खादी ग्राम उद्योग लोन में बड़ा खेल? ना कारखाना, ना मशीन, ना कारोबार… फिर भी 10 लाख का लोन पास! काटोकर चौराहे से बसखारी तक ‘कमीशन सिस्टम’ की चर्चा, सरकारी तालाब पर मछली पालन दिखाकर फर्जीवाड़े का आरोप खादी ग्राम उद्योग लोन में बड़ा खेल? ना कारखाना, ना मशीन, ना कारोबार… फिर भी 10 लाख का लोन पास! काटोकर चौराहे से बसखारी तक ‘कमीशन सिस्टम’ की चर्चा, सरकारी तालाब पर मछली पालन दिखाकर फर्जीवाड़े का आरोप 📍 बसखारी/अम्बेडकरनगर। जनपद में खादी ग्राम उद्योग योजना के तहत दिए जा रहे लोन अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गए हैं। आरोप है कि यूनियन बैंक की कुछ शाखाओं में भारी कमीशन लेकर फर्जी तरीके से लाखों रुपये के लोन पास किए जा रहे हैं। मामला इतना गंभीर बताया जा रहा है कि जिन लोगों का कोई कारोबार, दुकान, मशीन या बैकग्राउंड तक नहीं है, उनके नाम पर भी 10-10 लाख रुपये के लोन स्वीकृत कर दिए गए। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पूरा खेल काटोकर चौराहे से शुरू होकर बसखारी क्षेत्र तक फैल चुका है और “कमीशन सेटिंग” के बिना फाइल आगे नहीं बढ़ती। आरोप है कि असली जरूरतमंद महीनों बैंक के चक्कर काटते रहते हैं, जबकि जिन लोगों का व्यवसाय से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं, उन्हें मोटी रकम लेकर आसानी से लोन उपलब्ध करा दिया जाता है। दोना-पत्तल कारखाने के नाम पर लाखों का लोन! सूत्रों का दावा है कि कई मामलों में “दोना-पत्तल कारखाना” दिखाकर 10 लाख रुपये तक के लोन पास कर दिए गए, जबकि मौके पर ना कोई मशीन मिली, ना उत्पादन इकाई और ना ही किसी प्रकार का कारोबार। आरोप है कि फाइलों में कागजी दस्तावेज तैयार कर बैंक से रकम निकाल ली गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच कराई जाए तो कई तथाकथित उद्योग केवल फाइलों में ही संचालित मिलेंगे। सरकारी तालाब पर मछली पालन दिखाकर लोन? सबसे चौंकाने वाला मामला दाउदपुर क्षेत्र से सामने आया है, जहां आरोप है कि एक व्यक्ति के नाम पर खादी ग्राम उद्योग योजना के तहत लगभग 10 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया गया। फाइल में मछली पालन व्यवसाय दिखाया गया, जबकि जिस तालाब का उल्लेख किया गया वह सरकारी भूमि पर स्थित बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति का उस तालाब से कोई स्वामित्व संबंध नहीं है और ना ही मौके पर किसी प्रकार की मछली पालन गतिविधि दिखाई देती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बिना सत्यापन के इतनी बड़ी राशि कैसे पास हो गई? “कमीशन दो, लोन लो” की चर्चा तेज क्षेत्र में चर्चा है कि खादी ग्राम उद्योग से जुड़े कुछ लोन मामलों में पहले कमीशन तय होता है, उसके बाद फाइल आगे बढ़ती है। आरोप यह भी है कि कई मामलों में लाभार्थी की आर्थिक स्थिति, व्यवसायिक अनुभव और स्थल सत्यापन जैसी जरूरी प्रक्रियाओं को नजरअंदाज किया गया। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ बैंकिंग नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि सरकारी योजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला माना जाएगा। जांच की उठी मांग स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मांग की जा रही है कि: सभी संदिग्ध लोन फाइलों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। जिन उद्योगों के नाम पर लोन पास हुए, वहां मौके पर जांच हो। बैंक अधिकारियों और बिचौलियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की जाए। सरकारी भूमि या फर्जी दस्तावेज के आधार पर स्वीकृत लोन तत्काल निरस्त किए जाएं। लोगों का कहना है कि यदि योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक नहीं पहुंचेगा और फर्जीवाड़ा इसी तरह चलता रहा, तो ग्रामीण विकास और स्वरोजगार योजनाओं का उद्देश्य पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
खादी ग्राम उद्योग लोन में बड़ा खेल? ना कारखाना, ना मशीन, ना कारोबार… फिर भी 10 लाख का लोन पास! काटोकर चौराहे से बसखारी तक ‘कमीशन सिस्टम’ की चर्चा, सरकारी तालाब पर मछली पालन दिखाकर फर्जीवाड़े का आरोप खादी ग्राम उद्योग लोन में बड़ा खेल? ना कारखाना, ना मशीन, ना कारोबार… फिर भी 10 लाख का लोन पास! काटोकर चौराहे से बसखारी तक ‘कमीशन सिस्टम’ की चर्चा, सरकारी तालाब पर मछली पालन दिखाकर फर्जीवाड़े का आरोप 📍 बसखारी/अम्बेडकरनगर। जनपद में खादी ग्राम उद्योग योजना के तहत दिए जा रहे लोन अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गए हैं। आरोप है कि यूनियन बैंक की कुछ शाखाओं में भारी कमीशन लेकर फर्जी तरीके से लाखों रुपये के लोन पास किए जा रहे हैं। मामला इतना गंभीर बताया जा रहा है कि जिन लोगों का कोई कारोबार, दुकान, मशीन या बैकग्राउंड तक नहीं है, उनके नाम पर भी 10-10 लाख रुपये के लोन स्वीकृत कर दिए गए। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पूरा खेल काटोकर चौराहे से शुरू होकर बसखारी क्षेत्र तक फैल चुका है और “कमीशन सेटिंग” के बिना फाइल आगे नहीं बढ़ती। आरोप है कि असली जरूरतमंद महीनों बैंक के चक्कर काटते रहते हैं, जबकि जिन लोगों का व्यवसाय से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं, उन्हें मोटी रकम लेकर आसानी से लोन उपलब्ध करा दिया जाता है। दोना-पत्तल कारखाने के नाम पर लाखों का लोन! सूत्रों का दावा है कि कई मामलों में “दोना-पत्तल कारखाना” दिखाकर 10 लाख रुपये तक के लोन पास कर दिए गए, जबकि मौके पर ना कोई मशीन मिली, ना उत्पादन इकाई और ना ही किसी प्रकार का कारोबार। आरोप है कि फाइलों में कागजी दस्तावेज तैयार कर बैंक से रकम निकाल ली गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच कराई जाए तो कई तथाकथित उद्योग केवल फाइलों में ही संचालित मिलेंगे। सरकारी तालाब पर मछली पालन दिखाकर लोन? सबसे चौंकाने वाला मामला दाउदपुर क्षेत्र से सामने आया है, जहां आरोप है कि एक व्यक्ति के नाम पर खादी ग्राम उद्योग योजना के तहत लगभग 10 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया गया। फाइल में मछली पालन व्यवसाय दिखाया गया, जबकि जिस तालाब का उल्लेख किया गया वह सरकारी भूमि पर स्थित बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति का उस तालाब से कोई स्वामित्व संबंध नहीं है और ना ही मौके पर किसी प्रकार की मछली पालन गतिविधि दिखाई देती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बिना सत्यापन के इतनी बड़ी राशि कैसे पास हो गई? “कमीशन दो, लोन लो” की चर्चा तेज क्षेत्र में चर्चा है कि खादी ग्राम उद्योग से जुड़े कुछ लोन मामलों में पहले कमीशन तय होता है, उसके बाद फाइल आगे बढ़ती है। आरोप यह भी है कि कई मामलों में लाभार्थी की आर्थिक स्थिति, व्यवसायिक अनुभव और स्थल सत्यापन जैसी जरूरी प्रक्रियाओं को नजरअंदाज किया गया। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ बैंकिंग नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि सरकारी योजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला माना जाएगा। जांच की उठी मांग स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मांग की जा रही है कि: सभी संदिग्ध लोन फाइलों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। जिन उद्योगों के नाम पर लोन पास हुए, वहां मौके पर जांच हो। बैंक अधिकारियों और बिचौलियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की जाए। सरकारी भूमि या फर्जी दस्तावेज के आधार पर स्वीकृत लोन तत्काल निरस्त किए जाएं। लोगों का कहना है कि यदि योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक नहीं पहुंचेगा और फर्जीवाड़ा इसी तरह चलता रहा, तो ग्रामीण विकास और स्वरोजगार योजनाओं का उद्देश्य पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
- सरयू नदी किनारे मिला 45 वर्षीय व्यक्ति का शव, पहचान नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा #ambedkarnagarpolice #viral #followers #dmambedkarnagar #uppolice अंबेडकरनगर के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के कम्हरिया घाट पर सरयू नदी किनारे एक अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है, जांच जारी है।1
- अंबेडकरनगर के अकबरपुर में एक महिला न्याय पाने की उम्मीद में दर-दर भटकने को मजबूर है। उसे स्थानीय अधिकारियों या संबंधित विभागों से कोई मदद नहीं मिल पा रही, जिससे प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश में शिव बाबा के पास एक ड्राइवर की गलती से हुए सड़क हादसे में युवक का पैर टूट गया। इस दुर्घटना में बाइक भी क्षतिग्रस्त हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।1
- बाइक सवार की ट्रैक्टर से कुचल कर दर्दनाक मौत - अंबेडकर नगर में एक और सड़क हादसा अंबेडकर नगर के इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चाकुआपुर गांव के करीब इल्तिफत गंज - अयोध्या मार्ग पर लकड़ी से लदी ट्रैक्टर ने एक बाइक सवार को बुरी तरह से रौंद डाला जिससे बाइक सवार दीपक पाल नाम के युवक की दर्दनाक मौत हो गई ।1
- सुल्तानपुर: सगे बुआ के लड़के ने भाई पर चलाई गोली, पुलिस ने मौके से पिस्टल समेत किया गिरफ्तार *"आज दिनांक 11 मई, थाना अखंड नगर जनपद सुल्तानपुर में श्रवण निषाद पुत्र सभाजीत निवासी ग्राम डोमा थाना अखंड नगर को उसकी बुआ के लड़के प्रवीण निषाद द्वारा गोली मारकर घायल कर दिया गया है।वह खतरे से बाहर है, हायर सेंटर के लिए रेफर हुआ है। पब्लिक के सहयोग से पुलिस द्वारा अभियुक्त प्रवीण को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है और घटना में प्रयुक्त पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है।"* *उक्त के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय कुमार द्वारा बाइट...*1
- लखनऊ के राजाजीपुरम में दबंगों का तांडव, चौकी के सामने युवक की लाठी डंडों से पिटाई लखनऊ के राजाजीपुरम में दबंगों का तांडव, चौकी के सामने युवक की लाठी-डंडों से पिटाई लखनऊ के राजाजीपुरम इलाके में दबंगों के हौसले इतने बुलंद दिखे कि पुलिस चौकी के ठीक सामने एक युवक को लाठी-डंडों से पीट दिया गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि मामला राजाजीपुरम के तालकटोरा थाना क्षेत्र स्थित एमआईएस चौकी के सामने का है। वायरल वीडियो में कुछ दबंग खुलेआम युवक पर हमला करते नजर आ रहे हैं। चौकी के सामने हुई इस वारदात ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब चौकी के सामने ही इस तरह की घटना हो सकती है तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आरोपियों के खिलाफ कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई होती है।1
- सुलतानपुर के अखंडनगर में ऑटो के पास खड़े दो सगे भाई अनिल और प्रदीप को एक अज्ञात बोलेरो ने टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। कादीपुर क्षेत्राधिकारी ने इसे संदिग्ध मौत बताया है; पुलिस बोलेरो की तलाश में जुटी है और विधिक कार्रवाई जारी है।1
- टांडा क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसा, बाइक डिवाइडर से टकराई, महिला की मौत, दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे #ambedkarnagarpolice #viral #followers #dmambedkarnagar #uppolice अंबेडकरनगर के टांडा क्षेत्र में हसनपुर सुन्थर गांव के पास दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। पल्सर बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में पुष्पा देवी की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जांच जारी है।1