मगरमच्छों के खौफ पर ग्रामीणों की जीत! एक रात में चंदा जुटाकर बना डाला चचरी पुल, सिस्टम को दिखाया आईना बगहा के नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिरिसिया गांव से होकर गुजरने वाली भपसा नहर इन दिनों मगरमच्छों के आतंक का केंद्र बनी हुई है। लगातार हो रहे हमलों और प्रशासनिक स्तर पर तत्काल राहत नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही समाधान निकाल लिया। रविवार की रात गांव के लोगों ने चंदा इकट्ठा किया, श्रमदान किया और रातों-रात नहर पर चचरी पुल बनाकर एक अनोखी मिसाल पेश कर दी। इस पहल ने न सिर्फ हजारों किसानों की आवाजाही आसान कर दी, बल्कि सिस्टम को भी यह संदेश दे दिया कि जब उम्मीदें टूट जाती हैं तो जनता अपने दम पर रास्ता बना लेती है। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण गंडक नदी से मगरमच्छ भपसा नहर और आसपास की सहायक जलधाराओं में पहुंच गए हैं। कमर तक भरे पानी को पार कर किसान अपनी खेती तक जाने को मजबूर थे। धान की रोपाई और निराई जैसे जरूरी कृषि कार्यों के लिए हर दिन उन्हें जान जोखिम में डालकर नहर पार करनी पड़ती थी। इसी दौरान 20 जुलाई को मगरमच्छ ने किसान केदार बैठा को अपना शिकार बना लिया, जबकि रविवार की सुबह नहर पार कर रही एक महिला पर भी मगरमच्छ ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा से मुलाकात कर पुल निर्माण की मांग रखी। बरसात के मौसम में तत्काल स्थायी पुल बनना संभव नहीं था, इसलिए विधायक ने ग्रामीणों को अस्थायी चचरी पुल बनाने की सलाह दी और इसके लिए आर्थिक सहयोग भी उपलब्ध कराया। इसके बाद ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर चंदा जुटाया और एकजुट होकर रातों-रात पुल तैयार कर दिया, जिससे अब किसानों और ग्रामीणों को मगरमच्छों से भरे पानी में उतरने की मजबूरी नहीं रहेगी। विधायक सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि दो सप्ताह के भीतर मगरमच्छों के हमले में एक किसान की मौत और एक महिला के घायल होने के बाद तत्काल कोई सुरक्षित व्यवस्था जरूरी थी। स्थायी पुल बनने में समय लगेगा, इसलिए किसानों की सुरक्षा को देखते हुए चचरी पुल के निर्माण में सहयोग किया गया ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके। उधर, वीटीआर के मदनपुर वन क्षेत्र के रेंजर नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि भपसा नहर तिरहुत कैनाल से जुड़ी है और बरसात के दौरान गंडक नदी से मगरमच्छ इसमें पहुंच जाते हैं। उनकी संख्या का सही अनुमान लगाना फिलहाल संभव नहीं है। किसान की मौत के बाद वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान भी चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे नहर को पार करने से बचें। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा बनाए गए चचरी पुल को एक अच्छी पहल बताते हुए कहा कि मृत किसान के परिजनों को नियमानुसार ₹10 लाख का मुआवजा दिया जाएगा, जबकि घायल महिला को भी जांच के बाद उपचार हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भपसा नहर पर बना यह चचरी पुल केवल बांस और लकड़ियों का ढांचा नहीं, बल्कि ग्रामीणों की एकता, साहस और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है। मगरमच्छों के आतंक के बीच ग्रामीणों ने जिस तरह एकजुट होकर अपनी सुरक्षा का रास्ता खुद तैयार किया, वह पूरे इलाके के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
मगरमच्छों के खौफ पर ग्रामीणों की जीत! एक रात में चंदा जुटाकर बना डाला चचरी पुल, सिस्टम को दिखाया आईना बगहा के नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिरिसिया गांव से होकर गुजरने वाली भपसा नहर इन दिनों मगरमच्छों के आतंक का केंद्र बनी हुई है। लगातार हो रहे हमलों और प्रशासनिक स्तर पर तत्काल राहत नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही समाधान निकाल लिया। रविवार की रात गांव के लोगों ने चंदा इकट्ठा किया, श्रमदान किया और रातों-रात नहर पर चचरी पुल बनाकर एक अनोखी मिसाल पेश कर दी। इस पहल ने न सिर्फ हजारों किसानों की आवाजाही आसान कर दी, बल्कि सिस्टम को भी यह संदेश दे दिया कि जब उम्मीदें टूट जाती हैं तो जनता अपने दम पर रास्ता बना लेती है। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण गंडक नदी से मगरमच्छ भपसा नहर और आसपास की सहायक जलधाराओं में पहुंच गए हैं। कमर तक भरे पानी को पार कर किसान अपनी खेती तक जाने को मजबूर थे। धान की रोपाई और निराई जैसे जरूरी कृषि कार्यों के लिए हर दिन उन्हें जान जोखिम में डालकर नहर पार करनी पड़ती थी। इसी दौरान 20 जुलाई को मगरमच्छ ने किसान केदार बैठा को अपना शिकार बना लिया, जबकि रविवार की सुबह नहर पार कर रही एक महिला पर भी मगरमच्छ ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा से मुलाकात कर पुल निर्माण की मांग रखी। बरसात के मौसम में तत्काल स्थायी पुल बनना संभव नहीं था, इसलिए विधायक ने ग्रामीणों को अस्थायी चचरी पुल बनाने की सलाह दी और इसके लिए आर्थिक सहयोग भी उपलब्ध कराया। इसके बाद ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर चंदा जुटाया और एकजुट होकर रातों-रात पुल तैयार कर दिया, जिससे अब किसानों और ग्रामीणों को मगरमच्छों से भरे पानी में उतरने की मजबूरी नहीं रहेगी। विधायक सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि दो सप्ताह के भीतर मगरमच्छों के हमले में एक किसान की मौत और एक महिला के घायल होने के बाद तत्काल कोई सुरक्षित व्यवस्था जरूरी थी। स्थायी पुल बनने में समय लगेगा, इसलिए किसानों की सुरक्षा को देखते हुए चचरी पुल के निर्माण में सहयोग किया गया ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके। उधर, वीटीआर के मदनपुर वन क्षेत्र के रेंजर नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि भपसा नहर तिरहुत कैनाल से जुड़ी है और बरसात के दौरान गंडक नदी से मगरमच्छ इसमें पहुंच जाते हैं। उनकी संख्या का सही अनुमान लगाना फिलहाल संभव नहीं है। किसान की मौत के बाद वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान भी चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे नहर को पार करने से बचें। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा बनाए गए चचरी पुल को एक अच्छी पहल बताते हुए कहा कि मृत किसान के परिजनों को नियमानुसार ₹10 लाख का मुआवजा दिया जाएगा, जबकि घायल महिला को भी जांच के बाद उपचार हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भपसा नहर पर बना यह चचरी पुल केवल बांस और लकड़ियों का ढांचा नहीं, बल्कि ग्रामीणों की एकता, साहस और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है। मगरमच्छों के आतंक के बीच ग्रामीणों ने जिस तरह एकजुट होकर अपनी सुरक्षा का रास्ता खुद तैयार किया, वह पूरे इलाके के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
- बिहार बंद के दौरान बीडीओ पर हमले के विरोध में काली पट्टी बांधकर किया प्रतीकात्मक विरोध ।। बिहार बंद के दौरान दो प्रखंड विकास पदाधिकारियों पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने मंगलवार को काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। इस संबंध में मझौलिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार बंद के दौरान छपरा सदर एवं रिविलगंज में प्रतिनियुक्त प्रखंड विकास पदाधिकारियों पर असामाजिक तत्वों द्वारा जानलेवा हमला किया गया, जिसमें दोनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से प्रशासनिक अधिकारियों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सरकारी अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित करती हैं। इसलिए आवश्यक है कि विधि-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी पर प्रतिनियुक्त अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा बल, सुरक्षा उपकरण तथा आवश्यक संसाधनों के साथ ही घटनास्थल पर भेजा जाए, ताकि वे निर्भय होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। डॉ. राजीव रंजन कुमार ने बताया कि बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने इस गंभीर घटना को लेकर मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री, विभागीय सचिव एवं मुख्य सचिव को पत्र भेजकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रतीकात्मक विरोध के तहत जिले के प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की और सरकार से अधिकारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने पर ही वे पूरी निष्ठा एवं निष्पक्षता के साथ जनहित के कार्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।3
- बेतिया में युवाओं के लिए सुनहरा मौका! 31 जुलाई को लगेगा जिला स्तरीय रोजगार मेला, दर्जनों कंपनियां करेंगी सीधी भर्ती पश्चिम चम्पारण के युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अगर आप रोजगार की तलाश में हैं या अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए किसी अच्छे अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तो 31 जुलाई आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन साबित हो सकता है। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत जिला नियोजनालय, पश्चिम चम्पारण, बेतिया द्वारा 31 जुलाई 2026 को एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन-सह-व्यवसायिक मार्गदर्शन मेला आयोजित किया जा रहा है। यह मेला स्थानीय सरकारी आईटीआई परिसर के छात्रावास के बगल वाले खुले मैदान, चेक पोस्ट, बेतिया में आयोजित होगा, जहां जिले के हजारों रोजगार इच्छुक युवक-युवतियों को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों से सीधे जुड़ने और रोजगार पाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। जिला नियोजन पदाधिकारी ने बताया कि इस नियोजन मेले का मुख्य उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक युवाओं को उनकी योग्यता, अनुभव और कौशल के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही ऐसे युवाओं को व्यवसायिक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा, जो अपने करियर को नई दिशा देना चाहते हैं या निजी क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं तलाश रहे हैं। विभाग की कोशिश है कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर भटकना न पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। इस रोजगार मेले में कई नामी निजी कंपनियों ने भाग लेने की सहमति दे दी है। इनमें हरिनगर शुगर मिल्स, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन, एपी सिक्यूरिटास प्राइवेट लिमिटेड, फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी एकेडमी, स्वतंत्र माइक्रो फाइनेंस, एलआईसी ऑफ इंडिया, शिवशक्ति एग्रीटेक लिमिटेड, उमोजा मार्केटप्लेस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और आरएसजी सेल्स एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जैसी संस्थाएं शामिल हैं। उम्मीद की जा रही है कि मेले तक अन्य कई निजी नियोजक भी इसमें शामिल होंगे, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और अधिक बढ़ जाएंगे। रोजगार मेले में आने वाले अभ्यर्थियों को न केवल विभिन्न कंपनियों में नौकरी के अवसर मिलेंगे, बल्कि उन्हें करियर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी, रोजगार की वर्तमान संभावनाएं, आवश्यक कौशल, साक्षात्कार की तैयारी तथा भविष्य की रोजगार योजनाओं के संबंध में भी विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे युवाओं को अपने करियर की सही दिशा तय करने में काफी मदद मिलेगी। जिला नियोजन पदाधिकारी ने जिले के सभी शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों से अपील की है कि वे इस सुनहरे अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और नियोजन मेले में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसलिए सभी योग्य अभ्यर्थी अपने आवश्यक शैक्षणिक प्रमाणपत्र, बायोडाटा तथा अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ मेले में पहुंचें, ताकि कंपनियों द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया में भाग लेकर रोजगार प्राप्त कर सकें। प्रशासन का मानना है कि यदि इस रोजगार मेले की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचेगी, तो बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक-युवतियां इसका लाभ उठा सकेंगे। इसी उद्देश्य से व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। ऐसे में यदि आप भी नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो 31 जुलाई को आयोजित होने वाला यह जिला स्तरीय नियोजन-सह-व्यवसायिक मार्गदर्शन मेला आपके करियर की नई शुरुआत का माध्यम बन सकता है। इसलिए इस अवसर को बिल्कुल भी न गंवाएं और समय पर पहुंचकर अपने बेहतर भविष्य की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाएं।1
- Justin Greaves Pakistan ke khilaf test match mein itihaas rach Diya1
- How Sanju Samsung distinguished himself from other cricketers #SanjuSamson #TeamIndia #WorldCup2026 How Sanju Samsung distinguished himself from other cricketers #SanjuSamson #TeamIndia #WorldCup20261
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- सुगौली पहुंचे डीआईजी, पुलिस निरीक्षक कार्यालय का किया निरीक्षण। दिए कई आवश्यक निर्देश।1
- नेपाल बॉर्डर पर पुलिस का बड़ा प्रहार, 92.693 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार, 37 लाख की खेप और वैगनआर जब्त पश्चिम चंपारण में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुरुषोत्तमपुर थाना क्षेत्र में चलाए गए विशेष वाहन जांच अभियान के दौरान पुलिस ने 92 किलो 693 ग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। तस्करी में प्रयुक्त सफेद रंग की वैगनआर कार भी जब्त कर ली गई है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 37 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से नेपाल बॉर्डर के रास्ते संचालित तस्करी नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नरकटियागंज जयप्रकाश सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुरुषोत्तमपुर थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र के समीप विशेष वाहन जांच अभियान शुरू किया। रात करीब 10 बजे एक संदिग्ध सफेद वैगनआर कार को रोककर उसकी गहन तलाशी ली गई। जांच के दौरान कार में विशेष तरीके से छिपाकर रखा गया 92 किलो 693 ग्राम गांजा बरामद हुआ। मौके से चालक को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसकी पहचान नवलपुर थाना क्षेत्र के निमुईया गांव निवासी राजकुमार कुशवाहा के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान पुलिस को नेपाल से जुड़े तस्करी नेटवर्क, गांजे की खरीद-बिक्री और आपूर्ति श्रृंखला से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह बड़ी खेप किस स्थान तक पहुंचाई जानी थी और इस गिरोह से जुड़े अन्य तस्कर कौन हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई, सघन वाहन जांच और पेशेवर तरीके से की गई इस सफलता को पश्चिम चंपारण पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ आगे भी इसी तरह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि ऐसे संगठित गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।1
- आज की 3 बड़ी खबरें: बिहार से यूपी तक हादसों और विवादों का दिन: बेतिया में मगरमच्छ के खौफ पर चचरी पुल भारी, स्कूल के हंगामे में जांच शुरू और बलिया में दो ट्रकों की भीषण भिड़ंत : नौरंगिया में ग्रामीणों ने रातों-रात बनाया चचरी पुल, नरकटियागंज स्कूल विवाद में कार्रवाई की तैयारी और NH-31 पर भीषण सड़क हादसा 3 बेतिया में जनसहयोग से बना चचरी पुल, नरकटियागंज के प्राथमिक विद्यालय में हंगामे के बाद जांच और बलिया में गिट्टी लदे ट्रकों की टक्कर से चालक गंभीर1