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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष और आपूर्ति में बाधाओं के कारण पैदा हुए हालिया वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान, बाजार विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹2,000 तक पहुंच सकती थी। हालांकि, सरकार का कहना है कि समय पर लिए गए नीतिगत निर्णयों, घरेलू उत्पादन में वृद्धि, राजनयिक प्रयासों और लक्षित सब्सिडी के माध्यम से एलपीजी की खुदरा कीमत को लगभग ₹950 पर बनाए रखा गया। इसके साथ ही बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित की गई और बाजार में इसकी कमी को भी रोका गया। सरकार ने इसे वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत के ऊर्जा सुरक्षा उपायों के एक मजबूत उदाहरण के रूप में पेश किया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष और आपूर्ति में बाधाओं के कारण पैदा हुए हालिया वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान, बाजार विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹2,000 तक पहुंच सकती थी। हालांकि, सरकार का कहना है कि समय पर लिए गए नीतिगत निर्णयों, घरेलू उत्पादन में वृद्धि, राजनयिक प्रयासों और लक्षित सब्सिडी के माध्यम से एलपीजी की खुदरा कीमत को लगभग ₹950 पर बनाए रखा गया। इसके साथ ही बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित की गई और बाजार में इसकी कमी को भी रोका गया। सरकार ने इसे वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत के ऊर्जा सुरक्षा उपायों के एक मजबूत उदाहरण के रूप में पेश किया है।
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- नागौर के बुटाटी धाम मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव ने साफ तौर पर कहा है कि मंदिर विकास समिति को पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने दस्तावेज जमा नहीं किए और मंदिर में घोटाला हुआ है। फिलहाल, उच्च न्यायालय के निर्देश के कारण इस मामले में कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। अब इस जांच रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जाएगा और आगे की दिशा न्यायिक प्रक्रिया ही तय करेगी। बुटाटी धाम में मंदिर विकास समिति पर लंबे समय से वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग रहे थे। जिला कलेक्टर के आदेश पर डेगाना एसडीएम मोहन चौधरी की अगुवाई वाली 13 सदस्यीय टीम ने 146 दिनों तक इस मामले की सघन जांच की। ऑडिट रिपोर्ट, कैश बुक, आय-व्यय खातों और दस्तावेजों की जांच के दौरान इसमें भारी गड़बड़ियां और गड़बड़ी सामने आई हैं।1
- जोधपुर में पिछले तीन महीने से सड़क का काम पूरी तरह से रुका पड़ा है, जिससे आम जनता को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों की इस बड़ी समस्या पर न तो नगर निगम वाले कोई सुनवाई कर रहे हैं और न ही प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है। जिम्मेदार विभागों की इस अनदेखी के कारण सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है, जिससे लोगों को रोजाना इस परेशानी से जूझना पड़ रहा है।1
- नागौर के रियांबड़ी स्थित ग्राम पंचायत चावंडिया कलां के आईटी सेंटर में सोमवार को ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना और विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान करना था। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों ने मौके पर ही उनका निस्तारण किया। सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद सैनी ने बताया कि शिविर में कुल 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सेवाएं दीं। इसमें राजस्व विभाग द्वारा सर्वाधिक सक्रियता दिखाते हुए मौके पर ही 20 नामांतरण, आपसी सहमति से 3 बंटवारे, 40 शुद्धिकरण और 48 जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों का निस्तारण किया गया। इसके साथ ही, अन्य विभागों ने भी ग्रामीणों को अपनी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को उनका लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की। इस शिविर में तहसीलदार अशोक कुमार, नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ढेबाना, प्रशासक भैरूसिंह, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन चौधरी, आयुष चिकित्सक बलदेवराम, हनुमानराम, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से सुनील कुमार, परिवहन विभाग से ललित कुमार, विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता अंकित गोदारा, वरिष्ठ सहायक रामेश्वर भदाल, पटवारी नगेंद्र सिंह, ग्राम विकास अधिकारी रामावतार गोलिया, कनिष्ठ सहायक नेमाराम, डाटा एंट्री ऑपरेटर पवन कुमार शर्मा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। एक ही स्थान पर सभी सरकारी सेवाएं मिलने पर ग्रामीणों ने इसे एक बेहद जनहितकारी पहल बताया और संतोष व्यक्त किया।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत खेतावास रीको एरिया में बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम दिया है। भालेलाव निवासी डूंगराराम अपनी पत्नी लीलादेवी के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, तभी एक बाइक पर सवार तीन बदमाश वहां पहुंचे। बदमाशों ने मौका पाकर लीलादेवी के गले से सोने की कंठी झपटी और तुरंत फरार हो गए। इस वारदात के बाद पीड़ित दंपति ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी वारदात के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं। पुलिस इन फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी तलाश में जुटी हुई है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।1
- राजस्थान के नागौर में स्थित करीब 500 साल पुराने प्रसिद्ध श्री चतुरदास महाराज मंदिर (बुटाटी धाम) में ₹22.74 करोड़ के कथित गबन का बड़ा खुलासा हुआ है। जिला प्रशासन की 13 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। डेगाना एसडीएम मोहन चौधरी की अगुवाई में 146 दिनों तक चली जांच के बाद यह रिपोर्ट 23 जून 2026 को जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव को सौंपी गई है, जिसके बाद मंदिर विकास समिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय भक्तों और भामाशाहों में इस खुलासे को लेकर भारी आक्रोश है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में ₹15.16 करोड़ का प्रमाणित गबन हुआ है, जबकि वर्ष 2025-26 के रिकॉर्ड जमा नहीं करने पर ₹7.58 करोड़ का प्रतिकूल अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा, 36 किलो चांदी और 250 ग्राम सोने का रिकॉर्ड गायब मिला है और ₹2.60 करोड़ के जेवरों का कोई स्टॉक रजिस्टर या लेखा-जोखा नहीं है। समिति ने भोजनशाला निर्माण पर ₹49.49 लाख का खर्च दिखाया, जबकि इस ग्राउंड फ्लोर का निर्माण एक भामाशाह ने अपने निजी खर्चे से करवाया था। रसोई खर्च में ₹1 करोड़ से अधिक गायब हैं, ₹82 लाख के सीसीटीवी कैमरों पर सवाल हैं, और गोशाला मद व दान पेटी की आय-खर्च में भारी गड़बड़ियों के साथ फर्जी वाउचर का इस्तेमाल किया गया है। जांच समिति ने मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह समेत तत्कालीन और वर्तमान 11 पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, खातों में हेराफेरी और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। साथ ही वर्तमान समिति को हटाकर किसी राजपत्रित अधिकारी को प्रभार सौंपने, रिकॉर्ड सील करने, बैंक खाते फ्रीज करने और फॉरेंसिक ऑडिट कराने की सलाह दी है। हालांकि, उच्च न्यायालय के निर्देशों के कारण फिलहाल कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई है और यह रिपोर्ट अब कोर्ट में पेश की जाएगी, जहां आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी। इस खुलासे के बाद राजस्थान में बड़ा सियासी बवाल शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा, "हे राम... तेरे नाम पर 'चंदा चोरी' अपार, पापियों ने बनाया लूट का व्यापार। भगवान BJP-RSS वालों को कभी माफ़ नहीं करेंगे।" वहीं, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी तरफ, मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने इसे एकतरफा और राजनीतिक साजिश करार देते हुए दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव का कहना है कि समिति को पर्याप्त समय दिया गया था लेकिन उन्होंने दस्तावेज जमा नहीं किए और मंदिर में घोटाला हुआ है।4
- नागौर के रियांबड़ी में राज्य सरकार के 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत सोमवार को सीबीईओ कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) प्रहलादराम तानाण ने वटवृक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने ब्लॉक के सभी विद्यालयों में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सीबीईओ प्रहलादराम तानाण ने कहा कि वृक्ष प्रकृति का अमूल्य उपहार हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी शिक्षकों और कार्मिकों से विद्यार्थियों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया, ताकि पर्यावरण संरक्षण एक जनआंदोलन का रूप ले सके। कार्यक्रम में पीएमश्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, रियांबड़ी के प्राचार्य प्रहलादराम बालोटिया, व्याख्याता घनश्याम चौहान, संदर्भ व्यक्ति मदनलाल भदाल, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी भावेश कुमार, सेवानिवृत्त प्राचार्य घनश्याम और रवि सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने वटवृक्ष का पौधा लगाकर हरियाली बढ़ाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश में हरित क्षेत्र का विस्तार करना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- ब्यावर के अमृतकौर अस्पताल में इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मृतक महिला की पहचान रायपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत पचानपुरा निवासी 30 वर्षीय रेखा देवी के रूप में हुई है, जो कालू सिंह की पत्नी थीं। गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए स्टाफ और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।1