शहीद महेश चंद दीक्षित एकेडमी की छात्राओं ने जिले में फहराया परचम संसू, जागरण-अछनेरा: क्षेत्र के शहीद महेश चंद दीक्षित एजुकेशनल एकेडमी की छात्राओं ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर जिले में स्कूल का नाम रोशन किया है। विद्यालय की चार छात्राओं का प्रतिष्ठित विद्याज्ञान विद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया में फाइनल चयन हुआ है, जिससे विद्यालय व परिजनों में खुशी का माहौल है। चयनित छात्राओं में गौरी (पुत्री खुशहाल सिंह) निवासी पुरामना, प्राथा (पुत्री जयप्रकाश), शिल्पी (पुत्री शरीफ) निवासी कचौरा तथा वीना (पुत्री गीतम सिंह) निवासी खेड़ा सांधन, अछनेरा शामिल हैं। इन छात्राओं ने कठिन परिश्रम और लगन से यह उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि छात्राओं की इस सफलता से पूरे क्षेत्र का मान बढ़ा है। प्रधानाचार्य व शिक्षकों ने छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं परिजनों में भी खुशी की लहर है और उन्होंने इसे अपनी बेटियों की मेहनत का परिणाम बताया।
शहीद महेश चंद दीक्षित एकेडमी की छात्राओं ने जिले में फहराया परचम संसू, जागरण-अछनेरा: क्षेत्र के शहीद महेश चंद दीक्षित एजुकेशनल एकेडमी की छात्राओं ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर जिले में स्कूल का नाम रोशन किया है। विद्यालय की चार छात्राओं का प्रतिष्ठित विद्याज्ञान विद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया में फाइनल चयन हुआ है, जिससे विद्यालय व परिजनों में खुशी का माहौल है। चयनित छात्राओं में गौरी (पुत्री खुशहाल सिंह) निवासी पुरामना, प्राथा (पुत्री जयप्रकाश), शिल्पी (पुत्री शरीफ) निवासी कचौरा तथा वीना (पुत्री गीतम सिंह) निवासी खेड़ा सांधन, अछनेरा शामिल हैं। इन छात्राओं ने कठिन परिश्रम और लगन से यह उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि छात्राओं की इस सफलता से पूरे क्षेत्र का मान बढ़ा है। प्रधानाचार्य व शिक्षकों ने छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं परिजनों में भी खुशी की लहर है और उन्होंने इसे अपनी बेटियों की मेहनत का परिणाम बताया।
- आगरा संवाददाता बहादुर सिंह ✍️ जनकवि' मियां नजीर अकबराबादी की विरासत और यादों को सहेजने के लिये एक विशाल हस्ताक्षर अभियान को अमृता विद्या एजुकेशन फॉर इम्मोर्टालिटी संस्था द्वारा प्रारंभ किया गया है। संस्था के सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने बताया कि यह प्रयास एक नयी शुरुआत जरूर है किंतु शहर वासियों से उम्मीद है कि इसे पूर्व में किये जाते रहे प्रयासों से जोड कर उनके अगले चरण के रूप में ही देखा जायेगा। श्री शर्मा का कहना है कि मियां नजीर अकबराबादी, जिन्हें उनकी धर्मनिरपेक्ष और लोक-केंद्रित कविताओं के लिए जाना जाता है, साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) के प्रतीक रहे हैं। संस्था का मानना है कि वर्तमान पीढ़ी को उनके साहित्यिक योगदान की जानकारी दिया जाना अनिवार्य है। --अभियान का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान नजीर अकबराबादी की उपेक्षित विरासतों की ओर आकर्षित करना है। हस्ताक्षर अभियान के जरिए सरकार से मांग की जाएगी कि:उनकी स्मृति में विशेष स्मारकों या पुस्तकालयों का जीर्णोद्धार किया जाए। प्रयास होगा कि नजीर की रचनाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रमो में उचित स्थान मिले।ताजगंज की मल्लिकों गली में स्थित उनकी मज़ार और संबंधित स्थलों का संरक्षण सुनिश्चित हो। नजीर केवल एक कवि नहीं, बल्कि भारतीय समाज की एकता की आवाज थे।यही कारण है कि बडी संख्या में स्थानीय नागरिक और साहित्य प्रेमी इस मुहिम से जुड़कर आवाज बुलंद करने को तत्पर हैं। --ताजमहल के प्रति अटूट प्रेम मियां नजीर अकबराबादी का ताजमहल के प्रति प्रेम अतुलनीय था। इसी लगाव के कारण उन्होंने कभी आगरा नहीं छोड़ा और अपनी पूरी जिंदगी इसी शहर की गलियों और संस्कृति को समर्पित कर दी। --लोकप्रिय 'जन कवि' और सामाजिक सरोकार: नजीर वास्तव में जनता के कवि थे। उनकी लेखनी में भारतीय त्योहारों, मेलों, जीवन के दर्शन और आम आदमी के सुख-दुख का जीवंत चित्रण मिलता है।वे गली-कूचे के विक्रेताओं की मदद के लिए उन्हें तुकबंदी वाले शेर (couplets) लिखकर देते थे ताकि वे अपना सामान आसानी से बेच सकें। सांस्कृतिक प्रभाव उनकी शायरी ताजगंज क्षेत्र की महिलाओं और आम जनमानस के बीच अत्यंत लोकप्रिय थी, जहाँ उनके कलामों,नज्मो और गजलों पर चर्चा की जाती थी।नजीर अकबराबादी की भगवान कृष्ण के प्रति वैसी ही अनन्य श्रद्धा थी जैसी प्रसिद्ध मुस्लिम कवि रसखान की थी। उनकी कविताओं में कृष्ण प्रेम और दर्शन की गहरी झलक मिलती है, जो उन्हें भारतीय धर्मनिरपेक्ष संस्कृति का एक बड़ा स्तंभ बनाती है। सरकार से मुख्य मांगें:- -संस्था इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से सरकार से मांग करती है कि नजीर अकबराबादी की स्मृति में विशेष स्मारकों का निर्माण हो और उनकी रचनाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी महान विरासत से परिचित हो सकें। -मेट्रो स्टेशन का नामकरण: आगरा मेट्रो के किसी प्रमुख स्टेशन का नाम 'नजीर अकबराबादी मेट्रो स्टेशन' रखा जाए या उनके नाम को जोड़ा जाए।मेट्रो का ध्येय वाक्य 'नई विरासत की ओर' है। इसी के अनुरूप, मेट्रो स्टेशनों की दीवारों पर नजीर के प्रसिद्ध भजन और उनको "अवामी शायर" के रूप में स्थापित करने वाली नज्म :- "आशिक कहो, असीर कहो, आगरे का है, मुल्ला कहो, दबीर कहो, आगरे का है, मुफ़लिस कहो, फ़कीर कहो, आगरे का है, शायर कहो, नज़ीर कहो, आगरे का है को प्रदर्शित किया जाए। जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक आगरा की वास्तविक सांस्कृतिक विरासत और गंगा-जमुनी तहजीब को समझ सकेंगे। सड़क का नामकरण-- पुरानी मंडी से मलको गली तक जाने वाले मार्ग का नाम 'नजीर अकबराबादी मार्ग' घोषित किया जाए। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि जल्द ही इस हस्ताक्षर अभियान के साथ आगरा के जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया जाएगा और उन्हें इस मुहिम से जोड़कर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि नजीर की विरासत को 'नई विरासत' का हिस्सा बनाया जाए। हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत मियां नजीर मल्लिको गली स्थित मजार से शुरू हुई, इसमें मियां फैज शाह, श्री आरिफ तैमूरी,असलम सलीमी आदि सहभागी रहे। फिल्म बनाने का प्रयास आगरा के सुधिजनो का प्रयास - जनकवि नज़ीर पर एक डाक्यूमेंट्री ड्रामा फिल्म बनाने का प्रयास होगा. इस संदर्भ में एक प्रोमो फिल्म मिथुन प्रमाणिक द्वारा बनाई गयी है. इस का अवलोकन कर चर्चा भी की गयी. इस चर्चा में सुधीर नारायण , डॉ मधु भारद्वाज, फैज़ शाह, डॉ विजय शर्मा, आरिफ तैमूरी, शांतनु, अजय तोमर , असलम सलीमी, अनिल शर्मा आदि उपस्थित रहे . अनिल शर्मा सेक्रेटरी अमृता विद्या - एजुकेशन फार इम्मोर्टालिटी सोसायटी, Cell- +9198378209211
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- पूर्व सांसद प्रत्याशी ने लगाई आरोप आगरा में रामनाथ सिकरवार ने भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाए किसने के शोषण का मुद्दा उठाया नीलामी का विरोध करने की चेतावनी नेशनल मीडिया न्यूज़ एजेंसी के माध्यम से आगरा से पत्रकार धर्मेंद्र कुमार राजपूत1
- आगरा में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और पूर्व सांसद प्रत्याशी Ramnath Sikarwar ने भ्रष्टाचार को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने सांसद, विधायक और अधिकारियों पर रिश्वत लेकर काम करने के गंभीर आरोप लगाए। सिकरवार ने कहा कि जब तक जनता जागरूक नहीं होगी, तब तक भ्रष्ट अधिकारी सुधरने वाले नहीं हैं। उन्होंने लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने की अपील की। साथ ही आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत से किसानों का शोषण किया जा रहा है और पैसे लेने के बावजूद उनका काम नहीं हो रहा। सिकरवार का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कार पर बैठकर अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के खेत की नीलामी किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी और यदि किसी ने खेत में झंडी लगाने की कोशिश की तो उसका विरोध किया जाएगा। खुद को फौजी बताते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी और अगर उन्हें गिरफ्तार किया गया तो जनता उनके साथ खड़ी होगी।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक सार्वजनिक मंच या स्टेज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में बेहद अनोखे नारे सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में लोग "नरेंद्र मोदी पापा, मोदी पापा" कहते हुए चिल्ला रहे हैं। इस वीडियो ने इंटरनेट पर नेटिजन्स को हैरान कर दिया है और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहाँ कुछ लोग इसे समर्थकों का प्रधानमंत्री के प्रति अटूट प्रेम और एक 'अभिभावक' (Parental Figure) के रूप में उनका सम्मान मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे नारों का एक नया और अजीबोगरीब स्वरूप बता रहे हैं। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि यह वीडियो किस कार्यक्रम का है, लेकिन इसकी 'ऑडियो' क्लिप मीम्स और चर्चाओं का हिस्सा बन गई है। Trand News India1
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- Post by Subhashchand676868@gmail.coml4
- Post by Dharmendra Kumar3