मसौढ़ी में एक गांजा तस्कर के पास से 14 किलो दो सौ ग्राम बरामद पटना से लाया था 14.2 किलो गांजा, मसौढ़ी पुलिस ने खराठ मोड़ पर दबोचा तस्कर गुप्त सूचना पर की गई घेराबंदी सफल, बैग से 14 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद; एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज मसौढ़ी मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में मसौढ़ी थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र के खराठ मोड़ के समीप एक युवक को 14 किलो 200 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार कर लिया। बरामद गांजा एक बैग में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करों में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजू ठाकुर, निवासी गंगाचक मलकाना थाना मसौढ़ी, जिला पटना के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी पटना से गांजा लेकर मसौढ़ी पहुंचा था और वहां से दूधीचक की ओर जाने की तैयारी में था। इसी बीच पहले से मिली गुप्त सूचना के आधार पर खराठ मोड़ के पास पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके बैग से 14 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर मादक पदार्थ जब्त कर लिया। पुलिस ने बरामद गांजे का वजन कर उसे विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस आरोपी से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था, इसकी खेप किसे सौंपी जानी थी तथा इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इस बिंदु पर भी गहन जांच की जा रही है। मसौढ़ी थाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। साथ ही उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
मसौढ़ी में एक गांजा तस्कर के पास से 14 किलो दो सौ ग्राम बरामद पटना से लाया था 14.2 किलो गांजा, मसौढ़ी पुलिस ने खराठ मोड़ पर दबोचा तस्कर गुप्त सूचना पर की गई घेराबंदी सफल, बैग से 14 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद; एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज मसौढ़ी मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में मसौढ़ी थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र के खराठ मोड़ के समीप एक युवक को 14 किलो 200 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार कर लिया। बरामद गांजा एक बैग में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करों में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजू ठाकुर, निवासी गंगाचक मलकाना थाना मसौढ़ी, जिला पटना के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी पटना से गांजा लेकर मसौढ़ी पहुंचा था और वहां से दूधीचक की ओर जाने की तैयारी में था। इसी बीच पहले से मिली गुप्त सूचना के आधार पर खराठ मोड़ के पास पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके बैग से 14 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर मादक पदार्थ जब्त कर लिया। पुलिस ने बरामद गांजे का वजन कर उसे विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस आरोपी से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था, इसकी खेप किसे सौंपी जानी थी तथा इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इस बिंदु पर भी गहन जांच की जा रही है। मसौढ़ी थाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। साथ ही उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
- मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता" मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता" व्यवस्थापक बोले– स्टील के सीलबंद कंटेनरों में भेजा जाता है भोजन, स्कूल पहुंचने के बाद ही खुलता है डिब्बा; मामले की निष्पक्ष जांच की मांग मसौढ़ी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में मंगलवार को बच्चों को परोसे गए मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की थाली में कथित रूप से कीड़ा मिलने के मामले के बाद पीएम पोषण योजना के तहत संचालित केंद्रीकृत रसोईघर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद मसौढ़ी के संवाददाता ने विद्यालय के समीप स्थित टीम एक्सीलेंस द्वारा संचालित केंद्रीकृत रसोईघर पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। केंद्रीकृत रसोईघर के व्यवस्थापक रंजीत कुमार ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संस्था से निकलने वाला प्रत्येक भोजन पूरी गुणवत्ता जांच और स्वच्छता मानकों का पालन करने के बाद ही स्टेनलेस स्टील के विशेष कंटेनरों में पैक कर संबंधित विद्यालयों तक भेजा जाता है। उनका कहना था कि भोजन तैयार करने से लेकर पैकिंग और वितरण तक हर चरण की नियमित निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि जब एमडीएम कर्मी विद्यालय में भोजन पहुंचाते हैं तो वहां बच्चों को परोसने से पहले विद्यालय प्रशासन द्वारा भी भोजन का निरीक्षण किया जाना चाहिए। यदि भोजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी तो विद्यालय स्तर पर इसकी पहचान क्यों नहीं हो सकी, यह भी जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि संस्था की छवि खराब करने की कोशिश से भी इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। रंजीत कुमार ने बताया कि रसोईघर में प्रतिदिन साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता संबंधी सभी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भोजन जिन स्टेनलेस स्टील कंटेनरों में भेजा जाता है, वे उच्च गुणवत्ता वाले हैं। अगले महीने से भोजन को अधिक समय तक गर्म और सुरक्षित रखने वाले नए एवं बेहतर गुणवत्ता के इंसुलेटेड कंटेनर उपलब्ध कराने की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने बिहार सरकार से यह भी मांग की कि विद्यालयों में संस्था के कर्मचारी स्वयं बच्चों को भोजन परोसने की व्यवस्था हो, ताकि भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद या भ्रम उत्पन्न न हो। इस दौरान मसौढ़ी के संवाददाता ने केंद्रीकृत रसोईघर में भोजन तैयार होने, गुणवत्ता जांच, पैकिंग और सीलबंद स्टील कंटेनरों में विद्यालय भेजने की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रसोईघर में साफ-सफाई की व्यवस्था, कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया तथा पैकिंग प्रणाली को भी देखा गया। कर्मचारियों ने बताया कि रसोईघर से सीलबंद होकर निकलने वाले भोजन के कंटेनर विद्यालय पहुंचने के बाद ही खोले जाते हैं। गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में बच्चों के भोजन में कथित रूप से कीड़ा मिलने की घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। अब इस मामले में प्रशासनिक जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में कीड़ा किस स्तर पर पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है। वहीं, केंद्रीकृत रसोईघर प्रबंधन ने दावा किया है कि वह गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करता है तथा भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।1
- जहानाबाद : पुलिस केंद्र में साप्ताहिक परेड का निरीक्षण, एसपी ने जवानों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश। जहानाबाद - पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने शुक्रवार को पुलिस केंद्र में आयोजित साप्ताहिक परेड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस बल के टर्नआउट, अनुशासन, शारीरिक दक्षता एवं परेड की गुणवत्ता का बारीकी से अवलोकन किया। परेड में शामिल पदाधिकारियों और जवानों ने निर्धारित ड्रिल एवं अभ्यास का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर एसपी ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यकुशलता, अनुशासन और जनसेवा की भावना ही उसकी पहचान है। जनता के साथ बेहतर संवाद और संवेदनशील व्यवहार पुलिस की विश्वसनीयता को मजबूत करता है। एसपी ने सभी पदाधिकारियों एवं जवानों को उच्च स्तर की व्यावसायिक दक्षता बनाए रखने, शारीरिक रूप से फिट रहने तथा कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण और परेड से पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ती है तथा टीम भावना मजबूत होती है। निरीक्षण के दौरान पुलिस केंद्र के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- शरारती बच्चों के नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी किया वीडियो, जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर सुनिए पीएम का पूरा वीडियो... Mukhiyajee Reporter | Patna छात्र आंदोलन के नाम पर जंतर-मंतर पर जिस तरह प्रदर्शन हुआ, उसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देर रात फिर वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने 'शरारती बच्चों' से ही संबोधित किया है। सुनिए पूरा वीडियो...1
- सरकारी दर पर नहीं मिली खाद? किसानों ने लगाया कालाबाजारी और मनमानी वसूली का आरोप1
- बिहार सरकार में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने श्रावण के पवित्र माह में अशोकधाम मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की बिहार सरकार में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने श्रावण के पवित्र माह में यहां के प्रसिद्ध धर्म स्थान अशोक धाम में जाकर सपरिवार पूजा अर्चना की और उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर भी धर्म संदेश देने वाला पोस्ट शेयर किया है। शिवभक्ति, सेवा और संस्कार—श्रावण का यही सार। अशोक धाम से गूंजा आस्था, सेवा और शिवभक्ति का संदेश। 🔱1
- झारखंड में इंजिनियर के घर पर ईडी की छपेमारी घर से 6 करोड़ रुपये नगद 500 ग्राम सोना बारामद1
- दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पटना से संचालित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पटना से संचालित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की पुलिस ने ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार की राजधानी पटना से संचालित एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। खुर्सीपार थाना पुलिस की विशेष टीम ने पटना में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को हिरासत में लेकर रिमांड पर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। जब्त सामग्री के आधार पर साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह ऑनलाइन धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों से लोगों को निशाना बना रहा था और मामले की विस्तृत जांच जारी है।1
- पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन जलनिकासी ठप होने से सड़क बनी तालाब, 10 बीघे से अधिक खेत जलमग्न; ग्रामीणों ने कहा— कई बार आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई धनरुआ प्रखंड की धनरुआ पंचायत अंतर्गत सहरू गांव में वर्षों से जाम पड़ी नालियों, जलभराव और अधूरी जलनिकासी व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, किसान, छात्र-छात्राएं और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जाम नालियों की तत्काल सफाई, अधूरे नाली निर्माण कार्य को पूरा कराने और गांव में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पूर्व में नाली का निर्माण तो कराया गया था, लेकिन पिछले करीब पांच वर्षों से उसकी सफाई नहीं कराई गई। नालियां पूरी तरह जाम होने के कारण बरसात का पानी सड़क, गलियों और खेतों में जमा हो रहा है। इससे गांव की सड़कें कीचड़ से पट गई हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से प्रतिदिन स्कूली छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। फिसलन और जलभराव के कारण कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, एक छात्रा और एक बुजुर्ग का पैर टूट चुका है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। किसानों ने बताया कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से करीब 10 बीघे से अधिक कृषि भूमि में बरसाती पानी जमा हो गया है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धनरुआ पंचायत की मुखिया रानी देवी ने कथित रूप से कहा कि "आप लोगों ने हमें वोट नहीं दिया, इसलिए यहां काम नहीं होगा।" हालांकि इस आरोप पर मुखिया का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में पूर्व मुखिया योगेंद्र चंद्रवंशी, जय मंगल प्रसाद, रामप्रवेश, हरिकांत प्रसाद, निरंजन कुमार, रोहित पासवान, नीलकू पासवान, चंपा देवी, शारदा देवी, पनपता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं मतदाता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र नालियों की सफाई और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो वे प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक चरणबद्ध आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी.1