SDM करुण डहरिया व उसके पालतू गुण्डों ने किया आदिवासी किसान की हत्या, 4 गए जेल बलरामपुर/कुसमी । विशेष रिपोर्ट छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक प्रशासनिक अधिकारी की कार्यप्रणाली ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। कुसमी के विवादित एसडीएम करुण डहरिया और उनके तीन साथियों को एक 62 वर्षीय आदिवासी किसान की पीट-पीटकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। मंगलवार देर शाम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपियों को राजपुर न्यायालय में पेश किया गया। घटनाक्रम: क्या हुआ था 15 फरवरी की रात? मामला कुसमी कोरंधा थाना क्षेत्र के ग्राम हंसपुर का है। ग्रामीणों के अनुसार, 15 फरवरी की रात उन्होंने जंगल में अवैध बॉक्साइट से लदे एक ट्रक को पकड़ा था। इसकी सूचना मिलने पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया मौके पर पहुंचे। हैरान करने वाली बात यह थी कि एसडीएम के साथ कोई पुलिस बल या आधिकारिक टीम नहीं थी, बल्कि वे विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव नामक स्थानीय युवकों के साथ वहां पहुंचे थे। ग्रामीण की मौत और आरोपों का अंबार ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध उत्खनन रोकने के नाम पर एसडीएम और उनके साथ आए युवकों ने वहां मौजूद ग्रामीणों के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट में हंसपुर निवासी राम उर्फ रामनरेश (62 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पाया कि एसडीएम की नाजायज टीम ने बिना किसी वारंट या सुरक्षा प्रोटोकॉल के ग्रामीणों पर हमला किया था। कानूनी कार्रवाई: बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कोरंधा थाने में मर्ग कायम करने के बाद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है: • धारा 103 (1): हत्या का मामला। • धारा 115 (2): जानबूझकर चोट पहुँचाना। धारा 3 (5): सामूहिक रूप से अपराध को अंजाम देना। क्यों हुई वारदात सूत्र बतातें हैं कि एसडीएम को नाजायज धन का लालच बढ़ गया था, और जिन चोरों को माल लेकर रात के अँधेरे में खनिज संपदा पार कराने का जिम्मा स्वयं SDM लिए थे उसे कुछ ग्रामीणों द्वारा रोक लिया गया था, इसलिए उसके कमीशन में बट्टा लगने वाला था, बड़ीं मुश्किल से SDM डहेरिया सबको मैनेज कर पाया था इसलिए अपना आपा खो गया बस क्या था अपने गाड़ी में रखा डंडा/रॉड जो मिला खुद व उसके पालतू गुर्गे पीटना चालू कर दिए, इतने से जी नहीं भरा तो मृतक और घायल को अस्पताल नहीं थाने तक पहुंचाने खुद चले गए पर पुलिस ने अपनी सूझबूझ से SDM व उसके साथियों को जेल तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। FIR में नायब तहसीलदार का नाम गायब! नायब तहसीलदार पारस शर्मा कुनकुरी के रहने वाले हैं और हाल ही में CGPSC में चयन भी हुआ है, लोगों का आरोप है कि उक्त हत्या काण्ड के समय पारस भी मौजूद थे पर मुख्यमंत्री के गृह जिले की वजह से मिस्टर इंडिया बन गए, यही विषय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। SDM के बिगड़े रवैये का कारण राजनैतिक संरक्षण SDM डहेरिया कांग्रेस शासन काल में बलरामपुर जिले में कार्यभार ग्रहण किए थे पर सत्ता परिवर्तन होने के बावजूद इनकी कुर्सी जमी रही कारण स्थानीय शीर्ष के नेता ने ही अपनी पार्टी बदल ली और अब सत्ता पार्टी में शीर्ष पद पर पहुँच गए बस और क्या SDM की चाँदी हो गई क्योंकि जिसने यहाँ बुलाया था वही उनके कार्यकाल को बढ़ाने लगे। फिर क्या डहेरिया को लगा पूर्ण कालीन के लिए इस कुर्सी पर जमा रहूंगा इसलिए पत्रकारों को जेल भेजवाने से लेकर स्थानीय सत्ता पक्ष के नेताओं की आवाभगत में लग गए। सबसे बड़ीं बात की वह अपने आप को कुसमी का भगवान मानने लगा। हत्यारों के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्थ! मंगलवार शाम जब आरोपियों को राजपुर कोर्ट लाया गया, तो इलाके में तनाव को देखते हुए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस अब इस मामले में ट्रक मालिक की संलिप्तता और घटना के समय मौजूद अन्य गवाहों के विस्तृत बयान दर्ज कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की और अधिक वैज्ञानिक पुष्टि हो सकेगी। पूर्व के आपराधिक रिकॉर्ड जानें! छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB (Anti-Corruption Bureau) में खलबली मचा दी थी। यह मामला एक वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी से जुड़ा है, जो न केवल वर्तमान पद पर बल्कि अपने पिछले कार्यकालों में भी विवादों के घेरे में रहे हैं। यहाँ इस पूरी कार्रवाई और घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया गया है: कार्रवाई का मुख्य विवरण गिरफ्तार अधिकारी: करुण डहरिया (डिप्टी कलेक्टर एवं सीईओ, जनपद पंचायत गरियाबंद)। • कार्रवाई करने वाली एजेंसी: एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर टीम। • रिश्वत की राशि: 20,000 रुपये (ट्रैप के दौरान)। • स्थान: गरियाबंद जिला मुख्यालय। क्या है पूरा मामला? ACB की इस कार्रवाई की नींव एक शिकायत पर रखी गई थी। घटना का मुख्य बिंदु बोरवेल्स खनन से संबंधित बिलों का भुगतान था: 1. शिकायतकर्ता: एक स्थानीय वेंडर/ठेकेदार जिसने जिले में बोरवेल खनन का कार्य किया था। 2. मांग: ठेकेदार के लंबे समय से रुके हुए बिलों को पास करने के बदले में डिप्टी कलेक्टर करुण डहरिया ने रिश्वत की मांग की थी। 3. ट्रैप: शिकायत मिलने के बाद ACB ने जाल बिछाया। जैसे ही डिप्टी कलेक्टर ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मुस्तैद ACB की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। विवादों से पुराना नाता करुण डहरिया का प्रशासनिक करियर काफी सुर्खियों में रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, वे जहां भी पदस्थ रहे, वहां उन पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं: • विवादित कार्यशैली: उन पर पहले भी तानाशाही रवैये और कार्यों में अनियमितता के आरोप लग चुके हैं। • प्रशासनिक छवि: राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी होने के बावजूद, उनकी कार्यप्रणाली को लेकर विभाग के भीतर भी कई बार असंतोष देखा गया था। हड़कंप का कारण: चूंकि वे एक डिप्टी कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद पर थे, इसलिए उनकी गिरफ्तारी ने अन्य अधिकारियों को भी सतर्क कर दिया है।
SDM करुण डहरिया व उसके पालतू गुण्डों ने किया आदिवासी किसान की हत्या, 4 गए जेल बलरामपुर/कुसमी । विशेष रिपोर्ट छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक प्रशासनिक अधिकारी की कार्यप्रणाली ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। कुसमी के विवादित एसडीएम करुण डहरिया और उनके तीन साथियों को एक 62 वर्षीय आदिवासी किसान की पीट-पीटकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। मंगलवार देर शाम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपियों को राजपुर न्यायालय में पेश किया गया। घटनाक्रम: क्या हुआ था 15 फरवरी की रात? मामला कुसमी कोरंधा थाना क्षेत्र के ग्राम हंसपुर का है। ग्रामीणों के अनुसार, 15 फरवरी की रात उन्होंने जंगल में अवैध बॉक्साइट से लदे एक ट्रक को पकड़ा था। इसकी सूचना मिलने पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया मौके पर पहुंचे। हैरान करने वाली बात यह थी कि एसडीएम के साथ कोई पुलिस बल या आधिकारिक टीम नहीं थी, बल्कि वे विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव नामक स्थानीय युवकों के साथ वहां पहुंचे थे। ग्रामीण की मौत और आरोपों का अंबार ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध उत्खनन रोकने के नाम पर एसडीएम और उनके साथ आए युवकों ने वहां मौजूद ग्रामीणों के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट में हंसपुर निवासी राम उर्फ रामनरेश (62 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पाया कि एसडीएम की नाजायज टीम ने बिना किसी वारंट या सुरक्षा प्रोटोकॉल के ग्रामीणों पर हमला किया था। कानूनी कार्रवाई: बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कोरंधा थाने में मर्ग कायम करने के बाद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है: • धारा 103 (1): हत्या का मामला। • धारा 115 (2): जानबूझकर चोट पहुँचाना। धारा 3 (5): सामूहिक रूप से अपराध को अंजाम देना। क्यों हुई वारदात सूत्र बतातें हैं कि एसडीएम को नाजायज धन का लालच बढ़ गया था, और जिन चोरों को माल लेकर रात के अँधेरे में खनिज संपदा पार कराने का जिम्मा स्वयं SDM लिए थे उसे कुछ ग्रामीणों द्वारा रोक लिया गया था, इसलिए उसके कमीशन में बट्टा लगने वाला था, बड़ीं मुश्किल से SDM डहेरिया सबको मैनेज कर पाया था इसलिए अपना आपा खो गया बस क्या था अपने गाड़ी में रखा डंडा/रॉड जो मिला खुद व उसके पालतू गुर्गे पीटना चालू कर दिए, इतने से जी नहीं भरा तो मृतक और घायल को अस्पताल नहीं थाने तक पहुंचाने खुद चले गए पर पुलिस ने अपनी सूझबूझ से SDM व उसके साथियों को जेल तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। FIR में नायब तहसीलदार का नाम गायब! नायब तहसीलदार पारस शर्मा कुनकुरी के रहने वाले हैं और हाल ही में CGPSC में चयन भी हुआ है, लोगों का आरोप है कि उक्त हत्या काण्ड के समय पारस भी मौजूद थे पर मुख्यमंत्री के गृह जिले की वजह से मिस्टर इंडिया बन गए, यही विषय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। SDM के बिगड़े रवैये का कारण राजनैतिक संरक्षण SDM डहेरिया कांग्रेस शासन काल में बलरामपुर जिले में कार्यभार ग्रहण किए थे पर सत्ता परिवर्तन होने के बावजूद इनकी कुर्सी जमी रही कारण स्थानीय शीर्ष के नेता ने ही अपनी पार्टी बदल ली और अब सत्ता पार्टी में शीर्ष पद पर पहुँच गए बस और क्या SDM की चाँदी हो गई क्योंकि जिसने यहाँ बुलाया था वही उनके कार्यकाल को बढ़ाने लगे। फिर क्या डहेरिया को लगा पूर्ण कालीन के लिए इस कुर्सी पर जमा रहूंगा इसलिए पत्रकारों को जेल भेजवाने से लेकर स्थानीय सत्ता पक्ष के नेताओं की आवाभगत में लग गए। सबसे बड़ीं बात की वह अपने आप को कुसमी का भगवान मानने लगा। हत्यारों के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्थ! मंगलवार शाम जब आरोपियों को राजपुर कोर्ट लाया गया, तो इलाके में तनाव को देखते हुए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस अब इस मामले में ट्रक मालिक की संलिप्तता और घटना के समय मौजूद अन्य गवाहों के विस्तृत बयान दर्ज कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की और अधिक वैज्ञानिक पुष्टि हो सकेगी। पूर्व के आपराधिक रिकॉर्ड जानें! छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB (Anti-Corruption Bureau) में खलबली मचा दी थी। यह मामला एक वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी से जुड़ा है, जो न केवल वर्तमान पद पर बल्कि अपने पिछले कार्यकालों में भी विवादों के घेरे में रहे हैं। यहाँ इस पूरी कार्रवाई और घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया गया है: कार्रवाई का मुख्य विवरण गिरफ्तार अधिकारी: करुण डहरिया (डिप्टी कलेक्टर एवं सीईओ, जनपद पंचायत गरियाबंद)। • कार्रवाई करने वाली एजेंसी: एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर टीम। • रिश्वत की राशि: 20,000 रुपये (ट्रैप के दौरान)। • स्थान: गरियाबंद जिला मुख्यालय। क्या है पूरा मामला? ACB की इस कार्रवाई की नींव एक शिकायत पर रखी गई थी। घटना का मुख्य बिंदु बोरवेल्स खनन से संबंधित बिलों का भुगतान था: 1. शिकायतकर्ता: एक स्थानीय वेंडर/ठेकेदार जिसने जिले में बोरवेल खनन का कार्य किया था। 2. मांग: ठेकेदार के लंबे समय से रुके हुए बिलों को पास करने के बदले में डिप्टी कलेक्टर करुण डहरिया ने रिश्वत की मांग की थी। 3. ट्रैप: शिकायत मिलने के बाद ACB ने जाल बिछाया। जैसे ही डिप्टी कलेक्टर ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मुस्तैद ACB की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। विवादों से पुराना नाता करुण डहरिया का प्रशासनिक करियर काफी सुर्खियों में रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, वे जहां भी पदस्थ रहे, वहां उन पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं: • विवादित कार्यशैली: उन पर पहले भी तानाशाही रवैये और कार्यों में अनियमितता के आरोप लग चुके हैं। • प्रशासनिक छवि: राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी होने के बावजूद, उनकी कार्यप्रणाली को लेकर विभाग के भीतर भी कई बार असंतोष देखा गया था। हड़कंप का कारण: चूंकि वे एक डिप्टी कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद पर थे, इसलिए उनकी गिरफ्तारी ने अन्य अधिकारियों को भी सतर्क कर दिया है।
- *जिला कटनी मध्य प्रदेश* *शीतला प्रसाद की रिपोर्ट।* *कटनी में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 20 हजार की रिश्वत लेते प्रभारी कार्यपालन यंत्री गिरफ्तार* कटनी। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त की जबलपुर टीम ने जल संसाधन विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री व्ही.ए. सिद्दीकी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी अधिकारी जल संसाधन विभाग में पदस्थ थे और विभाग के एक चौकीदार के एरियर्स की राशि निकलवाने के एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद चौकीदार को करीब 8 लाख रुपए के एरियर्स का भुगतान किया जाना था। इसी भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए प्रभारी कार्यपालन यंत्री ने 50 हजार रुपए की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद जबलपुर लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपए लेते समय आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त टीम आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।1
- पट्टी विकासखंड क्षेत्र के कोतवाली पट्टी अंतर्गत ग्राम अमुवाही निवासिनी उर्मिला पत्नी कृष्णानंद उपाध्याय ने पट्टी पुलिस को बुधवार की दोपहर प्रार्थना पत्र देकर आरोपित किया भूमि धरी जमीन है सब लोग अपनी जमीन में कब्जा दखल हैं मैं अपने कब्ज की जमीन में माकान बना रही हूं विपक्षी माकान नहीं बनने दे रहे हैं मारपीट पर उतारू हो जाते हैं मां बहन गाली देते हुए फौजदारी पर उतारू हो जाते हैं पीड़ित का कहना है मेरे पास मकान नहीं है मैं किराए पर कमरा लेकर रहती हूं इसलिए अपनी जमीन में निर्माण कर रही थी इसके बाद भी विपक्षी निर्माण नहीं करने दे रहे है,पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी।1
- *दिनांक-18.02.2026 को थाना कोतवाली देहात पुलिस द्वारा गश्त/चेकिंग के दौरान ए.टी.एल. ग्राउंड के पास हुई मुठभेड़ में ₹50,000/- का ईनामिया अन्तर्जनपदीय गैंगस्टर अभियुक्त अतुल गौड़ उर्फ राजा (जिसके विरुद्ध सुल्तानपुर, जौनपुर व प्रतापगढ़ में गैंगस्टर एक्ट सहित चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी व आयुध अधिनियम के कुल 38 मुकदमे पंजीकृत हैं) के बाएं पैर में गोली लगने पर घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया।* *इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री शिव नारायण वैस की बाइट ।*1
- Post by RAJA JAUNPUR NEWS1
- Post by Ashok verma2
- ग्राम- सराय नान कार ,प्रतापगढ़ up belkharnath ब्लॉक की कच्ची सड़कों का हाल, ग्राम बिकास में कोई कार्य नहीं पंचायत भवन का अधूरा काम 5 वर्ष प्रधान के अधूरे काम कोई सुनने वाला नहीं हैं ना ही इस ग्राम में कोई चौपाल लगी DM के आदेशों का पालन सिर्फ सरकारी काग़ज़ों पर.3
- बदलापुर कोतवाली क्षेत्र के मरगूपुर फोरलेन पर एक अज्ञात कार की टक्कर से बाइक सवार सख्श घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस की मदत से जिसे बदलापुर CHC में भर्ती करवाया । बताते चले कि घायल सख्श सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के बोधीपट्टी गाँव निवासी रामकरन के बताया जा रहा है।1
- *काशी द्वार योजना पर पिंडरा विधायक का बड़ा बयान: किसानों की सहमति के बिना नहीं ली जाएगी जमीन* पिंडरा, वाराणसी। वाराणसी जनपद के पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने काशी द्वार योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान आसपास की ग्राम सभाओं के सम्मानित ग्राम प्रधानों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता में विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास न किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान अपनी जमीन नहीं देना चाहता है तो उसकी जमीन किसी भी स्थिति में जबरदस्ती नहीं ली जाएगी। न तो किसी अधिकारी द्वारा दबाव बनाया जाएगा और न ही किसी किसान के घर पर अनावश्यक दबाव डाला जाएगा। विधायक ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है और वर्ष 2027 के चुनाव को ध्यान में रखकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिंडरा विधानसभा में अमन-चैन और सौहार्द का माहौल है, जिसे किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। डॉ. सिंह ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार उनकी भावनाओं और अधिकारों का सम्मान करती है। विकास कार्य जनहित में होंगे, लेकिन किसानों की सहमति सर्वोपरि रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि काशी द्वार योजना क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से लाई गई है। योजना के तहत सड़क, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। विधायक ने कहा कि प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करेगा और जिन किसानों की जमीन स्वेच्छा से ली जाएगी, उन्हें उचित मुआवजा और नियमानुसार सभी सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी शंका की स्थिति में सीधे जनप्रतिनिधियों या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने दोहराया कि विकास और किसानों के हित दोनों साथ-साथ चलेंगे।****शीतला प्रसाद की रिपोर्ट***1