बारां जिले के अन्ता उपखंड के बैंगना-बैंगनी गांव में विद्यालय के सामने लंबे समय से जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर पांच ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के सामने भरे पानी से छात्रों और आम लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ। मौके पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश में जुटी है। बारां जिले के अन्ता उपखंड के बैंगना-बैंगनी गांव में विद्यालय के सामने लंबे समय से जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर पांच ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के सामने भरे पानी से छात्रों और आम लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ। मौके पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश में जुटी है।
बारां जिले के अन्ता उपखंड के बैंगना-बैंगनी गांव में विद्यालय के सामने लंबे समय से जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर पांच ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के सामने भरे पानी से छात्रों और आम लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ। मौके पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश में जुटी है। बारां जिले के अन्ता उपखंड के बैंगना-बैंगनी गांव में विद्यालय के सामने लंबे समय से जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर पांच ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के सामने भरे पानी से छात्रों और आम लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ। मौके पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश में जुटी है।
- कवि रूपनारायण 'संजय' के काव्य संग्रह 'रूपोदय' का भव्य लोकार्पण, साहित्य जगत में नई कृति का स्वागत "रूपोदय "का लोकार्पण समारोह सम्पन्न राष्ट्रीय कवि संगम और मधुकर काव्य संस्थान के सयुंक्त तत्वावधान में कोटा विनोबा भावे नगर स्तिथ कबीर पारख संस्थान में दोपहर तीन बजे युवा रचनाकार रूपनारायण संजय द्धारा रचित कृति " रूपोदय " का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। आयोजन में मुख्य अतिथि डॉ गिरी गिरीवर ( वरिष्ठ साहित्यकार, काव्य कलश के संस्थापक), अध्यक्षता जितेंद्र निर्मोही ( वरिष्ठ साहित्यकार, समीक्षक), मुख्य वक्ता विवेक मिश्र ( प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय कोटा, प्रखर वक्ता), विशिष्ट अतिथि प्रेम शास्त्री ( प्रसिद्ध गीतकार), विशिष्ट अतिथि किशन प्रणय ( युवा साहित्यकार) थे। आयोजन का सफल संचालन नहुष व्यास ने किया। आयोजन के सह संयोजक हेमराज सिंह हेम ने बताया कि " कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन अर्चन, दीप प्रज्वलन से हुआ और वरिष्ठ गीतकार प्रेम शास्त्री ने " थारे शरणे आयो री मांई , थारे शरणे आयो री" सरस सरस्वती वंदना से हुआ। आयोजन समिति के डॉ शिव लहरी, जोधराज मधुकर, हेमराज सिंह हेम, बन्टी सुमन ने मंचस्थ अतिथियों का स्वागत दुपट्टा, स्मृति चिन्ह्, प्रदान कर मंचस्थ अतिथियों का स्वागत सत्कार किया। आयोजन समिति के संयोजक डॉ शिव लहरी ने स्वागत उदबोधन ने किया, कृतिकार का परिचय प्रसिद्ध नाटयकार व लेखक राम शर्मा कापरेन ने देते हुए कहा कि "कवि परिचय देते हुए कहा कि "रूपनारायण शर्मा'संजय' सरल एवं सहज व्यक्तित्व के धनी है जो साहित्य रचना में निरंतर संलग्न है।" मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रोफेसर विवेक मिश्र ने कहा कि "रूपोदय कृति चुटीले व्यंग्य और सरस कविताओं का संग्रह है । छोटी कविताएं बहुत गहरा प्रभाव डालती हैं।" कवि और लेखक किशन प्रणय ने विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि "कवि को अपनी रचनाओं में अपनी कल्पनाशीलता को समाहित करना चाहिए जिससे काव्य और उत्कृष्ट होता है और अभ्यास का विशेष ध्यान रखना चाहिए।" विशिष्ट अतिथि लोकप्रिय गीतकार प्रेम शास्त्री ने कहा कि " रूपनारायण जैसा दिखता है वैसे ही लिखते हैं, सहज रूप से उनकी लेखनी समाज का आयना दिखाती है। । मुख्य अतिथि डाँ गिरी गिरीवर ने कहा कि" पहली पुस्तक में सुधारो की गुंजाइश होती है लेकिन प्रयास और विश्वास महत्वपूर्ण होता है।आदमी में सिखने की ललक, पढ़ने का अभ्यास ही लेखन में निरंतर ता लाता है। "अध्यक्ष पद को सुशोभित कर रहे वरिष्ठ लेखक और कवि श्री जितेंद्र निर्मोही ने कहा कि "साहित्य जगत में नई पुस्तकों का आना अपने आप में ऊर्जा का जीता जागता स्रोत होता है।" सारस्वत अतिथि के रूप में कबीर पारख संस्थान कोटा के संस्थापक परम पूज्य सद्गुरु संत प्रभाकर साहेब ने रूपनारायण को आशीष वचन प्रदान किये। इस अवसर पर कृतिकार के माता पिता का सम्मान करवाया गया । मधुकर काव्य संस्थान के अध्यक्ष जोधराज मधुकर ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि " आप सभी का जो सहयोग मिल रहा है वह हमें ऊर्जा प्रदान करता है,भविष्य में भी आप सभी का सहयोग मिलता रहें इस लोकार्पण में कवि रामेश्वर ' रामू' , राममोहन कौशिक, के. सी राजपूत, देवकी दर्पण, बाबू बंजारा, परमानन्द दाधीच, योगीराज 'योगी, आर. सी आदित्य, गोरस प्रचण्ड , दुर्गा शंकर बैरागी, सत्येन्द्र वर्मा,मुरलीधर गौड़, नाटककार अन्नु सिंह धाकड़, चित्रकार शंभू सिंह चौबदार, सुशील कलवार, पुरूषोत्तम ' पौरुष, आर . जे 20 देवराज काॅमेडियन, दिनेश गौतम ( एस. टी एन) बंटी सुमन, हेमराज सिंह हेम, नन्द सिंह पंवार,, बनवारी नागर दीनदयाल शर्मा, महेंद्र शर्मा, सुरेन्द्र शर्मा, महेंद्र नागर, भैरू लाल नागर, देवराज गुर्जर, दीपेंद्र सिंह सोलंकी आदि उपस्थित रहे और मातृशक्ति में श्यामा शर्मा, अनुराधा शर्मा, कृष्णा कमसिन, इस अवसर पर कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम। आयोजन की शोभा बढ़ा रहे थे।1
- एक व्यक्ति ने 10 बोतल पानी की खरीदीं उसे 14₹ की जगह 20₹ की मिलीं, उसने शिकायत की RPF से एक सज्जन आए? अब सुनिए... यात्री - 14₹ की जगह 20₹ की बोतल लीं क्या रेलवे मुझे पानी पिलाएगा 60₹ कौन देगा? RPF - तो आप यात्रा मत करो? है न गज़ब का तर्क! मतलब आप शिकायत कर रहे हो तो आपको ही रास्ता बता दिया जाएगा? एक व्यक्ति ने 10 बोतल पानी की खरीदीं उसे 14₹ की जगह 20₹ की मिलीं, उसने शिकायत की RPF से एक सज्जन आए? अब सुनिए... यात्री - 14₹ की जगह 20₹ की बोतल लीं क्या रेलवे मुझे पानी पिलाएगा 60₹ कौन देगा? RPF - तो आप यात्रा मत करो? है न गज़ब का तर्क! मतलब आप शिकायत कर रहे हो तो आपको ही रास्ता बता दिया जाएगा?1
- भारत को आगे बढ़ता देख आज दुनिया के बड़े-बड़े देश घबरा रहे हैं। भारत को आगे बढ़ता देख आज दुनिया के बड़े-बड़े देश घबरा रहे हैं। भारत को जितना खतरा बाहरी ताकतों से है उतना ही खतरा अंदर बैठे कुछ लोगों से भी है। : अजित डोवाल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार।।1
- जयपुर में UGC रोल बैक को लेकर करणी सेना का प्रदर्शन,लाठीचार्ज UGC रोल बैक की मांग को लेकर करणी सेना ने जयपुर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वाटर केनन से भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया गया।1