*रेल मंत्री ने देश को चार गति शक्ति कार्गो टर्मिनल समर्पित किए और लिंच GCT की आधारशिला रखी* लोकेशन:-भोपाल रिपोर्टर:-राकेश सेन *नए GCT से कार्गो की तेज़ी से आवाजाही में मदद मिलेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और क्षेत्रीय व्यवसायों को राष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ा जा सकेगा* *केंद्रीय मंत्री ने शिवलाखा GCT से मीठापुर के लिए नमक लदी मालगाड़ी को भी हरी झंडी दिखाई* *हल्के वज़न वाले स्टेनलेस स्टील के नमक कंटेनर से नमक की लोडिंग, अनलोडिंग और परिवहन आसान हो जाएगा* भोपाल। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज गुजरात में पांच गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों (GCTs) का उद्घाटन किया, उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया और उनकी आधारशिला रखी। इससे राज्य की माल ढुलाई क्षमता मजबूत होगी और देश भर में क्षेत्रीय आर्थिक केंद्रों, बंदरगाहों और बाजारों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। श्री वैष्णव ने शिवलाखा GCT से मीठापुर के लिए नमक से लदी मालगाड़ी को भी हरी झंडी दिखाई। यह गुजरात से नमक को उसकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए रेल के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पांच GCT में से, कच्छ में शिवलाखा और भीमसार, मोरबी में देवलिया और बनासकांठा में चंडीसार स्थित GCT को राष्ट्र को समर्पित किया गया। मेहसाणा के लिंच में GCT की आधारशिला रखी गई। ये टर्मिनल माल ढुलाई के लिए रेल क्षमता बढ़ाने, बंदरगाहों पर भीड़ और रुकावटें कम करने और गुजरात के बंदरगाहों तथा उत्तरी भीतरी इलाकों के बीच माल ढुलाई की कनेक्टिविटी को मज़बूत करने में मदद करेंगे। स्थानीय आर्थिक केंद्रों को बड़े राष्ट्रीय बाज़ारों और बंदरगाहों से जोड़कर, GCTs इस क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक, व्यापारिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे नमक के ट्रांसपोर्टेशन की अहमियत बताते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि नमक एक ज़रूरी चीज़ है जिसका इस्तेमाल हर घर में होता है, चाहे वह गरीब परिवार हो या मध्यम-वर्गीय परिवार। उन्होंने कहा कि गुजरात, खासकर कच्छ, नमक का एक बड़ा उत्पादक इलाका है और देश के अलग-अलग हिस्सों में नमक पहुँचाने में हमेशा से कई चुनौतियाँ रही हैं। श्री वैष्णव ने बताया कि जब पारंपरिक रेलवे वैगन में नमक का ट्रांसपोर्टेशन किया जाता था, तो वैगन की कुल क्षमता का एक बड़ा हिस्सा खुद वैगन के वज़न में ही चला जाता था। इसके अलावा, नमक नमी सोख लेता है, जिससे ट्रांसपोर्टेशन के दौरान माल गीला हो जाता था। इससे लोडिंग और अनलोडिंग में दिक्कतें आती थीं। उन्होंने आगे बताया कि नए हल्के वज़न वाले स्टेनलेस स्टील सॉल्ट कंटेनर को खास तौर पर इन चुनौतियों से निपटने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस कंटेनर में ऊपर से लोडिंग और साइड से अनलोडिंग की जा सकती है। उन्होंने कहा कि नए कंटेनर से देश के अलग-अलग हिस्सों में नमक पहुँचाना आसान हो जाएगा और साथ ही लोडिंग-अनलोडिंग की प्रक्रिया भी ज़्यादा आसान और बेहतर हो जाएगी। श्री वैष्णव ने कहा कि देश भर में अब 150 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू हो चुके हैं, जिनसे उद्योगों को फ़ायदा हो रहा है और माल ढुलाई की कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। कच्छ में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बात करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि कच्छ क्षेत्र में अभी लगभग ₹5,600 करोड़ की लागत वाली रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने समाखियाली, भचाऊ, गांधीधाम, आदिपुर और भुज को जोड़ने वाले अहम हिस्सों पर क्षमता बढ़ाने और दोहरीकरण (डबलिंग) के कामों पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि भुज-नलिया गेज कन्वर्ज़न प्रोजेक्ट ने इस क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मज़बूत किया है। उन्होंने आगे कहा कि नलिया-जखाऊ पोर्ट नई ब्रॉड-गेज लाइन को भी मंज़ूरी मिल गई है, जिससे इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। कांडला-गांधीधाम औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बात करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि क्षमता बढ़ाने के कामों के ज़रिए रेल कनेक्टिविटी को मज़बूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समाखियाली-भचाऊ सेक्शन को पहले ही चार-लाइन वाला बना दिया गया है। गांधीधाम-आदिपुर सेक्शन को भी चार-लाइन वाला बना दिया गया है, जबकि आदिपुर-भुज सिंगल-लाइन सेक्शन को डबल-लाइन में बदला जा रहा है। रेल मंत्री ने बताया कि हाल ही में भुज-नलिया सेक्शन को मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदला गया है। श्री वैष्णव ने कहा कि नलिया से जखौ पोर्ट, वायोर, लूना, हाजीपुर और देसलपर तक के रेल नेटवर्क को भी और विकसित किया जा रहा है। श्री वैष्णव ने कहा कि इस विस्तारित रेल नेटवर्क से कच्छ क्षेत्र को, खासकर रक्षा क्षेत्र और उद्योगों की ज़रूरतों के लिए, बहुत फ़ायदा होगा। इससे इस मुश्किल इलाके में रहने वाले लोगों को भी लाभ होगा। ये पहल गुजरात में माल ढुलाई और यात्री सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करेंगी, रेल सेवाओं और कार्गो सुविधाओं तक पहुंच बेहतर बनाएंगी, और उद्योगों, व्यवसायों व स्थानीय समुदायों के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी से लाभ उठाने के ज़्यादा अवसर पैदा करेंगी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का ज़िक्र करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि हाल ही में शुरू किए गए बुनियादी ढांचे से माल की तेज़ी से और ज़्यादा कुशलता से आवाजाही संभव होगी, जिससे माल ढुलाई में काफ़ी फ़ायदा होगा। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व-पश्चिम माल ढुलाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के बारे में श्री वैष्णव ने कहा कि वापी-सूरत सेक्शन का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इसके बाद टेस्टिंग और उससे जुड़े दूसरे काम किए जाएंगे। श्री वैष्णव ने बताया कि भारत की अपनी हाई-स्पीड ट्रेन का पहला कोच तैयार हो चुका है और उस पर कई तरह के टेस्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में देश की कोशिशों और हाई-स्पीड रेल टेक्नोलॉजी में ज़्यादा से ज़्यादा स्वदेशीकरण के तहत बनाई जा रही है। इस कार्यक्रम में गुजरात सरकार के माननीय राज्य मंत्री श्री त्रिकमभाई छंगा; माननीय सांसद श्री विनोदभाई चावड़ा; माननीय सांसद श्री हरिभाई पटेल; माननीय सांसद श्री राजूभाई शुक्ला; माननीय सांसद श्री चंदूभाई सिहोरा के साथ-साथ अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। जन सम्पर्क अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल
*रेल मंत्री ने देश को चार गति शक्ति कार्गो टर्मिनल समर्पित किए और लिंच GCT की आधारशिला रखी* लोकेशन:-भोपाल रिपोर्टर:-राकेश सेन *नए GCT से कार्गो की तेज़ी से आवाजाही में मदद मिलेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और क्षेत्रीय व्यवसायों को राष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ा जा सकेगा* *केंद्रीय मंत्री ने शिवलाखा GCT से मीठापुर के लिए नमक लदी मालगाड़ी को भी हरी झंडी दिखाई* *हल्के वज़न वाले स्टेनलेस स्टील के नमक कंटेनर से नमक की लोडिंग, अनलोडिंग और परिवहन आसान हो जाएगा* भोपाल। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज गुजरात में पांच गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों (GCTs) का उद्घाटन किया, उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया और उनकी आधारशिला रखी। इससे राज्य की माल ढुलाई क्षमता मजबूत होगी और देश भर में क्षेत्रीय आर्थिक केंद्रों, बंदरगाहों और बाजारों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। श्री वैष्णव ने शिवलाखा GCT से मीठापुर के लिए नमक से लदी मालगाड़ी को भी हरी झंडी दिखाई। यह गुजरात से नमक को उसकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए रेल के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पांच GCT में से, कच्छ में शिवलाखा और भीमसार, मोरबी में देवलिया और बनासकांठा में चंडीसार स्थित GCT को राष्ट्र को समर्पित किया गया। मेहसाणा के लिंच में GCT की आधारशिला रखी गई। ये टर्मिनल माल ढुलाई के लिए रेल क्षमता बढ़ाने, बंदरगाहों पर भीड़ और रुकावटें कम करने और गुजरात के बंदरगाहों तथा उत्तरी भीतरी इलाकों के बीच माल ढुलाई की कनेक्टिविटी को मज़बूत करने में मदद करेंगे। स्थानीय आर्थिक केंद्रों को बड़े राष्ट्रीय बाज़ारों और बंदरगाहों से जोड़कर, GCTs इस क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक, व्यापारिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे नमक के ट्रांसपोर्टेशन की अहमियत बताते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि नमक एक ज़रूरी चीज़ है जिसका इस्तेमाल हर घर में होता है, चाहे वह गरीब परिवार हो या मध्यम-वर्गीय परिवार। उन्होंने कहा कि गुजरात, खासकर कच्छ, नमक का एक बड़ा उत्पादक इलाका है और देश के अलग-अलग हिस्सों में नमक पहुँचाने में हमेशा से कई चुनौतियाँ रही हैं। श्री वैष्णव ने बताया कि जब पारंपरिक रेलवे वैगन में नमक का ट्रांसपोर्टेशन किया जाता था, तो वैगन की कुल क्षमता का एक बड़ा हिस्सा खुद वैगन के वज़न में ही चला जाता था। इसके अलावा, नमक नमी सोख लेता है, जिससे ट्रांसपोर्टेशन के दौरान माल गीला हो जाता था। इससे लोडिंग और अनलोडिंग में दिक्कतें आती थीं। उन्होंने आगे बताया कि नए हल्के वज़न वाले स्टेनलेस स्टील सॉल्ट कंटेनर को खास तौर पर इन चुनौतियों से निपटने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस कंटेनर में ऊपर से लोडिंग और साइड से अनलोडिंग की जा सकती है। उन्होंने कहा कि नए कंटेनर से देश के अलग-अलग हिस्सों में नमक पहुँचाना आसान हो जाएगा और साथ ही लोडिंग-अनलोडिंग की प्रक्रिया भी ज़्यादा आसान और बेहतर हो जाएगी। श्री वैष्णव ने कहा कि देश भर में अब 150 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू हो चुके हैं, जिनसे उद्योगों को फ़ायदा हो रहा है और माल ढुलाई की कनेक्टिविटी बेहतर हो रही
है। कच्छ में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बात करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि कच्छ क्षेत्र में अभी लगभग ₹5,600 करोड़ की लागत वाली रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने समाखियाली, भचाऊ, गांधीधाम, आदिपुर और भुज को जोड़ने वाले अहम हिस्सों पर क्षमता बढ़ाने और दोहरीकरण (डबलिंग) के कामों पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि भुज-नलिया गेज कन्वर्ज़न प्रोजेक्ट ने इस क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मज़बूत किया है। उन्होंने आगे कहा कि नलिया-जखाऊ पोर्ट नई ब्रॉड-गेज लाइन को भी मंज़ूरी मिल गई है, जिससे इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। कांडला-गांधीधाम औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बात करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि क्षमता बढ़ाने के कामों के ज़रिए रेल कनेक्टिविटी को मज़बूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समाखियाली-भचाऊ सेक्शन को पहले ही चार-लाइन वाला बना दिया गया है। गांधीधाम-आदिपुर सेक्शन को भी चार-लाइन वाला बना दिया गया है, जबकि आदिपुर-भुज सिंगल-लाइन सेक्शन को डबल-लाइन में बदला जा रहा है। रेल मंत्री ने बताया कि हाल ही में भुज-नलिया सेक्शन को मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदला गया है। श्री वैष्णव ने कहा कि नलिया से जखौ पोर्ट, वायोर, लूना, हाजीपुर और देसलपर तक के रेल नेटवर्क को भी और विकसित किया जा रहा है। श्री वैष्णव ने कहा कि इस विस्तारित रेल नेटवर्क से कच्छ क्षेत्र को, खासकर रक्षा क्षेत्र और उद्योगों की ज़रूरतों के लिए, बहुत फ़ायदा होगा। इससे इस मुश्किल इलाके में रहने वाले लोगों को भी लाभ होगा। ये पहल गुजरात में माल ढुलाई और यात्री सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करेंगी, रेल सेवाओं और कार्गो सुविधाओं तक पहुंच बेहतर बनाएंगी, और उद्योगों, व्यवसायों व स्थानीय समुदायों के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी से लाभ उठाने के ज़्यादा अवसर पैदा करेंगी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का ज़िक्र करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि हाल ही में शुरू किए गए बुनियादी ढांचे से माल की तेज़ी से और ज़्यादा कुशलता से आवाजाही संभव होगी, जिससे माल ढुलाई में काफ़ी फ़ायदा होगा। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व-पश्चिम माल ढुलाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के बारे में श्री वैष्णव ने कहा कि वापी-सूरत सेक्शन का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इसके बाद टेस्टिंग और उससे जुड़े दूसरे काम किए जाएंगे। श्री वैष्णव ने बताया कि भारत की अपनी हाई-स्पीड ट्रेन का पहला कोच तैयार हो चुका है और उस पर कई तरह के टेस्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में देश की कोशिशों और हाई-स्पीड रेल टेक्नोलॉजी में ज़्यादा से ज़्यादा स्वदेशीकरण के तहत बनाई जा रही है। इस कार्यक्रम में गुजरात सरकार के माननीय राज्य मंत्री श्री त्रिकमभाई छंगा; माननीय सांसद श्री विनोदभाई चावड़ा; माननीय सांसद श्री हरिभाई पटेल; माननीय सांसद श्री राजूभाई शुक्ला; माननीय सांसद श्री चंदूभाई सिहोरा के साथ-साथ अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। जन सम्पर्क अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल
- सतोरिया शासकीय स्कूल भवन जर्जर, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा बारिश में स्कूल भवन में भर जाता है पानी, ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने एसडीएम को सौंपा आवेदन लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत सतोरिया शासकीय स्कूल भवन जर्जर, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा बारिश में स्कूल भवन में भर जाता है पानी, ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने एसडीएम को सौंपा आवेदन बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम सतोरिया स्थित शासकीय माध्यमिक शाला के जर्जर भवन की समस्या को लेकर राष्ट्रीय किसान मोर्चा के अरविंद पटेल के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है। स्कूल भवन की खराब हालत को लेकर अनुविभागीय अधिकारी बीना को आवेदन सौंपकर जल्द से जल्द मरम्मत कार्य कराने की मांग की गई है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि शासकीय माध्यमिक शाला सतोरिया का भवन काफी जर्जर अवस्था में है। भवन की छत भी खराब हो चुकी है, जिससे कभी भी अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई है। जर्जर भवन में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दौरान स्कूल भवन में पानी भर जाता है। आवेदन में बताया गया है कि कई बार बारिश के दौरान भवन में घुटनों तक पानी भरने की स्थिति बन जाती है, जिसके कारण बच्चों के बैठने और पढ़ाई करने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं रहता। छात्र-छात्राओं एवं ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल भवन का तत्काल निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। आवेदन 15 सितंबर 2026 को सौंपा गया। अब ग्रामीणों और विद्यार्थियों को प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।1
- 40 साल पुराने कांजी हाउस पर भूमाफियाओं की नजर, गौ-सेवा दल ने लगाई प्रशासन को गुहार, बोले - एक तरफ सरकार गौशाला बना रही है, दूसरी तरफ गायों के आश्रय को उजाड़ा जा रहा है लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन *बीना।* जिस देश में गाय को माता कहा जाता है, उसी बीना में बेजुबानों के इकलौते सहारे को ही उजाड़ने की तैयारी चल रही है। यह दर्द लेकर मंगलवार को गौ सेवा दल बीना के वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र यादव और वट्टी के नेतृत्व में सैकड़ों गौ-प्रेमी तहसील में जनसुनवाई में पहुंचे और नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि कटरा मंदिर के पास शासकीय भूमि खसरा नंबर 187 बीना-इटावा पर पिछले 40 वर्षों से नगर पालिका द्वारा कांजी हाउस संचालित हो रहा है, जहां आवारा घूमने वाले बीमार गाय, बैल और बछड़ों का इलाज और देखभाल की जाती है। आरोप है कि अब कुछ अवैध कॉलोनाइजर इस पुण्य भूमि को अपना बताकर उसे खुर्द-बुर्द करने का प्रयास कर रहे हैं। राजेंद्र सिंह वट्टी ने भावुक होते हुए कहा "एक ओर शासन लाखों खर्च कर गौशालाएं बनवाने का ढिंढोरा पीट रहा है, तो दूसरी ओर शहर के बीचों-बीच मौजूद 40 साल पुराने कांजी हाउस को भू-माफिया निगलने पर तुले हैं। यह सिर्फ जमीन पर कब्जा नहीं, बल्कि बेजुबानों के मुंह से निवाला छीनने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पूरे बीना में यही हाल हो रहा है। देव रघुनाथ बड़ा मंदिर स्थित मोतीचूर नदी को भी अपना हिस्सा बताकर विकास कार्यों में बाधा डाली गई, जिससे कार्य महीनों तक लंबित रहा। अब वही लोग कांजी हाउस की जमीन को हड़पना चाहते हैं। गौ सेवा दल ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर इस बेशकीमती शासकीय, गौ-हित और जन-हित की भूमि को नगर पालिका के नाम सुरक्षित नहीं किया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो यह प्रशासन की गौ-भक्ति पर सबसे बड़ा सवाल होगा। उन्होंने मांग की है कि शिकायती आवेदन पर त्वरित कार्रवाई कर भूमि को सुरक्षित किया जाए। इस मौके पर राजेंद्र यादव, अनुराग जैन, सुमित यादव, नवीन भिलवारे, रुपेश यादव सूरज यादव सहित सैकड़ों गौ-सेवक मौजूद रहे।1
- माला सिन्हा की खिमलासा के बीच में नर्सरी के पास मोटरसाइकिल की भारत में एक दो घायल एक को सागर रेफर किया गया घायल 112 की मदद से सिविल अस्पताल लाया गया3
- *प्रेस नोट* *दिनांक : 15 सितंबर 2026* *जिला : विदिशा* *उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) रेंज भोपाल की उपस्थिति में विदिशा पुलिस का साइबर सेमिनार एवं तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित* *CEIR पोर्टल के नए फीचर्स, Sanchar Saathi की उपयोगिता एवं SIM संबंधी प्रक्रियाओं पर विदिशा पुलिस को दिया गया तकनीकी प्रशिक्षण* *गुम-चोरी मोबाइल की ट्रेसिंग व रिकवरी और साइबर फ्रॉड की रोकथाम के लिए पुलिसकर्मियों को किया गया प्रशिक्षित* *दूरसंचार विभाग के विशेषज्ञों ने CEIR एवं साइबर सुरक्षा सुविधाओं की दी विस्तृत जानकारी* विदिशा। पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश श्री कैलाश मकवाना के निर्देशानुसार, पुलिस महानिरीक्षक भोपाल (देहात) जोन श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) रेंज भोपाल श्री राजेश सिंह चंदेल एवं पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी की उपस्थिति में 15 सितंबर 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम, विदिशा में साइबर सेमिनार एवं तकनीकी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को CEIR Portal, Sanchar Saathi तथा दूरसंचार विभाग की साइबर सुरक्षा संबंधी सुविधाओं की अद्यतन जानकारी प्रदान करना तथा गुम/चोरी मोबाइल की ट्रेसिंग-रिकवरी एवं साइबर अपराधों की रोकथाम की कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाना रहा। *CEIR पोर्टल के नए फीचर्स एवं मोबाइल रिकवरी की प्रक्रिया समझाई:* प्रशिक्षण के दौरान Central Equipment Identity Register (CEIR) Portal के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने, ट्रेस करने तथा उनकी रिकवरी में CEIR के प्रभावी उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही पोर्टल में जोड़े गए नए फीचर्स एवं हालिया अपडेट्स की जानकारी देते हुए उनके व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। *Sanchar Saathi की उपयोगिता एवं साइबर फ्रॉड रोकथाम पर फोकस:* प्रशिक्षण में Sanchar Saathi Portal की विभिन्न सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। संदिग्ध एवं फ्रॉड कम्युनिकेशन की रिपोर्टिंग, मोबाइल डिवाइस की वास्तविकता की जांच तथा दूरसंचार विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न साइबर सुरक्षा सुविधाओं के उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई। *SIM जारी होने की प्रक्रिया एवं मोबाइल नंबर संबंधी तकनीकी जानकारी:* पुलिसकर्मियों को SIM कार्ड जारी होने की प्रक्रिया, किसी व्यक्ति के नाम पर जारी मोबाइल नंबरों से संबंधित जानकारी तथा दूरसंचार सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक उदाहरणों एवं डेमो के माध्यम से पुलिस थानों में साइबर संबंधी कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों की जानकारी दी गई। *दूरसंचार विभाग के विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण:* दूरसंचार विभाग, मध्यप्रदेश LSA, भोपाल की ओर से श्री गोपाल कुर्मी, डायरेक्टर, श्री राहुल जैन, ITS, सहायक महानिदेशक (डिजिटल इंटेलिजेंस) एवं श्री राजीव चौरसिया, यंग प्रोफेशनल द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को CEIR, Sanchar Saathi एवं दूरसंचार विभाग की विभिन्न तकनीकी एवं साइबर सुरक्षा सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। *अधिकारी एवं सभी थाना ऑपरेटर रहे उपस्थित:* इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी, साइबर प्रभारी उप निरीक्षक श्री गौरव रघुवंशी, रक्षित निरीक्षक श्री नीरज सिंह सिकरवार समेत विदिशा जिले के समस्त थानों के ऑपरेटर उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए दक्ष बनाने तथा मोबाइल रिकवरी, संदिग्ध मोबाइल/सिम की जांच एवं साइबर फ्रॉड की रोकथाम संबंधी पुलिस कार्यवाही को अधिक त्वरित एवं प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।2
- कॉलेज में सिस्टम बंद करो देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जातिवाद भाई भतीजा बाद बंद करो इसके भी जज के भी पेपर होने चाहिए परीक्षा जो बिना परीक्षा दिए एक ही जाति के जज कॉलेजियम से जज बनते हैं1
- jamal Pur me rod bahot karab he motarsaekil nhi nikalti siti shironj ke par ग्राम जमाल पुर सरपंच से बोला तो भी रोड नहीं बनता1
- घर पर फायरिंग करने वाले चार अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में अवैध असलहा बरामद* ललितपुर। थाना बार क्षेत्र में घर पर फायरिंग कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार वांछित अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध देशी तमंचे 315 बोर, चार जिंदा कारतूस 315 बोर, एक अवैध अदिया 12 बोर और एक जिंदा कारतूस 12 बोर बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, 12 सितंबर 2026 को ग्राम गढ़िया निवासी तोरन सिंह यादव ने थाना बार में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात लोगों ने उनके घर पर फायरिंग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मामले में थाना बार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। घटना के शीघ्र अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्राधिकारी तालबेहट के नेतृत्व में चार पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने साक्ष्य जुटाते हुए मामले में प्रकाश में आए चारों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यशप्रताप परमार निवासी चिराई थाना जिगना, जिला दतिया, मध्य प्रदेश, शिवम रावत, अजमेर रावत उर्फ नन्ना और सुरेंद्र रावत निवासी ग्राम सड, थाना करैरा, जिला शिवपुरी, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना बार में मु0अ0सं0 221/2026 के तहत BNS की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज है। सभी आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ललितपुर संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह तथा क्षेत्राधिकारी तालबेहट आशीष कुमार मिश्र के पर्यवेक्षण में थाना बार पुलिस टीम द्वारा की गई।1
- विदेश में जाकर मोहन भागवत की हवा खिसक गई भारत बुद्ध का देश है सच्चाई बोलना ही पड़ा1