्देश्य आम लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से बचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना है।2