केकड़ी को दोबारा जिला बनाने की मांग अब एक विशाल जन आंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसकी गूंज अब मुख्यमंत्री के द्वार तक पहुँच चुकी है। इसी क्रम में, 26 मई को जयपुर में केकड़ी जिला बहाली का संकल्प पूरे ज़ोर-शोर से उठाया जाएगा। सावर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष विश्वजीत सिंह ने केकड़ी क्षेत्र के नागरिकों से भावनात्मक अपील की है कि वे 26 मई को सुबह 9 बजे जयपुर के बालावाला में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचें, जहाँ से मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच किया जाएगा। विश्वजीत सिंह ने इस पदयात्रा को केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि केकड़ी के मान, सम्मान और स्वाभिमान की यात्रा बताया है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और तपती सड़कों पर 160 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर पदयात्री जयपुर पहुँच रहे हैं। सिंह ने उन लोगों पर कटाक्ष किया जो वातानुकूलित कमरों में बैठकर लंबे भाषण देते हैं, और जोर दिया कि विकास केवल भाषणों से नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर चलकर और लोगों की भावनाओं को महसूस करके ही होता है। उनका एकमात्र उद्देश्य केकड़ी को पुनः जिला बनाना है, और यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अस्मिता का संघर्ष है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केकड़ीवासियों की सिर्फ एक ही मांग है— कि केकड़ी को उसका खोया हुआ सम्मान वापस लौटाया जाए और उसे पुनः जिला बनाया जाए। जनता अब सड़कों पर उतर चुकी है और इस विषय पर अंतिम निर्णय सरकार को करना है। केकड़ी से जयपुर तक की इस संघर्षपूर्ण पदयात्रा में तपती धूप के बावजूद लोगों के हौसले बुलंद हैं, और रास्ते भर पुष्पवर्षा तथा जनसमर्थन ने उनके उत्साह को और बढ़ा दिया है। यह जिला बहाली को लेकर अब एक आर-पार की लड़ाई बन चुकी है। 26 मई केवल एक तारीख नहीं, बल्कि केकड़ी के स्वाभिमान की एक सशक्त पुकार है, जिसके लिए सभी केकड़ीवासियों से अपने शहर, अपनी पहचान और अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया है। आंदोलनकारियों का दृढ़ संकल्प है कि वे केकड़ी का हक लेकर रहेंगे और उसे फिर से जिला बनाकर रहेंगे।
केकड़ी को दोबारा जिला बनाने की मांग अब एक विशाल जन आंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसकी गूंज अब मुख्यमंत्री के द्वार तक पहुँच चुकी है। इसी क्रम में, 26 मई को जयपुर में केकड़ी जिला बहाली का संकल्प पूरे ज़ोर-शोर से उठाया जाएगा। सावर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष विश्वजीत सिंह ने केकड़ी क्षेत्र के नागरिकों से भावनात्मक अपील की है कि वे 26 मई को सुबह 9 बजे जयपुर के बालावाला में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचें, जहाँ से मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच किया जाएगा। विश्वजीत सिंह ने इस पदयात्रा को केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि केकड़ी के मान, सम्मान और स्वाभिमान की यात्रा बताया है। उन्होंने कहा कि भीषण
गर्मी और तपती सड़कों पर 160 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर पदयात्री जयपुर पहुँच रहे हैं। सिंह ने उन लोगों पर कटाक्ष किया जो वातानुकूलित कमरों में बैठकर लंबे भाषण देते हैं, और जोर दिया कि विकास केवल भाषणों से नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर चलकर और लोगों की भावनाओं को महसूस करके ही होता है। उनका एकमात्र उद्देश्य केकड़ी को पुनः जिला बनाना है, और यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अस्मिता का संघर्ष है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केकड़ीवासियों की सिर्फ एक ही मांग है— कि केकड़ी को उसका खोया हुआ सम्मान वापस लौटाया जाए और उसे पुनः जिला बनाया जाए। जनता अब सड़कों पर उतर
चुकी है और इस विषय पर अंतिम निर्णय सरकार को करना है। केकड़ी से जयपुर तक की इस संघर्षपूर्ण पदयात्रा में तपती धूप के बावजूद लोगों के हौसले बुलंद हैं, और रास्ते भर पुष्पवर्षा तथा जनसमर्थन ने उनके उत्साह को और बढ़ा दिया है। यह जिला बहाली को लेकर अब एक आर-पार की लड़ाई बन चुकी है। 26 मई केवल एक तारीख नहीं, बल्कि केकड़ी के स्वाभिमान की एक सशक्त पुकार है, जिसके लिए सभी केकड़ीवासियों से अपने शहर, अपनी पहचान और अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया है। आंदोलनकारियों का दृढ़ संकल्प है कि वे केकड़ी का हक लेकर रहेंगे और उसे फिर से जिला बनाकर रहेंगे।
- डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद, अजमेरु थोक ट्रांसपोर्ट विकास समिति ने अजमेर में मालभाड़े में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। समिति के अनुसार, मालभाड़े में अब प्रति किलोमीटर 10 रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी। समिति अध्यक्ष मोइन खान ने बताया कि डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट की लागत में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रांसपोर्टर अब नए नियमों के अनुसार ही भाड़ा तय करेंगे। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी रूट का मालभाड़ा पहले 70 हजार रुपए था और दूरी एक हजार किलोमीटर थी, तो नए नियम के तहत अब उसका भाड़ा 80 हजार रुपए होगा। खान के मुताबिक, बढ़ती लागत के बीच यह फैसला कारोबार को स्थिर बनाए रखने में सहायक साबित होगा।1
- अजमेर पुलिस और CRPF का फिटनेस मिशन! पहले योग फिर निकली साइकलिंग रैली अजमेर पुलिस द्वारा पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर “Cycling ऑफ संडे डी” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अजमेर पुलिस के साथ CRPF कमांडेंट एवं उनकी टीम ने भी भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस लाइन ग्राउंड में योग अभ्यास से हुई, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों और जवानों ने साइकलिंग रैली निकालकर फिटनेस और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित करना रहा1
- अजमेर के रामगंज थाना क्षेत्र स्थित सासी बस्ती में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ सुबह अपने घर पर पानी की मोटर से पानी भरते समय कालू नामक युवक की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची, जिसने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस इस पूरे मामले की जाँच में जुटी हुई है।1
- नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी जी ने रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में एक प्रेसवार्ता की।1
- “जल ही जीवन है” के महत्व के बावजूद, ग्राम समेलिया की भीलों की ढाणी में पानी का भीषण संकट छाया हुआ है। इस गंभीर समस्या के कारण, यहाँ के लोगों को अपना आत्मबल दिखाते हुए जीवन के लिए गहराई में उतरकर पानी लाना पड़ता है। वे अपनी जान को जोखिम में डालकर पानी लाते हैं, जो दर्शाता है कि पानी की कमी एक कहर बन चुकी है। यह विकट स्थिति लगातार बनी हुई है, जिससे सवाल उठता है कि पानी के कारण उत्पन्न हुई यह जीवन-मरण की समस्या कब समाप्त होगी।1
- किशनगढ़ के अंदरूनी इलाकों में एक नाले की सालों से सफाई नहीं हुई है, जिसके परिणामस्वरूप उसमें अत्यधिक गंदगी और कचरा जमा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सच्चाई किसी भी माध्यम से सामने नहीं लाई जाएगी, न ही 'रोशन भारत' और न ही 'पदम कोठरी' जैसे चैनल इसे दिखाएंगे, जबकि गंदगी और कचरे का यह ढेर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।2
- राजस्थान के बारां जिले में परवन नहर पर एक महत्वपूर्ण निर्माण अभियान रातभर जारी रहा। इस अभियान के तहत, नहर की जर्जर हो चुकी दीवारों का बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण किया गया। यह कार्य नहर की मौजूदा स्थिति को सुधारने और उसकी कार्यक्षमता को बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है।1
- वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का शुभारंभ वरुण सागर में आयोजित एक पूजा के साथ किया गया है।1
- दूदू में श्रमिकों और मजदूरों के अधिकारों पर विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने एक बड़ा और मुखर बयान दिया है। उन्होंने मौजूदा प्रयासों की तुलना अंग्रेजों की 'फूट डालो और राज करो' नीति से करते हुए कहा कि आज भी मजदूरों को कमजोर करने के लिए ठीक वैसे ही प्रयास किए जा रहे हैं। विधायक भाटी ने इस बात पर जोर दिया कि मजदूर अपने वाजिब हक और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, क्योंकि वे अपनी मेहनत से जीवन यापन करते हैं। इसलिए उन्हें जाति और धर्म के आधार पर बांटना तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने समाज और सरकार दोनों से अपील की कि वे मजदूरों की पीड़ा, दुख और समस्याओं को समझें और उनकी आवाज़ सुनें, क्योंकि उनके हक की लड़ाई बेहद ज़रूरी है।1