चंदौली के चहनियां क्षेत्र में मानसून के सिर पर होने के बावजूद खोनपुर-सुरतापुर ड्रेन की हालत जस की तस बनी हुई है। 10 सालों से ड्रेन की सफाई और खुदाई न होने से आक्रोशित सैकड़ों किसानों ने शनिवार को खोनपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। उनका आरोप है कि एक दशक से ड्रेन में झाड़-झंखाड़ और सिल्ट जमा है, जिससे जल निकासी पूरी तरह ठप है। इस स्थिति से लगभग 2000 एकड़ धान की खेती पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि बारिश होने पर खेत तालाब बन जाएंगे और फसल डूब जाएगी। किसानों ने बताया कि टेंडर पास होने के बावजूद भी काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया है। कई किसानों की तो नर्सरी तक नहीं लग पाई है, और उनका कहना है कि यदि खरीफ की फसल चौपट हो गई तो वे बर्बाद हो जाएंगे। प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत ड्रेन की खुदाई और सफाई शुरू नहीं की गई, तो उनका आंदोलन जिला मुख्यालय तक जाएगा, जहाँ वे एक विशाल धरना देंगे। मौके पर पूर्व प्रधान आजाद यादव, मुन्नी राम कोच, फकीर राम, धनंजय, संजय राय, कन्हैया राय, रामसकल, रामबली, प्रमोद मौर्य, रामजी, मार्कण्डेय प्रसाद, राजेश्वर यादव, सूबेदार, राममूरत सहित सैकड़ों 'अन्नदाता' मौजूद रहे। उनकी एकमात्र मांग है कि बारिश से पहले ड्रेन को साफ किया जाए ताकि किसानों की फसल और भविष्य बचाया जा सके। किसानों ने साफ कहा कि 10 साल की अनदेखी ने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया है, और अब वे अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं।
चंदौली के चहनियां क्षेत्र में मानसून के सिर पर होने के बावजूद खोनपुर-सुरतापुर ड्रेन की हालत जस की तस बनी हुई है। 10 सालों से ड्रेन की सफाई और खुदाई न होने से आक्रोशित सैकड़ों किसानों ने शनिवार को खोनपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। उनका आरोप है कि एक दशक से ड्रेन में झाड़-झंखाड़ और सिल्ट जमा है, जिससे जल निकासी पूरी तरह ठप है। इस स्थिति से लगभग 2000 एकड़ धान की खेती पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि बारिश होने पर खेत तालाब बन जाएंगे और फसल डूब जाएगी। किसानों ने बताया कि टेंडर पास होने के बावजूद भी काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया है। कई किसानों की तो नर्सरी तक नहीं लग पाई है, और उनका कहना है कि यदि खरीफ की फसल चौपट हो गई तो वे बर्बाद हो जाएंगे। प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत ड्रेन की खुदाई और सफाई शुरू नहीं की गई, तो उनका आंदोलन जिला मुख्यालय तक जाएगा, जहाँ वे एक विशाल धरना देंगे। मौके पर पूर्व प्रधान आजाद यादव, मुन्नी राम कोच, फकीर राम, धनंजय, संजय राय, कन्हैया राय, रामसकल, रामबली, प्रमोद मौर्य, रामजी, मार्कण्डेय प्रसाद, राजेश्वर यादव, सूबेदार, राममूरत सहित सैकड़ों 'अन्नदाता' मौजूद रहे। उनकी एकमात्र मांग है कि बारिश से पहले ड्रेन को साफ किया जाए ताकि किसानों की फसल और भविष्य बचाया जा सके। किसानों ने साफ कहा कि 10 साल की अनदेखी ने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया है, और अब वे अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं।
- चंदौली के चहनियां क्षेत्र में प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख उपेंद्र सिंह गुड्डू (समदपुर) के निजी आवास पर एक भव्य संत समागम और हरिकथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बन गया। इस कार्यक्रम में चंदौली जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु, धर्मप्रेमी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए, जहाँ संतों के प्रेरणादायी प्रवचनों को सुनने के लिए विशेष उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में उपस्थित पूज्य महंतों और संतों ने अपने अमृतमय प्रवचनों के माध्यम से धर्म, संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सत्संग और कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक हैं, जिनके बताए मार्ग पर चलने से परिवार, समाज और राष्ट्र समृद्धि की ओर अग्रसर हो सकते हैं। महंतों ने यह भी कहा कि देश के मंदिर और धार्मिक स्थल भारतीय संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण के प्रमुख आधार हैं, और उन्होंने युवाओं से राष्ट्र की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए धर्म, संस्कार और सेवा भाव को अपनाने का आह्वान किया। संतों की वाणी से हुई आध्यात्मिक अमृतवर्षा ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, जिन्होंने पूरे मनोयोग से कथा एवं प्रवचनों का श्रवण किया और जीवन में धर्म तथा नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख उपेंद्र सिंह "गुड्डू" ने गुरु के स्थान को जीवन में सर्वोपरि बताया, कहते हुए कि उनके मार्गदर्शन के बिना वास्तविक कल्याण संभव नहीं है। उन्होंने संतों के वचनों को अमूल्य धरोहर बताया, जिन्हें केवल सुनना ही नहीं, बल्कि आचरण में उतारना भी आवश्यक है। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण बना रहा, और संतों के दर्शन व आशीर्वाद के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। क्षेत्रवासियों ने इस आयोजन को आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने वाला एक सफल एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम बताया।1
- चंदौली जिले के चहनियां क्षेत्र से एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहाँ 'समाधान माइक्रो क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड' नामक एक फर्जी कंपनी ने गरीब महिलाओं को ₹60,000 की बीमा और आर्थिक मदद का लालच देकर लाखों रुपये ठग लिए और रातों-रात फरार हो गई। सोनहुला गांव में एक किराए के मकान से संचालित हो रहे इस फर्जी दफ्तर के संचालकों ने सैकड़ों महिलाओं से रजिस्ट्रेशन के नाम पर प्रति महिला ₹2950 रुपये वसूले थे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सिरौली थाना क्षेत्र के तहत, एक महिला की शिकायत पर बार-बार थाने जाने और अपील करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अटा उर्फ फंदापुर थाना सिरौली में महिला की लगातार गुहार के बावजूद उसकी बात को अनसुना किया जा रहा है।1
- उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में स्थित जारा-जिबली पोस्ट ऑफिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ग्रामीण और डाक कर्मचारियों के बीच हुए विवाद को दिखाया गया है, जहाँ ग्रामीणों ने डाक वितरण न होने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से उनके डाक और पार्सल वितरित नहीं किए जा रहे थे। इसी शिकायत को लेकर जब लोग पोस्ट ऑफिस पहुंचे, तो कर्मचारियों के साथ उनका विवाद हो गया। इस दौरान, एक महिला ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) कर्मी पर ग्रामीणों को धमकी देने और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर भारतीय डाक विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- वाराणसी जिले में आई तेज़ आंधी और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस मौसमी प्रभाव के चलते कई स्थानों पर पेड़ गिर गए हैं, जिसके कारण रास्ते बाधित हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, सोनबरसा बाजार पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो गया है, जिससे आम लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- पंचायत चुनाव से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट में किसी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग जगहों पर होना गलत है। ऐसे व्यक्ति जिनके नाम दो वोटर लिस्ट में दर्ज हैं, वे पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होंगे और चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।1
- वाराणसी में आज तेज हवाएं चलने की संभावना है, साथ ही गरज-चमक और हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। हालिया मौसम अपडेट के अनुसार, मौसम विभाग ने वाराणसी के लिए तेज हवा और वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वर्तमान में शहर में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है, जिसमें तापमान 35-37°C के आसपास है। आमतौर पर हवा की गति 10 किमी/घंटा दर्ज की गई है, लेकिन आंधी-तूफान के दौरान हवा के झोंके काफी तेज हो सकते हैं। इसे देखते हुए, बाहर जाने वाले लोगों को ढीली वस्तुओं को सुरक्षित रखने, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने, तथा बारिश और बिजली कड़कने की स्थिति में खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है।3
- चंदौली के चहनियां क्षेत्र में मानसून के सिर पर होने के बावजूद खोनपुर-सुरतापुर ड्रेन की हालत जस की तस बनी हुई है। ड्रेन की सफाई और खुदाई पिछले दस सालों से नहीं हुई है, जिससे आक्रोशित सैकड़ों किसानों ने शनिवार को खोनपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि एक दशक से ड्रेन में झाड़-झंखाड़ और सिल्ट जमा होने के कारण जल निकासी पूरी तरह ठप हो गई है। इस गंभीर स्थिति के चलते लगभग 2000 एकड़ धान की खेती पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि बारिश होने पर खेत तालाब बन जाएंगे और फसल डूब जाएगी। किसानों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।1