थारू जनजाति क्षेत्र में कांग्रेसी दिग्गजों ने कार्यकर्ता के घर जमीन पर बैठकर किया सादा भोजन पलिया कलां-खीरी। पलिया विधानसभा के थारू जनजाति बहुल क्षेत्र में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने सादगी और अपनत्व की एक नई मिसाल पेश की है। थारू क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय कांग्रेस के साधारण कार्यकर्ता रामचंद्र प्रधान के आवास पर राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, नेता विरोधी दल आराधना मिश्रा 'मोना' और किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृज मौर्या आत्मीय वातावरण में भोजन करने पहुंचे। पार्टी के इन बड़े नेताओं ने रामचंद्र प्रधान के घर के सदस्य की तरह बैठकर सादा और सात्विक ग्रामीण भोजन ग्रहण किया। इस दौरान नेताओं का यह अंदाज चर्चा का विषय बना रहा कि कैसे सत्ता की राजनीति से इतर सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को प्रधानता दी गई। भोजन के दौरान नेताओं ने परिवार के सदस्यों से बेहद सहज संवाद किया और विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा, उनके भविष्य और संस्कारों पर विस्तार से चर्चा की। नेताओं ने बच्चों को खूब मन लगाकर पढ़ने और समाज व राष्ट्र के लिए एक उपयोगी नागरिक बनने की प्रेरणा दी। ग्रामीण जीवन की सादगी और आत्मीयता के बीच हुए इस संवाद ने भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आपसी जुड़ाव को और मजबूती प्रदान की। नेताओं का एक साधारण कार्यकर्ता के घर इस तरह पहुंचना और जमीन पर बैठकर भोजन करना कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार कर गया। इस मौके पर क्षेत्र के कई अन्य स्थानीय कार्यकर्ता और ग्रामीण भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की इस सरलता की सराहना की।
थारू जनजाति क्षेत्र में कांग्रेसी दिग्गजों ने कार्यकर्ता के घर जमीन पर बैठकर किया सादा भोजन पलिया कलां-खीरी। पलिया विधानसभा के थारू जनजाति बहुल क्षेत्र में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने सादगी और अपनत्व की एक नई मिसाल पेश की है। थारू क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय कांग्रेस के साधारण कार्यकर्ता रामचंद्र प्रधान के आवास पर राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, नेता विरोधी दल आराधना मिश्रा 'मोना' और किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृज मौर्या आत्मीय वातावरण में भोजन करने पहुंचे। पार्टी के इन बड़े नेताओं ने रामचंद्र प्रधान के घर के सदस्य की तरह बैठकर सादा और सात्विक ग्रामीण भोजन ग्रहण किया। इस दौरान नेताओं का यह अंदाज चर्चा का विषय बना रहा कि कैसे सत्ता की राजनीति से इतर सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को प्रधानता दी गई। भोजन के दौरान नेताओं ने परिवार के सदस्यों से बेहद सहज संवाद किया और विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा, उनके भविष्य और संस्कारों पर विस्तार से चर्चा की। नेताओं ने बच्चों को खूब मन लगाकर पढ़ने और समाज व राष्ट्र के लिए एक उपयोगी नागरिक बनने की प्रेरणा दी। ग्रामीण जीवन की सादगी और आत्मीयता के बीच हुए इस संवाद ने भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आपसी जुड़ाव को और मजबूती प्रदान की। नेताओं का एक साधारण कार्यकर्ता के घर इस तरह पहुंचना और जमीन पर बैठकर भोजन करना कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार कर गया। इस मौके पर क्षेत्र के कई अन्य स्थानीय कार्यकर्ता और ग्रामीण भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की इस सरलता की सराहना की।
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- संभल के डीएम एसपी कानून नहीं संभाल सकते तो इस्तीफा दे दें यह ट्रांसफर कराकर कही और चले जाओ1
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- गैस एजेंसी के सामने का नजारा कुछइस तरीके से1
- पीलीभीत।रविवार को क्षेत्र में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया।दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने लगी। कड़कती बिजली और तेज हवा के कारण लोगों में डर का माहौल भी देखने को मिला। कुछ ही देर बाद तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया।तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ों की डालियां हिलने लगीं और रास्तों पर धूल उड़ने लगी। वहीं बिजली की लगातार कड़क के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। बारिश शुरू होते ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा छा गया और लोग जल्दी-जल्दी अपने घरों की ओर लौटते दिखे। अचानक हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक महसूस होने लगी। वहीं खेतों में खड़ी फसलों को भी इस बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।मौसम के इस अचानक बदलाव के कारण ज्यादातर लोग घरों में ही कैद होकर रह गए। बच्चों और बुजुर्गों को भी घर से बाहर निकलने से मना किया गया1
- मदरसे में तालीम देते हुए तालिब साहब क्या मदरसे मे छात्राओं को भेजना उचित है, जब इन्हे पता है मदरसे में इनकी बहन बेटियों के साथ क्या होता है फिर मदरसे में ही भेजेंगे कभी कभी तो लगता है इनका घर नहीं देह व्यापार का अड्डा हो1
- लखीमपुर-खीरी जिले के तराई क्षेत्र पलिया तहसील सहित विभिन्न क्षेत्रों में रविवार को अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। दोपहर बाद देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज धूल भरी आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई । जिससे जहां रोजदारों को इस हुई बारिश से काफी राहत मिली है, वहीं अचानक आई इस तब्दीली से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवाओं के चलते कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां गिरने खबरें सामने आई हैं, वही अचानक हुई इस बे मौसम की बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ती है क्योंकि खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है और इस हुई बेमौसम बारिश से फसल के नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है ।1
- प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जहाँ पूरनपुर स्थित गुरु कृपा अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। यहाँ प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मामला पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कपूरपुर का है। यहाँ के निवासी सोनू ने अपनी गर्भवती पत्नी रूबी को शनिवार दोपहर गुरु कृपा अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। परिजनों का कहना है कि भर्ती के समय रूबी की हालत बिल्कुल सामान्य थी। देर रात प्रसव होने के बाद रूबी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि महिला दर्द से कराहती रही, लेकिन अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों ने उस पर उचित ध्यान नहीं दिया। जब स्थिति हाथ से निकलने लगी और हालत बेहद गंभीर हो गई, तब डॉक्टरों ने रूबी को पहले पीलीभीत जिला अस्पताल और फिर वहाँ से बरेली के लिए रेफर कर दिया। बदकिस्मती से, बरेली ले जाते समय रास्ते में ही रूबी ने दम तोड़ दिया। इस घटना से आक्रोशित परिजन रविवार सुबह रूबी के शव को लेकर वापस गुरु कृपा अस्पताल पहुँचे और मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि यदि समय पर सही उपचार मिलता या उन्हें समय रहते रेफर कर दिया जाता, तो रूबी की जान बच सकती थी। अस्पताल परिसर में हंगामे की सूचना मिलते ही पूरनपुर पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।1
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