मेहंदिया बाजार में एनएच-139 किनारे खड़ा सूखा महुआ का पेड़ हटाया, बड़ी दुर्घटना टली पहलेजा पंचायत के मुखिया के पहल पर वन विभाग और पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई अरवल मेहंदिया बाजार स्थित एनएच-139 के किनारे वर्षों से सूखा खड़ा महुआ का पेड़ राहगीरों, दुकानदारों और स्कूली बच्चों के लिए लगातार खतरा बना हुआ था। तेज हवा और बारिश के मौसम में पेड़ कभी भी गिर सकता था, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। इस गंभीर समस्या को देखते हुए पहलेजा पंचायत के मुखिया मुंद्रिका सिंह ने वन विभाग औरंगाबाद प्रमंडल को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया था। शिकायत मिलने के बाद वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बुधवार को अपनी टीम बन प्रमंडल औरंगाबाद के रेंजर श्वेता कुमारी के साथ मेहंदिया थाना पुलिस को घटनास्थल पर भेजा। मुखिया मुंद्रिका सिंह की देखरेख में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से सूखे महुआ के पेड़ को सुरक्षित ढंग से काटकर हटाया। कार्रवाई के दौरान एनएच-139 पर यातायात को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न घटे। मुखिया मुंद्रिका सिंह स्वयं मौके पर मौजूद रहे और स्थानीय लोगों को सहयोग किया। पेड़ हटाए जाने के बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने कहा कि अब बिना भय के आवागमन हो सकेगा। ग्रामीणों ने वन विभाग, पुलिस प्रशासन और मुखिया मुंद्रिका सिंह की त्वरित पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधि की सक्रियता से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया है।
मेहंदिया बाजार में एनएच-139 किनारे खड़ा सूखा महुआ का पेड़ हटाया, बड़ी दुर्घटना टली पहलेजा पंचायत के मुखिया के पहल पर वन विभाग और पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई अरवल मेहंदिया बाजार स्थित एनएच-139 के किनारे वर्षों से सूखा खड़ा महुआ का पेड़ राहगीरों, दुकानदारों और स्कूली बच्चों के लिए लगातार खतरा बना हुआ था। तेज हवा और बारिश के मौसम में पेड़ कभी
भी गिर सकता था, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। इस गंभीर समस्या को देखते हुए पहलेजा पंचायत के मुखिया मुंद्रिका सिंह ने वन विभाग औरंगाबाद प्रमंडल को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया था। शिकायत मिलने के बाद वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बुधवार को अपनी टीम बन प्रमंडल औरंगाबाद के रेंजर श्वेता कुमारी के साथ मेहंदिया
थाना पुलिस को घटनास्थल पर भेजा। मुखिया मुंद्रिका सिंह की देखरेख में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से सूखे महुआ के पेड़ को सुरक्षित ढंग से काटकर हटाया। कार्रवाई के दौरान एनएच-139 पर यातायात को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न घटे। मुखिया मुंद्रिका सिंह स्वयं मौके पर
मौजूद रहे और स्थानीय लोगों को सहयोग किया। पेड़ हटाए जाने के बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने कहा कि अब बिना भय के आवागमन हो सकेगा। ग्रामीणों ने वन विभाग, पुलिस प्रशासन और मुखिया मुंद्रिका सिंह की त्वरित पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधि की सक्रियता से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया है।
- सहार की बिजली समस्या पर अगस्त को होगी महाबैठक ! बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान! काफी संख्या में जताने की अपील? भोजपुर जिला के सहार प्रखंड अंतर्गत लगातार खराब बिजली व्यवस्था बार-बार बिजली कटौती कम वोल्टेज जर्जर तार और ट्रांसफार्मर की कमी से परेशान उपभोक्ताओं ने अब एकजुट होकर आवाज उठाने का निर्णय लिया है, इसी को लेकर 1 अगस्त को दोपहर 2:00 बजे सूर्य मंदिर प्रांगण में सहार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, बैठक में क्षेत्र की वर्तमान बिजली व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी तथा जनता की समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुंचाने के लिए सामूहिक रणनीति बनाई जाएगी कौन है सहार क्षेत्र में सभी बिजली उपभोक्ताओं से अधिक अधिक संख्या में बैठक में शामिल होकर अपनी-अपनी बात रखने अपील की है1
- भरत तिवारी एनकाउंटर प्रकरण: स्वजन का दावा- एसटीएफ जवान ने ही मारी थी पहली गोली स्वजन बोले- अन्य आरोपित पुलिसकर्मियों की भी जल्द हो गिरफ्तारी, सभी को मिले कड़ी सजा कलेर: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण में एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी के बाद मृतक के स्वजन की प्रतिक्रिया सामने आई है। मृतक की मां आशा देवी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि उनके बेटे भरत को पहली गोली एसटीएफ जवान अक्षय कुमार ने ही मारी थी।आशा देवी ने आरोप लगाया कि दूसरी गोली तत्कालीन डीएसपी और तीसरी गोली तत्कालीन थानाध्यक्ष ने मारी थी। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को कुल पांच गोलियां लगी थीं। एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी खुशी तब मिलेगी, जब मामले के सभी दोषियों को फांसी की सजा मिलेगी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद ही उन्हें इंसाफ की उम्मीद जगी और कार्रवाई शुरू हुई। उनका कहना था कि इस घटना में जिसकी भी भूमिका रही है, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री पर न्याय दिलाने का भरोसा भी जताया। मृतक की भाभी सुमन देवी ने कहा कि पहली गोली चलाने के आरोपित एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी के बाद न्याय की उम्मीद बढ़ी है। उन्होंने विश्वास जताया कि मामले में शामिल अन्य दोषी पुलिसकर्मियों की भी जल्द गिरफ्तारी होगी।वहीं, मृतक के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी इस मामले में न्याय की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले में नामजद अन्य पुलिसकर्मियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।1
- हसपुरा औरंगाबाद हसपुरा में कथा सम्राट प्रेमचंद की जयंती मनाई गई हसपुरा प्रखंड के देवचंद उच्च विद्यालय डिंडीर के सभागार में कथा सम्राट प्रेमचंद की जयंती जनवादी लेखक संघ औरंगाबाद इकाई के बैनर तले मनाई गई1
- सर्कस में मजे मजे ये सर्कस देख कर आपको कैसा लगा क्या आपके शहर में कभी सर्कस लगा है कभी1
- विरेन्द्र मिश्रा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी शहीद भवन आरा कांग्रेस कार्यालय शहीद भवन आरा से अंबेडकर चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया1
- मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता" मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता" व्यवस्थापक बोले– स्टील के सीलबंद कंटेनरों में भेजा जाता है भोजन, स्कूल पहुंचने के बाद ही खुलता है डिब्बा; मामले की निष्पक्ष जांच की मांग मसौढ़ी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में मंगलवार को बच्चों को परोसे गए मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की थाली में कथित रूप से कीड़ा मिलने के मामले के बाद पीएम पोषण योजना के तहत संचालित केंद्रीकृत रसोईघर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद मसौढ़ी के संवाददाता ने विद्यालय के समीप स्थित टीम एक्सीलेंस द्वारा संचालित केंद्रीकृत रसोईघर पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। केंद्रीकृत रसोईघर के व्यवस्थापक रंजीत कुमार ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संस्था से निकलने वाला प्रत्येक भोजन पूरी गुणवत्ता जांच और स्वच्छता मानकों का पालन करने के बाद ही स्टेनलेस स्टील के विशेष कंटेनरों में पैक कर संबंधित विद्यालयों तक भेजा जाता है। उनका कहना था कि भोजन तैयार करने से लेकर पैकिंग और वितरण तक हर चरण की नियमित निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि जब एमडीएम कर्मी विद्यालय में भोजन पहुंचाते हैं तो वहां बच्चों को परोसने से पहले विद्यालय प्रशासन द्वारा भी भोजन का निरीक्षण किया जाना चाहिए। यदि भोजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी तो विद्यालय स्तर पर इसकी पहचान क्यों नहीं हो सकी, यह भी जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि संस्था की छवि खराब करने की कोशिश से भी इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। रंजीत कुमार ने बताया कि रसोईघर में प्रतिदिन साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता संबंधी सभी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भोजन जिन स्टेनलेस स्टील कंटेनरों में भेजा जाता है, वे उच्च गुणवत्ता वाले हैं। अगले महीने से भोजन को अधिक समय तक गर्म और सुरक्षित रखने वाले नए एवं बेहतर गुणवत्ता के इंसुलेटेड कंटेनर उपलब्ध कराने की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने बिहार सरकार से यह भी मांग की कि विद्यालयों में संस्था के कर्मचारी स्वयं बच्चों को भोजन परोसने की व्यवस्था हो, ताकि भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद या भ्रम उत्पन्न न हो। इस दौरान मसौढ़ी के संवाददाता ने केंद्रीकृत रसोईघर में भोजन तैयार होने, गुणवत्ता जांच, पैकिंग और सीलबंद स्टील कंटेनरों में विद्यालय भेजने की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रसोईघर में साफ-सफाई की व्यवस्था, कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया तथा पैकिंग प्रणाली को भी देखा गया। कर्मचारियों ने बताया कि रसोईघर से सीलबंद होकर निकलने वाले भोजन के कंटेनर विद्यालय पहुंचने के बाद ही खोले जाते हैं। गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में बच्चों के भोजन में कथित रूप से कीड़ा मिलने की घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। अब इस मामले में प्रशासनिक जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में कीड़ा किस स्तर पर पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है। वहीं, केंद्रीकृत रसोईघर प्रबंधन ने दावा किया है कि वह गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करता है तथा भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।1
- 🚨 भरत तिवारी केस में कैसे और क्यों हो रही राजनीति? परिवार के साथ खड़े रहने वाले लोगों पर ही क्यों दर्ज हुई FIR? बेलौटी के 'त्रिपाठी बंधुओं' ने खोला चंदा और विवाद का राज! 🔴 बड़ा आरोप: बोले- सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद बदल गया पूरा परिवार! आखिर भरत तिवारी मामले में क्या है पूरा विवाद? किस बात को लेकर उठ रहे हैं सवाल? जानिए त्रिपाठी बंधुओं की जुबानी पूरी कहानी... #BharatTiwariCase #BharatTiwari #BhojpurNews #BiharNews #JusticeForBharatTiwari #ARNEWS241
- पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन जलनिकासी ठप होने से सड़क बनी तालाब, 10 बीघे से अधिक खेत जलमग्न; ग्रामीणों ने कहा— कई बार आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई धनरुआ प्रखंड की धनरुआ पंचायत अंतर्गत सहरू गांव में वर्षों से जाम पड़ी नालियों, जलभराव और अधूरी जलनिकासी व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, किसान, छात्र-छात्राएं और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जाम नालियों की तत्काल सफाई, अधूरे नाली निर्माण कार्य को पूरा कराने और गांव में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पूर्व में नाली का निर्माण तो कराया गया था, लेकिन पिछले करीब पांच वर्षों से उसकी सफाई नहीं कराई गई। नालियां पूरी तरह जाम होने के कारण बरसात का पानी सड़क, गलियों और खेतों में जमा हो रहा है। इससे गांव की सड़कें कीचड़ से पट गई हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से प्रतिदिन स्कूली छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। फिसलन और जलभराव के कारण कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, एक छात्रा और एक बुजुर्ग का पैर टूट चुका है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। किसानों ने बताया कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से करीब 10 बीघे से अधिक कृषि भूमि में बरसाती पानी जमा हो गया है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धनरुआ पंचायत की मुखिया रानी देवी ने कथित रूप से कहा कि "आप लोगों ने हमें वोट नहीं दिया, इसलिए यहां काम नहीं होगा।" हालांकि इस आरोप पर मुखिया का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में पूर्व मुखिया योगेंद्र चंद्रवंशी, जय मंगल प्रसाद, रामप्रवेश, हरिकांत प्रसाद, निरंजन कुमार, रोहित पासवान, नीलकू पासवान, चंपा देवी, शारदा देवी, पनपता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं मतदाता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र नालियों की सफाई और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो वे प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक चरणबद्ध आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी.1