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शाजापुर ज़िले में एक पति ने अपनी पत्नी और उसके पिता के साथ मारपीट की। इस घटना में घायल हुई महिला का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
Rajguru News
शाजापुर ज़िले में एक पति ने अपनी पत्नी और उसके पिता के साथ मारपीट की। इस घटना में घायल हुई महिला का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by Ram Solanki1
- सोशल मीडिया पर 'अजब मध्यप्रदेश के गजब ज्ञानी' शीर्षक से एक पोस्ट साझा की गई है, जिसमें मध्य प्रदेश के कुछ लोगों पर कटाक्ष किया गया है। पोस्ट इस बात पर हैरानी और व्यंग्य व्यक्त करती है कि जब किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगते हैं, तो उसे सीधे सनातन धर्म पर हमला मान लिया जाता है। यह पोस्ट ऐसे बयानों की तर्कहीनता पर सवाल उठाती है, इस बात पर ज़ोर देते हुए कि यह “कुछ भी दिए जाओ” वाली स्थिति है।1
- पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियाँ जोरों पर थीं, जिसके लिए परिवार ने राजस्थान में करीब 17 करोड़ रुपये का एक लग्ज़री पैलेस बुक किया था। लेकिन शादी से पहले ही केतन की मौत हो गई, जिसने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया और पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 18 जून को केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहागढ़ किले गए थे। कुछ समय बाद सूचना मिली कि केतन गहरी खाई में गिर गए हैं। शुरुआत में इसे एक हादसा बताया गया, लेकिन पुलिस जांच में मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामला संदिग्ध पाया गया। इसके बाद पुलिस ने सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया, आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। आज की रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस का दावा है कि चेतन चौधरी ने सिया को इस अपराध के लिए उकसाया था। हालांकि, दोनों के अलग-अलग बयानों के कारण जांच और भी जटिल हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट में इस केस की सुनवाई कराने के निर्देश दिए हैं और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया है। कानूनी पहलुओं पर बात करें तो, यदि अदालत में यह साबित होता है कि हत्या पहले से योजना बनाकर की गई थी, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या और आपराधिक साजिश से संबंधित गंभीर धाराएँ लागू हो सकती हैं। हालांकि, भारतीय कानून का मूल सिद्धांत यह है कि जब तक अदालत किसी आरोपी को दोषी घोषित नहीं करती, तब तक वह केवल आरोपी है, अपराधी नहीं। यह केस कई सवाल खड़े करता है कि क्या यह सिर्फ एक प्रेम प्रसंग का मामला था, क्या वास्तव में पहले से साजिश रची गई थी, या जांच में अभी और तथ्य सामने आने बाकी हैं। इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की पूरी जांच और अदालत की सुनवाई के बाद ही सामने आएंगे।1
- Post by Santosh silodiya1
- राजगढ़ जिले में गंभीर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मलावर पुलिस ने डकैती के एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार तोलानी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ब्यावरा श्री प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में थाना मलावर पुलिस ने यह कार्रवाई की। इस दौरान इनामी आरोपी संतोष पिता रमेश माली (30 वर्ष, निवासी ग्राम लखनवास) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ₹2.46 लाख का मशरूका और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस टीम, जिसका नेतृत्व थाना प्रभारी उप निरीक्षक रजनेश सिरोठिया ने किया, ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र, साइबर विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी संतोष माली को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर डकैती की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। घटना 29.05.2026 को हुई थी, जब फरियादी भारत सिंह पिता मदनलाल लोधा (46 वर्ष, निवासी ग्राम तरैना) ने मलावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, रात्रि में अज्ञात बदमाश घर के पीछे बल्ली लगाकर मकान में घुस आए थे और कट्टे एवं चाकू की नोक पर परिवार के सदस्यों को आतंकित कर सोने-चांदी के आभूषण एवं नगदी लूटकर फरार हो गए थे। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना मलावर में अपराध क्रमांक 151/2026, धारा 310(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। गिरफ्तार आरोपी संतोष माली के कब्जे से उसके हिस्से में आए ₹2,01,000 नगद, एक देशी 315 बोर कट्टा, 10 जिंदा कारतूस, एक खाली कारतूस का खोखा तथा घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। कुल ₹2,46,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर दिया गया है, और प्रकरण में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक रजनेश सिरोठिया सहित उप निरीक्षक जितेन्द्र अजनारे (सायबर सेल प्रभारी), उप निरीक्षक अनिल राहोरिया, सहायक उप निरीक्षक मनोहर साहू, सहायक उप निरीक्षक शादाब खान, सहायक उप निरीक्षक राजू वर्मा, प्रधान आरक्षक 689 श्रीकांत शुक्ला, प्रधान आरक्षक 282 संजय भार्गव, प्रधान आरक्षक 87 देवीसिंह, प्रधान आरक्षक केशव राजपूत (थाना नरसिंहगढ़), प्रधान आरक्षक दीपक यादव (थाना नरसिंहगढ़), प्रधान आरक्षक खेमेन्द्र राजपूत (थाना कुरावर), प्रधान आरक्षक सुरेन्द्र राजपूत (थाना सुठालिया), आरक्षक राजीव रघुवंशी (यातायात), आरक्षक 76 महेश पुर्विया, आरक्षक 286 दीपक, आरक्षक 758 जीवन सिंह, आरक्षक 344 विक्रम भील, आरक्षक अशोक राहोरिया, आरक्षक सुमित दोहरे, आरक्षक पवन एवं आरक्षक कुलदीप (सायबर सेल राजगढ़) की सराहनीय भूमिका रही है।1
- एक कार ने दूसरी कार को टक्कर मार दी, जिसके परिणामस्वरूप दो महिलाएं घायल हो गईं। इन घायल महिलाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- देवास के खातेगांव स्थित दिव्या नर्सिंग होम में फर्जी मरीजों का एक बड़ा खेल चल रहा है। जानकारी के अनुसार, यहाँ लोगों को एक हजार रुपये का लालच देकर फर्जी मरीज बनाया जा रहा है। यह घोटाला मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गरीबों के मुफ्त और सुलभ इलाज के लिए शुरू की गई 'मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान योजना' के तहत हो रहा है, जो अब दलालों और भ्रष्ट अस्पतालों के लिए काली कमाई का एक जरिया बन चुकी है।1
- देवास जिले के उदयनगर में पुलिस ने एक खास पहल की है, जिसका नाम 'सेफ क्लिक अभियान' है। इस अभियान के माध्यम से पुलिस ने छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया और उन्हें इसकी विस्तृत जानकारी दी।1
- एक बेहद दुखद और विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक बेटा अपने ही पिता को बेरहमी से पीट रहा है। यह दृश्य उस रिश्ते की मर्यादा को तार-तार करता है, क्योंकि यह वही पिता है जिसने अपने बेटे के लिए पूरी दुनिया से संघर्ष किया था और जिसकी उंगली पकड़कर बेटे ने चलना सीखा था। इस घटना से उठने वाला सवाल यह नहीं है कि वीडियो में क्या दिखा, बल्कि यह है कि हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि बुजुर्ग माता-पिता बोझ नहीं होते; वे हमारी जड़ें होते हैं और उन्हें मार नहीं, बल्कि सहारे की आवश्यकता होती है। सभी से यह अपील की गई है कि अगर उनके घरों में भी किसी बुजुर्ग से ऊंची आवाज में बात होती है, तो उसे आज ही रोक दें, क्योंकि 'कल देर हो जाएगी'। इस वीडियो को साझा करने का मकसद नफरत फैलाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण नौबत किसी भी घर में न आए। अपने माता-पिता का सम्मान करें, क्योंकि वे अनमोल हैं।1