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राहुल गांधी ने कहा कि केरल की जनता ने इस सरकार के लिए संघर्ष किया है। उनकी आवाज़ ही सरकार का मार्गदर्शन करेगी और वही उसकी दिशा तय करेगी।
Hussain king
राहुल गांधी ने कहा कि केरल की जनता ने इस सरकार के लिए संघर्ष किया है। उनकी आवाज़ ही सरकार का मार्गदर्शन करेगी और वही उसकी दिशा तय करेगी।
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- पूर्णिया के जलालगढ़ प्रखंड की चक और जलालगढ़ पंचायत में अधिकारियों ने मकान गणना कार्य का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से काम की प्रगति का जायजा लिया और तय समय में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों से भी इस कार्य में सहयोग की अपील की गई।1
- ईरान-इराक युद्ध के कारण बिहार के अररिया जिले में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने लगे हैं, जिससे ग्राहकों की भीड़ घट गई है। लोग महंगे ईंधन से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन अपना रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर अब ₹3-4 हजार से अधिक का ईंधन नहीं दिया जा रहा और डब्बों में तेल बेचने पर भी रोक है।1
- अररिया के एक नागरिक ने प्रधानमंत्री मोदी से कांग्रेस की 'छोटा परिवार सुखी परिवार' योजना को देशभर में लागू करने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि इससे भारत की बढ़ती जनसंख्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।1
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- Post by Rampreet Yadav1
- किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड की खनियाबाद और बैगना पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों की राशन कार्ड, भूमि विवाद जैसी कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। अधिकारियों ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।4
- पटना में नगर विकास मंत्री से मिले विधायक, कसबा व सीमांचल के विकास को लेकर अहम चर्चा हुई। इसमें ड्रेनेज, साफ-सफाई, प्रधानमंत्री आवास योजना और IT पार्क की स्थापना जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया।1
- अररिया मंडल कारा में तैनात 55 वर्षीय कक्षपाल राकेश कुमार यादव का इलाज के दौरान अचानक निधन हो गया। पूर्व सैनिक राकेश यादव की आकस्मिक मौत से जेल प्रशासन, पुलिस विभाग और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है। सीने में तेज दर्द के बाद उन्हें पूर्णिया रेफर किया गया था, लेकिन अस्पताल में ही उनकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।1
- अररिया के डेहटी चौक पर मंसूरी भाइयों के कब्रिस्तान की ज़मीन घट रही है और बरसात में यह गहरा होने के कारण दलदल बन जाता है। लगभग 500 परिवारों के लिए एकमात्र आरामगाह होने के बावजूद, शवों को दफनाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मिट्टी भराई और बाउंड्रीवॉल बनाने की मांग की है।1