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श्रीमद् भागवत कथा, तत्पश्चात हवन में शामिल रहने का सौभाग्य मिला पारदेश्वर मंदिर रेणुकूट सोनभद्र

on 15 December
user_संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
Journalist Dudhi, Sonbhadra•
on 15 December

श्रीमद् भागवत कथा, तत्पश्चात हवन में शामिल रहने का सौभाग्य मिला पारदेश्वर मंदिर रेणुकूट सोनभद्र

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  • झोलाछाप इलाज ने बिगाड़ी युवक की हालत: गलत उपचार से जिंदगी–मौत से जूझ रहा डंडई का मजदूर, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल हेमंत कुमार की रिपोर्ट डंडई प्रखंड में झोलाछाप चिकित्सकों की मनमानी एक बार फिर सामने आई है। रारो गांव अंतर्गत बाघीझरिया टोला निवासी उमेश भुइयां (35 वर्ष), पिता स्व. लौटन भुइयां, कथित गलत इलाज का शिकार हो गया है और इस समय जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। शुक्रवार दोपहर 1:00 परिजनो ने जानकारी देते हुए बताया कि उमेश बाहर रहकर मजदूरी करता था। करीब दो माह पहले काम के दौरान उसके गाल में एक छोटी सी फुंसी हो गई थी, जिसमें हल्की सूजन थी। इलाज के लिए वह घर लौटा, लेकिन बेहतर अस्पताल या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाने के बजाय गांव के लोगों की सलाह पर लवाही कला गांव में स्थित कथित झोलाछाप डॉक्टर राजेंद्र रजक के पास चला गया। आरोप है कि बिना किसी जांच के डॉक्टर ने फुंसी को सामान्य सूजन बताकर पकने देने की सलाह दी। बाद में फुंसी पकने पर गाल को चीरकर मवाद निकाला गया, वहां बाती लगाई गई और लगातार इंजेक्शन दिए जाने लगे। कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद न तो मरीज की हालत सुधरी और न ही दर्द में कोई कमी आई। उल्टे जख्म बढ़ता चला गया और पीड़ा असहनीय होती गई। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने मरीज को बाहर किसी बड़े अस्पताल में दिखाने की बात कही, तो कथित डॉक्टर ने यह कहकर रोक दिया कि वही इलाज कर देगा और कहीं ले जाने की जरूरत नहीं है। इस दौरान इलाज के नाम पर करीब 7 हजार रुपये खर्च कराए गए। वर्तमान में उमेश के गाल का जख्म काफी बड़ा और गंभीर हो चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार जख्म की स्थिति बेहद चिंताजनक है और किसी गंभीर बीमारी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अब तक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा इसकी पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों का यह भी आरोप है कि हालत बिगड़ने के बावजूद कथित डॉक्टर अब भी इलाज के नाम पर 4500 रुपये की मांग कर रहा है और जड़ी-बूटी देने की बात कह रहा है। मरीज की पत्नी सुनीता देवी और मां सानती कुंवर ने बताया कि अब उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं बचे हैं। उमेश ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। उसके दो छोटे बच्चे—एक बेटी और एक बेटा—हैं। परिजनों का कहना है कि यदि कथित डॉक्टर को सही इलाज की जानकारी नहीं थी, तो समय रहते मरीज को किसी बड़े अस्पताल भेजने की सलाह देनी चाहिए थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर झोलाछाप चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में कथित डॉक्टर राजेंद्र रजक ने स्वीकार किया है कि मरीज के गाल में फुंसी थी। उसने बताया कि फुंसी को चीरकर मवाद निकाला गया और करीब आठ दिनों तक सुबह-शाम कुल 16 इंजेक्शन (डेक्सोना सहित) लगाए गए। वहीं मामलेमें पूछे जाने पर सिविल सर्जन जॉन एफ. केनेडी ने स्पष्ट कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं है, तो उसे इलाज करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीज को तत्काल डंडई अस्पताल या गढ़वा सदर अस्पताल रेफर किया जाना चाहिए था। झोलाछाप द्वारा इस तरह इलाज करना नियमों के विरुद्ध है और मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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    झोलाछाप इलाज ने बिगाड़ी युवक की हालत: गलत उपचार से जिंदगी–मौत से जूझ रहा डंडई का मजदूर, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
हेमंत कुमार की रिपोर्ट
डंडई प्रखंड में झोलाछाप चिकित्सकों की मनमानी एक बार फिर सामने आई है। रारो गांव अंतर्गत बाघीझरिया टोला निवासी उमेश भुइयां (35 वर्ष), पिता स्व. लौटन भुइयां, कथित गलत इलाज का शिकार हो गया है और इस समय जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। शुक्रवार दोपहर 1:00 परिजनो ने जानकारी देते हुए बताया कि उमेश बाहर रहकर मजदूरी करता था। करीब दो माह पहले काम के दौरान उसके गाल में एक छोटी सी फुंसी हो गई थी, जिसमें हल्की सूजन थी। इलाज के लिए वह घर लौटा, लेकिन बेहतर अस्पताल या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाने के बजाय गांव के लोगों की सलाह पर लवाही कला गांव में स्थित कथित झोलाछाप डॉक्टर राजेंद्र रजक के पास चला गया।
आरोप है कि बिना किसी जांच के डॉक्टर ने फुंसी को सामान्य सूजन बताकर पकने देने की सलाह दी। बाद में फुंसी पकने पर गाल को चीरकर मवाद निकाला गया, वहां बाती लगाई गई और लगातार इंजेक्शन दिए जाने लगे। कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद न तो मरीज की हालत सुधरी और न ही दर्द में कोई कमी आई। उल्टे जख्म बढ़ता चला गया और पीड़ा असहनीय होती गई।
परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने मरीज को बाहर किसी बड़े अस्पताल में दिखाने की बात कही, तो कथित डॉक्टर ने यह कहकर रोक दिया कि वही इलाज कर देगा और कहीं ले जाने की जरूरत नहीं है। इस दौरान इलाज के नाम पर करीब 7 हजार रुपये खर्च कराए गए।
वर्तमान में उमेश के गाल का जख्म काफी बड़ा और गंभीर हो चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार जख्म की स्थिति बेहद चिंताजनक है और किसी गंभीर बीमारी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अब तक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा इसकी पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों का यह भी आरोप है कि हालत बिगड़ने के बावजूद कथित डॉक्टर अब भी इलाज के नाम पर 4500 रुपये की मांग कर रहा है और जड़ी-बूटी देने की बात कह रहा है। मरीज की पत्नी सुनीता देवी और मां सानती कुंवर ने बताया कि अब उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं बचे हैं। उमेश ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। उसके दो छोटे बच्चे—एक बेटी और एक बेटा—हैं। परिजनों का कहना है कि यदि कथित डॉक्टर को सही इलाज की जानकारी नहीं थी, तो समय रहते मरीज को किसी बड़े अस्पताल भेजने की सलाह देनी चाहिए थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर झोलाछाप चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में कथित डॉक्टर राजेंद्र रजक ने स्वीकार किया है कि मरीज के गाल में फुंसी थी। उसने बताया कि फुंसी को चीरकर मवाद निकाला गया और करीब आठ दिनों तक सुबह-शाम कुल 16 इंजेक्शन (डेक्सोना सहित) लगाए गए।
वहीं मामलेमें पूछे जाने पर सिविल सर्जन जॉन एफ. केनेडी ने स्पष्ट कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं है, तो उसे इलाज करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीज को तत्काल डंडई अस्पताल या गढ़वा सदर अस्पताल रेफर किया जाना चाहिए था। झोलाछाप द्वारा इस तरह इलाज करना नियमों के विरुद्ध है और मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    Government Officer चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    12 hrs ago
  • Post by The Update Abtak
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    Post by The Update Abtak
    user_The Update Abtak
    The Update Abtak
    Journalist केतर, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
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    Farmer Robertsganj, Sonbhadra•
    14 hrs ago
  • प्रयागराज संगम से मेरे चाचा के रिश्तेदारों ने मेरे पिताजी को कर लिया अपहरण सेवा में श्रीमान उत्तर प्रदेश की आदरणीय मुख्यमंत्री जी मेरी सहायता किया जाए मामला अपहरण मेरे पिताजी संतोष पांडे पुत्र स्वर्गीय शालिग्राम पांडे ग्राम बिलाही पोस्ट तिलौली कला संगम स्नान करने गए थे जहां पर कई दिन से उनके मोबाइल बंद बता रही थी जिसके कारण मुझे संदेह हुआ और मैं उनकी पुत्री सुनीता पांडे उनसे वहां पर मिलने के लिए 14 जनवरी 2026 को गया तो वहां पर अगल-बगल के लोग बताएं की दिनेश पांडे के रिश्तेदार गिरीश चंद्र शुक्ला और उनकी औरत उनकी बहन और कई लोग हैं जो रखे हुए हैं मैं उन लोगों से पूछी तो वह लोग बोली कि हम लोगों के पास रहते हैं परंतु उन लोगों ने धमकी देना प्रारंभ कर दिया कि हम लोग तुमको मिलने नहीं देंगे यहां से चली जाओ नहीं तुमको हम लोग जान से मार देंगे हम लोगों की शासन प्रशासन कुछ नहीं करेगी हम लोगों का संपर्क सोनभद्र जिले के भाजपा विधायक नेताओं से हैll फिर मैं 1076 पर कंप्लेंट किया 15 जनवरी 2026 2019 में इसी प्रकार लखनऊ में मेरे दिनेश चाचा के लड़के योगेश पांडे उर्फ आकाश द्वारा अगवा कर नशीली दवाइयां खिलाई जाती थी जब मैं पुलिस कंप्लेंट किया तो अवधेश पांडे ने घोरावल थाने पर सरेंडर किया था इस प्रकार 2019 की कहानी 2026 में दोहराई गई जिसमें दिनेश पांडे के रिश्तेदार का सबसे बड़ा रोल है शासन प्रशासन सरकार से मेरा निवेदन है कि मेरे पिताजी को मेरे पास लाया जाए मेरे पिताजी बुजुर्ग हो चुके हैंll मेरे चाचा लोग मेरे पिताजी की प्रॉपर्टी हड़पने के लिए इस तरह की की घटिया हरकत कर रहे हैं और 2019 से कर रहे हैंllhttps://shuru.co.in/dl/JZhSXW प्रयागराज संगम से मेरे चाचा के रिश्तेदारों ने मेरे पिताजी को कर लिया अपहरण सेवा में श्रीमान उत्तर प्रदेश की आदरणीय मुख्यम अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻
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    प्रयागराज संगम से मेरे चाचा के रिश्तेदारों ने मेरे पिताजी को कर लिया अपहरण
सेवा में श्रीमान उत्तर प्रदेश की आदरणीय मुख्यमंत्री जी मेरी सहायता किया जाए 
मामला अपहरण 
मेरे पिताजी संतोष पांडे पुत्र  स्वर्गीय शालिग्राम पांडे ग्राम बिलाही पोस्ट  तिलौली कला संगम स्नान करने गए थे जहां पर कई दिन से उनके मोबाइल बंद बता रही थी जिसके कारण मुझे संदेह हुआ और मैं उनकी पुत्री सुनीता पांडे उनसे वहां पर मिलने के लिए 14 जनवरी 2026 को गया तो वहां पर अगल-बगल के लोग बताएं की दिनेश पांडे के रिश्तेदार गिरीश चंद्र शुक्ला और उनकी औरत उनकी बहन और कई लोग हैं जो रखे हुए हैं मैं उन लोगों से पूछी तो वह लोग बोली कि हम लोगों के पास रहते हैं परंतु उन लोगों ने धमकी देना प्रारंभ कर दिया कि हम लोग तुमको मिलने नहीं देंगे यहां से चली जाओ नहीं तुमको हम लोग जान से मार देंगे हम लोगों की शासन प्रशासन कुछ नहीं करेगी हम लोगों का संपर्क  सोनभद्र जिले के भाजपा विधायक नेताओं से हैll फिर मैं 1076 पर कंप्लेंट किया 15 जनवरी 2026
2019 में इसी प्रकार लखनऊ में मेरे दिनेश चाचा के लड़के योगेश पांडे उर्फ आकाश द्वारा  अगवा कर नशीली दवाइयां खिलाई जाती थी जब मैं पुलिस कंप्लेंट किया तो अवधेश पांडे ने घोरावल थाने पर सरेंडर किया था  इस प्रकार 2019 की कहानी 2026 में दोहराई गई जिसमें दिनेश पांडे के रिश्तेदार का सबसे बड़ा रोल है शासन प्रशासन सरकार से मेरा निवेदन है कि मेरे पिताजी को मेरे पास लाया जाए मेरे पिताजी बुजुर्ग हो चुके हैंll मेरे चाचा लोग मेरे पिताजी की प्रॉपर्टी हड़पने के लिए इस तरह की की घटिया हरकत कर रहे हैं और 2019 से कर रहे हैंllhttps://shuru.co.in/dl/JZhSXW
प्रयागराज संगम से मेरे चाचा के रिश्तेदारों ने मेरे पिताजी को कर लिया अपहरण
सेवा में श्रीमान उत्तर प्रदेश की आदरणीय मुख्यम
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    user_Manish Dev
    Manish Dev
    युवा समाजसेवी सोनभद्र उत्तर पत्रकार Robertsganj, Sonbhadra•
    19 hrs ago
  • झारखंड में मोदी जी का बड़ा तौफा, 18 जनवरी को होगा शुभारंभ
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    झारखंड में मोदी जी का बड़ा तौफा, 18 जनवरी को होगा शुभारंभ
    user_पत्रकार - विकास कुमार
    पत्रकार - विकास कुमार
    Journalist Garhwa, Jharkhand•
    20 hrs ago
  • भंडार के दो मृत युवकों के परिजनों से मिले भाजपा नेता डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी दी सांत्वना गढ़वा–रेहला मुख्य पथ पर बेलचम्पा के समीप बीते दिनों हाईवा और स्कॉर्पियो के बीच हुई भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में स्कॉर्पियो सवार भंडार गांव निवासी मनोज पासवान के 20 वर्षीय पुत्र बादल पासवान एवं अशोक पासवान के 18 वर्षीय पुत्र विक्की पासवान की भी दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी भंडार गांव पहुंचकर मृतक युवकों के परिजनों से मिले। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान करते हुए ढाढ़स बंधाया तथा गहरी संवेदना व्यक्त की।
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    भंडार के दो मृत युवकों के परिजनों से मिले भाजपा नेता डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी दी सांत्वना 
गढ़वा–रेहला मुख्य पथ पर बेलचम्पा के समीप बीते दिनों हाईवा और स्कॉर्पियो के बीच हुई भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में स्कॉर्पियो सवार भंडार गांव निवासी मनोज पासवान के 20 वर्षीय पुत्र बादल पासवान एवं अशोक पासवान के 18 वर्षीय पुत्र विक्की पासवान की भी दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी भंडार गांव पहुंचकर मृतक युवकों के परिजनों से मिले। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान करते हुए ढाढ़स बंधाया तथा गहरी संवेदना व्यक्त की।
    user_पब्लिक न्यूज
    पब्लिक न्यूज
    Journalist विश्रामपुर, पलामू, झारखंड•
    11 hrs ago
  • लोहिया वाहिनी विवेक
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    लोहिया वाहिनी विवेक
    user_Bharat kumar bharat
    Bharat kumar bharat
    Journalist ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by The Update Abtak
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    Post by The Update Abtak
    user_The Update Abtak
    The Update Abtak
    Journalist केतर, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • पलायन की कीमत मौत! गुजरात में मजदूरी के दौरान चिनियां के युवक की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम चिनियां से हेमंत कुमार कीरिपोर्ट चिनियां थाना क्षेत्र के बरवाडीह गांव निवासी तूफानी रवि (उम्र लगभग 30 वर्ष), पिता स्व. अजय राम, की दूसरे राज्य में मजदूरी के दौरान असमय मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार तूफानी रवि 5 जनवरी को अपने कुछ साथियों के साथ रोज़गार की तलाश में गुजरात के भरूच जिले स्थित इस्कॉन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सरिया सेटिंग का काम करने गया था। जहां बीते मंगलवार की रात करीब 11 बजे, रात्रि ड्यूटी के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पहले तो उसे उल्टी हुई और देखते ही देखते वह खून की उल्टी करने लगा। साथ में काम कर रहे मजदूरों और कंपनी के सहयोग से उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही साथियों के होश उड़ गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कंपनी प्रबंधन ने मानवता का परिचय देते हुए 108 एंबुलेंस के माध्यम से आज शुक्रवार सुबह 7:00 बजे शव को उसके पैतृक गांव बरवाडीह पहुंचवाया। जैसे ही शव गांव में पहुंचा की परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो उठा। गांव की हर आंखे नम थी। ग्रामीणों ने बताया कि तूफानी रवि के पिता अजय राम का निधन महज एक महीने पहले ही हुआ था। पिता के अंतिम संस्कार और परिवार की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबकर ही तूफानी को दूसरे राज्य में पलायन करना पड़ा था। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। अब उसके जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पीछे मां, पत्नी, एक छोटा भाई और दो मासूम बच्चे रह गए हैं, जिनका भविष्य अब अधर में लटक गया है। खबर मिलते ही मृतक के अंतिम दर्शन के लिए उसके घर पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष जुट गए। गांव में हर तरफ मातम का माहौल है और लोग इस घटना को पलायन की मार बता रहे हैं। वही यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि रोज़गार की तलाश में बाहर जाने वाले मजदूरों की ज़िंदगी कितनी असुरक्षित है।
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    पलायन की कीमत मौत! गुजरात में मजदूरी के दौरान चिनियां के युवक की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम
चिनियां से हेमंत कुमार कीरिपोर्ट 
चिनियां थाना क्षेत्र के बरवाडीह गांव निवासी तूफानी रवि (उम्र लगभग 30 वर्ष), पिता स्व. अजय राम, की दूसरे राज्य में मजदूरी के दौरान असमय मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
मिली जानकारी के अनुसार तूफानी रवि 5 जनवरी को अपने कुछ साथियों के साथ रोज़गार की तलाश में गुजरात के भरूच जिले स्थित इस्कॉन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सरिया सेटिंग का काम करने गया था। जहां बीते मंगलवार की रात करीब 11 बजे, रात्रि ड्यूटी के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पहले तो उसे उल्टी हुई और देखते ही देखते वह खून की उल्टी करने लगा।
साथ में काम कर रहे मजदूरों और कंपनी के सहयोग से उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही साथियों के होश उड़ गए।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कंपनी प्रबंधन ने मानवता का परिचय देते हुए 108 एंबुलेंस के माध्यम से आज शुक्रवार सुबह 7:00 बजे शव को उसके पैतृक गांव बरवाडीह पहुंचवाया। जैसे ही शव गांव में पहुंचा की परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो उठा। गांव की हर आंखे नम थी।
ग्रामीणों ने बताया कि तूफानी रवि के पिता अजय राम का निधन महज एक महीने पहले ही हुआ था। पिता के अंतिम संस्कार और परिवार की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबकर ही तूफानी को दूसरे राज्य में पलायन करना पड़ा था। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।
अब उसके जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पीछे मां, पत्नी, एक छोटा भाई और दो मासूम बच्चे रह गए हैं, जिनका भविष्य अब अधर में लटक गया है।
खबर मिलते ही मृतक के अंतिम दर्शन के लिए उसके घर पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष जुट गए। गांव में हर तरफ मातम का माहौल है और लोग इस घटना को पलायन की मार बता रहे हैं। वही
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि रोज़गार की तलाश में बाहर जाने वाले मजदूरों की ज़िंदगी कितनी असुरक्षित है।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    Government Officer चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    16 hrs ago
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