प्रशासनिक मोर्चे से बड़ी खबर: कलेक्टर कोर्ट के स्थगन आदेश के बाद सरपंच श्रीमती बबली आदिवासी की बहाली का रास्ता साफ बड़ामलहरा / छतरपुर: ग्राम पंचायत रामटौरिया की प्रशासनिक व्यवस्था में एक नया मोड़ आया है। मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 39 के तहत निलंबित की गईं ग्राम पंचायत रामटौरिया की सरपंच श्रीमती बबली आदिवासी को बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। माननीय न्यायालय कलेक्टर, जिला छतरपुर द्वारा प्रकरण क्रमांक बी-121/2026-27 के अंतर्गत पारित अंतरिम स्थगन आदेश के आलोक में यह कदम उठाया गया है।कलेक्टर न्यायालय द्वारा जारी आदेश में निलंबन पर रोक लगाते हुए सरपंच को बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर कोर्ट के इस फैसले के परिपालन में जनपद पंचायत बड़ामलहरा के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत रामटौरिया के सचिव को निर्देशित किया गया है कि वे नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए सरपंच को पुन: प्रभार सौंपने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। न्यायालयीन आदेश के बाद अब ग्राम पंचायत रामटौरिया में विकास कार्यों और प्रशासनिक संचालन की बागडोर एक बार फिर श्रीमती बबली आदिवासी के हाथों में होगी, जिससे पंचायत के रुके हुए विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रशासनिक मोर्चे से बड़ी खबर: कलेक्टर कोर्ट के स्थगन आदेश के बाद सरपंच श्रीमती बबली आदिवासी की बहाली का रास्ता साफ बड़ामलहरा / छतरपुर: ग्राम पंचायत रामटौरिया की प्रशासनिक व्यवस्था में एक नया मोड़ आया है। मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 39 के तहत निलंबित की गईं ग्राम पंचायत रामटौरिया की सरपंच श्रीमती बबली आदिवासी को बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। माननीय न्यायालय कलेक्टर, जिला छतरपुर द्वारा प्रकरण क्रमांक बी-121/2026-27 के अंतर्गत पारित अंतरिम स्थगन आदेश के आलोक में यह कदम उठाया गया है।कलेक्टर न्यायालय द्वारा जारी आदेश में निलंबन पर रोक लगाते हुए सरपंच को बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर कोर्ट के इस फैसले के परिपालन में जनपद पंचायत बड़ामलहरा के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत रामटौरिया के सचिव को निर्देशित किया गया है कि वे नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए सरपंच को पुन: प्रभार सौंपने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। न्यायालयीन आदेश के बाद अब ग्राम पंचायत रामटौरिया में विकास कार्यों और प्रशासनिक संचालन की बागडोर एक बार फिर श्रीमती बबली आदिवासी के हाथों में होगी, जिससे पंचायत के रुके हुए विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
- टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 10 हजार की रिश्वत लेते MPW देशराज घोष रंगे हाथ गिरफ्तार टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 10 हजार की रिश्वत लेते MPW देशराज घोष रंगे हाथ गिरफ्तार टीकमगढ़। जिले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस सागर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एमपीडब्ल्यू (MPW) देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत से आरोपी ने कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस सागर ने योजना बनाकर कार्रवाई की। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 10 हजार रुपये की पहली किस्त आरोपी को दी, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले में एक अन्य शिकायतकर्ता नरेंद्र का भी नाम सामने आया है। उसका आरोप है कि आरोपी उससे पहले ही 5 लाख रुपये ले चुका है। इस कथित लेनदेन का वीडियो होने की भी बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में जांच जारी है और लोकायुक्त पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम आरोपी से पूछताछ कर वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। नोट: आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। दोष सिद्ध होना न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।1
- पूर्व विधायक ने लगाई बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री पर आरोपों की झड़ी पाने छतरपुर प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश के एक पूर्व विधायक द्वारा बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री और उनके छोटे भाई शालिग्राम के ऊपर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। देखिये क्या क्या हैं आरोप..? (शुरू एप इस वीडियो स्रोत एवं आरोपों की पुष्टि नहीं करता)1
- बैदोरा में कई महीनों से नीचे लटक रही बिजली की केबिलें, बिजली विभाग ने नहीं किया सुधार कार्य, दिव्यांग को लगा करेंट, अस्पताल में भर्ती, लोगों ने कनिष्ठ अभियंता से की शिकायत1
- टीकमगढ़ स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी एमपीडब्ल्यू को लोकायुक्त सागर टीम ने 10000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा टीकमगढ़ स्वास्थ्य विभाग एमपीडब्ल्यू पदस्थ कर्मचारियों देशराज घोष को लोकायुक्त टीम सागर द्वारा₹10000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा। आगे की कार्रवाई लोकायुक्त सागर इंस्पेक्टर टीम द्वारा की गई । टीकमगढ़ जिले में रिश्वत की खबरें क्रमबद्ध आ रही है आखिर सिस्टम कब सुधरेगा । जहां जिंदगी देने का मंदिर है। वहां ग्रामीण अंचल के गरीब व्यक्ति बेसहारा अस्पताल में अपना उपचार कराने के लिए आते हैं। यदि₹10000 रिश्वत देनी पड़े तो फिर गरीब व्यक्तियों का कैसे इलाज किया जा सकता है इस पर सरकार को जिला प्रशासन को सही ढंग से निरीक्षण और समय-समय पर जांच होती रहनी चाहिए।1