बिहार के नवादा जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है, जहाँ एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। वारिसलीगंज के चकवाय और सिमरी गांवों में छापेमारी के बाद, पुलिस ने उनके पास से ₹54.84 लाख नकद, भारी मात्रा में सोना-चांदी, लैपटॉप और स्मार्टफोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को जिले में साइबर अपराध के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है, और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह करोड़ों रुपये के ऑनलाइन फ्रॉड में संलिप्त हो सकता है। नवादा के पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने एक प्रेस वार्ता में इस कार्रवाई का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर थाना कांड संख्या-61/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गुप्त सूचना के आधार पर, साइबर थाना के पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष मो. शाहनवाज अख्तर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने स्वाट टीम और स्थानीय पुलिस की मदद से चकवाय और सिमरी गांवों में छापेमारी की। गिरफ्तार किए गए चार साइबर अपराधियों की पहचान नीतीश कुमार (24), राहुल कुमार उर्फ बिल्ला (21), प्रिंस कुमार (24) और सनित कुमार (20) के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में अपराधियों ने बताया कि वे लोगों की ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी जुटाकर खुद को बैंक अधिकारी या कार्ड सेवा प्रदाता बताते थे। वे क्रेडिट कार्ड अपडेट करने, कार्ड ब्लॉक होने या KYC सत्यापन जैसे बहाने बनाकर लोगों से OTP, कार्ड डिटेल्स और अन्य संवेदनशील जानकारी प्राप्त करते थे, जिसका उपयोग वे ऑनलाइन शॉपिंग और अन्य लेन-देन के लिए करते थे। इसके अतिरिक्त, वे हेल्थ कार्ड बनाने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और आसान लोन उपलब्ध कराने के नाम पर भी लोगों से ठगी करते थे, जिसके लिए वे सोशल मीडिया और व्हाट्सएप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के कब्जे से कुल ₹54,84,000 नकद, 2 लैपटॉप, 8 स्मार्टफोन, 406 ग्राम सोना और 1646 ग्राम चांदी बरामद की है, जिसके साइबर अपराध से अर्जित होने की आशंका है और इसकी जांच जारी है। पुलिस ने जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है, जिससे गिरोह के अन्य मामलों और देशव्यापी नेटवर्क के सदस्यों का पता लगने की उम्मीद है। एसपी अभिनव धीमान ने कहा कि यह कार्रवाई महज शुरुआत है और पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों तथा उसके संभावित अंतर्राज्यीय संबंधों की गहनता से पड़ताल कर रही है, जिसमें बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच भी शामिल है। नवादा पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से जिले के साइबर अपराधियों में दहशत का माहौल है और पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपने अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया है। पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और OTP, बैंक खाता विवरण या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। नवादा पुलिस की यह सफलता बड़े स्तर पर साइबर ठगी में संलिप्त एक गिरोह के खुलासे और अपराधियों को कड़ा संदेश देने का प्रतीक है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
बिहार के नवादा जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है, जहाँ एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। वारिसलीगंज के चकवाय और सिमरी गांवों में छापेमारी के बाद, पुलिस ने उनके पास से ₹54.84 लाख नकद, भारी मात्रा में सोना-चांदी, लैपटॉप और स्मार्टफोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को जिले में साइबर अपराध के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है, और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह करोड़ों रुपये के ऑनलाइन फ्रॉड में संलिप्त हो सकता है। नवादा के पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने एक प्रेस वार्ता में इस कार्रवाई का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर थाना कांड संख्या-61/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गुप्त सूचना के आधार पर, साइबर थाना के पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष मो. शाहनवाज अख्तर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने स्वाट टीम और स्थानीय पुलिस की मदद से चकवाय और सिमरी गांवों में छापेमारी की। गिरफ्तार किए गए चार साइबर अपराधियों की पहचान नीतीश कुमार (24), राहुल कुमार उर्फ बिल्ला (21), प्रिंस कुमार (24) और सनित कुमार (20) के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में अपराधियों ने बताया कि वे लोगों की ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी जुटाकर खुद को बैंक अधिकारी या कार्ड सेवा प्रदाता बताते थे। वे क्रेडिट कार्ड अपडेट करने, कार्ड ब्लॉक होने या KYC सत्यापन जैसे बहाने बनाकर लोगों से OTP, कार्ड डिटेल्स और अन्य संवेदनशील जानकारी प्राप्त करते थे, जिसका उपयोग वे ऑनलाइन शॉपिंग और अन्य लेन-देन के लिए करते थे। इसके अतिरिक्त, वे हेल्थ कार्ड बनाने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और आसान लोन उपलब्ध कराने के नाम पर भी लोगों से ठगी करते थे, जिसके लिए वे सोशल मीडिया और व्हाट्सएप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के कब्जे से कुल ₹54,84,000 नकद, 2 लैपटॉप, 8 स्मार्टफोन, 406 ग्राम सोना और 1646 ग्राम चांदी बरामद की है, जिसके साइबर अपराध से अर्जित होने की आशंका है और इसकी जांच जारी है। पुलिस ने जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है, जिससे गिरोह के अन्य मामलों और देशव्यापी नेटवर्क के सदस्यों का पता लगने की उम्मीद है। एसपी अभिनव धीमान ने कहा कि यह कार्रवाई महज शुरुआत है और पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों तथा उसके संभावित अंतर्राज्यीय संबंधों की गहनता से पड़ताल कर रही है, जिसमें बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच भी शामिल है। नवादा पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से जिले के साइबर अपराधियों में दहशत का माहौल है और पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपने अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया है। पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और OTP, बैंक खाता विवरण या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। नवादा पुलिस की यह सफलता बड़े स्तर पर साइबर ठगी में संलिप्त एक गिरोह के खुलासे और अपराधियों को कड़ा संदेश देने का प्रतीक है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
- नवादा जिले के रजौली अनुमंडल के कर्बला नगर में मोहर्रम का चांद दिखने के साथ ही इमामबाड़े अगरबत्ती, गुलाब पानी और इत्र की खुशबू से महक उठे हैं। इस खास अवसर पर इमामबाड़ा के पास लोग डंके बजाते हुए देखे जा रहे हैं, जो मोहर्रम के आयोजनों की शुरुआत का संकेत है। आने वाले दिनों में मोहर्रम से जुड़े विभिन्न अनुष्ठान होंगे। मोहर्रम के पांचवें दिन, यानी 21 जून 2026 रविवार को, इमामबाड़ा पर मिट्टी की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद 23 जून 2026 मंगलवार को पैकारों की टोली 'या अली या हुसैन, कर्बला दूर है, जाना जरूर है' के नारे लगाते हुए नज़र आएगी। मोहर्रम के दसवें दिन, जो 26 जून 2026 शुक्रवार को पड़ेगा, डंके-बाजे के साथ ताजिया का जुलूस निकाला जाएगा। इसी रात को, नम आँखों से कर्बला पर ताजिया को पहलाम किया जाएगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मोहर्रम में नवमी और दशमी को रोज़ा रखना खास अहमियत रखता है।1
- नवादा जिला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनाव को लेकर न्यायालय परिसर में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं, जहां विभिन्न पदों के लिए अधिवक्ताओं द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, अवलोक अधिवक्ता ने संयुक्त सचिव पद के लिए और आदित्य राज मेधावी अधिवक्ता ने कार्यकारिणी समिति सदस्य पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार अवलोक ने बताया कि यह पद संघ के प्रशासनिक एवं कार्यालयीन कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें सचिव को सहयोग करना तथा उनकी अनुपस्थिति में सभी दायित्वों का निर्वहन करना शामिल है। इसमें पुस्तकालय, कार्यालय प्रबंधन और बैठकों के सफल संचालन की जिम्मेदारी भी निहित है। वहीं, कार्यकारिणी सदस्य पद के प्रत्याशी आदित्य राज मेधावी ने कहा कि कार्यकारिणी समिति अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, संघ के विकास, बजट निर्माण और कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में अहम भूमिका निभाती है। यह समिति अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान, संघ के कार्यक्रमों के आयोजन तथा बार संघ के नियमों एवं आचार संहिता के पालन को सुनिश्चित करने का कार्य करती है। नामांकन के उपरांत आदित्य राज मेधावी अधिवक्ता ने नवादा व्यवहार न्यायालय की एक महत्वपूर्ण समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि न्यायालय परिसर में महिला अधिवक्ताओं और महिला आगंतुकों के लिए समुचित शौचालय की व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि न्यायालय परिसर में महिलाओं के लिए सम्मानजनक एवं आवश्यक सुविधाओं का होना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि उन्हें कार्यकारिणी समिति में सेवा करने का अवसर मिलता है, तो महिला अधिवक्ताओं की सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छ शौचालय निर्माण तथा अधिवक्ताओं की अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल है और सभी प्रत्याशी अपने-अपने मुद्दों के साथ समर्थन जुटाने में सक्रिय हैं।4
- ललित शर्मा नामक व्यक्ति पर मुस्लिम महिलाओं का गर्भ चीरकर उनके बच्चों को मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। इस आरोप के सामने आने के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह एक आतंकी सोच नहीं है और क्या इससे अधिक घिनौना व्यक्ति कोई हो सकता है। इस मामले में देश के महिला आयोग और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं, कि ऐसे व्यक्ति को अब तक जेल में क्यों नहीं डाला गया है। पोस्ट में यह स्पष्ट मांग की गई है कि सभ्य समाज में ऐसी हिंसक और नफरत भरी मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए, क्योंकि कानून और संविधान से बड़ा कोई नहीं है। प्रशासन और पुलिस से आग्रह किया गया है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए और समाज में शांति बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। आगे यह भी सवाल किया गया है कि जो लोग सरेआम नफरत और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ रहे हैं, क्या उनके लिए डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर साहब द्वारा लिखी गई कानून की किताबों का कोई महत्व नहीं है। यह चिंता भी व्यक्त की गई है कि क्या भारत में अब कोई ऐसा IAS, IPS या पुलिस अधिकारी नहीं बचा है जो इन जैसे गुंडों को हवालात की हवा खिलाकर देश में शांति बनाए रख सके।1
- सम्राट चौधरी जी से सीधे तौर पर जवाब माँगा गया है, जिसमें कहा गया है कि बेटियों की सुरक्षा के मुद्दे पर अब तक दिए गए भाषण पर्याप्त नहीं हैं। पोस्ट में स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि अब भाषणों का समय समाप्त हो गया है और इस गंभीर विषय पर उन्हें उत्तर देना चाहिए।1
- बिहार में समाज सेवा के परिणामों को लेकर एक व्यंग्यात्मक चेतावनी जारी की गई है। इस पोस्ट में कहा गया है कि जो व्यक्ति समाज सेवा में लिप्त रहते हैं, वे अंततः मानसिक बीमारी का शिकार हो सकते हैं। आगे तंज कसते हुए सुझाव दिया गया है कि लोगों को 'स्मार्ट' बन जाना चाहिए, क्योंकि समाज सेवा के कारण होने वाली मानसिक बीमारी का उपचार केवल सरकारी माध्यम से किया जाता है, जिसे सांकेतिक रूप से '5 सरकारी कैप्सूल' के रूप में वर्णित किया गया है। पोस्ट विशेष रूप से बिहार में इस स्थिति पर जोर देती है और पाठकों को 'संभल के' रहने की सलाह देती है, क्योंकि ऐसी स्थिति में सरकारी इलाज ही एकमात्र प्रावधान है।1
- Chandan chauk kagram post kavatana Jaipur se humra se kripya hamare video ko sabhi friends sabhi Mata bahan aur bhai Bandhu video camera aage badhaya comment Karen ki Main Kaisa banata hun ya nahin banata hun mera ID1
- दानापुर, पटना में आयोजित एक तिलक समारोह में दो डांसरों से सामूहिक बलात्कार का गंभीर मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पीड़ित दोनों डांसर सगी बहनें हैं। इस घटना को लेकर कुल 13 लोगों पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया गया है।1
- महाराष्ट्र के परभणी में स्थित एक हनुमान मंदिर में पूजा के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ मंदिर की छत अचानक गिर गई। इस दुखद घटना में पाँच लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य श्रद्धालु मलबे में दबकर घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है, साथ ही इस हादसे के कारणों की गहन जाँच भी की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना पर ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है।1