मुजफ्फरनगर: जिलाधिकारी के अवकाश आदेश की धज्जियां, 'न्यू स्टेपिंग स्टोन स्कूल' खोल रहा कक्षाएं कक्षा 12 तक के सभी बोर्ड स्कूलों के लिए 5 जनवरी तक घोषित अवकाश की अनदेखी, प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार --- मुजफ्फरनगर, जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्र स्थित 'न्यू स्टेपिंग स्टोन स्कूल' अपनी मनमानी पर अड़ा हुआ है और विद्यार्थियों को बुलाकर कक्षाएं संचालित कर रहा है। जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने मौसम परिस्थितियों व अन्य कारणों को देखते हुए जिले के सभी बोर्ड विद्यालयों (कक्षा 12 तक) को 5 जनवरी तक के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया था। लेकिन यह स्कूल इस आदेश की खुली अवहेलना करते हुए संचालित हो रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को कक्षाएं सामान्य रूप से चलने की सूचना दी गई थी। जब कुछ अभिभावकों ने आदेश के बारे में पूछा, तो स्कूल प्रबंधन ने उसे नजरअंदाज कर दिया। एक अभिभावक श्री राजेश कुमार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हमें डर था कि अगर बच्चा नहीं गया तो उसकी अनुपस्थिति लगेगी या पढ़ाई पीछे छूट जाएगी, इसलिए भेजना पड़ा। स्कूल का रवैया बहुत ही मनमाना है।" पहले भी आदेशों की अवहेलना कर चुका है स्कूल: यह पहली बार नहीं है जब इस स्कूल ने प्रशासनिक आदेशों को ताक पर रखा है। पिछले कुछ वर्षों में भी शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन न करने और अन्य मामलों में मनमानी के लिए यह स्कूल सुर्खियों में रह चुका है। शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि स्कूल प्रबंधन की ऐसी हरकतें गंभीर चिंता का विषय हैं और छात्रों की सुरक्षा व कानून का सम्मान करना हर संस्थान का पहला दायित्व है। जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई: जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को जब इस मामले की जानकारी दी गई, तो एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामला संज्ञान में लिया गया है। "जिलाधिकारी महोदय के आदेश सभी के लिए बाध्यकारी हैं। किसी भी स्कूल द्वारा इनकी अवहेलना गंभीर अनुशासनहीनता है। हम तत्काल इसकी जांच कर रहे हैं और दोषी पाए जाने पर स्कूल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी आर्थिक दंड या अन्य प्रशासनिक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है," अधिकारी ने कहा। शिक्षा विभाग के मुताबिक, ऐसे मामलों में स्कूल का मान्यता प्रमाणपत्र (अफिलिएशन) रद्द किए जाने तक की नौबत आ सकती है। साथ ही, स्कूल प्रबंधन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (लोक प्राधिकारी के आदेश का अवज्ञान) के तहत भी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। अभिभावकों से अपील: प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे जिलाधिकारी के आदेशों का सम्मान करें और बच्चों को स्कूल न भेजें। आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की शिकायत तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय या जिला प्रशासन को दर्ज कराएं। इस समय सभी की निगाहें प्रशासन की ओर हैं, कि वह इस स्कूल के खिलाफ कितनी सख्त और त्वरित कार्रवाई करता है। इस मामले का फैसला आने वाले दिनों में जिले के अन्य स्कूलों के लिए एक मिसाल कायम करेगा।
मुजफ्फरनगर: जिलाधिकारी के अवकाश आदेश की धज्जियां, 'न्यू स्टेपिंग स्टोन स्कूल' खोल रहा कक्षाएं कक्षा 12 तक के सभी बोर्ड स्कूलों के लिए 5 जनवरी तक घोषित अवकाश की अनदेखी, प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार --- मुजफ्फरनगर, जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्र स्थित 'न्यू स्टेपिंग स्टोन स्कूल' अपनी मनमानी पर अड़ा हुआ है और विद्यार्थियों को बुलाकर कक्षाएं संचालित कर रहा है। जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा ने मौसम परिस्थितियों व अन्य कारणों को देखते हुए जिले के सभी बोर्ड विद्यालयों (कक्षा 12 तक) को 5 जनवरी तक के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया था। लेकिन यह स्कूल इस आदेश की खुली अवहेलना करते हुए संचालित हो रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को कक्षाएं सामान्य रूप से चलने की सूचना दी गई थी। जब कुछ अभिभावकों ने आदेश के बारे में पूछा, तो स्कूल प्रबंधन ने उसे नजरअंदाज कर दिया। एक अभिभावक श्री राजेश कुमार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हमें डर था कि अगर बच्चा नहीं गया तो उसकी अनुपस्थिति लगेगी या पढ़ाई पीछे छूट जाएगी, इसलिए भेजना पड़ा। स्कूल का रवैया बहुत ही मनमाना है।" पहले भी आदेशों की अवहेलना कर चुका है स्कूल: यह पहली बार नहीं है जब इस स्कूल ने प्रशासनिक आदेशों को ताक पर रखा है। पिछले कुछ वर्षों में भी शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन न करने और अन्य मामलों में मनमानी के लिए यह स्कूल सुर्खियों में रह चुका है। शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि स्कूल प्रबंधन की ऐसी हरकतें गंभीर चिंता का विषय हैं और छात्रों की सुरक्षा व कानून का सम्मान करना हर संस्थान का पहला दायित्व है। जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई: जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को जब इस मामले की जानकारी दी गई, तो एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामला संज्ञान में लिया गया है। "जिलाधिकारी महोदय के आदेश सभी के लिए बाध्यकारी हैं। किसी भी स्कूल द्वारा इनकी अवहेलना गंभीर अनुशासनहीनता है। हम तत्काल इसकी जांच कर रहे हैं और दोषी पाए जाने पर स्कूल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी आर्थिक दंड या अन्य प्रशासनिक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है," अधिकारी ने कहा। शिक्षा विभाग के मुताबिक, ऐसे मामलों में स्कूल का मान्यता प्रमाणपत्र (अफिलिएशन) रद्द किए जाने तक की नौबत आ सकती है। साथ ही, स्कूल प्रबंधन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (लोक प्राधिकारी के आदेश का अवज्ञान) के तहत भी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। अभिभावकों से अपील: प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे जिलाधिकारी के आदेशों का सम्मान करें और बच्चों को स्कूल न भेजें। आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की शिकायत तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय या जिला प्रशासन को दर्ज कराएं। इस समय सभी की निगाहें प्रशासन की ओर हैं, कि वह इस स्कूल के खिलाफ कितनी सख्त और त्वरित कार्रवाई करता है। इस मामले का फैसला आने वाले दिनों में जिले के अन्य स्कूलों के लिए एक मिसाल कायम करेगा।
- मुजफ्फरनगर श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष में श्री गुरु सिंह सभा द्वारा विशाल नगर कीर्तन गांधी कॉलोनी से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए शिव चौक पर सिख समाज के लोगों ने लगे स्टाल और नगर कीर्तन का किया स्वागत जिसमें पंच प्यारे और भजन कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते हुए रोडवेज गुरुद्वारा पर हुआ समापन1
- पुरकाज़ी में ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा, राकेश टिकैत भी होंगे शामिल1
- मुज़फ्फरनगर | से बड़ी खबर मुज़फ्फरनगर शहर के रुड़की रोड स्थित अहिल्याबाई चौक के डिवाइडर कट पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज़ रफ्तार वाहन ने ई-रिक्शा को साइड मार दी। टक्कर लगते ही ई-रिक्शा सड़क के बीचों-बीच पलट गई, जबकि टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया। हादसा इतना अचानक था कि कुछ पल के लिए इलाके में चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि ई-रिक्शा में सवार लोग बाल-बाल बच गए, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। ई-रिक्शा को पलटता देख आसपास मौजूद राहगीर तुरंत दौड़े और साहस दिखाते हुए पलटी हुई ई-रिक्शा को खड़ा किया। हादसे के बाद कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। यह वीडियो अचानक कैमरे मे कैद हो गया!1
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- राष्ट्रीय महिला एकता संगठन1
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- गांव रेई में स्थित राजकीय हाईस्कूल का प्रथम वार्षिकोत्सव बडें ही धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ रोहाना गन्ना समिति के चैयरमैन अनिल त्यागी, प्रधानाध्यापिका अनिता चौधरी आदि ने दीप प्रज्वलित करके किया। छात्र छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया। मुख्य अतिथि के द्वारा मेधावियों को सम्मानित किया गया।3
- मुजफ्फरनगर की सड़कें बनी कूड़े का डेरा, नगर पालिका की निस्तारण कंपनी ने बढ़ाई जनता की परेशानी मुजफ्फरनगर, 4 जनवरी 2026: स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बीच मुजफ्फरनगर नगर पालिका की कूड़ा निस्तारण व्यवस्था पूरी तरह धराशायी होती नजर आ रही है। शहर के प्रमुख इलाकों और सड़कों पर कूड़े के अव्यवस्थित ढेर लगे हुए हैं, जो न सिर्फ गंभीर स्वास्थ्य संकट को जन्म दे रहे हैं बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। उधर, स्थानीय आरएमसी पुलिस चौकी में भी जनता के प्रति संवेदनहीनता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिससे नाराज पीड़ित ने शहर से लेकर महानगर तक के मंत्रियों तक को भेजी शिकायत।1