अशोक नगर जैन मंदिर में दिगम्बर जैन समाज के पर्वाधिराज दस लक्षण महापर्व शुरू - सर्व दुखों की जड़ क्रोध है क्रोध व्यक्ति को अंधा कर देता है : मुनि अरहसागर महाराज - क्षमा वीरों का आभूषण है, अपनी कषायों को छोड़े वैर की गांठ खोले : मुनि अरहसागर महाराज - दस दिनों तक बहेगी धर्म ज्ञान की गंगा, होंगे विविध धार्मिक अनुष्ठान उदयपुर । दिगम्बर जैन समाज के पर्वाधिराज दस लक्षण महापर्व का शुभारंभ बुधवार से होगा। अशोक नगर स्थित उदासीन आश्रम के श्री पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में मुनि अरहसागर महाराज एवं मुनि सुहित सागर महाराज के सानिध्य में दस दिवसीय पर्व के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, अभिषेक, प्रवचन एवं साधना के आयोजन की धूम जारी है। चातुर्मास समिति अध्यक्ष महेंद्र टाया ने बताया कि दस लक्षण महापर्व के तहत दिगम्बर जैन समाज के पर्वाधिराज दस लक्षण महापर्व का शुभारंभ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान के साथ हुआ। पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म पर मुनि अरहसागर महाराज एवं मुनि सुहित सागर महाराज संघ के सानिध्य में प्रातः: 6 बजे जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। इस दौरान दस दिनों तक चलने वाला दस लक्षण विधान की शुरुआत हुई। सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं से खचाखच भरे पंडाल में गुरुदेव व दस लक्षण महापर्व के जयकारे लगते रहे। गुरुवार को उत्तम मार्दव धर्म पर विविध धार्मिक क्रियाएँ आयोजित होगी। बुधवार को मंदिर में अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। इसके बाद आचार्य श्री के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। श्रद्धालुओं ने मुनिश्री का पाद-प्रक्षालन कर श्रीफल भेंट किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। धर्म प्रभावना समिति महामंत्री प्रकाश अखावत एवं मीडिया प्रभारी रमेश वैद ने बताया कि दिगम्बर जैन समाज के तप, संयम एवम त्याग के दस दिवसीय पर्यूषण दशलक्षण महापर्व में विद्वान एवं संगीतकारों द्वारा विभिन्न भक्ति गीतों के स्वर लहरियों के साथ दस लक्षण विधान में पूजा-पाठ की विधि पढ़ाई। इस पर्व के दौरान, जैन धर्म के अनुयायी उपवास, प्रार्थना, ध्यान, और धार्मिक प्रवचन में संलग्न रहते हैं। यह पर्व आत्मशुद्धि और आत्मविकास के लिए एक अवसर प्रदान करता है। इस पर्व का मुख्य उद्देश्य आत्मशुद्धि, कर्मों का नाश, और आत्मज्ञान की प्राप्ति है। जैन धर्म में, आत्मा की शुद्धि और मुक्ति की प्राप्ति के लिए इन दस लक्षणों का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। धर्मसभा में मुनि अरहसागर महाराज ने कहा कि क्षमा वीरों का आभूषण है, हम अपनी कषायों को छोड़े वैर की गांठ खोले ,बुराई को त्यागें, प्रतिशोध की भावना नफऱत, बदला लेने की भावना को त्यागे, बदला लेने की शक्ति होने पर भी क्षमा कर आगे बड़े क्योंकि सर्व दुखों की जड़ क्रोध है क्रोध व्यक्ति को अंधा कर देता है उसे सही गलत की पहचान नहीं करने देता हैं। उन्होंने कहा कि आप चाहते हो हर कोई आपका मददगार बने तो दूसरों के रास्ते रोकना बंद करो। जो अपने आपको समाज का सर्वेसर्वा समझते है वह दूसरों की बढ़ती देख परेशान हो जाते है। ऐसे के जीवन में साता देने वाले कम सताने वाले ज्यादा आते है। राम को जंगल में भी सहयोग करने वाले मिल गए और हमने अभिहया का पाप किया तो घर में भी टांग खीचने वाले है। इस अवसर पर प्रकाश अखावत, राजेंद्र अखावत, शशिकांत शाह, कैलाश गंगवाल, सुमत प्रकाश बालावत, प्रमोद ठोलिया, नरेंद्र टाया, जगदीश जैन, मनोज कमावत, राजेश गंगवाल, डॉ. प्रेमचंद, हेमंत बोहरा, दिनेश डवारा, जिनेंद्र गंगावत, राहुल, महावीर टीमरवा, मनीष गोदावत, अशोक डवारा, जिनेंद्र मेडिस्टेंड, जितेंद्र, अजीत आवोत, अनिल मेहता, अभिषेक जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। मातृशक्ति में अर्चना पटवारी, सर्वेश जैन, प्रभा टाया, इंदिरा डवारा, कल्पना गागांवत, नीता गंगावत, मंजू शाह, सरोज बोहरा, संगीत डवारा, संपत जी, सीमा कमावत, सावित्री टाया, कीर्ति जी एवं संगीत भारती सहित अन्य श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। आयोजकों ने समाजजनों से सपरिवार धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करने का आग्रह किया।
अशोक नगर जैन मंदिर में दिगम्बर जैन समाज के पर्वाधिराज दस लक्षण महापर्व शुरू - सर्व दुखों की जड़ क्रोध है क्रोध व्यक्ति को अंधा कर देता है : मुनि अरहसागर महाराज - क्षमा वीरों का आभूषण है, अपनी कषायों को छोड़े वैर की गांठ खोले : मुनि अरहसागर महाराज - दस दिनों तक बहेगी धर्म ज्ञान की गंगा, होंगे विविध धार्मिक अनुष्ठान उदयपुर । दिगम्बर जैन समाज के पर्वाधिराज दस लक्षण महापर्व का शुभारंभ बुधवार से होगा। अशोक नगर स्थित उदासीन आश्रम के श्री पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में मुनि अरहसागर महाराज एवं मुनि सुहित सागर महाराज के सानिध्य में दस दिवसीय पर्व के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, अभिषेक, प्रवचन एवं साधना के आयोजन की धूम जारी है। चातुर्मास समिति अध्यक्ष महेंद्र टाया ने बताया कि दस लक्षण महापर्व के तहत दिगम्बर जैन समाज के पर्वाधिराज दस लक्षण महापर्व का शुभारंभ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान के साथ हुआ। पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म पर मुनि अरहसागर महाराज एवं
मुनि सुहित सागर महाराज संघ के सानिध्य में प्रातः: 6 बजे जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। इस दौरान दस दिनों तक चलने वाला दस लक्षण विधान की शुरुआत हुई। सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं से खचाखच भरे पंडाल में गुरुदेव व दस लक्षण महापर्व के जयकारे लगते रहे। गुरुवार को उत्तम मार्दव धर्म पर विविध धार्मिक क्रियाएँ आयोजित होगी। बुधवार को मंदिर में अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। इसके बाद आचार्य श्री के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। श्रद्धालुओं ने मुनिश्री का पाद-प्रक्षालन कर श्रीफल भेंट किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। धर्म प्रभावना समिति महामंत्री प्रकाश अखावत एवं मीडिया प्रभारी रमेश वैद ने बताया कि दिगम्बर जैन समाज के तप, संयम एवम त्याग के दस दिवसीय पर्यूषण दशलक्षण महापर्व में विद्वान एवं संगीतकारों द्वारा विभिन्न भक्ति गीतों के स्वर लहरियों के साथ दस लक्षण विधान में पूजा-पाठ की विधि पढ़ाई। इस पर्व के दौरान,
जैन धर्म के अनुयायी उपवास, प्रार्थना, ध्यान, और धार्मिक प्रवचन में संलग्न रहते हैं। यह पर्व आत्मशुद्धि और आत्मविकास के लिए एक अवसर प्रदान करता है। इस पर्व का मुख्य उद्देश्य आत्मशुद्धि, कर्मों का नाश, और आत्मज्ञान की प्राप्ति है। जैन धर्म में, आत्मा की शुद्धि और मुक्ति की प्राप्ति के लिए इन दस लक्षणों का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। धर्मसभा में मुनि अरहसागर महाराज ने कहा कि क्षमा वीरों का आभूषण है, हम अपनी कषायों को छोड़े वैर की गांठ खोले ,बुराई को त्यागें, प्रतिशोध की भावना नफऱत, बदला लेने की भावना को त्यागे, बदला लेने की शक्ति होने पर भी क्षमा कर आगे बड़े क्योंकि सर्व दुखों की जड़ क्रोध है क्रोध व्यक्ति को अंधा कर देता है उसे सही गलत की पहचान नहीं करने देता हैं। उन्होंने कहा कि आप चाहते हो हर कोई आपका मददगार बने तो दूसरों के रास्ते रोकना बंद करो। जो अपने आपको समाज
का सर्वेसर्वा समझते है वह दूसरों की बढ़ती देख परेशान हो जाते है। ऐसे के जीवन में साता देने वाले कम सताने वाले ज्यादा आते है। राम को जंगल में भी सहयोग करने वाले मिल गए और हमने अभिहया का पाप किया तो घर में भी टांग खीचने वाले है। इस अवसर पर प्रकाश अखावत, राजेंद्र अखावत, शशिकांत शाह, कैलाश गंगवाल, सुमत प्रकाश बालावत, प्रमोद ठोलिया, नरेंद्र टाया, जगदीश जैन, मनोज कमावत, राजेश गंगवाल, डॉ. प्रेमचंद, हेमंत बोहरा, दिनेश डवारा, जिनेंद्र गंगावत, राहुल, महावीर टीमरवा, मनीष गोदावत, अशोक डवारा, जिनेंद्र मेडिस्टेंड, जितेंद्र, अजीत आवोत, अनिल मेहता, अभिषेक जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। मातृशक्ति में अर्चना पटवारी, सर्वेश जैन, प्रभा टाया, इंदिरा डवारा, कल्पना गागांवत, नीता गंगावत, मंजू शाह, सरोज बोहरा, संगीत डवारा, संपत जी, सीमा कमावत, सावित्री टाया, कीर्ति जी एवं संगीत भारती सहित अन्य श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। आयोजकों ने समाजजनों से सपरिवार धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करने का आग्रह किया।
- अज्ञात मैसेज के बाद मोबाइल पर आए 15-20 ओटीपी, कुछ ही देर में अलग-अलग खातों और क्रेडिट कार्ड से उड़ाए ₹2.42 लाख साइबर ठगी का शिकार हुआ उदयपुर निवासी, बिना जानकारी के हुए कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन; साइबर थाना पुलिस ने दर्ज की एफआईआर उदयपुर । शहर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। अज्ञात नंबर से आए मैसेज के बाद पीड़ित हिरण मगरी सेक्टर-4 निवासी यशवंत कुमार बोकड़िया (46) के मोबाइल पर अचानक 20-25 ओटीपी आने लगे। पीड़ित कुछ समझ पाता, इससे पहले ही अलग-अलग बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से रकम डेबिट होने के मैसेज मोबाइल पर आने लगे। कुछ ही समय में कुल ₹2,42,298 की राशि अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से निकल गई। मामले में साइबर पुलिस थाना उदयपुर ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अज्ञात नंबर से आया मैसेज, फिर लगातार आने लगे ओटिपी पीड़ित यशवंत कुमार बोकड़िया के अनुसार, घटना की शुरुआत एक अज्ञात नंबर से आए मैसेज से हुई। उन्होंने उस मैसेज पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया। इसके कुछ समय बाद अचानक उनके मोबाइल पर लगातार 20-25 ओटीपी आने लगे। एक साथ इतने ओटीपी आने से उन्हें कुछ असामान्य होने का अंदेशा हुआ। वे इस पूरे घटनाक्रम को समझ पाते, इससे पहले ही मोबाइल पर अलग-अलग बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से रकम डेबिट होने के मैसेज आने लगे। एक के बाद एक ट्रांजेक्शन के संदेश आने से उन्हें पता चला कि उनके खातों से रकम निकाली जा रही है। पीड़ित के अनुसार, लगातार ओटीपी और बैंकिंग से जुड़े मैसेज आने तथा कुछ ही देर में अलग-अलग ट्रांजेक्शन होने से उन्हें मोबाइल और उससे जुड़ी संवेदनशील जानकारी साइबर ठगों के नियंत्रण में पहुंचने तथा मोबाइल हैक होने की आशंका हुई। उनका कहना है कि इस दौरान मोबाइल पर आने वाले मैसेज और बैंकिंग संबंधी जानकारी भी ठगों तक पहुंच रही थी। कुछ ही मिनटों में कई ट्रांजेक्शन उपलब्ध ट्रांजेक्शन दस्तावेजों के अनुसार, अलग-अलग माध्यमों से रकम निकाली गई। इनमें स्विगी इंस्टामार्ट को ₹83,903 और ₹73,906, जबकि जोमैटो से जुड़े कई ट्रांजेक्शन में ₹9,998-₹9,998 की राशि शामिल है। इसके अलावा जोमैटो वॉलेट से ₹9,998 का ट्रांजेक्शन भी सामने आया है। एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, पीड़ित की कुल ₹2,42,298 की राशि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में निकाली गई। फर्जी पहचान और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के इस्तेमाल का आरोप पीड़ित ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि अज्ञात व्यक्ति ने गलत पहचान बताकर उसे विश्वास में लिया और धोखे से उसकी रकम हासिल की। शिकायत में फर्जी दस्तावेज अथवा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का इस्तेमाल किए जाने की बात भी कही गई है। एफआईआर में आरोपी को अज्ञात बताया गया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस थाना, उदयपुर में दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत प्रकरण दर्ज किया है। लेनदेन की कड़ियों की जांच में जुटी पुलिस साइबर पुलिस अलग-अलग ट्रांजेक्शन, संबंधित UPI आईडी, बैंकिंग माध्यमों और जिन खातों/मर्चेंट्स तक राशि पहुंची, उनकी जानकारी जुटा रही है। साथ ही ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम और कथित फर्जी पहचान से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।2
- आज मैथन संजय चौक, बालाजी धाम मंदिर के पास जनता सेवा कार्यालय का शुभारंभ किया गया। समाजसेवी रंजीत महतो ने कहा कि इस कार्यालय को खोलने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की छोटी-बड़ी जनसमस्याओं का समाधान कराने में हर संभव सहयोग करना है। इस कार्यालय के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को जल सेवा, एम्बुलेंस सेवा, ब्लड डोनर की सहायता, पेंशन संबंधी सुविधा, सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं अन्य आवश्यक जनसेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग किया जाएगा। यह कार्यालय किसी एक पार्टी या राजनीतिक दल का कार्यालय नहीं है। यहां सभी वर्ग, सभी समाज, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिकों का स्वागत है। सभी लोग यहां बैठकर क्षेत्र और समाज के हित में विचार-विमर्श कर सकते हैं। यह कार्यालय किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा के लिए समर्पित है। रंजीत महतो समाजसेवी | जनता की सेवा में सदैव तत्पर5
- जामताड़ा से बड़ी खबर:SIR विवाद में गरमाई सियासत, इरफान के आरोपों पर रणधीर ने घेरा। जामताड़ा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर जामताड़ा में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री सह जामताड़ा विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक एवं आदिवासी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जामताड़ा जिले में करीब 41हजार नाम प्रभावित किए जा रहे हैं तथा फॉर्म भेजकर कांग्रेस समर्थक मतदाताओं को भ्रमित किया जा रहा है। मंत्री के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री-सारठ के पूर्व विधायक रणधीर कुमार सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. इरफान अंसारी SIR की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। रणधीर सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में यदि कहीं संदिग्ध या गलत नाम दर्ज हैं, तो उनकी जांच होना आवश्यक है। उनके अनुसार, जांच में सामने आ रहे नामों को बचाने के लिए भाजपा पर आरोप लगाया जा रहा है। रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम हटाना नहीं है, बल्कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर निर्वाचन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। ऐसे नामों की जांच और सत्यापन की आवश्यकता है। रणधीर सिंह ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना निर्वाचन व्यवस्था की जिम्मेदारी है। SIR को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच निर्वाचन प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आधिकारिक स्तर पर SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना तथा पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है।1
- राष्ट्रीय हिंदी दिवस पर समाहरणालय में परिचर्चा, हिंदी के प्रचार-प्रसार का लिया संकल्प जामताड़ा। राष्ट्रीय हिंदी दिवस 2026 के अवसर पर मंगलवार को समाहरणालय सभागार में परिचर्चा का आयोजन किया गया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा ने की। परिचर्चा को संबोधित करते हुए डीडीसी असीम किस्पोट्टा ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय पहचान भी है। हिंदी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने वाली भाषा है। उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रचार-प्रसार और संवर्धन को बढ़ावा देना सभी का नैतिक दायित्व है। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को राजभाषा हिंदी के प्रयोग, प्रचार और प्रसार को बढ़ाने तथा इसके संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में विभिन्न अधिकारियों ने हिंदी के महत्व पर अपने विचार भी रखे। गौरतलब है कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सालकर, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी संतोष कुमार घोष समेत अन्य पदाधिकारी और समाहरणालय संवर्ग के कर्मी मौजूद रहे।2
- गोविंदपुर के फकीरडीह मोड़ के पास विगत दिन सोमवार की शाम 5 बजे जीटी रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 30 वर्षीय बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे में उसका तीन वर्षीय मासूम बेटा बाल-बाल बच गया। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जीटी रोड की बदहाली, ऊंची नाली और संकीर्ण सड़क के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। पिछले दस दिनों के भीतर जीटी रोड पर यह तीसरी जानलेवा दुर्घटना बताई जा रही है। मृतक की पहचान आसनबनी-2 ग्राम पंचायत के तिलाबनी गांव निवासी विदेशी मल्लिक के बड़े पुत्र दीपक मल्लिक के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सोमवार को दीपक अपने तीन वर्षीय बेटे को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ससुराल सिंदरी जा रहे थे। इसी दौरान फकीरडीह मोड़ के पास टर्न लेने के क्रम में तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि दीपक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार उनका मासूम पुत्र बाल-बाल बच गया।1
- झामुमो का खान खनिज संशोधन अधिनियम के खिलाफ 19 सितंबर को करमाटांड प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन, आर.के. प्लेस में हुई अहम बैठक1
- कतरास में कथित मारपीट का मामला, CCTV फुटेज पर टिकी पुलिस जांच1
- निरसा प्रखंड परिसर में अव्यवस्था से आम जनता परेशान पार्किंग, पेयजल और बैठने की व्यवस्था का अभाव, शौचालय भी उपयोग लायक नहीं; SIR प्रक्रिया पंचायत स्तर पर कराने की मांग निरसा। निरसा प्रखंड कार्यालय परिसर में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण गांव-देहात से आने वाले आम लोगों, विशेषकर महिला, वृद्ध एवं दिव्यांगजनों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिसर के बाहर समुचित पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से वाहनों को लेकर भी अव्यवस्था बनी रहती है। वहीं, प्रखंड परिसर के बाहर दो शौचालय निर्मित होने के बावजूद दोनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। एक शौचालय में अक्सर ताला लगा रहता है, जबकि दूसरे में गंदगी की स्थिति होने के कारण वह भी आम लोगों के उपयोग के लायक नहीं है। इससे खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को काफी परेशानी होती है। विधायक प्रतिनिधि, निरसा विधानसभा क्षेत्र मनु सिंह ने कहा कि इस समस्या को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी से बार-बार अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकारी परिसर में आने वाली जनता के लिए पेयजल, बैठने और स्वच्छ शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन दिनों SIR (Special Intensive Revision) के तहत मतदाता सूची में त्रुटियों के सुधार एवं संबंधित कार्य चल रहे हैं। इस वजह से बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रखंड कार्यालय पहुंच रहे हैं। पहले से मौजूद अव्यवस्थाओं के बीच SIR की प्रक्रिया लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। मनु सिंह ने कहा कि SIR से संबंधित कार्य संबंधित BLO के साथ समन्वय स्थापित कर पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर कराया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे सुधार कार्यों के लिए प्रखंड मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े। उन्होंने प्रखंड प्रशासन से दोनों शौचालयों को तत्काल साफ-सफाई कराकर उपयोग योग्य बनाने, बंद शौचालय को नियमित रूप से खोलने, पेयजल एवं बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पार्किंग की समस्या का समाधान करने की मांग की। साथ ही वृद्ध एवं दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की। मनु सिंह ने कहा कि जनता को सरकारी कार्यालय में सुविधा और सम्मान के साथ अपना काम कराने का अधिकार है। केवल भवन बना देना पर्याप्त नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध सुविधाओं का नियमित संचालन और रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए विधायक प्रतिनिधि निरसा प्रखंड6