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कौशांबी के मंझनपुर चौराहे पर पुलिस कर्मियों ने लड़कियों और उनकी माँ की बेरहमी से पिटाई की है। जानकारी के अनुसार, मंझनपुर कौशांबी पुलिस ने आशी सिंह और आयशा सिंह नामक लड़कियों को चौराहे पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस दौरान, उनकी माँ रन्नो देवी को भी पुलिस वालों ने मारा-पीटा और उनका मोबाइल नंबर भी अपने कब्ज़े में ले लिया।
User5328
कौशांबी के मंझनपुर चौराहे पर पुलिस कर्मियों ने लड़कियों और उनकी माँ की बेरहमी से पिटाई की है। जानकारी के अनुसार, मंझनपुर कौशांबी पुलिस ने आशी सिंह और आयशा सिंह नामक लड़कियों को चौराहे पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस दौरान, उनकी माँ रन्नो देवी को भी पुलिस वालों ने मारा-पीटा और उनका मोबाइल नंबर भी अपने कब्ज़े में ले लिया।
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- कौशाम्बी जिले की पिपरी पुलिस ने खान निरीक्षक और उनकी टीम पर जानलेवा हमला करने के मामले में एक और वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह हमला तहसील चायल क्षेत्र के कसेंदा स्थित भारत पेट्रोलियम टंकी के पास चेकिंग के दौरान हुआ था, जहाँ अवैध परिवहन/खनन को नियंत्रित करने के लिए टीम तैनात थी। दरअसल, 29 मार्च 2026 को कौशाम्बी के खान निरीक्षक शत्रुघ्न सिंह ने पिपरी थाने में सूचना दी थी कि चेकिंग के दौरान तीन ओवरलोड मोरम लदे वाहनों को रोकने पर उनके चालकों ने वाहनों को पेट्रोल टंकी पर खड़ा कर दिया। प्रपत्र मांगे जाने पर वाहन चालकों, भारत पेट्रोलियम के मालिक और अन्य लोगों ने एकजुट होकर जान से मारने की नीयत से चेकिंग टीम पर हमला कर दिया, जिससे वादी सहित टीम के सदस्य घायल हो गए। इस तहरीर के आधार पर पिपरी थाने में मु0अ0सं0 69/2026 धारा 191(2)/132/121(1)/221/61(2)/109(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पूर्व में भी 30 मार्च 2026 और 3 अप्रैल 2026 को पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेजा जा चुका है। इसी क्रम में, पिपरी पुलिस टीम ने अब एक और वांछित अभियुक्त, मोहम्मद सैफ पुत्र मासूद अहमद को एसएस लॉन गेस्ट हाउस कसेंदा के पास से गिरफ्तार किया है। मोहम्मद सैफ प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के कसामी मसारी गांव का निवासी है। विधिक कार्यवाही पूरी होने के बाद अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ सनसनीखेज़ दावे किए जा रहे हैं। इस वायरल वीडियो में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट (SC) में गठबंधन की जीत हुई है और एक 'मोदी कानून' रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही, वीडियो में यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि क्या 'झानेश' फंस गए हैं।1
- कौशाम्बी जिले के संदीपन घाट थाना क्षेत्र में स्थित उजिहनी घाट पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ बकरी चराने गया एक किशोर गंगा नदी में नहाते समय गहरे पानी में डूब गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर संदीपन घाट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में डूबे किशोर की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस हादसे की खबर मिलते ही रोते-बिलखते परिजन भी घाट पर पहुंच गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।1
- कौशाम्बी जिले के श्रद्धालु संदीपन घाट पर उमड़ पड़े, जहाँ उनकी भारी भीड़ देखी गई।2
- NEET 2026 पेपर लीक के विरोध में आज उज्जैन के टॉवर चौराहे पर छात्रों और युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का पुतला जलाकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार, घोर लापरवाही और छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने "पेपर लीक बंद करो", "NTA जवाब दो" और "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" जैसे नारे लगाए, जिससे उनकी मांग स्पष्ट रूप से सामने आई कि पेपर लीक की घटनाओं पर तत्काल रोक लगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। यह प्रदर्शन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और NEET परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की अपील को भी दर्शाता है।1
- मूल पाठ में यह सवाल उठाया गया है कि क्या 'मोदी' 'CJP' के जाल में फंस गए हैं। इसी संदर्भ में, 'राहुल गांधी' का जिक्र भी किया गया है, जहाँ 'कॉकरोचों' द्वारा 'स्टाइल' में कुछ किए जाने की बात कही गई है, हालांकि इस गतिविधि का विवरण स्पष्ट नहीं है।1
- छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे डरने या दबने वाले नहीं हैं, और छात्र अधिकारों की बात आने पर अपनी आवाज मजबूती से उठाएंगे। उनका कहना है कि हिरासत, दबाव और तानाशाही से छात्र आंदोलन को रोका नहीं जा सकता है। छात्रों ने जोर देकर कहा कि वे अपने हक, सम्मान और भविष्य के लिए यह लड़ाई पहले भी लड़ते रहे हैं और आगे भी पूरी ताकत से लड़ेंगे। यह संघर्ष NEET पेपर लीक और UGC रोलबैक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़ा है, जिसके मद्देनजर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी पुरजोर मांग की जा रही है।1