उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद के विंध्याचल थाना क्षेत्रांतर्गत बंगाली चौराहा निवासी करीब 20 वर्षीय शिवमोहन पुत्र शिव कुमार की वाराणसी के सनसाइन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। आरोप है कि बीती 11 जुलाई 2026 को सदर बाजार निवासी अमित केशरवानी पुत्र मिल्लन केशरवानी ने शिवमोहन को ₹200 देकर पहाड़ पर पानी का पता लगाने के लिए बुलाया था। शिवमोहन द्वारा शिवाला घाट के बारे में बताने के बाद, अगले दिन 12 जुलाई 2026 को वे लोग वहाँ सैर करने गए। वापस लौटते समय देवरहवां बाबा आश्रम के पास शिवमोहन को बेरहमी से पीटकर सड़क किनारे फेंक दिया गया था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुँची विंध्याचल पुलिस ने घायल शिवमोहन को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया था, जहाँ से उसे जिला अस्पताल और फिर वाराणसी रेफर किया गया। वहाँ इलाज के दौरान 20 जुलाई 2026 को उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शिवकुमार की मृत्यु संदिग्ध अवस्था में हुई है, जो कि जाँच का विषय है। कार्रवाई की माँग को लेकर परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी नगर और प्रभारी निरीक्षक विंध्याचल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। पुलिस ने परिजनों से तहरीर प्राप्त कर अमित केशरवानी व कुछ अन्य के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या-203/2026, धारा-105 बीएनएस और 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल मौके से जाम हटा दिया गया है और शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।
उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद के विंध्याचल थाना क्षेत्रांतर्गत बंगाली चौराहा निवासी करीब 20 वर्षीय शिवमोहन पुत्र शिव कुमार की वाराणसी के सनसाइन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। आरोप है कि बीती 11 जुलाई 2026 को सदर बाजार निवासी अमित केशरवानी पुत्र मिल्लन केशरवानी ने शिवमोहन को ₹200 देकर पहाड़ पर पानी का पता लगाने के लिए बुलाया था। शिवमोहन द्वारा शिवाला घाट के बारे में बताने के बाद, अगले दिन 12 जुलाई 2026 को वे लोग वहाँ सैर करने गए। वापस लौटते समय देवरहवां बाबा आश्रम के पास शिवमोहन को बेरहमी से पीटकर सड़क किनारे फेंक दिया गया था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुँची विंध्याचल पुलिस ने घायल शिवमोहन को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया था, जहाँ से उसे जिला अस्पताल और फिर वाराणसी रेफर किया गया। वहाँ इलाज के दौरान 20 जुलाई 2026 को उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शिवकुमार की मृत्यु संदिग्ध अवस्था में हुई है, जो कि जाँच का विषय है। कार्रवाई की माँग को लेकर परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी नगर और प्रभारी निरीक्षक विंध्याचल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। पुलिस ने परिजनों से तहरीर प्राप्त कर अमित केशरवानी व कुछ अन्य के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या-203/2026, धारा-105 बीएनएस और 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल मौके से जाम हटा दिया गया है और शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।
- #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #गुप्त_नवरात्रि_मंगलकामना #प्रभु_श्री_कृष्ण4
- मिर्जापुर की राजगढ़ पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सक्तेशगढ़ के पास से 4 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। मिर्जापुर पुलिस के इस सफल ऑपरेशन में आरोपियों के कब्जे से चोरी की 7 बाइक बरामद की गई हैं। पुलिस के इस खुलासे के अनुसार इस गैंग का नेटवर्क बिहार तक फैला हुआ था। चोरी की इन बाइकों को बिहार में शराब तस्करी के लिए बेचा जाता था और इन्हीं गाड़ियों से शराब तस्करी का नेटवर्क संचालित होता था। राजगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अंतरराज्यीय गिरोह के चारों आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।1
- मिर्जापुर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ विंध्यवासिनी धाम में सावन की कांवड़ यात्रा के दौरान आम श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार, अवैध वसूली और VIP संस्कृति को लेकर भक्तों का आक्रोश फूट पड़ा है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि पुलिसकर्मी ₹500 लेकर तुरंत दर्शन करवा रहे हैं, जबकि सामान्य भक्त भीषण गर्मी में घंटों प्रतीक्षा कर रहे हैं। बहराइच से आए शिवम अग्रवाल ने आक्रोश जताते हुए कहा कि छोटे बच्चे के साथ तीन घंटे से लाइन में खड़े रहने के बावजूद प्रशासन 500 रुपये मांगकर 2 मिनट में दर्शन कराने की बात कह रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से आए विकास सिंह ने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यवस्था बदलने की अपील की। विकास सिंह ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पूछने पर इंस्पेक्टर ने फोन आने की बात कही और बिना किसी सांसद या विधायक के, केवल सिफारिश पर एक VIP के साथ 50-50 लोगों को अंदर भेजा जा रहा है, जबकि गरीब भक्तों के बच्चे रोते हुए खड़े हैं। स्थानक दुकानदारों ने भी स्वीकार किया कि सावन और नवरात्रि में कालीखोह मंदिर से लेकर मुख्य विंध्याचल मंदिर तक बिना पैसे या सिफारिश के सामान्य दर्शन असंभव हो जाते हैं। भक्तों का कहना है कि पुलिस उपमहानिरीक्षक विन्ध्याचल परिक्षेत्र के जायजे के बाद भी जमीनी हकीकत उलट है। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक और विंध्याचल परिक्षेत्र के उच्च अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, VIP संस्कृति पर पूर्ण रोक और पारदर्शी दर्शन व्यवस्था लागू करने की मांग की है। वहीं, संपर्क करने पर मंदिर प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं हो सका।1
- प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ विंध्यवासिनी धाम में सावन की कांवड़ यात्रा के दौरान आम श्रद्धालुओं के साथ कथित दुर्व्यवहार, अवैध वसूली और VIP संस्कृति की घटनाओं को लेकर भक्तों का गुस्सा फूट पड़ा। मंदिर परिसर में घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दोपहर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि पुलिसकर्मी ₹500 लेकर तुरंत दर्शन करवा रहे हैं, जबकि आम भक्त भीषण गर्मी में घंटों प्रतीक्षा करने को मजबूर हैं। मंदिर के आसपास के दुकानदारों के अनुसार सावन और नवरात्रि में भीड़ बढ़ते ही यह स्थिति बन जाती है और कालीखोह मंदिर से लेकर मुख्य विंध्याचल मंदिर तक बिना पैसे या सिफारिश के सामान्य दर्शन लगभग असंभव हो गए हैं। प्रशासनिक अव्यवस्था पर आक्रोश व्यक्त करते हुए बहराइच से छोटे बच्चे के साथ आए शिवम अग्रवाल ने कहा कि आम लोग तीन घंटे से सामान्य लाइन में खड़े हैं, जबकि प्रशासन ₹500 मांगकर दो मिनट में दर्शन कराने की बात कह रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से आए विकास सिंह ने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि धर्म के नाम पर अव्यवस्था फैली हुई है और सनातन धर्म को बदनाम करने वाला यह खेल बंद होना चाहिए। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पूछने पर इंस्पेक्टर ने कहा कि किसी का फोन आ गया था, जिसके बाद एक VIP के साथ 50 लोगों को अंदर भेजा गया। गरीब भक्तों के बच्चे रोते हुए घंटों खड़े हैं और पुलिस पैसे लेकर दर्शन करवा रही है। भक्तों का कहना है कि पुलिस उपमहानिरीक्षक विन्ध्याचल परिक्षेत्र द्वारा कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बावजूद जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक और विंध्याचल परिक्षेत्र के उच्च अधिकारियों से इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही VIP संस्कृति पर पूर्ण रोक, पारदर्शी दर्शन प्रोटोकॉल, श्रद्धालुओं के लिए छाया-जल का प्रबंध और अवैध वसूली में शामिल तत्वों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में मंदिर प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं हो सका।1
- #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #गुप्त_नवरात्रि_मंगलकामना #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन4
- मिर्जापुर के प्रसिद्ध देवी धाम विंध्याचल क्षेत्र में अराजकता, नशे और जुए का कारोबार फिर से पैर पसार रहा है। विंध्य कॉरिडोर बनने के बावजूद यहां नशे और जुए के धंधे पर लगाम नहीं लग सकी है, जिसकी जद में आकर कई परिवार उजड़ चुके हैं। विंध्याचल थाना अंतर्गत सगरा में इन दिनों एक जुआ गिरोह फिर से सक्रिय होकर खुलेआम जुए का संचालन करा रहा है, जहां बिना किसी डर के रोजाना लाखों रुपये का वारा-न्यारा किया जा रहा है। इलाकाई पुलिस की ढुलमुल नीति, संलिप्तता और सफेदपोश लोगों के संरक्षण के कारण इन जुआ संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। विंध्याचल की पहाड़ियों और कुछ विशेष स्थानों पर सजने वाले जुए के अड्डे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने जाते हैं, जहां बिहार और नेपाल तक से लोग आकर लाखों का दांव लगाते हैं। इससे पहले वाराणसी की पुलिस टीम ने भी यहां नशे और जुए के अड्डे पर छापा मारा था, जिसकी भनक तक स्थानीय पुलिस को नहीं लग सकी थी। पवित्र धार्मिक स्थल पर जुए और नशे का अड्डा सजने से स्थानीय निवासियों और आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था आहत हो रही है, लेकिन अब तक उच्चाधिकारियों की नजर इस ओर नहीं पड़ी है।1