सतना जिले के बिरसिंहपुर स्थित गैवीनाथ धाम में ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर उमड़ी आस्था के सैलाब के बीच प्रशासनिक अव्यवस्था ने एक श्रद्धालु की जान ले ली। भारी भीड़ और सुरक्षा इंतजामों में घोर लापरवाही के कारण एक हार्ट अटैक से पीड़ित श्रद्धालु तक समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुँच पाई, जिससे इलाज के अभाव में उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना गैवीनाथ मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोलती है, जहाँ सुरक्षा के नाम पर सिर्फ दिखावे के बैरिकेड्स लगाए गए थे। इन बैरिकेड्स पर न तो कोई कर्मचारी तैनात था और न ही मेन गेट के अलावा यातायात पर कोई नियंत्रण था। राजभोग होटल के पास लगे बैरिकेड पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण बाइक सवारों का आवागमन नहीं रुका, जिसके चलते पंचमुखी हनुमान जी के मंदिर के पास भीषण जाम लग गया। प्रशासन ने सभी वैकल्पिक रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर ताले तो जड़ दिए थे, लेकिन किसी भी आपात स्थिति के लिए वहाँ एक भी कर्मचारी की तैनाती नहीं की, जिससे श्रद्धालु भीड़ में बुरी तरह फँसे रहे। इस भीषण जाम और प्रशासनिक अनदेखी के कारण ही हार्ट अटैक से पीड़ित श्रद्धालु तक एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुँच सकी और उसकी जान चली गई। इस दुखद घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक तैयारियाँ केवल कागजों तक ही सीमित हैं और सुरक्षा इंतजामों में बरती गई यह लापरवाही किसी की भी जान पर भारी पड़ सकती है। अब समय आ गया है कि प्रशासन अपनी नींद से जागे, वरना आस्था का यह महापर्व लोगों की जान का दुश्मन बन जाएगा।
सतना जिले के बिरसिंहपुर स्थित गैवीनाथ धाम में ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर उमड़ी आस्था के सैलाब के बीच प्रशासनिक अव्यवस्था ने एक श्रद्धालु की जान ले ली। भारी भीड़ और सुरक्षा इंतजामों में घोर लापरवाही के कारण एक हार्ट अटैक से पीड़ित श्रद्धालु तक समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुँच पाई, जिससे इलाज के अभाव में उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना गैवीनाथ मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोलती है, जहाँ सुरक्षा के नाम पर सिर्फ दिखावे के बैरिकेड्स लगाए गए थे। इन बैरिकेड्स पर न तो कोई कर्मचारी तैनात था और न ही मेन गेट के अलावा यातायात पर कोई नियंत्रण था। राजभोग होटल के पास लगे बैरिकेड पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण बाइक सवारों का आवागमन नहीं रुका, जिसके चलते पंचमुखी हनुमान जी के मंदिर के पास भीषण जाम लग गया। प्रशासन ने सभी वैकल्पिक रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर ताले तो जड़ दिए थे, लेकिन किसी भी आपात स्थिति के लिए वहाँ एक भी कर्मचारी की तैनाती नहीं की, जिससे श्रद्धालु भीड़ में बुरी तरह फँसे रहे। इस भीषण जाम और प्रशासनिक अनदेखी के कारण ही हार्ट अटैक से पीड़ित श्रद्धालु तक एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुँच सकी और उसकी जान चली गई। इस दुखद घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक तैयारियाँ केवल कागजों तक ही सीमित हैं और सुरक्षा इंतजामों में बरती गई यह लापरवाही किसी की भी जान पर भारी पड़ सकती है। अब समय आ गया है कि प्रशासन अपनी नींद से जागे, वरना आस्था का यह महापर्व लोगों की जान का दुश्मन बन जाएगा।
- मैहर में एक खुले नाले में गाय गिर जाने से स्थानीय नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह नाला सालों से खुला पड़ा है, जिसके कारण यह घटना हुई और इलाके में लगातार असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। छोटा अखाड़ा महंत श्री गंगा शरण जू महाराज जी के सहयोग से गिरी हुई गाय को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, इस घटना ने सबसे बड़ा प्रश्न यही खड़ा किया है कि इतने लंबे समय से खुले पड़े इस नाले को आखिर अब तक ढका क्यों नहीं गया, जो सीधे तौर पर नगर पालिका की घोर लापरवाही को दर्शाता है।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में चल रहे विकास कार्यों के कारण स्थानीय नागरिक पहले से ही धूल-धक्कड़ से परेशान हैं, और अब पहली बारिश उनकी समस्या को और बढ़ा चुकी है। यह स्थिति मैहर में चल रहे विकास कार्यों और नगर पालिका की घोर उदासीनता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। जनता में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि जिम्मेदार अधिकारी किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। नागरिक यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर ये काम कब तक चलेंगे और उन्हें कब तक इस परेशानी से राहत मिल पाएगी, लेकिन इंजीनियर साहब इतने लापरवाह हो चुके हैं कि जवाब देना तो दूर, कड़क धूप में बाहर निकलने के बजाय वे एयर कंडीशनर में आराम फरमाने को अपना काम मानते हैं। मैहर में हुई इस बारिश को लेकर शहर की गलियों में यह मुद्दा अब चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- चित्रकूट स्थित पुरानी लंका तिराहे पर लगभग एक घंटे से भीषण जाम लगा हुआ है। इस भारी जाम के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे तीनों मार्गों पर लगभग आधा से एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।2
- सतना के टिकुरिया टोला बास नाका मार्ग पर एक भारी पीपल का पेड़ गिर गया है। यह पेड़ विद्युत केबलों में फँस गया था, जिससे आवागमन और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। नगर निगम की अतिक्रमण टीम और विद्युत विभाग की मौजूदगी में, इस गिरे हुए पेड़ को मशीन से काटकर हटाने का कार्य जारी है।3
- सतना जिले के जसो थाना क्षेत्र के कलावल गांव में पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से जूझ रहे एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक ने आत्महत्या करने से पहले अपनी परेशानियों को बताते हुए एक वीडियो बनाया था, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस युवक ने प्रेम विवाह किया था और बीते कुछ समय से वह लगातार पारिवारिक विवादों से ग्रस्त था, जिसकी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान था।1
- सतना के प्रेम नगर स्थित कपूर सर्विस सेंटर के पास, डिग्री कॉलेज प्रोफेसर हरिओम अग्रवाल के घर के बाहर विद्युत केबल में फाल्ट हो गया। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोग बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों की त्वरित मदद से आग पर काबू पा लिया गया।1