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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ एक पुलिस थाने के अंदर कथित अनुचित आचरण के आरोप में एक पुरुष कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि इसी घटना में शामिल एक महिला कांस्टेबल के खिलाफ विभागीय जाँच के आदेश दिए गए हैं। यह प्रकरण सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया है। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि आरोप एक ही घटना से जुड़े हैं, तो कार्रवाई के मानदंड भी समान होने चाहिए। इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि न्याय का आधार लिंग न होकर, समान नियम और निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए, क्योंकि एक ही मामले में दो अलग-अलग पैमाने क्यों अपनाए जा रहे हैं, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है।
VIJAY TIWARI
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ एक पुलिस थाने के अंदर कथित अनुचित आचरण के आरोप में एक पुरुष कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि इसी घटना में शामिल एक महिला कांस्टेबल के खिलाफ विभागीय जाँच के आदेश दिए गए हैं। यह प्रकरण सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया है। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि आरोप एक ही घटना से जुड़े हैं, तो कार्रवाई के मानदंड भी समान होने चाहिए। इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि न्याय का आधार लिंग न होकर, समान नियम और निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए, क्योंकि एक ही मामले में दो अलग-अलग पैमाने क्यों अपनाए जा रहे हैं, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है।
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- आगरा शहर के एक क्षेत्र में स्थानीय निवासियों ने अपने जन प्रतिनिधियों के खिलाफ एक अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महापौर हेमलता दिवाकर, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और दो पार्षदों की तस्वीरों पर फूलमाला चढ़ाकर प्रतीकात्मक रूप से उनका मुंडन संस्कार किया और 'तेरहवीं' का कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद से ये जन प्रतिनिधि क्षेत्र की समस्याओं पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं और लंबे समय से जनता के बीच भी नहीं पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी गहरी नाराजगी को व्यक्त करने के लिए ही यह सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया गया। फिलहाल, इस पूरे मामले पर संबंधित जन प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में हुए एक जमीनी विवाद के दौरान हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मयंक यादव और नवील के रूप में हुई है, जिनके कब्जे से एक अवैध .32 बोर की पिस्टल भी बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से ही आरोपियों की तलाश की जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद दोनों से पूछताछ की गई और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और इस पूरे मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।1
- लखनऊ में पुलिस ने मोबाइल चोरी कर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जो सभी सीतापुर जनपद के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 11 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 की-पैड मोबाइल, ₹8,358 नकद, बैंक डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम कार्ड बरामद किए हैं। ठगी की वारदातों में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह भीड़भाड़ वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से मोबाइल चोरी करता था। इसके बाद, आरोपी चोरी किए गए मोबाइल में लगे सिम कार्ड का इस्तेमाल कर यूपीआई (UPI), यूपीआई लाइट (UPI Lite) और इंटरनेट बैंकिंग को सक्रिय करते थे। सक्रिय होने के बाद, वे खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर नकद निकाल लेते थे। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने महिगवां क्षेत्र में लगभग ₹3.91 लाख और बीकेटी क्षेत्र में लगभग ₹4.28 लाख की साइबर ठगी करने की बात स्वीकार की है। ठगी को अंजाम देने के बाद, आरोपी मोबाइल और सिम कार्ड को नष्ट कर सबूत मिटाने का प्रयास करते थे। लखनऊ पुलिस की सतर्क कार्रवाई और महिगवां पुलिस तथा साइबर क्राइम सेल की संयुक्त कार्रवाई से इस गिरोह का खुलासा हो पाया है। इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नव नियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा ने हाल ही में पार्टी कार्यालय पहुंचकर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा लगातार मजबूत हो रही है, और पार्टी 2027 में उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ फिर से सरकार बनाने जा रही है। इस दौरान, सुरेश राणा ने समाजवादी पार्टी (सपा) के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को लेकर बड़ा बयान देते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अखिलेश यादव का असली PDA नहीं है, और उनके अनुसार सपा के PDA में 'P' का मतलब 'पाकिस्तान' है।1
- लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संगठन की नियुक्तियों और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नियुक्तियाँ केवल एक परिवार या किसी एक स्थान से की जानी होतीं, तो इसकी सूची बहुत पहले ही जारी हो चुकी होती। पंकज चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा सर्व समाज की पार्टी है और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की विचारधारा पर काम करती है। चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि इसी वर्तमान टीम के दम पर भाजपा वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव सफलतापूर्वक जीतेगी। इसके अतिरिक्त, कानून-व्यवस्था और जांच से जुड़े एक प्रश्न पर, उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहले दिए गए बयान को दोहराया, जिसमें कहा गया था कि एसआईटी जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए धार्मिक आस्था, कानून-व्यवस्था और अयोध्या से संबंधित मुद्दों पर अपनी सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश में शांति और सौहार्द बनाए रखना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनआस्था से जुड़े मामलों में सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। अयोध्या के मामले पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू की जा चुकी है, और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार ही आगे कदम उठाए जाएंगे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि धार्मिक आस्था के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील भी की।1
- मेरठ में उधार न देने के मामूली से विवाद पर कुछ दबंगों ने एक कंफेक्शनरी दुकानदार को उसकी दुकान में घुसकर बेरहमी से पीटा। इस दौरान हमलावरों ने दुकानदार को भद्दी-भद्दी गालियां दीं, और अंकित बढ़ला नाम के एक व्यक्ति ने दुकानदार को माँ-बहन की गालियाँ देते हुए जान से मारने की भी धमकी दी। बेचारा दुकानदार लगातार हाथ जोड़कर हमलावरों से उसे छोड़ देने की गुहार लगाता रहा, लेकिन उन दबंगों का दिल नहीं पसीजा। यह पूरी खौफनाक वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है।1