पेसा PESA: मुहर तुम्हारी… फैसला उनका — कब तक? जंगल तुम्हारा है — यह तुम जानते हो। पर जंगल पर फैसला तुम्हारा है — यह तुम भूल चुके हो। पेसा ने तुम्हें हक़ दिया था — सिर्फ़ जीने का नहीं… तय करने का। खदान लगेगी या नहीं — तुम तय करोगे। ज़मीन जाएगी या नहीं — तुम तय करोगे। शराब खुलेगी या नहीं — तुम तय करोगे। पर आज क्या हो रहा है? ग्राम सभा बैठती है — पर बोलता कोई और है। मुहर तुम्हारी लगती है — पर भाषा फाइल की होती है। सहमति तुम्हारे नाम से लिखी जाती है — पर समझ तुमसे छुपाई जाती है। याद रखो… पेसा सोया नहीं है — तुम सोए हो। जिस दिन ग्राम सभा सच में खड़ी हो गई — उस दिन बुलडोज़र भी अनुमति माँगेगा। आज सवाल छोटा नहीं है: जंगल बचेगा या खदान? परंपरा बचेगी या मुनाफ़ा? गाँव बचेगा या नक्शा? निर्णय दिल्ली नहीं करेगी — अगर तुम जाग गए। पेसा कानून नहीं — चेतावनी है। या तो इसे जियो… या फिर इतिहास में लिखो: “हमारे पास हक़ था… पर हम खामोश रहे।”
पेसा PESA: मुहर तुम्हारी… फैसला उनका — कब तक? जंगल तुम्हारा है — यह तुम जानते हो। पर जंगल पर फैसला तुम्हारा है — यह तुम भूल चुके हो। पेसा ने तुम्हें हक़ दिया था — सिर्फ़ जीने का नहीं… तय करने का। खदान लगेगी या नहीं — तुम तय करोगे। ज़मीन जाएगी या नहीं — तुम तय करोगे। शराब खुलेगी या नहीं — तुम तय करोगे। पर आज क्या हो रहा है? ग्राम सभा बैठती है — पर बोलता कोई और है। मुहर तुम्हारी लगती है — पर भाषा फाइल की होती है। सहमति तुम्हारे नाम से लिखी जाती है — पर समझ तुमसे छुपाई जाती है। याद रखो… पेसा सोया नहीं है — तुम सोए हो। जिस दिन ग्राम सभा सच में खड़ी हो गई — उस दिन बुलडोज़र भी अनुमति माँगेगा। आज सवाल छोटा नहीं है: जंगल बचेगा या खदान? परंपरा बचेगी या मुनाफ़ा? गाँव बचेगा या नक्शा? निर्णय दिल्ली नहीं करेगी — अगर तुम जाग गए। पेसा कानून नहीं — चेतावनी है। या तो इसे जियो… या फिर इतिहास में लिखो: “हमारे पास हक़ था… पर हम खामोश रहे।”
- 🚧 कटेकल्याण से मोखपाल सड़क की समस्या 🚧 नमस्कार दोस्तों, आज मैं हमारे क्षेत्र की एक बहुत ही महत्वपूर्ण समस्या के बारे में बात करना चाहता हूँ। कटेकल्याण से मोखपाल जाने वाली सड़क, जिसके बीच में तेलम और टेटम जैसे गाँव पड़ते हैं, उसकी हालत बहुत खराब हो चुकी है। इस सड़क पर रोज़ गाँव के लोग, स्कूल के बच्चे, मरीज और ज़रूरी काम से आने-जाने वाले लोग निर्भर रहते हैं। लेकिन सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, टूट-फूट और बरसात में पानी भर जाने की वजह से सफर करना बहुत मुश्किल हो गया है। कई बार तो दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी आपातकालीन स्थिति में होती है — जब किसी मरीज को अस्पताल ले जाना होता है या किसी ज़रूरी काम से जल्दी पहुँचना होता है। अच्छी सड़क सिर्फ सुविधा नहीं होती, बल्कि हमारे गाँव के विकास की पहचान होती है। हम संबंधित अधिकारियों से निवेदन करते हैं कि कटेकल्याण-मोखपाल सड़क, खासकर तेलम और टेटम के बीच वाले हिस्से की मरम्मत जल्द से जल्द करवाई जाए, ताकि गाँव के लोगों को राहत मिल सके। आइए मिलकर आवाज़ उठाएँ, ताकि हमारे गाँव की सड़क सुरक्षित और बेहतर बन सके। धन्यवाद please support me 🙏🥺1
- सांप तोंगपाल ओसवाल भवन मे कल रात को निकला था जहाँ सुयशा जी आदि ठाना 4 विराजे थे बैठे लोगों में मचा हरदम1
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- थाना करोंधा जिला बलरामपुर रामानुजगंज अपराध क्रमांक 03/2026 धारा 103 (1) 115(2)3(5)bns के आरोपियों को पुलिस द्वारा विधि वक्त गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।1
- जटाशंकर धाम में बड़े उल्लास के साथ महाशिवरात्रि मनाई गई1
- राजधानी रायपुर में रोज सुबह ओपन प्राउंड में बैडमिंटन खेलने वाले ईदगाहभाठा निवासी कारोबारी 57 वर्षीय अमृत बजाज की बैडमिंटन खेलते समय ही कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई.1
- समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने की विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी चित्रकोट जलप्रपात के समीप में आयोजित होने वाले चित्रकोट महोत्सव की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने अधिकारियों को समय-सीमा बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि महोत्सव में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।1