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यूएई में खाद्य संकट की आशंका, दुबई में सिर्फ आठ दिन का ताजा भोजन बचा पत्रकार इकबाल खान ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब खाड़ी देशों की आपूर्ति व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। संयुक्त अरब अमीरात में खाने-पीने की चीजों की कमी की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर दुबई में स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है क्योंकि शहर में ताजा खाद्य सामग्री का भंडार तेजी से घट रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार दुबई में फिलहाल केवल आठ दिन का ताजा खाना बचा है। युद्ध के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित होने की आशंका है और अगर आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में खाद्य संकट गहरा सकता है। एनालिस्ट शनाका एंस्लेम परेरा ने एक्स पर लॉजिस्टिक्स प्रमुख स्टीफन पॉल का बयान साझा किया है। स्विस ब्रॉडकास्टर एसआरएफ से 5 मार्च को बातचीत में पॉल ने बताया कि दुबई में उस समय करीब दस दिन का ताजा खाद्य भंडार मौजूद था, जो अब घटकर लगभग आठ दिन रह गया है। यह आंकड़ा उनकी कंपनी द्वारा मॉनिटर किए जा रहे सप्लाई चेन डाटा के आधार पर बताया गया है।विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। यह मार्ग खाड़ी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग माना जाता है। अगर यहां आवाजाही बाधित रहती है तो दुबई समेत पूरे यूएई में खाद्य आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।विशेषज्ञों ने जल्द से जल्द समुद्री व्यापार सामान्य करने की जरूरत पर जोर दिया है, ताकि आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं को रोका जा सके और खाद्य संकट की स्थिति पैदा न हो।

4 hrs ago
user_आईरा समाचार बीकानेर
आईरा समाचार बीकानेर
Journalist Bikaner, Rajasthan•
4 hrs ago

यूएई में खाद्य संकट की आशंका, दुबई में सिर्फ आठ दिन का ताजा भोजन बचा पत्रकार इकबाल खान ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब खाड़ी देशों की आपूर्ति व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। संयुक्त अरब अमीरात में खाने-पीने की चीजों की कमी की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर दुबई में स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है क्योंकि शहर में ताजा खाद्य सामग्री का भंडार तेजी से घट रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार दुबई में फिलहाल केवल आठ दिन का ताजा खाना बचा है। युद्ध के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित होने की आशंका है और अगर आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में खाद्य संकट गहरा सकता है। एनालिस्ट शनाका एंस्लेम परेरा ने एक्स पर लॉजिस्टिक्स प्रमुख स्टीफन पॉल का बयान साझा किया है। स्विस ब्रॉडकास्टर एसआरएफ से 5 मार्च को बातचीत में पॉल ने बताया कि दुबई में उस समय करीब दस दिन का ताजा खाद्य भंडार मौजूद था, जो अब घटकर लगभग आठ दिन रह गया है। यह आंकड़ा उनकी कंपनी द्वारा मॉनिटर किए जा रहे सप्लाई चेन डाटा के आधार पर बताया गया है।विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। यह मार्ग खाड़ी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग माना जाता है। अगर यहां आवाजाही बाधित रहती है तो दुबई समेत पूरे यूएई में खाद्य आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।विशेषज्ञों ने जल्द से जल्द समुद्री व्यापार सामान्य करने की जरूरत पर जोर दिया है, ताकि आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं को रोका जा सके और खाद्य संकट की स्थिति पैदा न हो।

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  • श्रीडूंगरगढ़ बीकानेर नेशनल हाईवे 11 पर बेनीसर गांव के पास ट्रक व कार के बीच भिड़ंत होने से कार सवार गंभीर रूप से घायल हो गया
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    श्रीडूंगरगढ़ बीकानेर नेशनल हाईवे 11 पर बेनीसर गांव के पास ट्रक व कार के बीच भिड़ंत होने से कार सवार गंभीर रूप से घायल हो गया
    user_News 7 NETWORK
    News 7 NETWORK
    पत्रकार श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • राजवीर राजा मशहूर गायक पंजाबी गायक
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    राजवीर राजा मशहूर गायक पंजाबी गायक
    user_Dr.Sharwan
    Dr.Sharwan
    Doctor Ravla, Sri Ganganagar•
    10 hrs ago
  • नागौर,, नगर सेठ बंशीवाला मंदिर में भजनोउत्सव एवं डांडिया नृत्य रास का आयोजन किया गया जिसमें पुरुष, युवा ओर छोटे छोटे बच्चे शिव एवं अन्य प्रकार के रूप बना कर डांडिया नृत्य किया जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासीयों डांडिया नृत्य देखा जिससे मंदिर परिसर का पुरा वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा था एवं बीच-बीच में नगर सेठ बंशीवाला के जयकारे भी भक्त लगाते हुए नजर आ रहे थे डांडिया नृत्य रात को करीब 8-30 बजे शुरू हुआ जो कि करीब 3-30 घंटे तक चला डांडिया नृत्य के अवसर पर नगर सेठ भगवान बंशीवाला का फुलों से विशेष रूप से श्रृंगार किया गया भजन मंडली के द्वारा भगवान श्री कृष्ण की स्तुति, वंदना, ओर बाल लीलाओं पर भजनों की प्रस्तुति दी गई
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    नागौर,, नगर सेठ बंशीवाला मंदिर में भजनोउत्सव एवं डांडिया नृत्य रास का आयोजन किया गया जिसमें  पुरुष, युवा ओर छोटे छोटे बच्चे शिव एवं अन्य प्रकार के रूप बना कर डांडिया नृत्य किया 
जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासीयों डांडिया नृत्य देखा जिससे मंदिर परिसर का पुरा वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा था एवं बीच-बीच में नगर सेठ बंशीवाला के जयकारे भी भक्त लगाते हुए नजर आ रहे थे डांडिया नृत्य रात को करीब 8-30 बजे शुरू हुआ जो कि करीब 3-30 घंटे तक चला 
डांडिया नृत्य के अवसर पर नगर सेठ भगवान बंशीवाला का फुलों से विशेष रूप से श्रृंगार किया गया 
भजन मंडली के द्वारा भगवान श्री कृष्ण की स्तुति, वंदना, ओर बाल लीलाओं पर भजनों की प्रस्तुति दी गई
    user_प्रदीप कुमार डागा
    प्रदीप कुमार डागा
    नागौर, नागौर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • Post by FIROZ MATODA
    1
    Post by FIROZ MATODA
    user_FIROZ MATODA
    FIROZ MATODA
    Agricultural production बापिणी, जोधपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • घड़साना में फूटा जनआक्रोश: न्याय की मांग ने लिया आंदोलन का रूप खानुवाली की प्रसूता सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की दर्दनाक मौत के मामले में आखिरकार वह दिन आ ही गया जब जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। इस दर्दनाक घटना को दबाने की कोशिशों के बीच समाजसेवी रामेश्वर बाबल और पत्रकार सुनील पुरी ने वह हिम्मत दिखाई, जिसने इस पूरे मामले को दबने नहीं दिया और न्याय के लिए एक संगठित आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। इसी संघर्ष का परिणाम था कि आज 6 तारीख को घड़साना में न्याय की आवाज एक बड़े जनसैलाब में बदल गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सिंह सभा गुरुद्वारा घड़साना में एकत्रित होने लगे। यह कोई साधारण भीड़ नहीं थी, बल्कि उस पीड़ा, आक्रोश और न्याय की पुकार का स्वर था जो एक बेबस परिवार के साथ हुए अन्याय के खिलाफ उठ रहा था। गुरुद्वारा में हुई बैठक के बाद लोग संगठित होकर एसडीएम कार्यालय घड़साना के सामने पहुंचे और शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ आंदोलन शुरू किया। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना था कि सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और लालच का नतीजा है, जिसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जनता के इस बढ़ते दबाव और आक्रोश को देखते हुए प्रशासन भी आखिरकार हरकत में आया। अनूपगढ़ के एडीएम अशोक सांगवा और डीएसपी प्रशांत कौशिक खुद धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों के बीच आकर वार्ता की। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों की बात सुनी और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। हालांकि आंदोलनकारियों का कहना साफ था कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जनता ने चेतावनी दी कि अगर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब समाज जागता है और कुछ लोग सच के साथ खड़े होने का साहस दिखाते हैं, तो दबाई जा रही आवाजें भी बुलंद हो जाती हैं। समाजसेवी रामेश्वर बाबल और पत्रकार सुनील पुरी की पहल ने उस चिंगारी को हवा दी, जो अब न्याय की आग बनकर पूरे क्षेत्र में फैलती नजर आ रही है। अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है—क्या सच में पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या फिर यह मामला भी सिस्टम की फाइलों में दबकर रह जाएगा। क्योंकि इस बार जनता चुप बैठने के मूड में नहीं है। #खानुवाली #रावला #घडसाना #अनूपगढ़ #गंगानगर #वायरलपोस्ट2025シ #justiceforsudesh #बेटी_को_न्याय_दो #dmsriganganagar #वायरलन्यूज़ #खबरें24 #चिकित्सामंत्री #राजस्थानन्यूज़ #गोपीबेनीवाल
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    घड़साना में फूटा जनआक्रोश: न्याय की मांग ने लिया आंदोलन का रूप
खानुवाली की प्रसूता सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की दर्दनाक मौत के मामले में आखिरकार वह दिन आ ही गया जब जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। इस दर्दनाक घटना को दबाने की कोशिशों के बीच समाजसेवी रामेश्वर बाबल और पत्रकार सुनील पुरी ने वह हिम्मत दिखाई, जिसने इस पूरे मामले को दबने नहीं दिया और न्याय के लिए एक संगठित आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।
इसी संघर्ष का परिणाम था कि आज 6 तारीख को घड़साना में न्याय की आवाज एक बड़े जनसैलाब में बदल गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सिंह सभा गुरुद्वारा घड़साना में एकत्रित होने लगे। यह कोई साधारण भीड़ नहीं थी, बल्कि उस पीड़ा, आक्रोश और न्याय की पुकार का स्वर था जो एक बेबस परिवार के साथ हुए अन्याय के खिलाफ उठ रहा था।
गुरुद्वारा में हुई बैठक के बाद लोग संगठित होकर एसडीएम कार्यालय घड़साना के सामने पहुंचे और शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ आंदोलन शुरू किया। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना था कि सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और लालच का नतीजा है, जिसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जनता के इस बढ़ते दबाव और आक्रोश को देखते हुए प्रशासन भी आखिरकार हरकत में आया। अनूपगढ़ के एडीएम अशोक सांगवा और डीएसपी प्रशांत कौशिक खुद धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों के बीच आकर वार्ता की। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों की बात सुनी और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
हालांकि आंदोलनकारियों का कहना साफ था कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जनता ने चेतावनी दी कि अगर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब समाज जागता है और कुछ लोग सच के साथ खड़े होने का साहस दिखाते हैं, तो दबाई जा रही आवाजें भी बुलंद हो जाती हैं। समाजसेवी रामेश्वर बाबल और पत्रकार सुनील पुरी की पहल ने उस चिंगारी को हवा दी, जो अब न्याय की आग बनकर पूरे क्षेत्र में फैलती नजर आ रही है।
अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है—क्या सच में पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या फिर यह मामला भी सिस्टम की फाइलों में दबकर रह जाएगा। क्योंकि इस बार जनता चुप बैठने के मूड में नहीं है।
#खानुवाली #रावला #घडसाना #अनूपगढ़ #गंगानगर #वायरलपोस्ट2025シ #justiceforsudesh #बेटी_को_न्याय_दो #dmsriganganagar #वायरलन्यूज़ #खबरें24 #चिकित्सामंत्री #राजस्थानन्यूज़ #गोपीबेनीवाल
    user_पत्रकार
    पत्रकार
    JOURNALIST अनूपगढ़, श्री गंगानगर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
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    Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    user_TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    Social worker फलोदी, जोधपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • नई दिल्ली पत्रकार इकबाल खान इरान ओर इजराइल बीच जारी युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। भारत से यूरोप और दुबई जाने वाली कई उड़ानों के किराए में पिछले एक हफ्ते के दौरान तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ट्रैवल कंपनियों के अनुसार भारत से यूरोप जाने वाली फ्लाइटों के किराए में 40 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है, जबकि जाने वाले रूट पर हवाई टिकट के दाम 60 से 80 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।ट्रैवल कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक सीमित उड़ान संचालन के कारण भारत-दुबई कॉरिडोर पर एकतरफा टिकट के किराए में 60 से 80 प्रतिशत तक का उछाल आया है। वहीं अगले 15 दिनों के भीतर यात्रा की बुकिंग कराने वाले यात्रियों को काफी महंगे टिकट का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार इस सप्ताह फ्लाइट कैंसिलेशन की संख्या में भी इजाफा हुआ है। के मुताबिक रद्द होने वाली कुल उड़ानों में से लगभग 50 से 65 प्रतिशत उड़ानें दुबई रूट से जुड़ी हुई हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट के कई एयरस्पेस प्रभावित होने से विमान कंपनियों को लंबे वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे उड़ानों का समय और लागत दोनों बढ़ रही हैं। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय टिकटों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।
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    नई दिल्ली पत्रकार इकबाल खान
इरान ओर  इजराइल बीच जारी युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। भारत से यूरोप और दुबई जाने वाली कई उड़ानों के किराए में पिछले एक हफ्ते के दौरान तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ट्रैवल कंपनियों के अनुसार भारत से यूरोप जाने वाली फ्लाइटों के किराए में 40 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है, जबकि जाने वाले रूट पर हवाई टिकट के दाम 60 से 80 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।ट्रैवल कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक सीमित उड़ान संचालन के कारण भारत-दुबई कॉरिडोर पर एकतरफा टिकट के किराए में 60 से 80 प्रतिशत तक का उछाल आया है। वहीं अगले 15 दिनों के भीतर यात्रा की बुकिंग कराने वाले यात्रियों को काफी महंगे टिकट का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार इस सप्ताह फ्लाइट कैंसिलेशन की संख्या में भी इजाफा हुआ है। के मुताबिक रद्द होने वाली कुल उड़ानों में से लगभग 50 से 65 प्रतिशत उड़ानें दुबई रूट से जुड़ी हुई हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट के कई एयरस्पेस प्रभावित होने से विमान कंपनियों को लंबे वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे उड़ानों का समय और लागत दोनों बढ़ रही हैं। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय टिकटों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    7 hrs ago
  • आंखों में मोतियाबिंद हों चश्मा लगा हो आंखों में पानी आना लाली रहना खारिश हो नज़र कमजोर हो। 7568628143
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    आंखों में मोतियाबिंद हों चश्मा लगा हो आंखों में पानी आना लाली रहना खारिश हो नज़र कमजोर हो।
7568628143
    user_Dr.Sharwan
    Dr.Sharwan
    Doctor Ravla, Sri Ganganagar•
    10 hrs ago
  • खानुवाली दुखांतिका: जब जनता जागी तो प्रशासन को भी झुकना पड़ा खानुवाली की बेटी सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके की आत्मा को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि 25 तारीख को इलाज के नाम पर पैसों के लालच में डॉ. राजेश गॉड ने ऐसी लापरवाही बरती कि सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे को तड़प-तड़प कर अपनी जान गंवानी पड़ी। एक खुशहाल परिवार देखते ही देखते मातम में बदल गया। सबसे दुखद बात यह रही कि 28 तारीख तक पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में दर-दर की ठोकरें खाता रहा, लेकिन सिस्टम खामोश रहा। जब किसी ने आवाज नहीं उठाई, तब जिंदा जमीर वाले समाजसेवी रामेश्वर बाबल और पत्रकार सुनील पुरी आगे आए। उन्होंने इस दर्दनाक घटना को दबने नहीं दिया और न्याय के लिए आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। इसी संघर्ष का नतीजा है कि आज 6 तारीख को प्रशासन को खुद धरना स्थल पर आना पड़ा। इलाके की जनता ने भी एकजुट होकर यह साबित कर दिया कि घड़साना, रावला और अनूपगढ़ की धरती पर अभी भी इंसानियत जिंदा है। यहां लोग अन्याय के सामने चुप बैठने वालों में नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने वालों में शामिल हैं। अब सवाल सिर्फ एक परिवार के दर्द का नहीं, बल्कि पूरे समाज के आत्मसम्मान का है। अगर इस दुखांतिका में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह सिर्फ एक परिवार के साथ अन्याय नहीं होगा, बल्कि इंसानियत की हार होगी। जनता का संदेश साफ है—न्याय चाहिए, और हर हाल में चाहिए। #खानुवाली #रावला #घडसाना #अनूपगढ़ #गंगानगर #चिकित्सामंत्री #खबरें24 #वायरलन्यूज़ #dmsriganganagar #बेटी_को_न्याय_दो #justiceforsudesh #वायरलपोस्ट2025シ #राजस्थानन्यूज़ #गोपीबेनीवाल
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    खानुवाली दुखांतिका: जब जनता जागी तो प्रशासन को भी झुकना पड़ा
खानुवाली की बेटी सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके की आत्मा को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि 25 तारीख को इलाज के नाम पर पैसों के लालच में डॉ. राजेश गॉड ने ऐसी लापरवाही बरती कि सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे को तड़प-तड़प कर अपनी जान गंवानी पड़ी। एक खुशहाल परिवार देखते ही देखते मातम में बदल गया।
सबसे दुखद बात यह रही कि 28 तारीख तक पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में दर-दर की ठोकरें खाता रहा, लेकिन सिस्टम खामोश रहा। जब किसी ने आवाज नहीं उठाई, तब जिंदा जमीर वाले समाजसेवी रामेश्वर बाबल और पत्रकार सुनील पुरी आगे आए। उन्होंने इस दर्दनाक घटना को दबने नहीं दिया और न्याय के लिए आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।
इसी संघर्ष का नतीजा है कि आज 6 तारीख को प्रशासन को खुद धरना स्थल पर आना पड़ा। इलाके की जनता ने भी एकजुट होकर यह साबित कर दिया कि घड़साना, रावला और अनूपगढ़ की धरती पर अभी भी इंसानियत जिंदा है। यहां लोग अन्याय के सामने चुप बैठने वालों में नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने वालों में शामिल हैं।
अब सवाल सिर्फ एक परिवार के दर्द का नहीं, बल्कि पूरे समाज के आत्मसम्मान का है। अगर इस दुखांतिका में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह सिर्फ एक परिवार के साथ अन्याय नहीं होगा, बल्कि इंसानियत की हार होगी। जनता का संदेश साफ है—न्याय चाहिए, और हर हाल में चाहिए।
#खानुवाली #रावला #घडसाना #अनूपगढ़ #गंगानगर #चिकित्सामंत्री #खबरें24 #वायरलन्यूज़ #dmsriganganagar #बेटी_को_न्याय_दो #justiceforsudesh #वायरलपोस्ट2025シ #राजस्थानन्यूज़ #गोपीबेनीवाल
    user_पत्रकार
    पत्रकार
    JOURNALIST अनूपगढ़, श्री गंगानगर, राजस्थान•
    18 hrs ago
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