भीलवाड़ा | निजी बस ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, 23 फरवरी से चक्का जाम की चेतावनी भीलवाड़ा जिले के निजी एवं पर्यटक बस संचालकों ने परिवहन विभाग द्वारा लागू किए गए नए नियमों (बस बॉडी कोड 052, 119, 152 व 153) को लेकर कड़ा विरोध जताया है। जिला निजी बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन भेजकर नियमों में संशोधन की मांग की है। एसोसिएशन का आरोप है कि परिवहन विभाग की कार्रवाई से निजी और पर्यटक बस संचालकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि स्टेज कैरिज बसों की छत पर लगे कैरियर हटाने की कार्रवाई से ग्रामीण क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी होगी, क्योंकि उन्हें सामान ले जाने के लिए अतिरिक्त किराया चुकाना पड़ता है। नियमों के नाम पर सीज कार्रवाई पर नाराजगी बस संचालकों का कहना है कि यदि किसी वाहन के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो मोटर वाहन नियम 130 और 140 के तहत वाहन को सीज नहीं किया जा सकता। बकाया राशि होने पर 15 दिनों के भीतर जमा कराने का प्रावधान है। बावजूद इसके बसों को सीज कर परेशान किया जा रहा है। आरएसआरटीसी में एक ही अधिकारी को दो पद देने पर भी आपत्ति ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार राजस्थान स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (आरएसआरटीसी) में परिवहन आयुक्त और महाप्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर एक ही अधिकारी की नियुक्ति उचित नहीं है। एसोसिएशन ने दोनों पदों पर अलग-अलग अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की है। फिटनेस प्रक्रिया सुधारने की मांग एसोसिएशन ने प्रदेश के सभी डीटीओ कार्यालयों में फिटनेस प्रक्रिया को पूर्व की भांति सरल एवं सुचारू रूप से शुरू करने की मांग रखी है। 1 अप्रैल 2026 से लागू हो नियम बस संचालकों ने मांग की कि बस बॉडी कोड 152, 153 व 119 को 31 मार्च 2026 तक स्थगित रखा जाए और 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी किया जाए। 23 फरवरी से चक्का जाम की चेतावनी ज्ञापन में कहा गया कि यदि 22 फरवरी 2026 से पहले मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो 23 फरवरी 2026 से राजस्थान के समस्त बस ऑपरेटर चक्का जाम और हड़ताल करने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
भीलवाड़ा | निजी बस ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, 23 फरवरी से चक्का जाम की चेतावनी भीलवाड़ा जिले के निजी एवं पर्यटक बस संचालकों ने परिवहन विभाग द्वारा लागू किए गए नए नियमों (बस बॉडी कोड 052, 119, 152 व 153) को लेकर कड़ा विरोध जताया है। जिला निजी बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन भेजकर नियमों में संशोधन की मांग की है। एसोसिएशन का आरोप है कि परिवहन विभाग की कार्रवाई से निजी और पर्यटक बस संचालकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि स्टेज कैरिज बसों की छत पर लगे कैरियर हटाने की कार्रवाई से ग्रामीण क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी होगी, क्योंकि उन्हें सामान ले जाने के लिए अतिरिक्त किराया चुकाना पड़ता है। नियमों के नाम पर सीज कार्रवाई पर नाराजगी बस संचालकों का कहना है कि यदि किसी वाहन के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो मोटर वाहन नियम 130 और 140 के तहत वाहन को सीज नहीं किया जा सकता। बकाया राशि होने पर 15 दिनों के भीतर जमा कराने का प्रावधान
है। बावजूद इसके बसों को सीज कर परेशान किया जा रहा है। आरएसआरटीसी में एक ही अधिकारी को दो पद देने पर भी आपत्ति ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार राजस्थान स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (आरएसआरटीसी) में परिवहन आयुक्त और महाप्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर एक ही अधिकारी की नियुक्ति उचित नहीं है। एसोसिएशन ने दोनों पदों पर अलग-अलग अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की है। फिटनेस प्रक्रिया सुधारने की मांग एसोसिएशन ने प्रदेश के सभी डीटीओ कार्यालयों में फिटनेस प्रक्रिया को पूर्व की भांति सरल एवं सुचारू रूप से शुरू करने की मांग रखी है। 1 अप्रैल 2026 से लागू हो नियम बस संचालकों ने मांग की कि बस बॉडी कोड 152, 153 व 119 को 31 मार्च 2026 तक स्थगित रखा जाए और 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी किया जाए। 23 फरवरी से चक्का जाम की चेतावनी ज्ञापन में कहा गया कि यदि 22 फरवरी 2026 से पहले मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो 23 फरवरी 2026 से राजस्थान के समस्त बस ऑपरेटर चक्का जाम और हड़ताल करने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
- कोटड़ी क्षेत्र में आधी रात को प्रशासन/पुलिस टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर गारनेट के अवैध कारोबार पर कार्रवाई की। इस दौरान मौके से संदिग्ध सामग्री/दस्तावेज़ों की जांच की गई और अवैध गतिविधियों पर सख्त कदम उठाए गए। मामले में आगे की जांच जारी है और संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई की जा रही है।1
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- Post by Mahendra Singh Rawat1
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- Post by Bheru Singh1
- भीलवाड़ा के माणिक्य लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय (MLV कॉलेज) के बाहर आज नारी शक्ति संगठन की ओर से उग्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने एक प्रोफेसर पर छात्रा से दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कॉलेज प्रशासन और शिक्षा विभाग से आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर माहौल तनावपूर्ण रहा, वहीं कॉलेज परिसर के बाहर भारी संख्या में महिलाएं और छात्र मौजूद रहे।1