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इंटरमीडिएट परीक्षा में बेहतरीन अंक प्राप्त कर बेहतर प्रतिशत से सफ़ल हुई ग्राम पंचायत माखर के ग्राम माखर की छात्राएं। ग्राम पंचायत माखर के ग्राम माखर के लिए और हमारे समाज के लिए ये गर्व की बात है के ये बच्चियां इंटरमीडिएट परीक्षा में बेहतरीन अंक प्राप्त कर बेहतर प्रतिशत लाईं है।
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इंटरमीडिएट परीक्षा में बेहतरीन अंक प्राप्त कर बेहतर प्रतिशत से सफ़ल हुई ग्राम पंचायत माखर के ग्राम माखर की छात्राएं। ग्राम पंचायत माखर के ग्राम माखर के लिए और हमारे समाज के लिए ये गर्व की बात है के ये बच्चियां इंटरमीडिएट परीक्षा में बेहतरीन अंक प्राप्त कर बेहतर प्रतिशत लाईं है।
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- prempur Ji Maharaj Ji manona Dham UP Bareilly Jay Shri Shyam1
- रिपोर्ट : इम्तियाज फोनवेल की नवादा जिला के हिसुआ प्रखंड के तहत तुंगी में रामनवमी के शुभ अवसर पर भव्य शोभा यात्रा 27 मार्च शुक्रवार को निकाला गया। शोभा यात्रा तुंगी बाजार से नेशनल हाईवे 82 से मंझवे राम बाजार होते हुए मंझवे के सीतामढ़ी शाम 6:30 मोड़ पर पहुंचा। इसके बाद सीतामढ़ी मोड़ से तुंगी बाजार वापस लौट गए। शोभा यात्रा के दौरान काफी श्रद्धालु उमड़ रहे थे। इस दरमियान डीजे के धुम पर जय श्री राम की गुंज से पूरा माहौल राम मय था। श्रद्धालु जय श्री राम जय श्री राम के नारे लगा रहे थे। शोभा यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन नहीं देखा गया। शोभा यात्रा सौहार्द व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- वज़ीरगंज प्रखंड अंतर्गत सहिया गाँव एक बार फिर भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का अद्भुत केंद्र बन गया, जब पावन रामनवमी के अवसर पर सु प्रसिद्ध माता रानी के दरबार दुर्गा स्थान में भव्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। पूरे गाँव में सुबह से ही भक्ति की सरिता बहती रही और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। इस शुभ अवसर पर विधि विधान के साथ बजरंगबली का ध्वजारोहण किया गया, जो न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में साहस, शक्ति और धर्म के प्रति अटूट विश्वास का संदेश भी देता है। ध्वजारोहण के साथ ही वातावरण, जय श्री राम और,जय बजरंगबली, के उद्घोष से भक्तिमय हो उठा। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें गाँव के श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। हवन की पवित्र अग्नि में आहुति देते हुए लोगों ने अपने परिवार, समाज और देश की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान आध्यात्मिक ऊर्जा का ऐसा संचार हुआ, जिसने हर मन को शांति और सकारात्मकता से भर दिया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और सामाजिक पहलू रहा नौ कुमारी कन्याओं का पूजन। छोटी छोटी बच्चियों को देवी स्वरूप मानकर उनके चरण पखारे गए, उन्हें वस्त्र, प्रसाद और उपहार दिए गए। यह परंपरा समाज में नारी के सम्मान और उनके महत्व को दर्शाने का जीवंत उदाहरण बनी। अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया, जहाँ हर वर्ग, हर आयु के लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठे और प्रसाद ग्रहण किया। यह दृश्य सामाजिक समरसता और एकता का सुंदर प्रतीक बन गया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करने का माध्यम भी बना। सहिया गाँव के लोगों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब आस्था और एकता साथ आती है, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की राह स्वतः बन जाती है। रामनवमी के इस पावन अवसर पर सहिया का यह आयोजन हर किसी के दिल को छू गया और यह संदेश दे गया, कि धर्म केवल पूजा नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और मानवता को मजबूत करने का सबसे बड़ा आधार है।ईस कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहिया गाँव के बुजुर्गो, नव युवकों के साथ मंदिर समिति का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा!1
- Post by News Of Nawada1
- गौतम बिहारी वीडियो डायरेक्ट1
- Post by MD aurangzeb4
- गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर डीह पर समस्त ग्रामीणों के सहयोग से शुक्रवार को रामनवमी के पावन अवसर पर ढोल बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।1
- वज़ीरगंज प्रखंड क्षेत्र के सहिया गाँव में महानवरात्रि के पावन अवसर पर अष्टमी तिथि के दिन आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सहिया स्थित दुर्गा स्थान में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां पूरे विधि विधान और श्रद्धा भाव के साथ माता रानी की भव्य आरती का आयोजन किया गया। सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिर परिसर में पूजा अर्चना का क्रम शुरू हो गया था। गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए कतारबद्ध नजर आए। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में और पुरुष भी श्रद्धा भाव से सजे धजे मंदिर पहुंचे। पूरे वातावरण में,जय माता दी, के गूंजते जयकारों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। शाम ढलते ही दुर्गा स्थान को आकर्षक रोशनी, रंग बिरंगी झालरों और फूल मालाओं से भव्य रूप से सजाया गया। मंदिर परिसर की सुंदर सजावट ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। अष्टमी के इस विशेष अवसर पर आयोजित भव्य आरती में गांव के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। आरती के दौरान ढोल नगाड़ों की गूंज, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ माता रानी की आराधना में लीन नजर आए। इस दौरान कई भक्तों ने अपने परिवार की सुख समृद्धि, गांव की उन्नति और क्षेत्र में शांति एवं खुशहाली की कामना की। कुछ श्रद्धालु भाव विभोर होकर भक्ति गीतों पर झूमते भी दिखे, जिससे माहौल और भी दिव्य हो गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मंदिर समिति एवं स्थानीय युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने मिलकर व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। आरती के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे सभी ने श्रद्धा भाव से ग्रहण किया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामूहिक सहयोग का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। सहिया गाँव में इस प्रकार के भव्य धार्मिक आयोजन से यह स्पष्ट होता है कि परंपरा, आस्था और सामूहिकता आज भी ग्रामीण जीवन की मजबूत नींव हैं।1