रजत जयंती वर्ष पर मालवा उत्सव मे नए यूनिक शिल्पो का आगमन मेले मे आज रही चहल-पहल -मालवी एवं परंपरागत देश के व्यंजन कर रहे लोगो को आकर्षित *रजत जयंती वर्ष पर मालवा उत्सव मे नए यूनिक शिल्पो का आगमन मेले मे आज रही चहल-पहल* *गरबा रास, पनिहारी, गोफ रास ,अहिराई लाठी, सिद्धि धमाल, गुस्सादी ,गेडी, भरतनाट्यम कत्थक से सजी शाम* *मालवी एवं परंपरागत देश के व्यंजन कर रहे लोगो को आकर्षित* इंदौर। मालवा उत्सव और इंदौर पहचान बन चुके इस उत्सव का इंतजार वर्ष भर से इंदौर ही नहीं इंदौर के आसपास एवं प्रदेश के लोगों और कला प्रेमी दर्शकों के साथ का शिल्प लोक कलाकारों को भी रहता है। मालवा ही नहीं देश की लोक कला एवं शिल्प कला को समृद्ध करने का कार्य लोक संस्कृति मंच के द्वारा किया जा रहा है ।आज दशहरा मैदान पर दोपहर से ही लोगों की चहल-पहल शुरू हो गई थी। लोक संस्कृति मंच के संयोजक एवं सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि शिल्प मेला प्रतिदिन सायंकाल 4:00 बजे से प्रारंभ हो रहा है इसमें छत्तीसगढ़ का ब्लैक आयरन शिल्प जिसमें लोहे को पिघला कर पीट-पीटकर हिरण शेर सहित कई प्रकार की महीना कृतियां तैयार की जाती है मिल रहा है राजस्थान के खूबसूरत ब्लैक पॉटरी रीवा का बांस शिल्प एवं असम ,मिजोरम, मेघालय, जम्मू कश्मीर से आए हुए हस्तशिल्प देखने योग्य बन पड़े। हैं साथ ही छत्तीसगढ़ का ब्रास शिल्प भी यहां पर मौजूद है जिसमें बुद्ध ,भगवान शिव की मूर्तियां ,घंटियां सहित कई आर्टिकल मिल रहे हैं वही नागालैंड का ड्राई फ्लावर उत्तर प्रदेश के कालीन महेश्वर की माहेश्वरी साड़ियां यहां पर मौजूद है। लगभग 300 से अधिक शिल्पकार अपनी कला यहां पर प्रदर्शित करने एवं बनाए गए उत्पाद विक्रय करने आए हैं। *सांस्कृतिक प्रस्तुतियां* लोक संस्कृति मंच के दीपक लवंगडे एवं सतीश शर्मा ने बताया कि आज मालवा उत्सव में स्वाति उखले एवं साथियों ने "चटकी चुमकीली हो चंदा' , बोल पर पनिहारी नृत्य प्रस्तुत किया। गुजरात का गोफरास सौंदर्य प्रधान छठा प्रस्तुत कर गया । कलाकार ने गोफ की सहायता से नृत्य को प्रस्तुत किया। स्थानीय कलाकारों में श्री कृष्ण अवतार की सुंदर भावपूर्ण प्रस्तुति भरतनाट्यम के माध्यम से वर्धा कला संस्थान ने प्रस्तुत किया वही रामायण की प्रस्तुति अपूर्व हर्षित गुप्ता के निर्देशन में की गई वही श्वेता श्रीवास्तव एवं साथियों द्वारा भामाशाह नाटिका का प्रस्तुतीकरण हुआ शिवम नृत्य कला केंद्र द्वारा चार युगों की गाथा पंडित मयंक शर्मा के निर्देशन में ध्रुवी मेहता और साथियों ने जब प्रस्तुत की तो चारों ओर तालियो की गड़गड़ाहट सुनाई दी। छत्तीसगढ़ से आए कलाकारों द्वारा गेडी नृत्य प्रस्तुत किया गोवा अपनी समृद्ध संस्कृति और लोक कलाओं के लिए प्रसिद्ध है उन्हें लोक कलाओं में से एक है कलशी फुगड़ी यह एक पारंपरिक मनमोहन लोक नृत्य है धार्मिक उत्सव त्योहार पर महिलाओं द्वारा किया जाता है महिलाएं रंग-बिरंगे वस्त्र पहनकर खूबसूरत नृत्य करती हुई दिखाई दी जिसमें उन्होंने गोल घेरा बनाकर लय ताल के साथ मंत्र मुग्ध कर दिया। वही तलवार रस में गुजरात के कलाकारों ने तलवार कला का प्रदर्शन किया । गुजरात के कलाकारों द्वारा सिद्ध धमाल नृत्य भी प्रस्तुत किया गया जिसमें उनका कॉस्टयूम एवं मेकअप अफ्रीकन कलचर की याद दिलाता था।अहिराई लाठी नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। *मालवी व्यंजन के साथ परंपरागत व्यंजन भी उपलब्ध है* लोक संस्कृति मंच के पवन शर्मा एव रितेश पाटनी ने बताया कि देश के लोगों की स्वाद की पसंद बन चुके मालवा के व्यंजन यहां भी लोगों की खास पसंद बने हुए थे लोग जहां दाल बाटी का लुत्फ उठा रहे थे और मालवा की मटका कुल्फी भी ठंडक दे रही थी वही गुजरात के व्यंजन भी यहां पर काफी पसंद किए गए मुंबई महाराष्ट्र का बड़ा पाव एवं साउथ इंडियन डोसा इडली भी यहां मौजूद थी। 11 मई के कार्यक्रम मंच के सचिव दीपक लवांगडे ने बताया कि शिल्प मेला 4:00 से प्रारंभ होगा एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों मे अहीर लाठी भील भगोरिया बधाई बरेदी स्थानीय प्रस्तुतियां होगी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशाल गिद्वानी संकल्प वर्मा जुगल जोशी, कपिल जैन लोकेश जायसवाल मनीष सोनी दिलीप जोशी मुकेश पांडे, मोहन राठौर विकास केतले जुटे हुए हैं।
रजत जयंती वर्ष पर मालवा उत्सव मे नए यूनिक शिल्पो का आगमन मेले मे आज रही चहल-पहल -मालवी एवं परंपरागत देश के व्यंजन कर रहे लोगो को आकर्षित *रजत जयंती वर्ष पर मालवा उत्सव मे नए यूनिक शिल्पो का आगमन मेले मे आज रही चहल-पहल* *गरबा रास, पनिहारी, गोफ रास ,अहिराई लाठी, सिद्धि धमाल, गुस्सादी ,गेडी, भरतनाट्यम कत्थक से सजी शाम* *मालवी एवं परंपरागत देश के व्यंजन कर रहे लोगो को आकर्षित* इंदौर। मालवा उत्सव और इंदौर पहचान बन चुके इस उत्सव का इंतजार वर्ष भर से इंदौर ही नहीं इंदौर के आसपास एवं प्रदेश के लोगों और कला प्रेमी दर्शकों के साथ का शिल्प लोक कलाकारों को भी रहता है। मालवा ही नहीं देश की लोक कला एवं शिल्प कला को समृद्ध करने का कार्य लोक संस्कृति मंच के द्वारा किया जा रहा है ।आज दशहरा मैदान पर दोपहर से ही लोगों की चहल-पहल शुरू हो गई थी। लोक संस्कृति मंच के संयोजक एवं सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि शिल्प मेला प्रतिदिन सायंकाल 4:00 बजे से प्रारंभ हो रहा है इसमें छत्तीसगढ़ का ब्लैक आयरन शिल्प जिसमें लोहे को पिघला कर पीट-पीटकर हिरण शेर सहित कई प्रकार की महीना कृतियां तैयार की जाती है मिल रहा है राजस्थान के खूबसूरत ब्लैक पॉटरी रीवा का बांस शिल्प एवं असम ,मिजोरम, मेघालय, जम्मू कश्मीर से आए हुए हस्तशिल्प देखने योग्य बन पड़े। हैं साथ ही छत्तीसगढ़ का ब्रास शिल्प भी यहां पर मौजूद है जिसमें बुद्ध ,भगवान शिव की मूर्तियां ,घंटियां सहित कई आर्टिकल मिल रहे हैं वही नागालैंड का ड्राई फ्लावर उत्तर प्रदेश के कालीन महेश्वर की माहेश्वरी साड़ियां यहां पर मौजूद है। लगभग 300 से अधिक शिल्पकार अपनी कला यहां पर प्रदर्शित करने एवं बनाए गए उत्पाद विक्रय करने आए हैं। *सांस्कृतिक प्रस्तुतियां* लोक संस्कृति मंच के दीपक लवंगडे एवं सतीश शर्मा ने बताया कि आज मालवा उत्सव में स्वाति उखले एवं साथियों ने "चटकी चुमकीली हो चंदा' , बोल पर पनिहारी नृत्य प्रस्तुत किया। गुजरात का गोफरास सौंदर्य प्रधान छठा प्रस्तुत कर गया । कलाकार ने गोफ की सहायता से नृत्य को प्रस्तुत किया। स्थानीय कलाकारों में श्री कृष्ण अवतार की सुंदर भावपूर्ण प्रस्तुति भरतनाट्यम के माध्यम से वर्धा कला संस्थान ने प्रस्तुत किया वही रामायण की प्रस्तुति अपूर्व हर्षित गुप्ता के निर्देशन में की गई वही श्वेता श्रीवास्तव एवं साथियों द्वारा भामाशाह नाटिका का प्रस्तुतीकरण हुआ शिवम नृत्य कला केंद्र द्वारा चार युगों की गाथा पंडित मयंक शर्मा के निर्देशन में ध्रुवी मेहता और साथियों ने जब प्रस्तुत की तो चारों ओर तालियो की गड़गड़ाहट सुनाई दी। छत्तीसगढ़ से आए कलाकारों द्वारा गेडी नृत्य प्रस्तुत किया गोवा अपनी समृद्ध संस्कृति और लोक कलाओं के लिए प्रसिद्ध है उन्हें लोक कलाओं में से एक है कलशी फुगड़ी यह एक पारंपरिक मनमोहन लोक नृत्य है धार्मिक उत्सव त्योहार पर महिलाओं द्वारा किया जाता है महिलाएं रंग-बिरंगे वस्त्र पहनकर खूबसूरत नृत्य करती हुई दिखाई दी जिसमें उन्होंने गोल घेरा बनाकर लय ताल के साथ मंत्र मुग्ध कर दिया। वही तलवार रस में गुजरात के कलाकारों ने तलवार कला का प्रदर्शन किया । गुजरात के कलाकारों द्वारा सिद्ध धमाल नृत्य भी प्रस्तुत किया गया जिसमें उनका कॉस्टयूम एवं मेकअप अफ्रीकन कलचर की याद दिलाता था।अहिराई लाठी नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। *मालवी व्यंजन के साथ परंपरागत व्यंजन भी उपलब्ध है* लोक संस्कृति मंच के पवन शर्मा एव रितेश पाटनी ने बताया कि देश के लोगों की स्वाद की पसंद बन चुके मालवा के व्यंजन यहां भी लोगों की खास पसंद बने हुए थे लोग जहां दाल बाटी का लुत्फ उठा रहे थे और मालवा की मटका कुल्फी भी ठंडक दे रही थी वही गुजरात के व्यंजन भी यहां पर काफी पसंद किए गए मुंबई महाराष्ट्र का बड़ा पाव एवं साउथ इंडियन डोसा इडली भी यहां मौजूद थी। 11 मई के कार्यक्रम मंच के सचिव दीपक लवांगडे ने बताया कि शिल्प मेला 4:00 से प्रारंभ होगा एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों मे अहीर लाठी भील भगोरिया बधाई बरेदी स्थानीय प्रस्तुतियां होगी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशाल गिद्वानी संकल्प वर्मा जुगल जोशी, कपिल जैन लोकेश जायसवाल मनीष सोनी दिलीप जोशी मुकेश पांडे, मोहन राठौर विकास केतले जुटे हुए हैं।
- सांवेर रोड पर खेत में मिले तीन बैग, अंदर निकली करोड़ों की नकदी #Indore #Sanwer #IndorePolice #BreakingNews #MPNews #CashRecovery #FakeCurrency #CrimeNews #IndoreBreaking #MadhyaPradeshNews #sundaramexpress इंदौर में खेत में मिले 500 के नोटो की 566 गड्डी असली या नकली जांच में जुटी पुलिस सांवेर रोड के किनारे पर स्थित एक खेत के किस को दिखे थे बैग तीन बैगों में नोट की गाड़ी बरामद की गई है ग्रामीण पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है किसान के द्वारा बैग में पैसे देखने के बाद पुलिस को सूचना दी थी सांवेर थाना क्षेत्र का है पूरा मामला एंकर इंदौर उज्जैन के बीच में आने वाले सांवेर रोड पर तीन बैगों में₹500 के नोट पुलिस द्वारा बरामद किए गए अभी इन्हें जांच के लिए विशेषज्ञों के पास भेजा गया है की नोट असली है या नकली साथी कई कई रंगों के कागज भी गड्डियों के बीच में लगे हुए थे। पुलिस ने मामले की जांच पड़ता शुरू कर दी है। वियो सांवेर थाना क्षेत्र स्थित रोड किनारे एक किसान के खेत के पेड़ के नीचे तीन बैग अज्ञात अवस्था में पड़े हुए थे किसान ने जब उन बैग के पास जाकर उन्हें खोलकर देखा तो उसमें भारी मात्रा में नगद राशि दिखाई दी जिसके बाद तुरंत पुलिस को मामले में सूचना दी सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस भी पहुंची जांच पड़ताल करते हुए प्रारंभिक तौर पर बताया जा रहा है कि ₹500 के नोट की कुल 566 घटिया थी इन गाड़ियों के बीच में कई रंगों के कागज भी रखे हुए थे यह राशि कुल 2 करोड़ 83 लाख रुपए बताई जा रही इतनी भारी मात्रा में राशि कोई व्यक्ति क्यों यहां पर रख कर गया है जांच का विषय है लेकिन अभी पुलिस का कहना है की नोट पूरी तरह से असली नजर आ रहे हैं लेकिन नोट नकली भी हो सकते हैं इसको लेकर विशेषज्ञ की टीम के द्वारा नोट की जांच करवाई जा रही है साथ ही इन बैग को यहां पर कौन रखकर गया था उसके लिए सांवेर रोड से लगे हुए होटल और ढाबों से सीसीटीवी फुटेज चेक किया जा रहे हैं लेकिन जब इसकी जानकारी लगी तो ग्रामीणों की भारी भीड़ भी मौके पर जमा हो गई लेकिन पुलिस द्वारा सभी वेगन को जप्त करने के साथ ही जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। बाइट रूपेश त्रिवेदी एडिशनल एसपी ग्रामीण इंदौर1
- भारत का सनातन धर्म नर्मदा जैसी माँ के कारण ही अक्षुण्य बना हुआ है और आगे भी बना रहेगा : पं. रविकांत शास्त्री भारत का सनातन धर्म नर्मदा जैसी माँ के कारण ही अक्षुण्य बना हुआ है और आगे भी बना रहेगा : पं. रविकांत शास्त्री खजराना गणेश मन्दिर पर चल रहे नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ में हुआ माँ नर्मदा के प्राकट्य का प्रभावी वर्णन – कल दादागुरु भगवान आएंगे इंदौर। दुनिया के तमाम देश प्रदर्शन में डूबे हुए हैं लेकिन हमारे भारत की यही खूबी है कि हम प्रदर्शन नहीं, दर्शन में विश्वास रखते हैं। भारत ही दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहाँ हम नदियों को माँ का दर्जा और सम्मान देते हैं। माँ कभी भी अपने बेटों की अनसुनी और अनदेखी नहीं कर सकती। माँ ऐसा विश्व विद्यालय है जहाँ हम बचपन से लेकर अंतिम क्षणों तक बिना किताबों के भी जीवन के व्यवहारिक सूत्रों, जैसे बोलना, चलना, खाना और अन्य क्रियाएँ सीख जाते हैं। जो परिपूर्णता हमें माँ से मिलती है, वह दुनिया की और कोई शक्ति नहीं दे सकती। नर्मदा केवल हमारा नहीं लाखों-करोड़ों जीवों, पेड़-पौधों और प्रकृति का भी लालन-पालन कर रही है। भारत का सनातन धर्म नर्मदा जैसी जीवनदायी माँ के कारण ही अक्षुण्य बना हुआ है और आगे भी बना रहेगा। ये प्रेरक, ओजस्वी और प्रभावी विचार हैं नर्मदा परिक्रमावासी आचार्य पं. रविकांत शास्त्री के, जो उन्होंने खजराना गणेश मन्दिर स्थित सत्संग सभागृह पर अ.भा. दादा गुरु परिवार इंदौर नर्मदा मिशन की मेजबानी में चल रहे नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ में गुरुवार को माँ भगवती नर्मदा के प्राकट्य उत्सव की व्याख्या के दौरान व्यक्त किए। कथा शुभारंभ के पूर्व समाजसेवी राजेंद्र बंसल, नित्यम बंसल, सुमित अग्रवाल, राजकुमार बंसल, देवांग शर्मा, राम सोलंकी, अनिल अग्रवाल, मारुती माने, सचिन माने, मुकेश खंडेलवाल, स्वप्निल माने आदि ने व्यास पीठ एवं नर्मदा पुराण ग्रन्थ का पूजन किया। भाजपा के जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने भी कथा श्रवण का पुण्यलाभ उठाया। मातृशक्ति की ओर से ज्योति बंसल, प्रेरणा बंसल सहित सैकड़ों महिलाओं ने परिक्रमावासी आचार्य पं. रविकांत शास्त्री की अगवानी की। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में नर्मदा भक्त, परिक्रमावासी और नर्मदा तट स्थित धर्मस्थलों के संत-महंत भी आ रहे हैं। देश के तपोनिष्ठ संत दादागुरु भी इस पावन कथा को सानिध्य प्रदान करने 9 से 11 मई तक इंदौर में विराजित रहेंगे। वे देश के एकमात्र ऐसे तपस्वी संत हैं जो पिछले 2030 दिनों से केवल नर्मदा के जल पर आश्रित हैं। कथा 11 मई तक खजराना गणेश मंदिर परिसर स्थित दौलतराम छाबछरिया सत्संग भवन पर प्रतिदिन शाम 5 से 8 बजे तक हो रही है। आचार्य रविकांत शास्त्री ने कहा कि माँ नर्मदा को पापनाशिनी कहा गया है। यह मान्यता है कि माँ नर्मदा का प्राकट्य भगवान शिव की तपस्या से ही मेकल पर्वत पर हुआ। अमरकंटक से निकली माँ नर्मदा की कुल लम्बाई करीब डेढ़ हजार किमी है। यह एकमात्र नदी है जो पश्चिम की ओर बहती है। मप्र, महाराष्ट्र और गुजरात से होकर अरब सागर में मिलने वाली नर्मदा के तट पर दोनों और घने जंगल, पहाड़, घाट और अनेक धर्म स्थल मौजूद हैं। नर्मदा की सम्पूर्ण परिक्रमा करीब 3 वर्ष, 3 माह और 13 दिन में पूरी होती है। नर्मदा जीवन का प्रतीक है। आज दुनिया के सारे देशों की नजर हमारी ओर लगी हुई है कि इस भारत देश में ऐसा क्या है कि यहाँ सनातन संस्कृति कभी खत्म नहीं होती। ऐसे लोगों को समझ लेना चाहिए कि माँ नर्मदा के तट पर कुछ भी दुर्लभ और असम्भव नहीं है। जहाँ माँ है वहां बेटों की हर आवाज जरुर सुनी जाएगी। माँ से मिलने के लिए पिता बनकर नहीं, पुत्र बनकर जाना पड़ेगा। नर्मदा की परिक्रमा करने वाले लोग यदि सच्ची श्रद्धा से जाएं तो उन्हें कभी कष्ट नहीं होता, न ही कोई परिक्रमावासी भूखा या प्यासा रहता है। माँ नर्मदा के सम्पर्क में आने पर जब छोटा से छोटा कंकर भी शंकर बन सकता है तो फिर हम तो मनुष्य हैं। निश्चित ही माँ नर्मदा के सम्पर्क में आने पर हमारा उद्धार भी होगा ही। संयोजक राजेंद्र बंसल एवं नित्यम बंसल ने बताया कि कथा में शुक्रवार 8 मई को माँ नर्मदा की लीलाओं का वर्णन, 9 को माँ नर्मदा की परिक्रमा की महिमा, 10 को नर्मदा तट के तीर्थों का वर्णन और सोमवार 11 मई को तपोनिष्ठ संत अवधूत श्री दादागुरु भगवान के आशीर्वचन, दर्शन के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन होगा। प.पू. दादागुरु भगवान रविवार 10 मई को भी कथा में पावन सानिध्य प्रदान करेंगे। प.पू. दादागुरु भगवान 9 मई को इंदौर पधारेंगे।2
- मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकल यूथ महासंघ ने डिजिटल क्रॉप सर्वे से जुड़े नए सरकारी आदेश का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि हर मौसम में नए युवाओं को सर्वे कार्य देने से गुणवत्ता प्रभावित होगी और संसाधनों की बर्बादी होगी। उन्होंने आदेश निरस्त कर अनुभवी सर्वेयरों को कार्य जारी रखने की मांग की है।1
- इंदौर बस स्टैंड पर यात्रियों को मदद का झांसा देकर लूटपाट करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।1
- इंदौर में राहगीरों से अड़ीबाजी और मारपीट करने वाले 3 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों से एक कार और चाकू जब्त किया, जिन्होंने रुपए मांगने पर विरोध करने वाले से मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी थी।1
- मध्य प्रदेश सरकार ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्रों को दूसरा अवसर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, इन दोबारा परीक्षाओं की शुरुआत 7 मई से होगी। यह कदम उन विद्यार्थियों को पास होने का एक और मौका देगा जो पहले परिणाम में सफल नहीं हो पाए थे।1
- इंदौर: सवारी बैठाने के विवाद में युवक से मारपीट और अपहरण का प्रयास, छोटी ग्वालटोली पुलिस ने आरोपियों को दबोचा। इंदौर, छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र में सवारी बैठाने के विवाद में युवक के साथ मारपीट और अपहरण का प्रयास करने वालो के खिलाफ पुलिस एक्शन । छोटी ग्वालटोली पुलिस ने आरोपियों को चिह्नित करते हुए किया गिरफ्तार।1
- चोइथराम मंडी में फिर हंगामे की कोशिश, रिक्शा चालकों ने किया चक्का जाम का प्रयास #Indore #ChoithramMandi #IndoreNews #RickshawDrivers #ChakkaJam #MandiVivadh #MPNews #IndoreBreaking #PoliceAction #TrafficJam #VegetableMarket #MadhyaPradesh #KamleshMaurya #BreakingNews #ChoithramMandiNews #sundaramexpress *एंकर :- इंदौर की चोइथराम मंडी में एक बार फिर माहौल बिगाड़ने की कोशिश सामने आई है। पिछले दिनों रिक्शा चालकों और मंडी प्रशासन के बीच हुए विवाद के बाद आज मंडी गेट पर चक्का जाम करने का प्रयास किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया। वहीं रिक्शा चालकों ने मंडी सचिव ओ.पी. खेड़े से मुलाकात कर मंडी गेट पर तैनात कर्मचारी पर अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए।* वीओ :- दरअसल इंदौर की देवी अहिल्याबाई होलकर सब्जी मंडी चोइथराम में पिछले दिनों रिक्शा चालकों को सवारियों सहित अंदर प्रवेश नहीं देने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर कुछ रिक्शा चालक मंडी गेट पर एकत्रित हुए और चक्का जाम करने की कोशिश की। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाइश देकर चक्का जाम खुलवाया। इसके बाद बड़ी संख्या में रिक्शा चालक मंडी सचिव ओ.पी. खेड़े के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मंडी गेट पर तैनात अंतर सिंह सोलंकी पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। मामले की जानकारी फैलते ही अन्य लोग भी मंडी की ओर पहुंचने लगे, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि पुलिस और मंडी प्रशासन की सतर्कता के चलते स्थिति नियंत्रण में रही। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।,,,,,,,,,, इंदौर से संवाददाता कमलेश मौर्य की रिपोर्ट1
- इंदौर के सरवटे बस स्टैंड पर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में ले लिया है।1